Mar 4, 2017

तेरी अदा पर निसार करने-दरबार १९५५

हिंदी फिल्म संगीत जगत में पंजाबी और बंगाली संगीतकारों
का प्रभुत्व रहा. पंजाब या बंगाल से कुछ ना कुछ कनेक्शन
ज़रूर रहा अधिकतर चर्चित संगीतकारों का. 

हंसराज बहल भी एक ऐसा नाम है जो पंजाबी मूल के थे.
उन्होंने कई अविस्मरणीय धुनें बनाईं जिन्हें सुन सुन के आज
भी हम आनंद उठाते हैं.

सन १९५५ की फिल्म दरबार का निर्माण गोल्डन मूवीज़ नाम
की संस्था ने किया और इसका निर्देशन वी वकील ने. इसमें
महिपाल, कम्मो, सुन्दर, तिवारी, निरंजन शर्मा चित्रा, कमल
जैसे कलाकारों ने काम किया.





गीत के बोल:

तेरी अदा पर निसार करने
तेरी अदा पर निसार करने 
मैं दिल को लाया तेरी गली में
मैं दिल को लाया तेरी गली में
तेरी अदा पर निसार करने 
मैं दिल को लाया तेरी गली में
मैं दिल को लाया तेरी गली में

ज़माने भर का हसीन तोहफ़ा
ज़माने भर का हसीन तोहफ़ा
मैं ले के आया तेरी गली में
मैं ले के आया तेरी गली में
तेरी अदा पर निसार करने
मैं दिल को लाया तेरी गली में

मैं ऐसी काफ़िर नज़र के सदक़े
मैं ऐसी काफ़िर नज़र के सदक़े
के जिसने मेरा ग़ुरूर तोड़ा
जो सर कहीं भी न झुक सका था 
वो सर झुकाया तेरी गली में
वो सर झुकाया तेरी गली में

तेरी अदा पर निसार करने
मैं दिल को लाया तेरी गली में

बड़े मज़े का हुआ ये सौदा
बड़े मज़े का हुआ ये सौदा
तेरी अमानत तुझी को दे दी
जो दिल मिला था तेरी गली में
वो दिल लुटाया तेरी गली में
वो दिल लुटाया तेरी गली में

तेरी अदा पर निसार करने
मैं दिल को लाया तेरी गली में
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Teri ad ape nisar karne-Darbar 1955

Artist: Mahipal

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