ये हँसता हुआ कारवां-एक झलक १९५७
तो देखा उन्होंने काफी सारे गीतकारों के साथ काम किया.
एस एच बिहारी भी उनमें से एक हैं. एस एच बिहारी ने
नैयर के लिए सबसे ज्यादा गीत लिखे.
हेमंत कुमार की हिंदी फिल्मों से ज्यादा लंबी सूची है उनकी
बंगला फिल्मों की. अगर आप उनके सभी कार्यों का योग
करें तो पाएंगे वे काफी व्यस्त किस्म के व्यक्ति थे. सक्रियता
ही शायद उनकी ऊर्जा की एक बड़ी वजह थी.
आज आपको एक झलक फिल्म से युगल गीत सुनवाते हैं
जो हेमंत कुमार के साथ आशा भोंसले ने गाया है. ये गीत
कुछ कुछ बातचीत और गीत के मिश्रण जैसा है. आजकल
ऐसे गीत खूब बनते हैं.
गीत के बोल:
ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का
न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें
हम न बीते कभी ये सफ़र
ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का
न पूछो चला है किधर
हाँ
तमन्ना है ये साथ चलते रहें
हम न बीते कभी ये सफ़र
वाह वाह
ज़मीं से सितारों की दुनिया में जायें
हाँ हाँ
वहाँ भी यही गीत उल्फ़त के गायें
अच्छा
ज़मीं से सितारों की दुनिया में जायें
वहाँ भी यही गीत उल्फ़त के गायें
मुहब्बत की दुनिया हो ग़म से बेगाना
रहे न किसी का भी डर
अजी डर कैसा
ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का
न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें
हम न बीते कभी ये सफ़र
चलिये
बहारों के दिन हो जवाँ हो नज़ारे
हसीन चाँदनी हो नदी के किनरे
क्या बात है?
बहारों के दिन हो जवाँ हो नज़ारे
हसीन चाँदनी हो नदी के किनारे
न आये जहाँ भूल कर बद्नसीबी
बनाये वहीं अपना घर
ना ना ना
ये हँसता हुआ कारवाँ ज़िंदगी का
न पूछो चला है किधर
तमन्ना है ये साथ चलते रहें
हम न बीते कभी ये सफ़र
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Ye hansta hua karwan-Ek jhalak 1957

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