October 6, 2018

तू सावन मैं प्यास पिया-परंपरा १९९३

पिछले पोस्ट में आपने एक अति गदगद सरीखी दिख रही एक
अभिनेत्री पर फिल्माया गया एक गीत सुना. ऐसी ग्लैड, ग्लैडर
और ग्लैडेस्ट अभिनेत्रियां हमने काफी देखी हैं हिंदी फिल्मों में.
हलकी सी मुस्कान, एक किलो मुस्कान और १०० किलो मुस्कान
सभी किस्में पाई जाती हैं फिल्मों में.

कभी कभी किसी दृश्य के मूड और कलाकार के भावों में काफी
अंतर होता है. कुशल निर्देशक ये सब भली भाँति जानता है कि
किस कलाकार से कैसे काम लेना है. ये एक प्रणय गीत है और
कई दर्शकों का मानना है ये एक क्लासिक गीत है, अतः हम भी
मान लेते हैं.

गीत लिखा है आनंद बक्षी ने जिसे लता मंगेशकर ने गाया है
शिव हरि की धुन पर.



गीत के बोल:

तू सावन
हो तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
हो तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
हो तू सावन

तेरे बिन मैं आधी अधूरी
छू के मुझे तू कर दे पूरी
तेरे बिन मैं आधी अधूरी
छू के मुझे तू कर दे पूरी
मन में मिलन की आस पिया
तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
तू सावन

रह ना जाए कागज कोरा
ये जोबन एक पवन झकोरा
रह ना जाए कागज कोरा
ये जोबन एक पवन झकोरा
इसका क्या विश्वास पिया
तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
………………………………………………………….
Too sawan main pyaas piya-Parampara 1993

Artists: Vinod Khanna, Ramya

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