दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में-दिल दिया दर्द लिया १९६६
है. फिल्म दिल दिया दर्द लिया का शीर्षक गीत सुनते हैं आज जो
रफ़ी का गाया हुआ है. दिलीप कुमार और वहीदा रहमान पर यह
गीत फिल्माया गया है जिसे शकील ने लिखा और नौशाद ने अपने
संगीत से संवारा. गीत थोडा तेज गति का है उसके बावजूद बोलों
और धुन की वजह से आकर्षक है.
जैसा कि कारदार की फिल्मों के खुशनुमा गीतों में नायिकाएं गोल गोल
घूमा करती थीं, इसमें भी नायिका २-३ बार घूमी है. इस गीत का
फिल्मांकन बढ़िया है और भावाभिव्यक्ति अपने उच्च स्तर पर है.
गीत के बोल:
उम्मीदें आरजुएँ खेलती हैं यूँ मेरे दिल से
पलट आती हैं मौजें जिस तरह टकरा के साहिल से
दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या ना किया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
कभी फूलों में गुजारी कभी काँटों में जिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
जिंदगी आज भी है बेखुदी आज भी है
प्यार कहते हैं जिसे वो खुशी आज भी है
मैंने दिन रात मोहब्बत का तेरी जाम पिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या ना किया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
क्या कहूँ तेरे लिए मैंने आंसू भी पिए
कभी खामोश रहा कभी शिकवे भी किये
कर लिया चाक गरेबां कभी दामन को सिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या ना किया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
प्यार की जान है तू दिल का अरमान है तू
कौन दुनिया से डरे जब निगेहबान है तू
अपनी कश्ती को सहारे पे तेरे छोड़ दिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या ना किया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
कभी फूलों में गुजारी कभी काँटों में जिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
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Dilruba amaine tere pyar mein-Dil diya dard liya 1966
Artists: Dilip Kumar, Waheeda Rehman
