ये ज़ुल्फ़ कैसी है ज़ंजीर जैसी है-पिया का घर १९७४
और खिलाडियों की देखी है. बालों को बाँट कर उसकी ढेर सारी
चोटियाँ बना दी जाती हैं. आपको गर याद हो डेविस कप में
फ्रांस के एक खिलाडी की जुल्फें ऐसी ही थी. उस खिलाडी का
नाम है यानिक नोहा. यानिक नोहा ने सन १९८३ का फ्रेंच
ओपन खिताब जीता था. गौरतलब है टेनिस से रिटायर होने
के बाद यानिक एक गायक बन गए हैं और लोकप्रिय हैं.
अब गीतकार ने ये किसी विलायती की फोटो देख कर गीत
लिखा या फिर तुलना के लिए इस शब्द का प्रयोग किया वो
तो आपको गीत सुनकर ही समझ आएगा. इसे हम मैट्रीमोनियल
सोंग कह सकते हैं.
गीत के बोल:
ये ज़ुल्फ़ कैसी है ज़ंजीर जैसी है
ये ज़ुल्फ़ कैसी है ज़ंजीर जैसी है
वो कैसी होगी जिसकी तस्वीर ऐसी है
ये आँख कैसी है हाय तीर जैसी है
ये आँख कैसी है हाय तीर जैसी है
वो कैसा होगा जिसकी तस्वीर ऐसी है
ये ज़ुल्फ़ कैसी है ज़ंजीर जैसी है
वो कैसी होगी जिसकी तस्वीर ऐसी है
वो कैसा होगा जिसकी तस्वीर ऐसी है
तुम तो मुझे पसंद हो क्या मैं तुम्हें पसंद हूँ
क्या तुम रज़ामंद हो मैं तो रज़ामंद हूँ
बोलो चुप क्यों हो
मैं तुमसे क्या बोलूँ तक़दीर कैसी है
मैं तुमसे क्या बोलूँ तक़दीर कैसी है
वो कैसा होगा जिसकी तस्वीर ऐसी है
ये ज़ुल्फ़ कैसी है ज़ंजीर जैसी है
वो कैसी होगी जिसकी तस्वीर ऐसी है
घूँघट निकाल के पिया बैठूँगी मैं तो आज से
देखो न इस तरह मुझे मर जाऊँगी मैं लाज से
चलो उधर देखो
ये ख़्वाब कैसा है ताबीर कैसी है
ये ख़्वाब कैसा है ताबीर कैसी है
वो कैसी होगी जिसकी तस्वीर ऐसी है
ये आँख कैसी है हाय तीर जैसी है
वो कैसा होगा जिसकी तस्वीर ऐसी है
वो कैसी होगी जिसकी तस्वीर ऐसी है
……………………………………………..
Ye zulf kaisi hai-Piya ka ghar 1974
Artists: Anil Dhawan, Jaya Bhaduri

0 comments:
Post a Comment