March 20, 2017

ज़िंदगी तू मेरा साथ देना-बेदर्द १९८२

सन १९८२ की एक फिल्म है बेदर्द जिसका गीत हम सुनेंगे
आज. भूपेंद्र का गाया गीत है जिसे एक दो बार से ज्यादा
नहीं सुना है. नक्श लायलपुरी का गीत है और अनजान से
संगीतकार कांति किरण का संगीत है. संभावनाओं वाले इस
संगीतकार की रचना सुन कर खय्याम और जयदेव दोनों
के संगीत की याद एक साथ आती है.

विक्रम, नीता मेहता, रेहना सुल्तान, कानन कौशल और
राजदीप अभिनीत इस फिल्म के निर्माता, निर्देशक और लेखक
राजदीप हैं. फिल्म का गाना सुनो तो कोई ऑफ-बीट फिल्म
लगती है. वाह री फिल्म इंडस्ट्री, फिलोसोफी झडवाना हो तो
मोटी आवाज़ वाले गायकों को गाना दे दो. ज्यादा मोटी हो
तो सूफियाना कलाम दे दो गाने को. खैर, भूपेंद्र की आवाज़
गंभीर किस्म की है इसलिए उन्हें ऐसा गाने गाने को दिए
जाते थे.



गीत के बोल:

ज़िंदगी तू मेरा साथ देना
प्यार से हाथ में हाथ देना
कर्ज़ मुझको चुकाना है हर साँस का
ज़िंदगी तू मेरा साथ देना
प्यार से हाथ में हाथ देना
कर्ज़ मुझको चुकाना है हर साँस का
ज़िंदगी तू मेरा साथ देना

प्यार की राह में मोड़ आया
जो मेरा था मैं सब छोड़ आया
प्यार की राह में मोड़ आया
जो मेरा था मैं सब छोड़ आया
दिल के जलने से कितना उजाला हुआ

ज़िंदगी तू मेरा साथ देना
प्यार से हाथ में हाथ देना
कर्ज़ मुझको चुकाना है हर साँस का
ज़िंदगी तू मेरा साथ देना
प्यार से हाथ में हाथ देना

मंजिलों से रहा बेखबर मैं
बन गया दर्द का एक सफर मैं
मंजिलों से रहा बेखबर मैं
बन गया दर्द का एक सफर मैं
बन गया दर्द का एक सफर मैं
एक तिनका हवाओं में उड़ता गया

ज़िंदगी तू मेरा साथ देना
प्यार से हाथ में हाथ देना
कर्ज़ मुझको चुकाना है हर साँस का
ज़िंदगी तू मेरा साथ देना
प्यार से हाथ में हाथ देना

घूँट पीता रहा मैं लहू के
पाँव हारे नहीं जुस्तजू के
घूँट पीता रहा मैं लहू के
पाँव हारे नहीं जुस्तजू के
है यकीं के मिलेगा कोई रास्ता

ज़िंदगी तू मेरा साथ देना
प्यार से हाथ में हाथ देना
कर्ज़ मुझको चुकाना है हर साँस का
ज़िंदगी तू मेरा साथ देना
प्यार से हाथ में हाथ देना
कर्ज़ मुझको चुकाना है हर साँस का
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Zindagi too mera sath dena-Bedard 1982

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