नगरी नगरी द्वारे द्वारे-मदर इण्डिया १९५७
आपको इस क्लासिक हिट फिल्म से अगला गीत सुनवाते हैं जिसे
लता मंगेशकर ने गाया है.
फिल्म मदर इण्डिया का निर्देशन महबूब ने किया था. महबूब ने
बरसों पहले एक फिल्म बनायीं थी औरत. ये उसी का रिमेक कही
जाती है. उनका ये प्रयास सार्थक रहा और फिल्म ने उन्हें कुछ ज्यादा
प्रसिद्धि दिलाई.
शकील बदायूंनी के लिखे के गीत की तर्ज़ बनाई है नौशाद ने.
गीत के बोल:
नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूँढूँ रे सांवरिया
नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूँढूँ रे सांवरिया
पिया पिया रटते रटते हो गई रे बाँवरिया
नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूँढूँ रे सांवरिया
बेदर्दी बालम ने मोहे फूँका ग़म की आग में
फूँका ग़म की आग में
बिरहा की चिंगारी भर दो दुखिया के सुहाग में
दुखिया के सुहाग में
पल पल मनवा रोये छलके नैनों की गगरिया
नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूँढूँ रे सांवरिया
आई थी अँखियों में लेकर सपने क्या क्या प्यार के
सपने क्या क्या प्यार के
जाती हूँ दो आँसू लेकर आशाएं सब हार के
आशाएं सब हार के
दुनिया के मेले में लुट गई जीवन की गठरिया
नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूँढूँ रे सांवरिया
दर्शन के दो प्यासे नैना जीवन भर न सोयेंगे
जीवन भर न सोयेंगे
बिछड़े साजन तुमरे कारण रातों को हम रोयेंगे
रातों को हम रोयेंगे
अब न जाने रामा कैसे बीतेगी उमरिया
नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूँढूँ रे सांवरिया
पिया पिया रटते रटते हो गई रे बाँवरिया
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Nagri nagri dware dware-Mother India 1957
Artist: Nargis