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Jul 10, 2020

मैं खुशनसीब हूं मुझको किसी का(लता)-टॉवर हाउस १९६२

आज १० जुलाई को जिन फ़िल्मी हस्तियों के जन्मदिन हैं वे
हैं-संगीतकार तिमिर बरन, गायिका परवीन सुल्ताना,
आलोकनाथ(बाबूजी), सुनील गावस्कर(मालामाल १९८८)
और गीतकार असद भोपाली.

इनके अलावा कई ऐसे कलाकार हैं जिनको लाईमलाईट
नसीब नहीं होती मगर जो इस फिल्म उद्योग से जुड़े रहे
या जुड़े हैं. चमकते चेहरों के जन्मदिन याद रखने की इस
दुनिया को आदत है अतः ये दस्तूत तो जारी ही रहेगा.

अब आप सोच रहे होंगे इस सूची में सुनील गावस्कर का
नाम क्यूँ हैं. उस फिल्म का नाम हमने आपको ऊपर दे
दिया है जिसमें सुनील गावस्कर की विशेष भूमिका थी.

सन १९६२ की सस्पेंस फिल्म टॉवर हाउस का लता का
गाया गीत काफी चर्चित और प्रसिद्ध हुआ था. इसे आज
भी सुना जा सकता है. इसी फिल्म से असद भोपाली का
लिखा एक और गीत सुनते हैं लाता मंगेशकर का गाया
हुआ. संगीतकार हैं रवि.



गीत के बोल:

मैं खुशनसीब हूं मुझको किसी का प्यार मिला
मैं खुशनसीब हूं मुझको किसी का प्यार मिला
बड़ा हसीं मेरे दिल का राज़दार मिला
मैं खुशनसीब हूं

किसी ने पूरे किये आज प्यार के वादे
किसी ने पूरे किये आज प्यार के वादे
मेरी ये वफ़ा का सिला मुझको शानदार मिला
मेरी ये वफ़ा का सिला मुझको शानदार मिला

मैं खुशनसीब हूं मुझको किसी का प्यार मिला
मैं खुशनसीब हूं
………………………………………………..
Main khushnaseeb hoon(Lata)-Tower House 1962

Artists: Ajit, Shakila,

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Oct 29, 2019

मेरी महबूबा आज मेरे घर-फरेब १९६८

दीपों का पर्व है और कम से कम सात दिन तो इसकी
रौनक रहेगी ही. एक गीत सुनते हैं जिसकी पहली पंक्ति
में दीप शब्द आया है. किसके जीवन में दीवाली कब आ
जाए नहीं कहा जा सकता. दीवाली से अर्थ बड़ा खुशी का
मौका भी होता है.

मन्ना दे और भूपेंद्र का गाया गीत है ये फिल्म फरेब से
जिसे असद भोपाली ने लिखा है. इसकी धुन तैयार की है
उषा खन्ना ने.

देसी लॉरेल और हार्डी बने दो कलाकार और किसी फेयरी
टेल में से निकली हसीना जैसी एक नायिका इस गीत पर
फ्री स्टाइल नृत्य का आनंद ले रहे हैं. जुमलों और श्रेणी
के हिसाब से ये ‘मेरी महबूबा हिट्स’ के अंतर्गत आता है.
ठीक है ना अमरीका वासी भारतीय भाइयों और बहनों.




गीत के बोल:

अरे हाँ
जलाओं दीप चरागाँ करो ज़माने में
बहार आई है मेरे गरीबखाने में
समझे मेरे लाल

मेरी महबूबा
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई
ओ मेरी महबूबा आज मेरे घर आई
अरे नोटों के हार इसको पहना दो यार
एक परी आसमान से उतर आई
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई

चाहता हूँ मैं इसको दिल-ओ-जान से
चाहता हूँ मैं
चाहता हूँ मैं इसको दिल-ओ-जान से
इसकी खातिर मैं दुनिया से टकराऊँगा हाँ
देखने वाले मुंह तकते रह जायेंगे
इस हसीना को मैं ले के उड़ जाऊँगा
इस हसीना को मैं ले के उड़ जाऊँगा
प्यार ले के मेरी हमसफ़र आई
ओ प्याज ले के मेरी हमसफ़र आई
एक परी आसमान से उतर आई
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई

शादी होगी हमारी बड़ी धूम से
शादी होगी
शादी होगी हमारी बड़ी धूम से
बैंड बाजे बजेंगे मज़ा आएगा
ओ जब भी गुजरेंगे हम बन के दूल्हा दुल्हन
शहर में एक हंगामा हो जायेगा
शहर में एक हंगामा हो जायेगा
आज बरसों के उम्मीद भर आई
हो आज बरसों के उम्मीद भर आई
एक परी आसमान से उतर आई
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई

लग न जाए किसी मनचले की नज़र
लग न जाए
लग न जाए किसी मनचले की नज़र
मैं रखूंगा इसे दो जहाँ से परे
चाँद पर होगा बंगला मेरे चाँद का
इस ज़मीन से अलग आसमान से परे
इस ज़मीन से अलग आसमान से परे
मेरी मंजिल मुझे अब नज़र आई
हो मेरी मंजिल मुझे अब नज़र आई
अरे नोटों के हार इसको पहना दो यार
एक परी आसमान से उतर आई
मेरी महबूबा आज मेरे घर आई
हो मेरी महबूबा आज मेरे घर आई
……………………………………………..
Meri mehbooba aaj mere ghar-Fareb 1968

Artists: Maloom nai

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Oct 20, 2019

ऐ जिंदगी के साथी-फरेब १९६८

बेला बोस पर फिल्माया गया एक गीत सुनते हैं फिल्म
अभिनेत्री बेला बोस को सहायक भूमिकाएं ज्यादा मिलीं.
इसमें वो नायिका हैं. है न चौंकाने वाला गीत. देव कुमार
जिन्हें अक्सर आपने खलनायक बने देखा होगा इसमें
वे जेंटलमैन बने बैठे प्यानो बजा रहे हैं.

फरेब से. गीत के बोल बढ़िया हैं, इस गीत को लिखा है
असद भोपाली ने और इसकी धुन उषा खन्ना ने तैयार
की है. गीत गाया है सुमन कल्याणपुर ने.




गीत के बोल:

ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
मेरी साँसों में महकना मेरा दिल बन के धड़कना
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से

धीमी धीमी आग दहकते गालों की
हलकी हलकी छांव सुनहरे बालों की
धीमी धीमी आग दहकते गालों की
हलकी हलकी छांव सुनहरे बालों की
तेरे लिए है लेकिन कहना ना तू किसी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से

पहली पहली प्यार ने ली है अंगडाई
पहली पहली बार मिली है तन्हाई
पहली पहली प्यार ने ली है अंगडाई
पहली पहली बार मिली है तन्हाई
अब तो गले से लगा ले तड़प ना दूर ही से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से

दिल की नाज़ुक बात जुबां तक आ पहुंची
बढते बढते बात कहाँ तक आ पहुंची
दिल की नाज़ुक बात जुबां तक आ पहुंची
बढते बढते बात कहाँ तक आ पहुंची
डरती नहीं हैं मोहब्बत दुनिया की बेरुखी से

ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
मेरी साँसों में महकना मेरा दिल बन के धड़कना
ऐ जिंदगी के साथी जाना न जिंदगी से
…………………………………………………
Ae zindagi ke sathi-Fareb 1968

Artists: Bela Bose, Dev Kumar

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Aug 22, 2019

आ जा आ जा पुकारा दिल ने-राजधानी १९५६

असद भोपाली की एक रचना सुनते हैं सन १९५६ की
फिल्म राजधानी से. नरेश सहगल निर्देशित इस फिल्म
में सुनील दत्त, पूर्णिमा, निम्मी, नाज़, जॉनी वॉकर, दुर्गा खोटे
और तिवारी जैसे कलाकारों ने काम किया है.

पूर्णिमा वही हैं जो सन १९५३ की फिल्म औरत में प्रेमनाथ
के साथ हैं. परदे पर जिहोने सूना सूना है जहाँ गीत गाया है.
तिवारी नाम का कलाकार को आप पहचान फिल्म में मनोज
कुमार के साथ देख सकते है-वो खेत में मिलेगा गीत में
जो प्रश्नोत्तर हैं उसमें वो भी शामिल हैं. दुर्गा खोटे को आप सब
अच्छे से पहचानते हैं इसलिए रिमाइंडर देने में मतलब नहीं.
नाज़ को आपने फिल्म बूट पोलिश में देखा है.

गीत का संगीत हंसराज बहल ने तैयार किया है. इसे लता ने
गाया है. फिल्म मधुमती के प्रसिद्ध गीत में भी 'आ जा रे' की
पुकार है. ये थोड़ी अलग है. हिंदी सिने संगीत के सयाने प्रेमी
इसी  बात पर एक किताब लिक सकते हैं-१५० शेड्स ऑफ
'आ जा रे'




गीत के बोल:

आ जा रे
ओय आ जा आ जा आ जा पुकारा दिल ने
मैं नदिया के पार सैंया आई मिलने

हाथों में मेरा थाम के पल रोका रे
मोहे रोका रे
नदिया की लहरों ने सैंया टोका रे
मोहे टोका रे
पाँव रोके ना नैन झुके ना
पाँव रोके ना नैन झुके ना
पूछे न मन की आस रे
मैं तो आ गई तेरे पास रे

ओय आ जा आ जा आ जा पुकारा दिल ने
मैं नदिया के पार सैंया आई मिलने

सब से नैन चुरा के सैंया आई हूँ
बलमा आई हूँ
अपना रूप सजा के सैंया आई हूँ
बलमा आई हूँ
कानों में झुमके माथे पे झूमर
कानों में झुमके माथे पे झूमर
नैनों में कजरे की डोर रे
ज़रा देख मेरा चितचोर रे

ओय आ जा आ जा आ जा पुकारा दिल ने
मैं नदिया के पार सैंया आई मिलने

हर आहट पे बोले अँखियां आये रे पिया आये रे
हाथ बंधे और सोचे सैंया हाय रे जिया जाये रे
ढल ढल जाये सर से चुनरिया
ढल ढल जाये सर से चुनरिया
इत उत जाए नैन रे
मोहे तेरे बिना नहीं चैन रे
ओय आ जा आ जा आ जा पुकारा दिल ने
मैं नदिया के पार सैंया आई मिलने
ओय आ जा आ जा आ जा पुकारा दिल ने
मैं नदिया के पार सैंया आई मिलने
...................................................................
Aa ja aa ja pukara dil ne-Rajdhani 1956

Artist: Nimmi

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Aug 18, 2019

मुसाफ़िर हैं हम तुम-सिम सिम मरजीना १९५८

खुल जा सिम सिम शब्द आपने अवश्य सुने होंगे. एक फिल्म
है जिसका नाम है सिमसिम मरजीना. फिल्म में महीपाल, हेलन
और शकीला प्रमुख कलाकार हैं.

गोल्डन मूवीज़ के लिए इसका निर्देशन नरेन्द्र दवे ने किया था.
रवींद्र दवे का नाम फिल्म भक्तों के लिए जाना पहचाना है जो
५० और ६० के दशक के एक व्यस्त निर्देशक हुआ करते थे.
नरेन्द्र दवे के नाम मुझे सिम सिम मरजीना के अलावा दूसरी
और कोई फिल्म नहीं दिखी.




गीत के बोल:

मुसाफ़िर हैं हम तुम ये दुनिया सराय
इधर कोई आए उधर कोई जाए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ये दुनिया सराय

ये जलवे ये नग़में ये महफ़िल सुहानी
ये जलवे ये नग़में ये महफ़िल सुहानी
ये हुस्न और मोहब्बत की रंगीं कहानी
यहाँ की हर एक चीज़ है आनी जानी
वो नादान है इनसे जो दिल लगाए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ये दुनिया सराय

हर एक चीज़ में है नई ज़िन्दगानी
वो नादान है जो यहाँ तक न आए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ये दुनिया सराय

ज़माना हुआ है न होगा किसी का
तमाशा है सारा घड़ी दो घड़ी का
भरोसा न करना कभी ज़िन्दगी का
ना मालूम कब साँस आए न आए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ये दुनिया सराय

ये दुनिया है दो घड़ी का तमाशा
न करना यहाँ ज़िन्दगी का भरोसा
ना बाकी रहे कोई दिल की तमन्ना
अधूरी कहीं दास्तां रह न जाए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ये दुनिया सराय
इधर कोई आए उधर कोई जाए
मुसाफ़िर हैं हम तुम ये दुनिया सराय
……………………………………………………..
Musafir hain ham tum-Sim sim Marjina 1958

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Jun 19, 2018

क्या तेरी जुल्फें हैं-हम सब उस्ताद हैं १९६५

गीत जब पहली पंक्ति में केशकर्तन या बालों के तेल
वाली इंडस्ट्री का विज्ञापन सा सुनाई दे तो गीतकार
तुरंत ही उसकी दूसरी पंक्ति आँखों के काजल वाले
उद्योग के लिए लिख देता है.

हमने कभी इस तरीके से नहीं सोचा कि गीत उत्पाद
की बिक्री में सहयक हो सकते हैं. ये बात, मगर,
विज्ञापन जगत के कर्ता-धर्ता सोचते रहते हैं और
उनकी खोपड़ी में जो आइडिया की फैक्टर चालू रहती
है वो सभी संभावनाओं पर विचार करती है. ऐसा गर
नहीं होता तो हमें फ़िल्मी गाने विज्ञापनों में नहीं
सुनाई देते. बीटेक्स के विज्ञापन में ओये ओये गाने
की पैरोडी सुनाई गई है. सुना है ये दाद खाज खुजली
के काम आने वाला मलहम है.

सुनते हैं असद भोपाली की खूबसूरत रचना जिसे गाया
है किशोर कुमार ने और आशा भोंसले ने संगीतकार हैं
लक्ष्मी प्यारे.




गीत के बोल:

उफ़ ये निखरा हुआ चेहरा
ये परेशान जुल्फें
कुछ तो कहिये मेरी सरकार
इरादा क्या है
क्या ?

क्या तेरी जुल्फें है आ हा क्या तेरी आँखे हैं
आ हा मैं जिसे उम्र भर ढूँढा किया वही है तू
आ हा क्या तेरी बातें हैं आ हा क्या मुलाक़ातें है
आ हा दिल जिसे बिन मिले चाहा किया वही है तू
आ हा क्या तेरी जुल्फें है
...........................................................................
Kya tri zulfen hain-Ham sab ustad hain 1965

Artists: Kishore Kumar, Amita

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Mar 14, 2018

मेरी जान बचना-फैसला १९६५

एक गीत सुनते हैं महेंद्र कपूर और चितलकर की आवाजों में.
गीत असद भोपाली का है और संगीत उषा खन्ना का. श्रेणियों
में एक श्रेणी वो भी है-एक संगीतकार दूसरे संगीतकार के संगीत
निर्देशन में गाता हुआ.

ये कारनामा स्वयं उषा खन्ना ने काफी किया है और उनके
गाये कई गीत ऐसे हैं जो दूसरे संगीत निर्देशकों द्वारा तैयार
किये गए हैं.

फिल्म का नाम है फैसला जो सन १९६५ की एक फिल्म है.
गीत में एक अजीबोगरीब कार में जुगल किशोर के साथ
जगदीप सवारी करते दिखलाई दे रहे हैं.




गीत के बोल:

ओ मेरी जान बचना
ओ मेरी जान ओ मुन्ना हट
बाद-ए-बहारी आई शाही सवारी आई
गाडी हमारी आई हो हो
ओ बाबू हट जाना ओ जाना ओ जाना
हट जाना
ओ मेरी जान चलना
ओ मेरी जान ओ साहिबा
बाद-ए-बहारी आई शाही सवारी आई
गाडी हमारी आई हो हो

अरे बाप रे पंक्चर
स्क्रू जैक जल्दी लाओ
.................................................................
Meri jaan bachna-Faisla 1965

Artists: Jugal Kishore, Jagdeep

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Jan 5, 2018

करिश्मा देखो नज़ारा देखो-तन्हाई १९७२

फिल्म तन्हाई से आपने किशोर का गाया वो गीत सुन लिया
है जो ज्यादा लोकप्रिय है इस फिल्म के सभी गीतों में. अब
उन गीतों में से एक सुनते हैं जिन्हें कम सुना गया है.

आशा भोंसले ने इसे गाया है. गीत और संगीत उषा खन्ना का
है जैसा कि उपलब्ध विवरणों से पता चलता है. उषा खन्ना के
पिताजी तो गीत लिखा करते ही थे मगर उषा खन्ना ने ये कब
शुरू किया इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है. वैसे एक
जगह इस गीत के गीतकार का नाम असद भोपाली भी लिखा
मिलता है. नेट पर जो कुकुरमुत्ते जैसी कॉपी पेस्ट साइटें उग आई
है पिछले दस सालों में उन सभी की जय हो.




गीत के बोल:

करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो देखो रे नज़ारा देखो

अभी गीत वो छेड़ूंगी जिसे लोग सुनें जाएँ
अब देखना क्या होगा कहीं होश न उड़ जाएँ
वही नाम बताऊंगी वही काम दिखाऊंगी
जो तुमको पसंद आये

करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से हाँ पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो देखो रे नज़ारा देखो

तुम्हें जिससे मोहब्बत है abhi होगा वो बाहों में
कोई दोस्त कोई ढूश्मन मेरी सब हैं निगाहों में
किस बात का रोना है अभी फैसला होना है
तुम्हें कौन ye समझाए

करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से हाँ पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो देखो रे नज़ारा देखो

ये खेल है दुनिया का कहीं प्यार कहीं धोखा
किस्मत को जो करना है वो आज अभी होगा
ज़रा रहना संभल के जी कहीं आगे चल के जी
बाज़ी ना पलट जाये

करिश्मा देखो नज़ारा देखो
मैं तो शीशे से हाँ पत्थर तोडूंगी
जो दो दिल बिछड़े हैं मैं उनको जोडूंगी
हाँ उनको मैं तो जोडूंगी
करिश्मा देखो देखो रे नज़ारा देखो
………………………………………………………..
Karishma dekho nazara dekho-Tanhai 1972

Artist: Laxmi Chhaya, Shotgun Sinha, Rehana Sultan

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Jul 27, 2017

ज़रा सी बात प्यार की-सलाम मेमसाब १९६१

सलाम मेमसाब नाम से दो फ़िल्में बनी हैं. ये काले-पीले
युग की फिल्म है जिसका गीत आप सुनेंगे आज. प्यानो
भांजने वाले कलाकार का नाम है सुबिराज.

फिल्म: सलाम मेमसाब
वर्ष: १९६१
गीतकार: असद भोपाली
गायक: रफ़ी, सुमन कल्याणपुर
संगीत: रवि



गीत के बोल:

ज़रा सी बात प्यार की ज़ुबान से निकल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई
ज़रा सी बात प्यार की ज़ुबान से निकल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई

ज़रा इधर तो देखिये निगाहें तो मिलाइये
ज़रा इधर तो देखिये निगाहें तो मिलाइये
ये नरम होंठ इस तरह न दांतों में दबाइए
ये गुस्सा देख कर यहाँ तो जां ही निकल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई

ज़रा सी बात प्यार की ज़ुबान से निकल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई

जफ़ाएं छोड़ दीजिए सितम से बाज आइये
जफ़ाएं छोड़ दीजिए सितम से बाज आइये 
हमारा दिल है आपका हमें न आजमाइये
ये आप क्या चले यहाँ छुरी सी दिल पे चल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई

ज़रा सी बात प्यार की ज़ुबान से निकल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई

ज़रा शरीफ़ लड़कियों से बात करना सीखिये
ज़रा शरीफ़ लड़कियों से बात करना सीखिये
फिर उसके बाद आइने में अपनी शक़्ल देखिये
हमारे मेंहमान थे तो बात आ के टल गयी
नहीं तो लोग पूछते के शक़्ल क्यों बदल गई
नहीं तो लोग पूछते के शक़्ल क्यों बदल गई

ज़रा सी बात बुखार की ज़ुबान से निकल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई
हुज़ूर क्या खता हुई निगाह क्यों बदल गई
.....................................................................
Zara si baat pyar ki-Salam Memsaab 1961

Artists: Subiraj, Kumkum

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Jun 21, 2017

चमकते चाँद को टूटा हुआ-आवारगी १९९०

काफी दिन हुए गुलाम अली का कोई गीत गज़ल सुने. हम
आपको गैर फ़िल्मी गीत सुनवाते रहते हैं समय समय पर.
आज सुनते हैं एक फ़िल्मी गीत.

असद भोपाली की एक रचना सुनते हैं सन १९९० की फिल्म
आवारगी से जिसे अन्नू मलिक के संगीत की सेवा प्राप्त है.
इसे गाया है गुलाम अली ने.

फिल्म में गुलाम अली के गाये दो गीत हैं. अनिल कपूर
पर फिल्माए गए इस गीत को काफी लोकप्रियता मिली
है.



गीत के बोल:

चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला
मेरी आवारगी ने मुझको आवारा बना डाला

बड़ा दिलकश  बड़ा रँगीन  है ये शहर कहते हैं
यहाँ पर हैं हज़ारों घर  घरों में लोग रहते हैं
मुझे इस शहर की गलियों का बंजारा बना डाला
चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला

मैं इस दुनिया को अक्सर देखकर हैरान होता हूँ
न मुझसे बन सका छोटा सा घर  दिन रात रोता हूँ
खुदाया तूने कैसे ये जहां सारा बना डाला
चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला

मेरे मालिक  मेरा दिल क्यूँ तड़पता है  सुलगता है
तेरी मर्ज़ी  तेरी मर्ज़ी पे किसका ज़ोर चलता है
किसी को गुल  किसी को तूने अंगारा बना डाला
चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला

यही आग़ाज़ था मेरा  यही अंजाम होना था
मुझे बरबाद होना था  मुझे नाकाम होना था
मेरी तक़दीर ने मुझको  तक़दीर का मारा बना डाला
चमकते चाँद को टूटा हुआ तारा बना डाला
………………………………………………….
Chamakte chand ko-Awargi 1990

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Mar 4, 2017

तेरी अदा पर निसार करने-दरबार १९५५

हिंदी फिल्म संगीत जगत में पंजाबी और बंगाली संगीतकारों
का प्रभुत्व रहा. पंजाब या बंगाल से कुछ ना कुछ कनेक्शन
ज़रूर रहा अधिकतर चर्चित संगीतकारों का. 

हंसराज बहल भी एक ऐसा नाम है जो पंजाबी मूल के थे.
उन्होंने कई अविस्मरणीय धुनें बनाईं जिन्हें सुन सुन के आज
भी हम आनंद उठाते हैं.

सन १९५५ की फिल्म दरबार का निर्माण गोल्डन मूवीज़ नाम
की संस्था ने किया और इसका निर्देशन वी वकील ने. इसमें
महिपाल, कम्मो, सुन्दर, तिवारी, निरंजन शर्मा चित्रा, कमल
जैसे कलाकारों ने काम किया.





गीत के बोल:

तेरी अदा पर निसार करने
तेरी अदा पर निसार करने 
मैं दिल को लाया तेरी गली में
मैं दिल को लाया तेरी गली में
तेरी अदा पर निसार करने 
मैं दिल को लाया तेरी गली में
मैं दिल को लाया तेरी गली में

ज़माने भर का हसीन तोहफ़ा
ज़माने भर का हसीन तोहफ़ा
मैं ले के आया तेरी गली में
मैं ले के आया तेरी गली में
तेरी अदा पर निसार करने
मैं दिल को लाया तेरी गली में

मैं ऐसी काफ़िर नज़र के सदक़े
मैं ऐसी काफ़िर नज़र के सदक़े
के जिसने मेरा ग़ुरूर तोड़ा
जो सर कहीं भी न झुक सका था 
वो सर झुकाया तेरी गली में
वो सर झुकाया तेरी गली में

तेरी अदा पर निसार करने
मैं दिल को लाया तेरी गली में

बड़े मज़े का हुआ ये सौदा
बड़े मज़े का हुआ ये सौदा
तेरी अमानत तुझी को दे दी
जो दिल मिला था तेरी गली में
वो दिल लुटाया तेरी गली में
वो दिल लुटाया तेरी गली में

तेरी अदा पर निसार करने
मैं दिल को लाया तेरी गली में
...................................................................
Teri ad ape nisar karne-Darbar 1955

Artist: Mahipal

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Feb 24, 2017

पी के शंकर जी की बूटी-रणभूमि १९९०

९० के दशक में ये फ़िल्मी गीत खूब सुनने को मिला करता था. आज
सुनिए एक बार फिर से. इसे अमित कुमार और कविता कृष्णमूर्ति
ने गाया है.

सन १९९० की फिल्म रणभूमि के लिए इसे लिखा असद भोपाली ने
और इसकी धुन बनाई है लक्ष्मी प्यारे ने. शंकर जी की बूटी का जिक्र
है इसमें.

वीडियो  अपलोड करने वालों को दिल से धन्यवाद.



गीत के बोल:

बम चिक चिक बम चिक चिक बम
बम भोले
बम चिक चिक बम चिक चिक बम
बम भोले
पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी
पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी
नया सा लागे सब संसार
ज़रा सी, ओए ज़रा सी, हाय
ज़रा सी और पिला दे यार
ज़रा सी और पिला दे यार

पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी
नया सा लागे सब संसार
ज़रा सी और पिला दे यार
ज़रा सी और पिला दे यार
पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी
पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी

मैंने कम पी तूने ज्यादा
कर ले प्याला आधा आधा
मैंने कम पी तूने ज्यादा
कर ले प्याला आधा आधा
पी ले लेकिन  तू बहकी तू
लाज रहेगी ना मर्यादा
बढ़ा ना बात कर तकरार
ज़रा सी और पिला दे यार
ज़रा सी और पिला दे यार
हो पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी
हो पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी

उतरी सूरत और बिखरे बाल
हाय ये बहकी अरे बहकी चाल
उतरी सूरत और बिखरे बाल
हाय ये बहकी अरे बहकी चाल
दर्पण लाऊं तुझे दिखाऊँ
मुझे बुरा है तेरा हाल
ये बातें हो गयीं दिल के पार
ज़रा सी और पिला दे यार
ज़रा सी और पिला दे यार
हो पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी
पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी

देर ना कर बाहों में छुपा ले
सब कुछ है अब तेरे हवाले
देर ना कर बाहों में छुपा ले
सब कुछ है अब तेरे हवाले
हाय मैं तेरे सदके जाऊं
भाड में जाएँ दुनिया वाले
समझ ले होगा बेड़ा पार
ज़रा सी और पिला दे यार
ज़रा सी और पिला दे यार

पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी
पी के शंकर जी की बूटी
अँखियाँ खुल गयीं निंदिया टूटी
नया सा लागे सब संसार
ज़रा सी, ओए ज़रा सी, हाय
ज़रा सी और पिला दे यार
ज़रा सी और पिला दे यार
ज़रा सी और पिला दे यार
ज़रा सी और पिला दे यार
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Pee ke Shankar ji ki booti-Ranbhoomi 1990

Artists: Arun Bakshi, Rishi Kapoor, Neelam

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Jan 27, 2017

अजनबी तुम जाने पहचाने २-हम सब उस्ताद हैं १९६५

किशोर कुमार का गाया एक लोकप्रिय गीत सुनते हैं जो है
फिल्म हम सब उस्ताद हैं से. लता वाला वर्ज़न आप सुन
चुके हैं पहले. ये वर्ज़न थोडा दर्द भरा है. पार्टी में नायिका
नायक को पहचान नहीं रही अतः नायक ये गा रहा है.

असद भोपाली की रचना है और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.
उजाले वाली महफ़िल से गीत गाते गाते नायक गली के
अंधेरों में कहीं गुम हो जाता है.




गीत के बोल:

अजनबी
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
ये बड़ी अजीब सी बात है
के नयी नयी मुलाकात है
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो

तुमने कभी प्यार किया था किसी राही से
तुमने कभी प्यार किया था किसी राही से
तुमने कभी वादा किया था किसी साथी से
ना वो प्यार रहा ना वो बात रही
फिर भी जाने क्यों

अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी

दिल में रहे और हमारा दिल तोड़ दिया
दिल में रहे और हमारा दिल तोड़ दिया
साथ चले मोड़ पे आ के हमें छोड़ दिया
तुम हो कहीं और हम कहीं
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
ये बड़ी अजीब सी बात है
के नयी नयी मुलाकात है
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी
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Ajnagi tum jaane pehchane(Kishore)-Hum sab ustad hain 1965

Artists: Kishore Kumar, Amita, Sheikh Mukhtar

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Jan 15, 2017

हँसता हुआ नूरानी चेहरा-पारसमणि १९६३

सन १९६३ की फिल्म पारसमणि से अपना बतौर स्वतंत्र
संगीतकार कैरियर शुरू करने वाले लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
को मानो पारसमणि मिल गयी हो फिल्म से. अगले तीस
साल तक वे हिंदी फिल्म संगीत में में नया इतिहास लिखने
वाले थे.

इस फिल्म के गीत आश्चर्यजनक रूप से हिट हुए. उस समय
की किसी भी पीरियड फिल्म या ऐतिहासिक फिल्म के लिए
ये बड़ी बात थी. बाबूभाई मिस्त्री निर्देशित इस फिल्म को
श्वेत श्याम और रंगीन दोनों प्रकार की फिल्मों में फिल्माया
गया. फिल्म भी खूब पसंद की जनता ने.

असद भोपाली के लिखे गीत को गाया है लता मंगेशकर और
कमाल बारोट ने.




गीत के बोल:

हँसता हुआ नूरानी चेहरा
काली ज़ुल्फ़ें रंग सुनहरा
तेरी जवानी तौबा तौबा रे
दिलरुबा ओ दिलरुबा दिलरुबा ओ दिलरुबा
हँसता हुआ नूरानी चेहरा
काली ज़ुल्फ़ें रंग सुनहरा
तेरी जवानी तौबा तौबा रे
दिलरुबा ओ दिलरुबा दिलरुबा ओ दिलरुबा

पहले तेरी आँखों ने लूट लिया दूर से
पहले तेरी
फिर ये सितम हमपे कि देखना गरूर से
पहले तेरी आँखों ने लूट लिया दूर से
ओ दीवाने ओ दीवाने
तू क्या जाने हाँ तू क्या जाने
दिल की बेक़रारियाँ हैं क्या

हँसता हुआ नूरानी चेहरा
काली ज़ुल्फ़ें रंग सुनहरा
तेरी जवानी तौबा तौबा रे
दिलरुबा ओ दिलरुबा दिलरुबा ओ दिलरुबा

जी भर के तड़पा ले जी भर के वार कर
जी भर के
जी भर के तड़पा ले जी भर के वार कर
सब कुछ गंवारा है थोड़ा सा प्यार कर
तू है दिल में हाँ तू है दिल में
दिल मुश्किल में हाय दिल मुश्किल में
अब न दिल कि मुश्किलें बढ़ा

हँसता हुआ नूरानी चेहरा
काली ज़ुल्फ़ें रंग सुनहरा
तेरी जवानी तौबा तौबा रे
दिलरुबा ओ दिलरुबा दिलरुबा ओ दिलरुबा

हँसता हुआ नूरानी चेहरा
काली ज़ुल्फ़ें रंग सुनहरा
तेरी जवानी तौबा तौबा रे
दिलरुबा ओ दिलरुबा दिलरुबा ओ दिलरुबा
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Hansta hua noorani chehra-Parasmani 1963

Artists: Mahipal, Geetanjali

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Jan 14, 2017

अजनबी तुम जाने पहचाने १-हम सब उस्ताद हैं १९६५

अजनबी शब्द में कुछ आकर्षण ज़रूर है. इस शब्द पर
बने अधिकांश गीत लोकप्रिय बने या कर्णप्रिय बने.

अब या तो ये असद भोपाली के बोलों का जादू है, लाता
की गायकी का कमाल है या फिर लक्ष्मी प्यारे के संगीत
है, आप ही डिसाईड कीजिये. गीत अमीता गा रही हैं परदे
पर. इस गीत को देख कर पहले पहल हमारे दिमाग में
भी यही ख्याल आया था जब हम हीरोईन को पहचानने
में कन्फ्यूज हो रहे थे कि ये वाकई गूँज उठी शहनाई
वाली अमीता ही हैं !




गीत के बोल:

अजनबी
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
ये बड़ी अजीब सी बात है
के नयी नयी मुलाकात है
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो

लगता है यूँ ख्वाब है जैसे कोई देखा हुआ
लगता है यूँ ख्वाब है जैसे कोई देखा हुआ
कहता है दिल आज मिला है कोई खोया हुआ
न ख्याल तुम्हें न ख्याल हमें
फिर भी जाने क्यों

अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी

किसको खबर पहले मिले थे हम दोनों कहाँ
किसको खबर पहले मिले थे हम दोनों कहाँ
कबसे मगर ढूंढ रहा था मगर मेरा जहां
ना तो याद तुम्हें ना तो याद हमें
फिर भी जाने क्यों

अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी

कितने जनम बीत गए हैं तुम्हें पाने में
कितने जनम बीत गए हैं तुम्हें पाने में
हमने तुम्हें प्यार किया है अनजाने में
ना कभी मिले ना करीब हुए
फिर भी जाने क्यों

अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
ये बड़ी अजीब सी बात है
के नयी नयी मुलाकात है
फिर भी जाने क्यों
अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो
अजनबी अजनबी अजनबी
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Ajnabi tum jaane pehchane se(Lata)-Ham sab ustad hain 1965

Artists: Amita

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Jan 10, 2017

दिल दीवाना बिन सजना(एस पी बालू)-मैंने प्यार किया १९८९

आपने लता का गाया गीत सुन लिया है, अब इसका बालू वाला
वर्ज़न सुनते हैं. बोल असद भोपाली के हैं और संगीत राम लक्ष्मण
का. वैसे तो एक जैसे गीतों में लता वाले वर्ज़न कम लोकप्रिय होते
थे एक ज़माने में लेकिन अपवाद स्वरुप ये वर्ज़न बेहद लोकप्रिय है.

गीत में फिल्म का सबसे कूल और सुन्दर अभिनेता-कबूतर भी है.




गीत के बोल:

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

दर्द-ए-जुदाई क्या होता है तुम जानो मैं जानूं
प्यार बुलाये दुनिया रोके किसका कहना मानूं
तुमसे मिले बिन दिल को कुछ भी सूझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

बन के लहू नस नस में मोहब्बत दौड़े और पुकारे
प्यार में सब कुछ हार दिया पर हिम्मत कैसे हारे
कह दो दुनिया दिल का रास्ता रोके ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
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Dil deewana bin sajna ke(Male)-Maine pyar kiya 1989

Artist: Salman Khan

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Dec 31, 2016

कहाँ है तू मेरे सपनों के-अफसाना १९५१

हुस्नलाल भगतराम की जोड़ी में हुस्नलाल बड़े भाई थे और दोनों की
जोड़ी संगीतकारों की जोड़ी के परंपरा में पहला नाम है. हिंदी फिल्म
संगीत ने आगे भी कई जोडियाँ देखीं जैसे शंकर जयकिशन, वसंत
रामचंद्र, बिपिन बाबुल, कल्याणजी आनंदजी और सूची काफी लंबी
है.

आज सुनते हैं उनकी म्ज़ुजिकल हिट अफसाना से एक लता मंगेशकर
का गाया गीत. असद भोपाली की रचना है.



गीत के बोल:

तेरे ख़याल में बचपन की ज़िन्दगी गुज़री
जवानी आई तो तुझको पुकारती आई

कहाँ है तू मेरे सपनों के राजा
कहाँ है तू मेरे सपनों के राजा
जवानी आ गई है अब तो आ जा
अब तो आ जा
कहाँ है तू मेरे सपनों के राजा
जवानी आ गई है अब तो आ जा
अब तो आ जा

क़सम है दिल के अरमानों की तुझको
क़सम है दिल के अरमानों की तुझको
क़सम बचपन के अफ़सानों की तुझको
वो ही रंगीन अफ़साने सुना जा
जवानी आ गई है अब तो आ जा
अब तो आ जा

तुझे आवाज़ देते हैं सितारे
बहारें कर रही हैं कुछ इशारे
कुछ इशारे
इशारों का मुझे मतलब बता जा
जवानी आ गई है अब तो आ जा
अब तो आ जा

ज़बान पे दिल की बातें आ गई हैं
ज़बान पे दिल की बातें आ गई हैं
बड़ी बेदर्द रातें आ गई हैं
मेरी रातों को आ कर जगमगा जा
जवानी आ गई है अब तो आ जा
अब तो आ जा

कहाँ है तू मेरे सपनों के राजा
जवानी आ गई है अब तो आ जा
अब तो आ जा
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Kahan hai too mere sapnon ke raja-Afsana 1951

Artist: Veena

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Dec 29, 2016

दिल दीवाना बिन सजना के१-मैंने प्यार किया १९८९

सन १९८९ की फिल्म मैंने प्यार किया से आपको इस लोकप्रिय गीत
के सिवाए सारे गीत सुना दिए हैं. फील गुड सिनेमा में मील का पत्थर
बन चुकी इस फिल्म की कहानी सिंपल है, ज्यादा ट्विस्ट नहीं हैं.
फिल्म की कहानी का सार हम आपको बतला चुके हैं. इसमें से जो
चीज़ें छूट गयी थीं वो आज बतलाये देते हैं.

दो दोस्त हैं, एक अमीर बन गया, दूसरा गरीब ही रह गया. वो पैसे
कमाने बाहर जाता है और अपनी घरेलू सी लड़की को दोस्त के सुपुर्द
कर जाता है. इस दो साल के अंतराल में वो लड़की सबके दिलों में
जगह बना लेती है सिवाए कुछ धूर्तों के जिनकी नज़र नायक के बाप
की दौलत पर लगी है. वो अपने प्रयासों से दोनों दोस्तों के बीच दरार
पैदा करने में सफल हो जाते हैं. फिल्म के नत में सब ठीक ठाक हो
जाता है. एक दृश्य में कबूतर को खलनायक से प्रतिशोध लेते हुए
दिखलाया गया है.

आज आपको लता का गाया हुआ संस्करण सुनवा रहे हैं. असद भोपाली
गीतकार हैं और राम लक्ष्मण संगीतकार. क्या है इस गीत की सफलता
का रहस्य. इसमें पगला शब्द ९ बार आता है. या गीत के आकर्षक बोल
और धुन हैं इसका राज़ ?



गीत के बोल:

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
धक-धक बोले इत-उत डोले दिन रैना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

दुनिया माँगे अपनी मुरादें मैं तो मांगू साजन
हो हो हो हो ओ ओ ओ
दुनिया माँगे अपनी मुरादें मैं तो मांगू साजन
रहे सलामत मेरा सजना और सजना का आँगन
इसके सिवा दिल रब से कुछ भी चाहे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

हो हो हो हो ओ ओ ओ ओ
ला ला ला ला ला ला ला ला
हो हो हो हो ओ ओ ओ ओ
ला ला ला ला ला ला ला ला

जी ये चाहे बना के आँचल तुमको लपेटूं तन पे
जी ये चाहे बना के आँचल तुमको लपेटूं तन पे
कभी ये सोचू मैं उड़ जाऊं तुमको लिये गगन पे
और भी कुछ हैं दिल के इरादे क्या कहना
ये पगला है समझाने से समझे ना
ये पगला है समझाने से समझे ना

दिल दीवाना बिन सजना के माने ना
ये पगला है समझाने से समझे ना
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Dil deewana bin sajna ke-Maine pyar kiya 1989

Artists: Salman Khan, Bhagyashri

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Dec 9, 2016

हम तुमसे जुदा हो के-एक सपेरा एक लुटेरा १९६५

एक अनूठा गीत सुनते हैं फिल्म एक सपेरा एक लुटेरा से जिसमें
कई संगीतकारों की स्टाइल का आनंद मिलता है. रफ़ी का गाया
ये गीत बेहद लोकप्रिय है. गीत के बोल लिखे हैं असद भोपाली ने
जिनकी कलम में भी जादुई गीत रचने की गज़ब क्षमता थी. जैसे
उदाहरण के लिए आप मैंने प्यार किया के गीतों को ले लीजिए.
उनके लिखे कई गीत लोकप्रिय हैं और इस तथ्य पर ज्यादा किसी
का ध्यान नहीं जाता. जो लोकप्रिय हैं वो इतने ज्यादा कि कालांतर
में लोकप्रियता की चरम सीमा पर पहुँच गए.

फिल्म टॉवर हाउस का ‘ऐ मेरे दिल-ऐ-नादान’, फिल्म छैला बाबू का
‘तेरे प्यार ने मुझे गम दिया’, फिल्म पारसमणि के सारे गीत, फिल्म
उस्तादों के उस्ताद का ‘सौ बार जनम लेंगे’. एक नारी दो रूप का
‘दिल का सूना साज़’ इसके अलावा कई उल्लेखनीय गीत हैं उनके,
मगर अधिकांश गीत उन फिल्मों में हैं जिनपर बी ग्रेड या सी ग्रेड का
ठप्पा लगा हुआ है. इन सबके चलते उनको जो लाभ मिलना चाहिए
था वो नहीं मिला.

संगीत उषा खन्ना का है. गीत के शुरू में ५० सेकण्ड का लंबा संगीत
का शानदार टुकड़ा है.



गीत के बोल:


हम तुमसे जुदा हो के
मर जायेंगे रो रो के
हम तुमसे जुदा हो के
मर जायेंगे रो रो के
मर जायेंगे रो रो के

दुनिया बड़ी जालिम है
दिल तोड़ के हँसती है
दुनिया बड़ी जालिम है
दिल तोड़ के हँसती है
एक मौज किनारे से
मिलने को तरसती है
कह दो ना कोई रोके
कह दो ना कोई रोके

हम तुमसे जुदा हो के
मर जायेंगे रो रो के
मर जायेंगे रो रो के

सोचा था कभी दो दिल
मिल कर ना जुदा होंगे
सोचा था कभी दो दिल
मिल कर ना जुदा होंगे

मालूम ना था हम यूँ
नाकाम-ए-वफ़ा होंगे
किस्मत ने दिए धोखे
किस्मत ने दिए धोखे

हम तुमसे जुदा हो के
मर जायेंगे रो रो के
मर जायेंगे रो रो के

वादे नहीं भूलेंगे
कसमें नहीं तोड़ेंगे
वादे नहीं भूलेंगे
कसमें नहीं तोड़ेंगे
ये तय है के हम दोनों
मिलना नहीं छोड़ेंगे
जो रोक सके रोके
जो रोक सके रोके

हम तुमसे जुदा हो के
मर जायेंगे रो रो के
हम तुमसे जुदा हो के
मर जायेंगे रो रो के
मर जायेंगे रो रो के
……………………………………………………………..
Ham tumse juda ho ke-Ek sapera ek lutera 1965

Artist: Feroz Khan

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Dec 5, 2016

आजा शाम होने आई-मैंने प्यार किया १९८९

कभी कभी मैं सोचता हूँ गीत के बोल के हिसाब से उन्हें सुना
करूं. सुबह का गीत है तो सुबह सुनूं, रात का गीत है तो उसे
रात को सुनूं. जब देखता हूँ चैनलों पर या किसी और जगह कि
इस बात का ध्यान कोई भी नहीं रखता है तो मैं क्यूँ रखूँ भला.

इसी गीत का उदाहरण ले लेते हैं, अपने ज़माने में इस फिल्म
के गाने खूब बजते थे. सुबह सुबह ६ बजे ये गीत बजता मिल
जाता था. इससे एक बात पता चलती है बोलों से ज्यादा संगीत
आकर्षित करता है और सुनते सुनते बोल भी याद होने लगते हैं.
ये आकलन बाद में होता है कि कौन सा गीत किस समय के
हिसाब से बना है.

सुनते हैं असद भोपाली का लिखा और राम लक्ष्मण द्वारा स्वरबद्ध
गीत फिल्म मैंने प्यार किया से. इसे गाया है लता मंगेशकर के
साथ एस पी बालसुब्रमण्यम ने.



गीत के बोल:

आ जा शाम होने आई
मौसम ने ली अंगडाई
तो किस बात की है लड़ाई
तू चल मैं आई

बजा क्या है देखो ज़रा तुम घड़ी
गुज़र जाये ना प्रेम की ये घड़ी
आती हूँ थोड़ा सा धीरज धरो
लगा दूंगी मैं प्रेम की फिर झड़ी
उतनी ही दूर है तू जितनी करीब है
तेरे मेरे प्यार का किस्सा अजीब है
धत तेरे की
अब तो जान पे बन आई
ये है प्यार की गहराई
तो किस बात की है लड़ाई

बहुत हो चुकी है तेरी दिल्लगी
चली आओ अब शाम ढलने लगी
मेरे दिल में कितनी उमंगे भरी
तुम्हें मैं बताती हूँ आकर अभी
मेरा जादू चल गया तेरा चेहरा खिल गया
पीछे पीछे मैं चली आगे आगे तू चला
धत तेरे की
तो कर दो सब को तुम गुडबाय
मैंने प्यार किया मैं आई
तो किस बात की है लड़ाई
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Aa ja shaam hone aayi-Maine pyar kiya 1989

Artists: Salman Khan, Bhagyashri

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