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Nov 27, 2017

क्या रंगे महफ़िल है-दिल दिया दर्द लिया १९६६

पार्टी सोंग्स केटेगरी से सुनते हैं एक गीत लता मंगेशकर का
गाया हुआ फिल्म दिल दिया दर्द लिया से. वहीदा रहमान पर
इसे फिल्माया गया है.

शकील बदायूनीं के बोल हैं और नौशाद का संगीत. इस गीतकार
और संगीतकार के कॉम्बिनेशन वाले कई गीत आप सुन चुके
हैं इधर.




गीत के बोल:
https://www.youtube.com/watch?v=-2VQQBtfnMQ
क्या रंगे महफ़िल है दिलदारम ओ जाने आलम हाय वल्लाह
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
क्या रंगे महफ़िल है दिलदारम ओ जाने आलम
मतवाला हर दिल है दिलदारम
यारम यारम यारम हाय वल्लाह
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
क्या रंगे महफ़िल है दिलदारम ओ जाने आलम हाय वल्लाह

जलवा है तेरा हरसू आँखों में है तू ही तू
होंठों पे तेरे नगमे होंठों पे तेरे नगमे
साँसों में तेरी खुशबू साँसों में तेरी खुशबू
जो भी अदा है तेरी कातिल है
जो भी अदा है तेरी कातिल है हाय वल्लाह
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
क्या रंगे महफ़िल है दिलदारम ओ जाने आलम
मतवाला हर दिल है दिलदारम
यारम यारम यारम हाय वल्लाह

नज़रों में शोखी झूमे पैरों को पायल चूमे
दिलवाले दिल को थामे दिलवाले दिल को थामे
लहरा के जब तू घूमे लहरा के जब तू घूमे
कोई दीवाना कोई घायल है
कोई दीवाना कोई घायल है हाय वल्लाह
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
क्या रंगे महफ़िल है दिलदारम ओ जाने आलम
मतवाला हर दिल है दिलदारम
यारम यारम यारम हाय वल्लाह

ओ जाने जाना दिलवर शब् से बहारें तुझ पर
जाए अब कोई कैसे जाए अब कोई कैसे
महफ़िल से तेरी उठ कर महफ़िल से तेरी उठ कर
सबकी खुशी की यही मंजिल है
सबकी खुशी की यही मंजिल है
क्या रंगे महफ़िल है क्या रंगे महफ़िल है
क्या रंगे महफ़िल है दिलदारम ओ जाने आलम हाय वल्लाह
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
क्या रंगे महफ़िल है दिलदारम ओ जाने आलम
मतवाला हर दिल है दिलदारम
यारम यारम यारम यारम हाय वल्लाह
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
क्या रंगे महफ़िल है दिलदारम ओ जाने आलम हाय वल्लाह
..................................................................................
Kya range mehfil hai-Dil diya dard liya 1966

Artist: Waheeda Rehman, Rehman, Pran

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Sep 10, 2017

गुज़रे हैं आज इश्क़ में-दिल दिया दर्द लिया १९६८

सन १९६८ की दिलीप कुमार और वहीदा रहमान की
प्रमुख भूमिकाओं वाली फिल्म दिल दिया दर्द लिया
में कुछ कर्णप्रिय गीत हैं. आप फिल्म से कुछ गीत
सुन चुके हैं इस ब्लॉग पर.

एक दर्द भरा गीत सुनते हैं शकील बदायूनीं का लिखा
हुआ और रफ़ी का गाया हुआ. संगीतकार हैं नौशाद.



गीत के बोल:

गुज़रे हैं आज इश्क़ में हम उस मक़ाम से
गुज़रे हैं आज इश्क़ में हम उस मक़ाम से
नफ़रत सी हो गई है मुहब्बत के नाम से
गुज़रे हैं

हमको न ये गुमान था ओ संगदिल सनम
राह-ए-वफ़ा से तेरे बहक जाएंगे क़दम
छलकेगा ज़हर भी तेरी आँखों के जाम से

गुज़रे हैं आज इश्क़ में हम उस मक़ाम से
गुज़रे हैं

ओ बेवफ़ा तेरा भी यूँ ही टूट जाए दिल
तू भी तड़प तड़प के पुकारे के हाय दिल
तेरा भी सामना हो कभी ग़म की शाम से
गुज़रे हैं

हम वो नहीं जो प्यार में रो कर गुज़ार दें
परछाईं भी हो तेरी तो ठोकर पे मार दें
वाक़िफ़ हैं हम भी ख़ूब हर एक इंतक़ाम से

गुज़रे हैं आज इश्क़ में हम उस मक़ाम से
नफ़रत सी हो गई है मुहब्बत के नाम से
गुज़रे हैं आज इश्क़ में
……………………………………………………
Guzre hain aaj ishq mein-Dil diya dard liya 1968

Artist: Dilip Kumar

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Feb 9, 2017

दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में-दिल दिया दर्द लिया १९६६

कारदार निर्देशित फिल्मों में से अधिकाँश का संगीत उल्लेखनीय
है. फिल्म दिल दिया दर्द लिया का शीर्षक गीत सुनते हैं आज जो
रफ़ी का गाया हुआ है. दिलीप कुमार और वहीदा रहमान पर यह
गीत फिल्माया गया है जिसे शकील ने लिखा और नौशाद ने अपने
संगीत से संवारा. गीत थोडा तेज गति का है उसके बावजूद बोलों
और धुन की वजह से आकर्षक है.

जैसा कि कारदार की फिल्मों के खुशनुमा गीतों में नायिकाएं गोल गोल
घूमा करती थीं, इसमें भी नायिका २-३ बार घूमी है. इस गीत का
फिल्मांकन बढ़िया है और भावाभिव्यक्ति अपने उच्च स्तर पर है. 
   




गीत के बोल:

उम्मीदें आरजुएँ खेलती हैं यूँ मेरे दिल से
पलट आती हैं मौजें जिस तरह टकरा के साहिल से

दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या ना किया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
कभी फूलों में गुजारी कभी काँटों में जिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया

जिंदगी आज भी है बेखुदी आज भी है
प्यार कहते हैं जिसे वो खुशी आज भी है
मैंने दिन रात मोहब्बत का तेरी जाम पिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या ना किया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया

क्या कहूँ तेरे लिए मैंने आंसू भी पिए
कभी खामोश रहा कभी शिकवे भी किये
कर लिया चाक गरेबां कभी दामन को सिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या ना किया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया

प्यार की जान है तू दिल का अरमान है तू
कौन दुनिया से डरे जब निगेहबान है तू
अपनी कश्ती को सहारे पे तेरे छोड़ दिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
दिलरुबा मैंने तेरे प्यार में क्या क्या ना किया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
कभी फूलों में गुजारी कभी काँटों में जिया
दिल दिया दर्द लिया दिल दिया दर्द लिया
……………………………………………
Dilruba amaine tere pyar mein-Dil diya dard liya 1966

Artists: Dilip Kumar, Waheeda Rehman

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Feb 22, 2016

कोई सागर दिल को-दिल दिया दर्द लिया १९६६

नौशाद मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ के कायल थे. वे मुक्त कंठ से
रफ़ी की प्रशंसा किया करते थे. उन्होंने रफ़ी के लिए कुछ बहुत
ही उम्दा किस्म की धुनें बनायीं जिनमें से एक है ६६ की फिल्म
दिल दिया दर्द लिए से-कोई सागर दिल को बहलाता नहीं. इस
गीत के बोल भी अनमोल है और शकील बदायूनी ने सरल से
शब्दों में एक टूटे हुए इंसान के दिल की बात कह दी है.

कभी आप जिंदगी में भंवर में उलझें हों तो गीत के कोई खास
हिस्सा याद हो जाता है और वो दीर्घकाल में आपका प्रिय भी हो
जाया करता है, कुछ ऐसा ही है गीत के दूसरे अंतरे में.

खमाज थाट के राग कलावती पर ये गीत आधारित है.






गीत के बोल:

कोई सागर दिल को बहलाता नहीं
बेख़ुदी में भी करार आता नहीं
कोई सागर दिल को बहलाता नहीं

मैं कोई पत्थर नहीं इन्सान हूँ
मैं कोई पत्थर नहीं इन्सान हूँ
कैसे कह दूं गम से घबराता नहीं

कोई सागर दिल को बहलाता नहीं

कल तो सब थे कारवाँ के साथ-साथ
कल तो सब थे कारवाँ के साथ-साथ
आज कोई राह दिखलाता नहीं

कोई सागर दिल को बहलाता नहीं
बेख़ुदी में भी करार आता नहीं

ज़िन्दगी के आईने को तोड़ दो
ज़िन्दगी के आईने को तोड़ दो
इसमें अब कुछ भी नज़र आता नहीं

कोई सागर दिल को बहलाता नहीं
बेख़ुदी में भी करार आता नहीं
कोई सागर दिल को बहलाता नहीं
.....................................................................................
Koi sagar dil ko behlata nahin-DIl diya dard liya 1966

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