Showing posts with label Laxmikant Pyarelal. Show all posts
Showing posts with label Laxmikant Pyarelal. Show all posts

May 22, 2021

बम बबम बाबी-घर एक मंदिर १९८४

बम बम बबम और भुर्र. इन शब्दों का मेल आपको 
किशोर कुमार के गीतों में ही मिल सकता है. अब आप इस
पोस्ट  कोपढ़ के कुमार सानू के गीतों में इसे ना ढूँढने ना लग 
जाएँ.
 
हम तो इसको बॉबी के एक अलग वर्ज़न की तरह सुनते हैं.
गीत का वीडियो एक महाकंजूस कंपनी के पास है जो
एक दिन अपने साथ सारे गीतों के वीडियो ले के एक दिन 
भैंस कीतरह पोखर में उतर कर गुम हो जायेगी.  इसका 
केवल ऑडियो ही उपलब्ध है, इसी से काम चला लें.

इतना बतलाये देते हैं कि इसे मिथुन गा रहे हैं परदे पर और
गीत निकला है आनंद बक्षी की कलम से.


गीत के बोल:

ज़रूरत हो तो बतलायें, हम यहाँ

चिपका देंगे
...................................................................

Bam babam bobby-Ghar ek mandir 1984


Read more...

Jul 29, 2020

किसी का दिल जो तोडेगा-क़त्ल १९८६

आज बॉलीवुड की जिन हस्तियों का जन्मदिन है उनमें से
एक हैं अनूप जलोटा. प्रसिद्ध गायक अनूप जलोटा ने फिल्मों
के लिए भी कुछ गीत गाये हैं.

सन १९८६ की संजीव कुमार अभिनीत फिल्म में एक गाना
उनका गाया हुआ है जिसे फिल्माया गया है अशोक कुमार
पर.

राजेंद्र कृष्ण का गीत है और लक्ष्मीकांत प्यारेलाल का संगीत.

फिल्म का निर्देशन आर के नैयर ने किया है और शायद इसी
वजह से फिल्म के गीत राजेंद्र कृष्ण के हैं. एक गीत शायद
आनंद बक्षी का है इसमें.



गीत के बोल:

किसी का दिल जो तोडेगा
खुदा क्या उसको छोडेगा
.
.
.
.
.............................................................
Kisi ka dil jo todega-Qatl 1986

Artist: Ashok Kumar

Read more...

Jul 28, 2020

वादा भूल न जाना-जलते बदन १९७३

हिंदी फिल्म जगत या बॉलीवुड से इस साल रुखसत होने
वाली शख्सियतों में एक नाम और जुड गया आज. गुज़रे
ज़माने की मशहूर नायिका कुमकुम भी इस संसार को छोड़
गयीं.

कुमकुम ७० के दशक के बाद फिल्मों में नहीं दिखलाई दीं.
मूलतः बिहार की कुमकुम ने भोजपुरी फिल्मों में भी काम
किया. चपलता से नृत्य करने वाली कुमकुम कत्थक में
पारंगत थीं.

आज सुनते हैं सन १९७३ की फिल्म जलते बदन से एक
गीत माया गोविन्द का लिखा हुआ. इसकी धुन तैयार की
है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने. गीत अपने ज़माने का एक हिट
गाना है. ये फिल्म में २-३ बार बजता है.



  

गीत के बोल:

वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना

तेरे साथ ही जियेंगे तेरे साथ ही मरेंगे
तुझे हर जनम में पायें बस यही दुआ करेंगे
तेरे साथ ही जियेंगे

ये वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना

फूलों की धूप थे हम सूरज भी डूबता था
आँखों पे होंठ रख के जब तूने ये कहा था
ये घटा से बाल काले तेरी चाल जैसे नागन
तू हुस्न वादियों का तेरा प्यार जैसे सावन

तुझसे जुदा न होंगे न तुझे जुदा करेंगे
तुझे हर जनम में पायें बस यही दुआ करेंगे
तेरे साथ ही जियेंगे

ये वादा भूल न जाना
वादा भूल न जाना
ओ जाने वाले लौट के आना
वादा भूल न जाना
………………………………………….
Wada bhool na jaana-Jalte Badan 1973

Artists: Kumkum, Kiran Kumar

Read more...

Jul 21, 2020

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ-आप आये बहार आई १९७१

आप आये(और वो) बाहर आई फिल्म से एक गीत सुनते हैं.
इसे लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने गाया है. संगीत
तैयार किया है लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने.

अब आप पूछिए ये गीत हम आपको क्यूँ सुनवा रहे हैं?
आज २१ जुलाई, आनंद बक्षी का जन्मदिन है.

फ़िल्मी बारिश भी है गीत में. सुहाना मौसम है और
बाकी की इस गाने की केमिस्ट्री, फिज़िक्स, ज्योग्राफी,
जूलोजी, बोटनी, पोलिटिकल साइंस, आर्ट्स, फाइन आर्ट्स
सब उच्च स्टार पर हैं.

राजेंद्र कुमार पर फिल्माया गए और किशोर कुमार द्वारा
गाये गए गीत आप उँगलियों पर गिन सकते हैं.




गीत के बोल:

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजना

कैसा कैसा
तेरी याद सताती है नींद नहीं आती है रातों में
ओ तेरी याद सताती है नींद नहीं आती है रातों में
तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजनी
कैसा.
तेरा प्यार सताता है चैन नहीं आता है रातों में
ओ तेरा प्याज सताता है चैन नहीं आता है रातों में
तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा हा हा हा


मेरी हालत जैसी है तेरा हाल भी ऐसा है
मेरी हालत जैसी है तेरा हाल भी ऐसा है
हल्का हल्का सा जिया में जाने दर्द ये कैसा है

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजनी
कैसा कैसा
तारे गिनता मैं रहता हूँ जागता रहता हूँ रातों में
ओ तारे गिनता मैं रहता हूँ जागता रहता हूँ रातों में

इन भीगी फ़िज़ाओं से इन ठंडी हवाओं से
इन भीगी फ़िज़ाओं से इन ठंडी हवाओं से
आग सी लगती है जिया में सावन की घटाओं से ...

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजना
कैसा
इन्तज़ार तेरा करती हूँ आहें मैं भरती हूँ रातों में
ओ इन्तज़ार तेरा करती हूँ आहें मैं भरती हूँ रातों में


ये मस्त नज़र तेरी मेरे होश उड़ाती है
ये मस्त नज़र तेरी मेरे होश उड़ाती है
ये तेरी मस्ती मुझे भी मदहोश बनाती है.

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा ओ सजना
कैसा
रोज़ ख़्वाब में तू आता है दिल धड़काता है रातों में
रोज़ ख़्वाब में तू आता है दिल धड़काता है रातों में

तुमको भी तो ऐसा ही कुछ होता होगा
डैश डैश डैश अंडरस्टुड
………………………………………………………………
Tumko bhi to aisa hi kuchh-Aap aayr bahar aayi 1971

Artists: Rajendra Kumar, Sadhana

Read more...

Jul 3, 2020

सुनिए ज़रा देखिये न-गीता मेरा नाम १९७४

ये साल बॉलीवुड के लिए काफी झटके देने वाला रहा है और
अभी साल के छः महीने ही बीते हैं. कोविड-१९ की वजह से
तो उद्योग में काफी मंदी हो चली थी जो अब धीरे धीरे लाईन
पर आ रहा है मगर कलाकारों के बिछड़ने का सिलसिला जारी
है.

बॉलीवुड से एक और शख्सियत ने विदा ले ली. फिल्म उद्योग
में काफी लंबे संघर्ष के बाद कामयाब और प्रसिद्ध हुईं, जुझारू
कोरियोग्राफर सरोज खान अलविदा कह गयीं.

आज एक गाना सुनते हैं और देखते हैं साधना अभिनीत फिल्म
गीता मेरा नाम से. सरोज खान की बतौर स्वतंत्र कोरियोग्राफर
ये पहली फिल्म है.

प्रस्तुत गीत अपने समय का एक बेहद लोकप्रिय गीत है. इसे
राजेंद्र कृष्ण ने लिखा है और धुन तैयार की है लक्ष्मी प्यारे ने.




गीत के बोल:

आसान है, सुनिए तो समझ
आ जायेंगे और हो सकता है
याद भी हो जाएँ.
..........................................................
Suniya zara dekhiye na-Geeta Mera Naam 1974

Artists: Sadhana, Feroz Khan

Read more...

Jun 29, 2020

देखो वीर जवानों-आक्रमण १९७५

हम आप कितने सुरक्षित हैं और चैन की नींद सोते हैं ये
सीमा पर तैनात हमारे जांबाज़ सैनिक सुनिश्चित करते हैं.
हम आप तय नहीं कर सकते और ना ही हमें ये प्रिविलेज
है. ये एक शाश्वत सत्य है जिसे देश के हर एक नागरिक
को स्वीकारना चाहिए. धर्म, पैसे, उंच-नीच का इससे कोई
लेना देना नहीं है.

जो बचकाने लोग आजकल सोशल मीडिया पर रक्षा जैसे
मामलों पर सवाल खड़े करते हैं उन्हें अपने स्कूल-कॉलेज
के विषयों के बारे में ढंग से नहीं मालूम होगा, मगर बोलेंगे
ज़रूर. देखा देखी. कुछ मूर्खों और वाचालों द्वारा ये ट्रेंड शुरू
किया गया और उसे अंधाधुंध लोगों ने क्षण भर की प्रसिद्धि
के लिए और लाईक्स के लिए आँख मूँद कर अपना लिया.

संवेदनशील मसलों पर कुछ पूछने से पहले अपने आप की
औकात का आकलन बहुत आवश्यक है. अगर आप इस देश
के जिम्मेदार नागरिक हैं, देश के संसाधनों का सम्मान करते
हैं, सरकार द्वारा समय समय पर किये गए आवश्यक निवेदनों
और निर्देशों को समझ कर सहयोग करते हैं, व्यवस्था बनाये
रखते हैं, अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रह कर कुछ सार्थक
करते हैं, अपने अधिकारों की बात कर्तव्यों के बाद सोचते हैं,
दूसरों को अनावश्यक कष्ट नहीं देते हैं तो आपको अपने देश
के रक्षकों में पूर्ण विश्वास है.

बाकी लोगों की बात करना व्यर्थ है जो अपने मूर्खतापूर्ण प्रश्न
के जवाब में उम्मीद लगाये बैठे रहते हैं. सरकार आएगी और
उन्हें बतलायेगी कि उनकी छत पर चिड़िया ने बीट क्यूँ की.
कुछ काम नहीं है अगर तो सोशल मीडिया पर हगने से बेहतर
है घर में झाड़ू पोंछा ही लगा लो. मोबाइल ना हुआ बन्दर के
हाथ में उस्तरे जैसा हो गया. जिसे देखो वो अपना ऑनियन
जैसा ओपिनियान देने बैठा हुआ है.

कई युवाओं को देखा है फ्लर्ट और रोमांस के लिए सोशल
मीडिया पर अवतरित होते हैं और जबरन दूसरे मसलों में
कूद पड़ते हैं बिना विषय की जानकारी के. ये केवल अपनी
उपस्थिति दर्ज कराने के लिए होता है. जागरुकता का अर्थ
सिर्फ इतना नहीं है कि अपनी भां भां की, गुड मॉर्निंग और
गुड नाईट बोला और हो लिए फुर्र. जागरूकता केवल भाषण
देने का नाम भी नहीं है. आपके सार्थक विचारों और कार्यों
से कोई बदलाव आ रहा है तो वो है जागरूकता.

एक गीत सुनते हैं फिल्म आक्रमण से जो देश में रह रहे
नागरिकों को संबोधित है. आनंद बक्षी रचित ये गीत गाया
है किशोर कुमार ने और धुन तैयार की है लक्ष्मी प्यारे ने.




गीत के बोल:

इसे सुन लें बोल तो हम
आपको दे ही देंगे.
…………………………………………….
Dekho veer jawanon-Aakraman 1975

Artists: Rajesh Khanna, Sanjeev Kumar

Read more...

Apr 19, 2020

पुकारो मुझे फिर पुकारो-बुनियाद १९७२

टेलिविज़न के सोप ऑपेरा बुनियाद के बहुत पहले सन १९७२
में एक फिल्म आई थी-बुनियाद. फिल्म का नाम बहुत कम
दर्शकों को याद है. साल भर में इतनी फ़िल्में आती हैं-क्या
देखें और क्या ना देखें ये समस्या पहले भी थी और अब भी
है. अब तो सास बहू के ड्रामे के अलावा वेब सीरीज़ का भी
सरदर्द है.

यही हाल रहा तो थोड़े दिन में डबलरोटी और पिज़ा के ऊपर
भी फ़िल्मी सितारे ठुमके लगाते दिखलाई देंगे. लॉक डाउन
में भी अपना चेहरा और शरीर जनता को दिखलाने का लोभ
संवरण नहीं हो पा रहा है कईयों से. चड्डी बनियान और
पजामा पजामी में आड़े टेड़े स्टेप्स दिखा दिखा के जनता को
लुभाने की कोशिश कर रहे हैं. इनमें से कुछ ही हैं जो आम
जनता की मदद के लिए आगे आये हैं और कुछ सार्थक कर
रहे हैं.

मीडिया की चों चों भौं भौं का सरदर्द, एक ही टॉपिक पर दिन
भर घिसा हुआ रिकॉर्ड बजाते न्यूज़ एंकर. इन सबसे फुर्सत
मिल तो सोशल मीडिया का सरदर्द. पहले सरदर्द लिमिट में
था तो सिर्फ एक सेरिडान और सरदर्द से आराम मिल जाता
था. अब तो पूरा दवाई का पत्ता खाने का समय आ गया है.

सुनते हैं आनंद बक्षी का लिखा हुआ गीत जिसकी धुन तैयार
की है लक्ष्मी प्यारे ने है और इसे गाया है किशोर कुमार संग
लता मंगेशकर ने.



गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ ओ
ओ ओ ओ ओ ओ
पुकारो मुझे फिर पुकारो
पुकारो मुझे फिर पुकारो
मेरे दिल के आईने में ज़ुल्फ़ें आज सँवारो
पुकारो मुझे फिर पुकारो
पुकारो मुझे फिर पुकारो
मेरी ज़ुल्फ़ों के साये में आज की रात गुज़ारो
पुकारो मुझे फिर पुकारो

गुलशन में ऐसी छाँव ऐसी धूप नहीं
गुलशन में ऐसी छाँव ऐसी धूप नहीं
कलियों में ऐसा रंग ऐसा रूप नहीं
जो भी मेरे यार सा फूल कोई ले के आओ बहारों
पुकारो मुझे फिर पुकारो

चाँदनी की इस अँधेरे में ज़रूरत नहीं
चाँदनी की इस अँधेरे में ज़रूरत नहीं
कुछ सोचें कुछ देखें हमको फ़ुरसत नहीं
जाओ कहीं जा के छुप जाओ आज की रात सितारों
पुकारो

अपने ख़्वाबों की जो दुनिया बसायेंगे हम
अपने ख़्वाबों की जो दुनिया बसायेंगे हम
आसमानों से भी आगे निकल जायेंगे हम
साथ हमारे तुम चलना ए रंगीन नज़ारो

पुकारो मुझे फिर पुकारो
पुकारो मुझे फिर पुकारो……………………………………………………..
Pukaro mujhe phir pukaro-Buniyad 1972

Artists:

Read more...

Mar 24, 2020

हम तुम जीत गए-लोक परलोक १९७९

फिल्म लोक परलोक से एक गीत सुनते हैं जो
जीत की खुशी में गाया जा रहा है. जीतेंद्र और
जया प्रदा के अलावा ढेर सहायक कलाकारों की
मेहनत से सजा ये गीत गाया है किशोर कुमार
और आशा भोंसले ने. आनंद बक्षी का लिखा गीत
है और अनुमान लगाये संगीतकार कौन है ?

लोक परलोक फिल्म का सबसे पहला गीत हमने
आपको दस साल पहले सुनवाया था जब लिरिक्स
वाले कुकुरमुत्ते इन्टरनेट पर नहीं उगे थे. उस गीत
की लिरिक्स सैकड़ों जगह चिपक गईं अगले ३-४
साल में ही. गौरतलब है वो गीत हमने सुनवाया
था नर्क चतुर्दशी के दिन. उस गीत का सम्बन्ध
उस तिथि के कर्ता धर्ता से भी है.

अंग्रेजी के नियमों से बंधे क्रालिंग के तरीके से
हिंदी की साइटों के साथ न्याय नहीं हो पाता. इस
मामले में मैं अपने पाठकों से सुझाव चाहूँगा कि
इस ब्लॉग पर क्या कुछ और गतिविधि जोड़ी जाये
जैसे यूट्यूब पर जानकारी वाले वीडियोज़.




गीत के बोल:

हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
खुले मैदान में हम बाज़ी मार गये
घुँघरू बज उठे नाच उठे झूम के हम
झ न न न न झ न न न न

हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
खुले मैदान में हम बाज़ी मार गये
घुँघरू बज उठे नाच उठे झूम के हम
झ न न न न झ न न न न
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये

दौलत नहीं काम आई चाहत ने जीती लड़ाई
दौलत नहीं काम आई चाहत ने जीती लड़ाई
धडकनों से दूर रहे हम बड़े मजबूर रहे
धडकनों से दूर रहे हो ओ हो ओ ओ ओ
अपना सर ना झुकाया हमने सहे लाखों सितम
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये

तू इस खुशी के बहाने मत छेड़ मुझको दीवाने
तू इस खुशी के बहाने मत छेड़ मुझको दीवाने
प्यार में तकरार ना कर आ हा आज तू इंकार ना कर हो हो
प्यार में तकरार ना कर आज तू इंकार ना कर
आँचल छोड़ मेरा देखते हैं लोग बलम
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये

चलती है तू ले के ठुमके आय
हाय हाय ठुमके आय ओये ओये ठुमके
छाये गज़ब तेरे झुमके ओये होए झुमके
कैसा बेईमान है तू फ़िर भी मेरी जान है तू
फ़िर भी मेरी जान है तू
तेरे दम से मेरी जिंदगी है तेरी कसम
झ न न न न
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
हम तुम जीत गए दुश्मन हार गये
………………………………………………………………..
Ham tum jeet gaye-Lok Parlok 1979

Artists: Jeetendra, Jaya Prada

Read more...

Mar 7, 2020

जानेमन जानेमन-शीर्षक गीत १९७६

किशोर कुमार के गाये गीत युवा पीढ़ी को बेहद पसंद
आते हैं. ऐसा नहीं है कि उनके मुरीदों में अधेढ़ उम्र
और ज्यादा उम्र वाले लोग नहीं हैं मगर युवा वर्ग कुछ
ज्यादा सुनता हैं उनके गानों को.

सुनते हैं किशोर कुमार का एक बेहद लोकप्रिय गीत
जिसे देव आनंद पर फिल्माया गया है. देव आनंद इसमें
टैक्सी चलाते हुए गाने पर होंठ हिला रहे हैं. एक टैक्सी
ड्राइवर कितने लोगों की पप्पी-झप्पी, तू तू मैं मैं का
राजदार होता है

आनंद बक्षी की रचना है और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.
हमारे मित्र की याद अक्सर ऐसे गीतों में आती है जब
उनका Zaaneman zaaneman याद आता है.




गीत के बोल:

जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन
हूँ हूँ हूँ जानेमन जानेमन
जानेमन किसी का नाम नहीं
फिर भी ये नाम होंठों पे न हो
ऐसी कोई सुबह नहीं शाम नहीं
जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन

मैंने सिर्फ़ ख़यालों से ख़्वाबों की सेज सजाई है
दिल के खाली दीवारों पर इक तस्वीर बनाई है
मैंने सिर्फ़ ख़यालों से ख़्वाबों की सेज सजाई है
दिल के खाली दीवारों पर इक तस्वीर बनाई है
तस्वीरों पे मरता हूँ वक़्त गुज़ारा करता हूँ
मैं महबूब की गलियों का कोई आशिक़ बदनाम नहीं

जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन

कल की बात ख़ुदा जाने पर आज तलक़ ये बात नहीं
दिल पे बादल छाये हैं पर आँखों में बरसात नहीं
कल की बात ख़ुदा जाने पर आज तलक़ ये बात नहीं
दिल पे बादल छाये हैं पर आँखों में बरसात नहीं
कैसा मैं दीवाना हूँ ऐसा मैं मस्ताना हूँ
प्यास तो है इन होंठों पर लेकिन हाथों में जाम नहीं

जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन
जानेमन किसी का नाम नहीं
फिर भी ये नाम होंठों पे न हो
ऐसी कोई सुबह नहीं शाम नहीं
जानेमन जानेमन जानेमन जानेमन
………………………………………………..
Jaaneman jaaneman-Title song 1976

Artist: Dev Anand

Read more...

Mar 6, 2020

मेरा नाम हाय राम-जानेमन १९७६

७० के दशक की लोकप्रिय फिल्मों में से एक है
जानेमन. इसमें हेमा मालिनी की दोहरी भूमिका
है. फिल्म रोचक कहानी, लोकप्रिय गीत, अखाड़ा
और भैंसों के तबेले के लिए जानी जाती है.

गीत में दोनों भूमिकाओं के दर्शन हो जाते हैं.



गीत के बोल:

इलाहाबाद में पैदा हुई
इलाहाबाद में पैदा हुई मैं जबलपुर में पली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
इलाहाबाद में पैदा हुई मैं जबलपुर में पली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली

कैसे आई कहाँ आई ये जवानी मत पूछो
कैसे आई
हाँ कैसे आई कहाँ आई ये जवानी मत पूछो
शर्म आती है तौबा रे कहानी मत पूछो
के हाँ शालीमार के बाग में से बनी फूल ये कली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली

रब झूठ ना बुलाये कदरदान हर जगह हैं
रब झूठ ना बुलाये कदरदान हर जगह हैं
मेहरबान मेरे मेहरबान हर जगह हैं
रब झूठ ना बुलाये कदरदान हर जगह हैं
के हाँ लखनऊ के रंगीन शहर में सबा मैं बन के ढली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली

इलाहाबाद में पैदा हुई मैं जबलपुर में पली
अब बम्बई है अड्डा मेरा ये बदनाम सी गली
के मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
मेरा नाम हाय राम हाय रामकली
…………………………………………………
Mera naam haaye Ram-Jaaneman

Artists: Heman Malini

Read more...

Mar 4, 2020

मैं हूँ आशिक-आशिक आवारा १९९३

क्या आशिक का आवारा होना ज़रूरी है या फिर आवारा
लोग आशिक बना जाया करते हैं. इसके उलट आशिकी में
आवारा बनने की संभावनाएं जयादा होती हैं.

एक ज़माने में झपूरिये अर्थात वे जिनकी केश राशि कुछ
जायद ही लंबी और बेतरतीब होती थी उनको जनता सहज
ही आवारा-मवाली की संज्ञा प्रदान करती थी और सर में
तेल चुपडों को संभ्रांत भले ही वे कितने ही उजड्ड क्यूँ ना
हों. ये कुछ ऐसा ही है जैसे शादीशुदा लोगों को पब्लिक
सम्मान ज़्यादा देती है भले ही वे कितने लम्पट क्यूँ ना
हों.

खैर वो समय था जब जनता किसी भी संज्ञा या विशेषण
का बुरा नहीं माना करती थी. आगे आगे देखिये एक समय
वो भी आएगा जब किसी को भाई बोलने पर भी जनता
भड़केगी.





गीत के बोल:

ये ज़रा सी दिल्लगी दिल की लगी बन जायेगी
मैं तेरा बन जाऊँगा और तू मेरी बन जायेगी
रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
दीवाना मस्ताना हरजाई सौदाई बिल्कुल कंवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
दीवाना मस्ताना हरजाई सौदाई बिल्कुल कंवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा

ग्यारह हसीनों ने मुझे लूटा ग्यारह दफा दिल मेरा टूटा
ग्यारह हसीनों ने मुझे लूटा ग्यारह दफा दिल मेरा टूटा
तू है मेरा लकी नंबर
तू है मेरा लकी नंबर तेरा नंबर है बारह
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
............................................................
Main hoon aashik-Aashik awara 1993

Artist: Saif Ali Khan

Read more...

Mar 3, 2020

गीत तेरे साज़ का-इंतक़ाम १९६९

इंतक़ाम नायिका प्रधान फिल्म है जिसे ख़ास तौर
पर साधना के लिए बनाया गया था. ये फिल्म का
सबसे खूबसूरत गीत है कई मायनों में.

इसके बोल, दृश्यावली, फिल्मांकन और संगीत सभी
मनमोहक हैं. ऐसी लार्जर देन लाइफ वाली तस्वीरों
को बड़े परदे पर देखने में ही आनंद आता है. छोटे
टिकट साइज़ के स्क्रीन पर भैंस भी छोटी दिखती
है और ध्यान से ना देखो तो बकरी नज़र आती है.

सुनते हैं मधुर गीत लता मंगेशकर की आवाज़ में
जिसकी रचना की है राजेंद्र कृष्ण ने.



गीत के बोल:

गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ

आ जा मिल के बाँट लें हो ओ ओ
क्या खुशियां क्या ग़म
हो ओ ओ आ जा मिल के बाँट लें हो ओ ओ
क्या खुशियां क्या ग़म
तन्हा तन्हा तन्हाई का ज़हर पियें क्यूँ हम
तू मेरे जीवन का पंछी मैं तेरी परवाज़ हूँ

गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ

दो दिन का साथ नहीं हो ओ ओ
सारी उम्र का है साथ हो ओ ओ
दो दिन का साथ नहीं हो ओ ओ
सारी उम्र का हैं साथ
जीते जी न होंगे जुदा ये आज मिले जो हाथ
तू मेरे साँसों का मालिक मैं तेरी दम साज़ हूँ

गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
तू भी मेरा साथी बन जा मैं तेरी हमराज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
गीत तेरे साज़ का तेरी ही आवाज़ हूँ
……………………………………….
Geet tere saaz ka-Inteqam 1969

Artists: Sadhana, Sanjay Khan

Read more...

Jan 30, 2020

चाहे लाख तूफ़ान आये-प्यार झुकता नहीं १९८५

तूफ़ान आयें या सुनामी आये, सच्चा प्यार कभी
घबराता नहीं है. उसे डराने के लिए तरह तरह के
सामान मौजूद हैं मगर प्रेमियों में एक अटूट बंधन
और विश्वास पैदा हो जाता है जिससे उन्हें शक्ति
मिलती है प्यार के दुश्मनों का सामना करने की.

सनते हैं सन १९८५ की मिथुन और पद्मिनी वाली
फिल्म प्यार झुकता नहीं से एक युगल गीत जिसे
लता मंगेशकर संग शब्बीर कुमार ने गाया है.

एस एच बिहारी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का
संगीत. फिल्म को लक्ष्मी प्यारे की सबसे सफल
फिल्मों में गिना जाता है.

बोल लिखने के हिसाब से ये भी कठिन गाना है.
कहीं पे हो कहीं पे हो. गीत की पंक्तियाँ सब जगह
अलग अलग सी हैं.



गीत के बोल:

मोहब्बत की तड़प ए दिल
इधर भी हैं उधर भी हैं
कहें कैसे यही मुश्किल
इधर भी हैं उधर भी है

चाहे लाख तूफां आयें
चाहे जान भी अब जाये
मुश्किल हो जीना फिर भी
पड़े जहर पीना फिर भी
मिल के न होंगे जुदा जुदा
आ कसम खा लें ये
चाहत रहेगी सदा
आ आ कसम खा लें
चाहे लाख तूफां आयें
चाहे लाख तूफां आयें
चाहे जान भी अब जाये
मुश्किल हो जीना फिर भी
पड़े जहर पीना फिर भी
मिल के न होंगे जुदा जुदा
आ कसम खा लें ये
चाहत रहेगी सदा
आ आ कसम खा लें

हमको तुम्हारे सिवा कोई चीज़ प्यारी नहीं
हमको तुम्हारे सिवा कोई चीज़ प्यारी नहीं
ज़िन्दगी के सफ़र में जरुरत पड़ी जो कहीं
है वादा तुमको छू कर के हँसते हँसते तुम पर
कर देंगे जान फ़िदा
आ कसम खा लें
कर देंगे जान फ़िदा फ़िदा
आ कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें

कदम हैं तुम्हारे जहाँ मेरी मंज़िलें हैं वहां
कदम हैं तुम्हारे जहाँ मेरी मंज़िलें हैं वहां
तुम्हीं तुम हो दुनिया मेरी मेरे प्यार का आसमां
सनम अब दिल पर अपने सितम हो चाहे जितने
न छोड़ेंगे राह-ए-वफ़ा
आ आ कसम खा लें
न छोड़ेंगे राह-ए-वफ़ा वफ़ा
कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें

ठहर जायें दो चार पल समय से कह दो ज़रा
ठहर जायें दो चार पल समय से कह दो जरा
तुम्हारी मुलाकात से अभी दिल नहीं है भरा
अभी दिल नहीं है भरा अभी दिल नहीं है भरा
ना बदले कभी ये फ़ज़ा
आ आ कसम खा लें
ना बदले कभी ये फ़ज़ा फ़ज़ा
कसम खा लें

मिल के न होंगे जुदा
आ आ कसम खा लें
ये चाहत रहेगी सदा सदा
आ आ कसम खा लें
.........................................................
Chahe laakh toofan aaye-Pyar jhukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure

Read more...

Jan 29, 2020

कोई नहीं है-पत्थर के सनम १९६७

फिल्म उद्योग में हर प्रमुख संगीतकार, सिवाए नैयर के,
ने लता मंगेशकर के लिए स्पेशल गाने बनाये. इनमें
सी रामचंद्र और अनिल बिश्वास ऐसे हैं जिन्होंने कम
शोर वाले या यूँ कहें कम वाद्य यंत्रों वाली मधुर रचनाएँ
बनाईं. उसके बाद आता है नौशाद, एस डी बर्मन और
मदन मोहन का नाम जिन्होंने कम और ज्यादा संगीत
दोनों तरह की धुनें बनाई लता के गाये गानों के लिए.

शंकर जयकिशन के गीतों में ओर्केस्ट्रा लबालब होता था.
अधिकाँश गीतों के शुरू में भारी संगीत होता और बाद में
गीत सिंपल सा सुनाई देता. उनके गीतों में से संगीत
के टुकड़ों का अलग समझ पाना संभव नहीं होता. हम
कई जगह पर सुन चुके हैं और पढ़ चुके हैं कि ६० के
दशक में पदार्पण करने वाली लक्ष्मी प्यारे की जोड़ी भी
शंकर जयकिशन की बड़ी फैन रही है. उन्होंने भी उसी
लबालब संगीत वाली परिपाटी को आगे बढ़ाते हुए जो
गाने बनाये उसमें पूरे गानों में संगीत लबालब नज़र
आने लगा.

सुनते हैं मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा और लक्ष्मी प्यारे
द्वारा संगीतबद्ध गीत लाता मंगेशकर की आवाज़ में.



गीत के बोल:

कोई नहीं है फिर भी है मुझको
कोई नहीं है फिर भी है मुझको
क्या जाने किसका इंतज़ार
हो ओ ओ कोई नहीं हैं फिर भी हैं मुझको
क्या जाने किस का इंतज़ार
हो ओ ओ ये भी ना जानूं लहरा के आँचल
किसको बुलाये बार बार

सोचूँ ये हैं उंगलियाँ किसके प्यार की
गालों को छुए जो डाली बहार की
छुये जो डाली बहार की
सोचूँ ये हैं उंगलिया किसके प्यार की
गालों को छुए जो डाली बहार की
कौन है ए हवा ए बहार

कोई नहीं है फिर भी है मुझको
क्या जाने किसका इंतज़ार
क्या जाने किसका इंतज़ार

पानी में छबि मैं देखूं खड़ी खड़ी
बालों में सजा के कलियाँ बड़ी बड़ी
सजा के कलियाँ बड़ी बड़ी हो ओ ओ ओ ओ
पानी में छबि मैं देखूं खड़ी खड़ी
फिर बनूँ आप ही बेकरार

कोई नहीं है फिर भी है मुझको
क्या जाने किसका इंतज़ार
क्या जाने किसका इंतज़ार

वादी में निशान मेरे ही पांव के
फूलों पे हैं रंग मेरी ही छांव के
हैं रंग मेरी ही छांव के हो ओ ओ ओ ओ
वादी में निशान मेरे ही पांव के
फिर भी क्यूँ आये ना ऐतबार

कोई नहीं है फिर भी है मुझको
क्या जाने किसका इंतज़ार
हो ओ ओ ओ ओ ये भी ना जानूं लहरा के आँचल
किसको बुलाये बार बार
क्या जाने किसका इंतज़ार
क्या जाने किसका इंतज़ार
……………………………………………
Koi nahin hai-Patthar ke sanam 1967

Artist: Waheeda Rehman

Read more...

Jan 21, 2020

हो दिलवर जानिया-प्यार झुकता नहीं १९८५

किसी फ़िल्मी कहानी में ५-६ गाने तो होना ही चाहिए.
बिना गानों के फिल्म पचती नहीं है. ये पाचक चूर्ण
का काम करते हैं. शायद यही सोच है हमारे फिल्मकारों
की जो कहानी की मांग के नाम पर यहाँ वहाँ गाने
ठूंस देते हैं.

कुछ हमारी भी आदत हो चली है गाने के बिना फिल्म
नहीं सुहाती. फिल्म तो सिनेमा घर में या दूसरे माध्यम
पर १-२ बार देखना है मगर गाने कभी भी सुने जा सकते
हैं और ये मनोरंजन के प्रमुख साधनों में आज भी हैं.

एक और युगल गीत सुन लेते हैं जिसे हमने आपके
लिया चुना है फिल्म प्यार झुकता नहीं से. इस गीत के
गीतकार/संगीतकार हैं एस एच बिहारी/लक्ष्मी प्यारे.
लता मंगेशकर और शब्बीर कुमार से इसे गवाया गया
है. बोल लिखे के लिहाज से गाना कठिन है. नेट पर
पसरी हुई ढेर सारी कॉपी पेस्ट साईट पर इसके बोल
अंट शंट मिलेंगे आपको. अब ये बात गूगल के मकड़े
यानि कि crawler के भी समझ आना चाहिए.

गीत में लक्ष्मी प्यारे की एक और हिट फिल्म का
नाम आता है, ज़रा ढूंढिए.



गीत के बोल:

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में न बीते ये जवानियाँ
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में ना
रुठने मनाने में ना बीते ये जवानियाँ
हो हो हो हो दिलवर

यही दिन तो अपने हँसने गाने के दिन हैं
मोहब्बत के वादे निभाने के दिन हैं
हाय मोहब्बत के वादे निभाने के दिन हैं
हाय मैं सदके जाऊं तेरे
तोड़ न बलमा दिल को मेरे
छोड़ न अधूरी सैयां
छोड़ न अधूरी सैयां प्यार की कहानियां

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
हो हो हो हो दिलवर

बिना तेरे जी के ज़ुल्मी का मैं करूंगी
बिना तेरे जी के ज़ुल्मी का मैं करूंगी
बिरहा की अग्नि में जल के मरूँगी
कैसे कटेंगे दिल बिरहन के
रात डसेगी नागन बन के
याद हमको आयेगी जब
याद हमको आयेगी जब तेरी मेहरबानियां

हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
रुठने मनाने में न बीते ये जवानियाँ
हो हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
ओ ओ ओ ओ ओ दिलवर

फ़िर भी अगर तू न माना तो
बन के रहा जो बेगाना तो
खत्म हुआ ये अफसाना तो
कदमों में तेरे मर जाउंगी
हो रसिया मर जाउंगी हो
हो ओ ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलवर जाणियां
रुठने मनाने में ना
रुठने मनाने में ना बीते ये जवानियाँ
हो ओ ओ ओ दिलवर
ओ दिलबर जानिया
ओ ओ ओ ओ ओ दिलवर
………………………….
Ho dilvar jaaniya-Pyar jhukta nahin

Artists: Mithun, Padmini Kolhapure

Read more...

Jan 20, 2020

तुमसे मिल कर ना जाने १-प्यार झुकता नहीं १९८५

सन १९८५ की फिल्म प्यार झुकता नहीं का शायद
सबसे प्रसिद्ध गीत है ये. मिथुन चक्रवर्ती ने सबसे
ज्यादा फ़िल्में की रंजीता के साथ. सन १९७९ की
तराना से शुरू हुआ ये सिलसिला काफी फिल्मों
तक चला.

कुछ एक घरेलू फिल्मों में मिथुन शोमा आनंद के
साथ भी दिखाई दिए. जागीर फिल्म में मिथुन की
जोड़ी शोमा आनंद के साथ है. ये फिल्म सन १९८४
में आई थी. जागीर एक बहुसितारा फिल्म थी मगर
ज्यादा चली नहीं.

प्यार झुकता नहीं फिल्म में कलाकारों की संख्या
थोड़ी कम है मगर फिल्म काफी चर्चित हुई. कहानी
में थोड़ी कसावट है और गाने कैची धुन पर बने
हुए. फार्मूला वही पुराना है-गरीब नायक और अमीर
नायिका. नायिका के माँ/बाप की दखलंदाजी. इसमें
नायिका के बाप की भूमिका डैनी ने निभाई है और
इसके लिए उनकी काफी सराहना हुई.

प्रस्तुत गीत एस एच बिहारी का लिखा हुआ है और
इसे लता संग शब्बीर कुमार ने गाया है.



गीत के बोल:

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
आज का अपना प्यार नहीं हैं
आज का अपना प्यार नहीं हैं
जन्मों का ये नाता है
नाता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

हो प्यार के कातिल प्यार की दुश्मन
लाख बनी ये दुनिया दीवानी
हो हमने वफ़ा की राह ना छोड़ी
हमने तो अपनी हार ना मानी
उस मोड़ से भी हम गुज़रे हैं
जिस मोड़ पे सब लुट जाता है
लुट जाता है

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

एक तेरे बिना इस दुनिया की
हर चीज अधूरी लगती है
तुम पास हो कितने पास मगर
नज़दीकी भी दूरी लगती है
प्यार जिन्हें हो जाये उन्हें
कुछ और नज़र कब आता है
कब आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ

मर के भी कभी जो ख़त्म ना हो
ये प्यार का वो अफ़साना है
तुम भी तो हमारे साथ चलो
लो हमको वहाँ तक जाना है
वो झूम के अपनी धरती से
आकाश जहां मिल जाता है
मिल जाता है

तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
और भी कुछ याद आता है
याद आता है
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
तुमसे मिल कर ना जाने क्यूँ
……………………………………………
Tumse mil kar na jaane kyun-Pyar jhukta nahin 1985

Artists: Mithun Chakravorty, Padmini Kolhapure

Read more...

Jan 19, 2020

यार दगा दे गया-चोरों की बारात १९८०

गानों की वैराइटी की बात करें तो ८० के दशक में हमें
सबसे ज्यादा तरह तरह का सामान देखने को मिला.
इसी दशक में हमने सलमा आगा, गुलाम अली और
डिस्को संगीत को देख लिया. इस दशक की फ़िल्मी
कव्वालियां भी अलग अलग रंग वाली मिल गयीं.

किसी फिल्म का शीर्षक गीत कव्वाली हो ऐसा कम
देखा हमने. सन १९७७ की फिल्म हम किसी से कम
नहीं में भी शीर्षक गीत कव्वाली है. फिल्म ज़माने को
दिखाना है में भी शीर्षक गीत कव्वाली है.

सुनते हैं सन १९८० की फिल्म की भूली बिसरी कव्वाली
जो जीवन पर फिल्माई गयी है. धार्मिक फिल्मों में
नारद मुनि की भूमिकाएं निभाने वाले जीवन ने सामान्य
फिल्मों में अधिकतर विलन की भूमिकाएं निभाई हैं.

आनंद बक्षी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे का संगीत.
इसे मन्ना डे, अनवर और जसपाल सिंह ने गाया है.



गीत के बोल:

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
यार दगा दे गया
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
ओ यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
छोड़ा गया साथ
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
छोड़ा गया साथ
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
ओ आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात

हर गली में ढूंढते हर कली से पूछते
मिल गया कोई निशाँ हम चले आये यहाँ
हर गली में ढूंढते हर कली से पूछते
मिल गया कोई निशाँ हम चले आये यहाँ
तो दूर थी मंजिल बड़ी राह थी मुश्किल बड़ी
गिरते सँभलते रहे हम मगर चलते रहे
ये भरोसा था हमें
था हमें
इतना पता था हमें
था हमें
हम रहे जिंदा गर आज हो या कल मगर
अरे होगी मुलाक़ात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया

वाडे सभी तोड़े के अपना शहर छोड़ के
वो बसा परदेस में एक नये भेस में
हमने भी छोड़ा वतन बाँध के सर पे कफ़न
वो नहीं या हम नहीं हम किसी से कम नहीं
हम किसी से कम नहीं
देखिये सुनिये जनाब क्या तबियत है खराब
किसलिए ये बेरुखी बात नहीं आप की
रे लोगों की है बात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया

बेवफा वो बेवफा वो है तो क्या
हम तो नहीं बेवफा
बेवफा वो है तो क्या
हम तो नहीं बेवफा
हम पुरानी दोस्ती
हम पुरानी दोस्ती तोड़ के कैसे अजी
हम पुरानी दोस्ती तोड़ के कैसे अजी
जान देंगे साथ हम हमने खाई थी कसम
बेवफा वो बेवफा वो है तो क्या
हम तो नहीं बेवफा
बेवफा वो है तो क्या
हम तो नहीं बेवफा
हाँ ये सितम हो किसलिए किसलिए
वो अकेला क्यूँ जिए क्यूँ जिए
किस तरह होगी भला फूल से खुशबू जुदा
किस तरह होगी भला फूल से खुशबू जुदा
आज का दिन खास है दूर थी अब पास है
हो मिलन की रात
आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात
ओ आगे आगे दूल्हा रे पीछे चोरों की बारात

ओ यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
ओ यार दगा दे गया दुल्हन को ले गया
ओ यार दगा दे गया
…………………………………………….
Yaar daga de gaya-Choron ki baraat 1980

Artists: Jeevan, Ajit, Sudhir, Shatrughan Sinha

Read more...

Jan 13, 2020

ए दुश्मन जान-पत्थर के सनम १९६७

नाईट सूट पहनने की आदत हमारे देश की जनता
को अभी भी नहीं है. कुरता पाजामा भी एक प्रकार
का नाईट सूट ही है. इसे दिन में भी पहना जा
सकता है. फिल्मों ने नाईट सूट को काफी लोकप्रिय
कराया है. जैसे मोगली सीरियल ने चड्डी को कराया
और जिसे देखो आज चड्डी पहने मोबाइल काण में
लगा के सड़क पर चहलकदमी करने लगता है. चड्डी
को तो एक देवांग पटेल के गाये बोनी एम के गाने
की पैरोडी ने भी लोकप्रिय कराया है.

कुरता पाजामा पहनने वाले ज्यादा स्मार्ट होते हैं या
कुरता पाजामा पहनने से आदमी ज्यादा स्मार्ट हो
जाता है, मुझे समझ नहीं आया अभी तक. नेता
कुरता पाजामा पहन के ही पब्लिक को क्यूतिया
बना रहे हैं सालों से.

आपने हाइवे पर कर्मचारियों को कपड़ों के ऊपर
जैकेट पहने देखा होगा. उसकी डिजाईन इसी गीत
से प्रेरित है शायद.

कुछ नैयर के गीत और कुछ पश्चिमी एशिया का
संगीत सुन कर लक्ष्मी प्यारे ने इस धुन की रचना
की होगी ऐसा मेरा अनुमान है. मजरूह का गीत है
और इसे आशा भोंसले गा रही हैं.



गीत के बोल:

आ ये बहार
हां
ये समा आ

ए दुश्मन-ए-जां
चल दिया कहाँ
ए दुश्मन-ए-जां
चल दिया कहाँ
ये बहार
गालों पे लट हां बेकरार
गोरा बदन हां प्यार प्यार
तुझको पुकारे तू नहीं सुनता
क्या करूं अल्लाह हा आ

छांव भी जो सनम तेरी
छांव भी जो सनम तेरी
मिल गई मेरी छांव से
डाली बदन की हुई हरी
खिल गई मैं अदाओं से
देखो मेरी अंगड़ाईयाँ आ

ए दुश्मन-ए-जां
चल दिया कहाँ
ये बहार
गालों पे लट हां बेकरार
गोरा बदन हां प्यार प्यार
तुझको पुकारे तू नहीं सुनता
क्या करूं अल्लाह हा आ

आ जा आ जा मत देर कर
आ जा आ जा मत देर कर
मस्ती है अभी चाल में
आया भी मेरी जां तू अगर
आते आते कई साल में
तब तक जियूँगी कहाँ आ

ए दुश्मन-ए-जां
चल दिया कहाँ
ये बहार
गालों पे लट हां बेकरार
गोरा बदन हां प्यार प्यार
तुझको पुकारे तू नहीं सुनता
क्या करूं अल्लाह हा आ

ए दुश्मन-ए-जां
चल दिया कहाँ
ए दुश्मन-ए-जां
चल दिया कहाँ
..................................................................
Ae dushman jaan-Patthar ke sanam 1967

Artists: Mumtaz, Manoj Kumar

Read more...

Jan 7, 2020

आवाज़ हमारी-शूरवीर १९८८

कुछ गीत फिल्मों के नाम से भी ज्यादा प्रसिद्ध हो जाया
करते हैं. गीतों के अलावा श्रोता को ज्यादा मालूम नहीं
होता फिल्म के बारे में.

प्रस्तुत गीत कविता कृष्णमूर्ति और मोहम्मद अज़ीज़ ने
गाया है. एस एच बिहारी के बोल हैं और लक्ष्मी प्यारे
का संगीत.



गीत के बोल:

ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
आज की बातें ये कल भी कहेंगी
गूंजेगा गीत सुहाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
आज की बातें ये कल भी कहेंगी
गूंजेगा गीत सुहाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
होंठों पे तो आया है कहीं भूल फ़साना
होंठों पे तो आया है कहीं भूल फ़साना
लाऊँ तो भला कैसे वो बचपन का ज़माना
ओ यार मेरे दिल के आ गा ले ज़रा मिल के
यादों का गीत सुहाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना

आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
आज की बातें ये कल भी कहेंगी
गूंजेगा गीत सुहाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
हमको न भुलाना कभी हमको न भुलाना
आवाज़ हमारी इसी वादी में रहेगी
……………………………………………………
Awaaz hamari isi waadi mein rahegi-Shoorveer 1988

Artists: Rajan Sippy, Mandakini

Read more...

Jan 5, 2020

अम्मा री अम्मा-लोक परलोक १९७९

एक छेड़ छाड़ वाला गीत फिल्म लोक परलोक से.
जीतेंद्र और जया प्रदा पर फिल्माया गया ये गीत
अपने समय में पब्लिक यानि के आम आदमी उर्फ
मैंगो पब्लिक द्वारा बेहद पसंद किया जाता था. उस
पब्लिक में हम भी शामिल थे भई.

हर दशक में एक ना एक टोपी सोंग आया है. बुडबक
और ज्ञानी लोग खोजें वो कौन से गीत हैं. एक हम
बतलाये देते हैं-मिस्टर इण्डिया का-टोपी वाले बॉल
दिला. बाकी के आप ढूँढिये.



गीत के बोल:

अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
रस्ते में छेड़े रस्ता न छोड़े
अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
रस्ते में छेड़े रस्ता न छोड़े

अम्मा री अम्मा
अम्मा री अम्मा ये लहंगे वाली
पीछे पड़ी है पीछा न छोड़े
अम्मा री अम्मा
हाना अम्मा री अम्मा

बीच डगर में दिल मेरा लूटा
बीच डगर में दिल मेरा लूटा
उसपे मचाया ये शोर झूठा
उसपे मचाया ये शोर झूठा
गिन गिन के लूँगा तुमसे बदले
गिन गिन के लूँगा तुमसे मैं बदले
शादी में बाकी अब दिन हैं थोड़े

अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
रस्ते में छेड़े रस्ता न छोड़े हाँ
ओए होये
हो नाजुक मैं ऐसी रेशम की डोरी
नाजुक मैं ऐसी रेशम की डोरी
जुल्मी करे मुझसे आ हा ओ हो
आ हा ओ हो जोरा जोरी
बाली उम्र में ऐसा बालम से
बाली उम्र में ऐसा बालम से
काहे को लड़ गए नैन निगोड़े

अम्मा री अम्मा ये लहंगे वाली
पीछे पड़ी है पीछा न छोड़े

बस हो चुकी ये झूठी लड़ाई
बस हो चुकी ये झूठी लड़ाई
अब प्यार होगा ऊँहूँ आ हा
ऊँहूँ आ हा छोडो कलाई
करता हूँ मैं भी तुमसे वादा
करता हूँ मैं भी तुमसे ये वादा
करती हूँ मैं भी तुमसे ये वादा
उसको कसम जो वादा ये तोड़े

अम्मा री अम्मा ये टोपीवाला
रस्ते में छेड़े रस्ता न छोड़े हाँ
पीछे पड़ी है पीछा न छोड़े
……………………………………….
Amma ri amma-Lok parlok 1979

Artists: Jeetendra, Jaya Prada

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP