जागो मोहन प्यारे-जागते रहो १९५६
शुभकामनाएं.
तारीख बदलती रहती है और समय गुज़रता रहता है. कब
१ जनवरी की तारीख फिर से आ जाती है पता नहीं चलता
एक बहाना बनता है कुछ नया करने और सोचने का. जी
हाँ हर साल के जनवरी की १ तरीख आते ही कई लोगों में
अतिरिक्त उत्साह भर जाता है जो उन्हें कुछ नया करने
के लिए प्रेरित करता है.
एक गीत सुनते हैं फिल्म जागते रहो से जो नई उम्मीद
जगाने वाला गीत है. २०१६ की सबसे बड़ी सनसनी रही
नोटबंदी. इसने सभी बातों को पीछे छोड़ दिया और उम्मीद
है देश आगे प्रगति की राह पर दौडेगा.
गीत शैलेन्द्र का लिखा हुआ है जिसे संगीतबद्ध किया है
सलिल चौधरी ने और गाया है लता मंगेशकर ने. नर्गिस
पर फिल्माया गया ये गीत काफी लोकप्रिय है.
गीत के बोल:
जागो
जागो जागो
जब उजियारा छाये
मन का अन्धेरा जाये
किरणों की रानी गाये
जागो हे मेरे मन मोहन प्यारे
जागी जागी रे जग कलियाँ जागी
नगर नगर सब गलियाँ जागी
जागी रे जागी रे जागी रे
जागी रे जागी रे जग जग
जागो मोहन प्यारे जागो
जागो मोहन प्यारे जागो
नव युग चूमे नैन तिहारे
जागो जागो मोहन प्यारे
जागी जागी रे जग कलियाँ जागी
नगर नगर सब गलियाँ जागी
जागी रे जागी रे जागी रे
जागी रे जागी रे जग जग
भीगी-भीगी अँखियों से मुस्काये
ये नई भोर तोहे अंग लगाये
भीगी-भीगी अँखियों से मुस्काये
ये नई भोर तोहे अंग लगाये
बाहें फैला ओ दुखियारे
जागो मोहन प्यारे जागो
जागो मोहन प्यारे जागो
नव युग चूमे नैन तिहारे
जागो जागो मोहन प्यारे
जिसने मन का दीप जलाया
दुनिया को उसने ही उजला पाया
जिसने मन का दीप जलाया
दुनिया को उसने ही उजला पाया
मत रहना अँखियों के सहारे
जागो मोहन प्यारे जागो
जागो मोहन प्यारे जागो
नव युग चूमे नैन तिहारे
जागो जागो मोहन प्यारे
किरण परी गगरी छलकाये
ज्योत का प्यासा प्यास बुझाये
किरण परी गगरी छलकाये
ज्योत का प्यासा प्यास बुझाये
फूल बने मन के अंगारे
जागो मोहन प्यारे जागो
जागो मोहन प्यारे जागो
नव युग चूमे नैन तिहारे
जागो जागो मोहन प्यारे
जागो जागो
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Jaago mohan pyare-Jaagte raho 1956
Artists: Nargis, Raj Kapoor

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