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May 23, 2021

ये है सनमखाना-धरतीपुत्र १९९३

कुछ शब्द जो प्रकृति से जुड़े हैं, सदा से हमें आकर्षित करते आये हैं.
पक्षियों के नाम वाले गाने हों या नदी झरने के विवरण वाले, स्मृति
पटल पर अपनी छाप अवश्य छोड़ते हैं.

पॉपुलर संगीत अपने चरम पर होता है जब उसमें ऐसे शब्द और
कैची किस्म की धुन का मिश्रण हो.

फ फ़िल्म धरतीपुत्र दक्षिण के स्टार मैमूटी की हिंदी में पहली फिल्म
थ थी. साथ में उनके जया प्रदा बतौर नायिका हैं.

फिल्म धरतीपुत्र के कुछ गीत आप सुन चुके हैं. अब सुनते हैं
कुछ अनयूज़ुअल शब्द वाला गीत. आपने बावर्चीखाना, पा...
ख खाना-खज़ाना जैसे शब्द सुने होंगे, मगर इसमें प्रयोग कुछ
अलग सा है.




गीत के बोल:

हर किसी का यहाँ पे है आना जाना
हर किसी का यहाँ पे है आना जाना
ये है सनमखाना
ये है सनमखाना
......................................................................
Ye hai sanamkhana-Dharti putra 1993

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Jun 3, 2020

बादल जो बरसे तो-गर्दिश १९९३

कंट्रास्ट और आयरनी जिंदगी के अटूट हिस्से हैं. इनसे बच
के कोई कहीं जा पाया है भला. खुशहाली और तंगहाली के
बीच झूलती जिंदगी कब हाईवे की स्मूद सड़क पर चल पड़े
और कब उबड खाबड़ पहाड़ पर कौन जान सकता है.

आज तूफ़ान के आने का बिगुल बजा और बारिश के होने
की संभावना बनी तो एक गीत सहसा याद आ गया गर्दिश
फिल्म से. फिल्म जैकी श्रॉफ और मुकेश ऋषि के शानदार
अभिनय के लिए जानी जाती है. बाकी के कलाकार फिल्म
में जो हैं जैसे अमरीश पुरी, सुरेश ओबेरॉय उनकी एक्टिंग
की सदैव प्रशंसा होती आई है अतः हम इधर रिपीट नहीं
करेंगे.

मुकेश ऋषि और दक्षिण की नायिका ऐश्वर्या की ये पहली
फिल्म है. फिल्म गर्दिश सन १९८० की मलयाली भाषा की
फिल्म कीरीडम का रिमेक है. निर्देशक है सिबी मलायिल.
मोहनलाल इस फिल्म के हीरो हैं. एक और मोहन हैं इस
फिल्म में-मोहन राज. मोहन राज ने जो रोल किया था इस
फ़िल्म में वो हिंदी वर्ज़न में मुकेश ऋषि को मिला. नायिका
ऐश्वर्या जूली(१९७५) फेम लक्ष्मी की बेटी हैं.

फिल्म को मच्छर मारने वाली अगरबत्ती और लिक्विड को
बनाने वाली कंपनी-गुडनाईट ने प्रायोजित किया था और इस
फिल्म के पोस्टर वगैरह में गुडनाईट छपा हुआ मिलता था.

फिल्म के बारे में हम लोग काफी कुछ जानते हैं मगर इस
फिल्म की कहानी के लेखक ए के लोहितादास के बारे में
कम. मलयालम सिनेमा में उनका नाम ख़ासा लोकप्रिय है
और वे गहराई वाली और वास्तविक लगने वाली कहानियों
के लिए मशहूर हैं.

अपना लेखन लघु कथाओं से शुरू कर उन्होंने बाद में थियेटर
का रुख किया जहाँ उन्हें सफलता का स्वाद चखने को मिला.
उसके बाद सन १९८७ की तानियावर्तनम में पहली बार उन्हें
स्क्रीनप्ले लिखने का अवसर प्राप्त हुआ.

गौरतलब है कहानी लेखन के अलावा उन्होंने निर्देशन और
निर्माण भी किया कई फिल्मों का. १९९८ में उन्हें बेस्ट डेब्यू
फिल्म निर्देशक का राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला भूतकन्नडी के
लिए. उन्हें अधिकाँश फिल्म क्रिटिक्स अवार्ड ही मिले अपनी
फिल्मों के लिए.

सुनते हैं जावेद अख्तर का लिखा और आशा भोंसले का गाया
गीत जिसकी धुन पंचम ने तैयार की है. फ़िल्म की गीतों का
फिल्मंकान उस समय के हिसाब से अनूठा और आकर्षित करने
वाला था.




गीत के बोल:

बादल जो बरसे तो भीगे तुम भीगे हम
बादल जो बरसे तो भीगे तुम हां भीगे हम
बादल जो बरसे तो भीगे तुम हां भीगे हम
टपटिप टपटिप गूँज रही है बूँदों की सरगम
हो बादल जो बरसे तो भीगे तुम हां भीगे हम ...
बादल जो बरसे तो भीगे तुम हो भीगे हम

फूल कलियाँ भीगे भीगे रस्ते गलियाँ भीगे भीगे
फूल कलियाँ भीगे भीगे रस्ते गलियाँ भीगे भीगे
बारिश ने धो डाले हैं दुनिया के सारे ग़म
हा हा हा हा

बादल जो बरसे तो भीगे तुम हो भीगे हम

ठंडी ठंडी गीली गीली ये हवायें हैं नशीली
ठंडी ठंडी गीली गीली ये हवायें हैं नशीली
आग लगा दे जो पानी में ऐसा है मौसम
हाय
बादल जो अरे बरसे तो भीगे तुम हो भीगे हम
बादल जो हां हां बरसे तो हो हो भीगे तुम हो भीगे हम
टपटिप टपटिप गूँज रही है
…………………………………………………
Badal jo bares to-Gardish 1993

Artists: Jackie Shroff, Dimple Kapadia

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Apr 30, 2020

बांसुरी ये बांसुरी-साहिबां १९९३

बॉलीवुड के लिए ये दो दिन में लगातार दूसरा झटका
है. आज हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के प्रिय चॉकलेटी हीरो चिंटू
उर्फ ऋषि कपूर भी इस नश्वर संसार से कूच कर गये.

सालों के उल्लेखनीय कैरियर में फ़िल्मी  परदे पर रोमांस
के अलावा अपने अभिनय की धाक ज़माने वाले अभिनेता
की ढेर सारी यादें ही अब दर्शकों के लिए बाकी हैं. कपूर
परिवार के सभी कलाकारों में से वही हैं जिन्होंने सॉफ्ट
किस्म के और खुशनुमा रोल ज्यादा किये और दर्शकों के
बीच अपनी अलग पहचान बनाई.

परदे पर ऋषि कपूर ने कई वाद्य यन्त्र बजाये हैं. इस
बारे में उन्होंने रजत शर्मा के कार्यक्रम आप की अदालत
में कुछ जिक्र किया था. वो कार्यक्रम एक बार आपको ज़रूर
देखना चाहिए.

सुनते हैं फिल्म साहिबां से एक गीत हरिहरन की आवाज़
में जिसे आनंद बक्षी ने लिखा है. इसकी धुन तैयार की है
शिव हरि ने.



गीत के बोल:

बांसुरी ये बांसुरी नहीं बांसुरी ये है मेरी जिंदगी
बांसुरी ये बांसुरी नहीं बांसुरी ये है मेरी जिंदगी
ये है मेरी जिंदगी

कभी रूठ जाये ना ये कभी छूट जाये न ये
कभी रूठ जाये ना ये कभी छूट जाये न ये
बस टूट जाये ना ये
परवाह नहीं मुझे और किसी बात की ये है मेरी जिंदगी
ये है मेरी जिंदगी

गांव में मेला बढ़ा लोगों का रेला बढ़ा
पर मैं अकेला बढ़ा
आई नहीं कभी कोई चिट्ठी मेरे नाम की ये है मेरी जिंदगी
ये है मेरी जिंदगी

दिल है ना अरमान हैं घर है ना सामान है
दिल है ना अरमान हैं घर है ना सामान है
ये मेरी पहचान है
पागल कहती हैं मुझे लड़कियां गांव की ये है मेरी जिंदगी
ये है मेरी जिंदगी

बांसुरी ये बांसुरी नहीं बांसुरी
…………………………………………
Bansuri ye bansuri-Saahiban 1993

Artist: Rishi Kapoor

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Mar 4, 2020

मैं हूँ आशिक-आशिक आवारा १९९३

क्या आशिक का आवारा होना ज़रूरी है या फिर आवारा
लोग आशिक बना जाया करते हैं. इसके उलट आशिकी में
आवारा बनने की संभावनाएं जयादा होती हैं.

एक ज़माने में झपूरिये अर्थात वे जिनकी केश राशि कुछ
जायद ही लंबी और बेतरतीब होती थी उनको जनता सहज
ही आवारा-मवाली की संज्ञा प्रदान करती थी और सर में
तेल चुपडों को संभ्रांत भले ही वे कितने ही उजड्ड क्यूँ ना
हों. ये कुछ ऐसा ही है जैसे शादीशुदा लोगों को पब्लिक
सम्मान ज़्यादा देती है भले ही वे कितने लम्पट क्यूँ ना
हों.

खैर वो समय था जब जनता किसी भी संज्ञा या विशेषण
का बुरा नहीं माना करती थी. आगे आगे देखिये एक समय
वो भी आएगा जब किसी को भाई बोलने पर भी जनता
भड़केगी.





गीत के बोल:

ये ज़रा सी दिल्लगी दिल की लगी बन जायेगी
मैं तेरा बन जाऊँगा और तू मेरी बन जायेगी
रु रु रु रु रु रु रु रु रु रु
दीवाना मस्ताना हरजाई सौदाई बिल्कुल कंवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
दीवाना मस्ताना हरजाई सौदाई बिल्कुल कंवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा

ग्यारह हसीनों ने मुझे लूटा ग्यारह दफा दिल मेरा टूटा
ग्यारह हसीनों ने मुझे लूटा ग्यारह दफा दिल मेरा टूटा
तू है मेरा लकी नंबर
तू है मेरा लकी नंबर तेरा नंबर है बारह
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
मैं हूँ आशिक आशिक आवारा
............................................................
Main hoon aashik-Aashik awara 1993

Artist: Saif Ali Khan

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Nov 19, 2019

दिल-ए-नादान पे इस बेईमान-आशिक आवारा १९९३

सन १९९३ की फिल्म आशिक आवारा से एक गाना सुनते
हैं जिसे अलका याग्निक ने और उदित नारायण ने गाया
है. फिल्मे के शीर्षक गीत के अलावा इस फिल्म का एक
और गीत काफी बजा था. जो कम बजा है मगर मधुर है
वो आपको आज सुनवा रहे हैं.

लक्ष्मीकांत प्यारेलाल खेमे में अनुराधा पौडवाल ने ज़्यादा
गीत गाये हैं. अनुराधा पौडवाल के अलावा कविता कृष्णमूर्ति
ने भी खूब गाये. बिजली गिराने मैं हूँ आई और सौदागर का
शीर्षक गीत कविता ने गाया है.

समय के साथ लक्ष्मीकांत प्यारेलाल ने भी नए गायकों से
गवाना शुरू किया. ९० के दशक में नयी संगीतकारों की
पीढ़ी अलका याग्निक से ज़्यादा गीत गवा रही थी.

गीत आनंद बक्षी का लिखा हुआ है और इस गीत में बिरहा
की आग भी है, बरसात भी है. गीत का संयोजन लक्ष्मी प्यारे
की रूटीन कंपोजिशंस से थोडा अलग है.
   



गीत के बोल:

दिल-ए-नादान पे इस बेईमान पे
हो ऐतबार कर लिया नहीं करना था
मैंने प्यार कर लिया नहीं करना था
दिल-ए-नादान पे इस बेईमान पे
हाँ ऐतबार कर लिया नहीं करना था
मैंने प्यार कर लिया नहीं करना था

हम तुम ना मिलते तो ठीक होता
ये दर्द ना दिल के नज़दीक होता
हम तुम ना मिलते तो ठीक होता
ये दर्द ना दिल के नज़दीक होता
तुम से गले मिल के तीर कोई दिल के
आर पार कर लिया नहीं करना था
मैंने प्यार कर लिया नहीं करना था
दिल-ए-नादान पे इस बेईमान पे
हो ऐतबार कर लिया नहीं करना था
मैंने प्यार कर लिया नहीं करना था

इन सोये तूफानों को जगाया
क्यूँ दिल के अरमानों को जगाया
इन सोये तूफानों को जगाया
क्यूँ दिल के अरमानों को जगाया
जी और जान को सारे जहाँ को
हो बेकरार कर लिया नहीं करना था
मैंने प्यार कर लिया नहीं करना था

आंसू खरीदे मुस्कान दे दी
दिल क्या दिया मैंने जान दे दी
आंसू खरीदे मुस्कान दे दी
दिल क्या दिया मैंने जान दे दी
इस रूप रंग को अपने अंग अंग को
हो गुनाहगार कर लिया नहीं करना था
मैंने प्यार कर लिया नहीं करना था
दिल-ए-नादान पे इस बेईमान पे
हो ऐतबार कर लिया नहीं करना था
…………………………………………………..
Dil-e-nadan pe is beimaan pe-Ashik awara 1993

Artists: Mamta Kulkarni, Saif Ali Khan

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Nov 6, 2019

मेरी हाथ की चूड़ी बोले-शक्तिमान १९९३

बॉलीवुड में इस समय तो नए संगीतकारों की बाढ़ सी
आई हुई है. किस फिल्म में कौन सा नया संगीतकार
मिल जाए, अनुमान नहीं लगाया जा सकता.

९० के दशक में नयी आवक कम थी मगर कुछ लोगों
ने अपनी उपस्थिति का एहसास ज़रूर कराया. इनमें
से एक हैं चन्नी सिंह. फिल्म शक्तिमान में उन्होंने
संगीत दिया है जो सन १९९३ की फिल्म है. इस फिल्म
से हमने आपको एक गीत सन २००९ में सुनवाया था
जब इस फिल्म के किसी भी गीत के बोल कहीं भी
उपलब्ध नहीं थे.

आइये सुनें इस फिल्म से अगला गीत जिसे गाया है
आशा भोंसले और उदित नारायण ने. समीर के बोल
हैं. इसे अजय देवगन और करिश्मा कपूर पर फिल्माया
गया है. कुछ फैंसी ड्रेस का प्रदर्शन सरीखा है जिसमें
हर व्यक्ति ने अलग अलग पोशाक पहनी हुई है. इसे
कहते हैं इकोनोमी वर्ज़न गीत. हो सकता है गीत की
रेकोर्डिंग वाले दिन ड्रेस भाड़े पर देने वाली दुकान की
छुट्टी रही हो.



गीत के बोल:

मेरे हाथ की चूड़ी बोले रे
क्या बोले
तुझे देख के दिल मेरा डोले रे
क्यूँ डोले
ये हाल हुआ है कब से
मेरी आँख लड़ी है जब से
बेचैनी बढ़ी है कब से
मुझको डर लागे
बाहों में डोर ये आने दे
जाने दे

मेरे हाथ की चूड़ी बोले रे
क्या बोले
तुझे देख के दिल मेरा डोले रे
क्यूँ डोले

हो ओ ओ ओ आ आ आ आ आ
तेरे हुस्न की गोली मेरे दिल पे चल गई
प्यार से देखा तूने मेरी जान निकल गई
ओ चिकने तेरे बदन पे
मेरी आँख फिसल गई
हो मेरी आँख फिसल गई
आशिक मजनू सौदाई
तू ऐसे घबराई
चल छोड़ दे मेरी कलाई
कोई दर्द सा जागे
अरे बात लबों तक आने दे
मेरे हाथ की चूड़ी बोले रे
क्या बोले
तुझे देख के दिल मेरा डोले रे
क्यूँ डोले

हो ओ ओ ओ आ आ आ आ आ
बस में नहीं है मेरे मदहोश जवानी
गालों से तेरे टपके चनाब का पानी
नाम तेरे लिख दी है मैंने जिंदगानी
मैंने जिंदगानी
हो मुश्किल है तेरे बिन जीना
बिन तेरे चैन कहीं ना
तू अंगूठी मैं हूँ नगीना
सीने से लगा ले
चाहत की बेखुदी छाने दे
छाने दे

मेरे हाथ की चूड़ी बोले रे
क्या बोले
तुझे देख के दिल मेरा डोले रे
क्यूँ डोले

ये हाल हुआ है कब से
मेरी आँख लड़ी है जब से
बेचैनी बढ़ी है कब से
मुझको डर लागे
बाहों में डोर ये आने दे
जाने दे
मेरे हाथ की चूड़ी बोले रे
क्या बोले
तुझे देख के दिल मेरा डोले रे
क्यूँ डोले
मेरे हाथ की चूड़ी बोले रे
क्या बोले
तुझे देख के दिल मेरा डोले रे
क्यूँ डोले
............................................................
Meri haath ki choodi bole-Shaktiman 1993

Artists: Ajay Devgan, Karishma Kapoor

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Aug 5, 2019

फूल फूल पे बनी तेरी तस्वीर-फूल १९९३

सोशल मीडिया अर्थात कम्प्यूटर और मोबाइल पर चलने वाली
चीज़ें. इनके आविष्कार के पहले तक मीडिया सोशल नहीं था.
तो क्या पर्सनल था जी? खैर जो भी हो इनके राय से आम
आदमी को जबरिया ज्ञान प्रदर्शन का चस्का लग चुका है.

एक शख्स से पूछा गया-डैम-फूल का क्या मतलब होता है तो
जवाब मिला-डैम के आसपास उगने वाला फूल. जी डी पी पर
तो आजकल पांचवी के बच्चे बात करते हैं, मतलब भले ही पता
ना हो.

फूल की बात चली तो फूल के उल्लेख वाला एक गीत सुन लिया
जाए. फिल्म का नाम फूल है और गीत में भी फूल का जिक्र है.
इसे फिल्म का शीर्षक गीत समझ लीजिए. आनंद बक्षी की रचना
को धुन में बाँधा है आनंद मिलिंद ने. उदित नारायण संग इसे
कविता कृष्णमूर्ति ने गाया है. हीरो हीरोईन पहचान में ना आयें
तो विवरण पढ़ लीजियेगा.




गीत के बोल:


बहारों की मांगी एक दुआ
हज़ारों की मांगी हुई एक इल्तज़ा
हजारों बरस में कभी हो कबूल
तो खिलता है तुमसा हंसी एक फूल

फूल फूल पे बनी तेरी तस्वीर
फूल फूल पे बनी तेरी तस्वीर
फूल फूल पे लिखा है तेरा नाम
हो तुझे सलाम तुझे सलाम

फूल फूल पे बनी तेरी तस्वीर
फूल फूल पे बनी तेरी तस्वीर
फूल फूल पे लिखा है तेरा नाम
हो तुझे सलाम तुझे सलाम
तुझे सलाम तुझे सलाम
तुझे सलाम तुझे सलाम

इठला के बल खा के तू कैसे कसम उठाती है
इठला के बल खा के तू कैसे कसम उठाती है
ऐसे कदम उठाती है जैसे कदम उठाती है
ऐसे कदम उठाती है जैसे कदम उठाती है
आज कोई हो जायेगा बर्बाद
आज कोई हो जायेगा बदनाम
हो तुझे सलाम तुझे सलाम

गालों से ये लगता है एक मासूम कमल है तू
गालों से ये लगता है एक मासूम कमल है तू
होंठों से ये लगता है एक रंगीन गज़ल है तू
होंठों से ये लगता है एक रंगीन गज़ल है तू
तेरी जुल्फें सावन की रातें
तेरी आँखें शीशे के दो जाम
हो तुझे सलाम तुझे सलाम

किसी गीत के मुखड़े सा दिलकश तेरा मुखडा है
किसी गीत के मुखड़े सा दिलकश तेरा मुखडा है
इस दुनिया की चीज़ नहीं तू एक चाँद का टुकड़ा है
किसी गीत के मुखड़े सा दिलकश तेरा मुखडा है
इस दुनिया की चीज़ नहीं तू एक चाँद का टुकड़ा है
मैं तो हूँ इंसान फ़रिश्ते भी
मैं तो हूँ इंसान फ़रिश्ते भी
तेरी कसम बन जाएँ तेरे गुलाम
हो तुझे सलाम तुझे सलाम

हो फूल फूल पे बनी मेरी तस्वीर
फूल फूल पे बनी मेरी तस्वीर
फूल फूल पे लिखा है मेरा नाम
तुझे सलाम तुझे सलाम
तुझे सलाम तुझे सलाम
तुझे सलाम हो तुझे सलाम
ना ना तुझे सलाम तुझे सलाम
…………………………………………………………………
Phool phool pe bani-Phool 1993

Artists: Kumar Gaurav, Madhuri Dixit

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Aug 2, 2019

दिल तेरे नाम से धड़कता-आदमी १९९३

फिल्म औरत से आपने कुछ गीत सुने. अब आदमी फिल्म से एक
सुन लेते हैं. ये सन १९९३ की आदमी फिल्म है जिसके आदमी
मिथुन हैं. उनमे साथ गौतमी नाम की अभिनेत्री हैं.
   
जो गीत हम आपको सुना रहे हैं उसे लिखा है रानी मालिक ने और
इसकी धुन तैयार की है जतिन ललित ने. गायक कलाकार हैं
कुमार सानू और कविता कृष्णमूर्ति.

जिस ज़माने में ये फिल्म रिलीज़ हुई थी, फिल्म के प्रोमोज में ये
गीत बजता मिलता था.   




गीत के बोल:

दिल तेरे नाम से धड़कता है
ओ ओ ओ ओ दिल तेरे नाम से धड़कता है
ओ ओ ओ ये क्या हुआ है मुझको
हाँ हाँ हाँ ये क्या हुआ है मुझको खुदा जाने

दिल तेरे नाम से धड़कता है
हो ओ ओ दिल तेरे नाम से धड़कता है
हो ओ ओ ये क्या हुआ है मुझको
हाँ हाँ हाँ ये क्या हुआ है मुझको खुदा जाने

दिल तेरे नाम से धड़कता है
हो ओ ओ दिल तेरे नाम से धड़कता है

देखूं मैं तो जहाँ भी तू आये नज़र
हो तेरे प्यार का ही तो है ये असर
हाँ देखूं मैं तो जहाँ भी तू आये नज़र
हाँ तेरे प्यार का ही तो है ये असर
हम ज़माने को ये दिखा देंगे
प्यार क्या है बता देंगे
दिल तेरे नाम से धड़कता है
हो ओ ओ दिल तेरे नाम से धड़कता है

अब से पहले तो ऐसा हाल न था
हो ओ यूँ तो जीना मेरा मुहाल न था
अब से पहले तो ऐसा हाल न था
हो ओ यूँ तो जीना मेरा मुहाल न था
दिल जबसे तुमसे लगाया है
इस जहाँ को भुलाया है
दिल तेरे नाम से धड़कता है
हो ओ ओ दिल तेरे नाम से धड़कता है

मेरे होंठों पे नगमे हैं प्यार के
जीना बाहों में तेरी है दिल ये कहे
मेरे होंठों पे नगमे हैं प्यार के
जीना बाहों में तेरी है दिल ये कहे
तेरी हसरत मेरी चाहत है
तुमसे हमको मोहब्बत है
दिल तेरे नाम से धड़कता है
हो ओ ओ दिल तेरे नाम से धड़कता है
ये क्या हुआ है मुझको
ये क्या हुआ है मुझको खुदा जाने

दिल तेरे नाम से धड़कता है
हो ओ ओ दिल तेरे नाम से धड़कता है
ये क्या हुआ है मुझको
ये क्या हुआ है मुझको खुदा जाने
दिल तेरे नाम से धड़कता है
दिल तेरे नाम से धड़कता है
……………………………………………………..
Dil tere naam se dhadakta-Aadmi 1993

Artists: Mithun, Gauthami

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Jan 18, 2019

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है-बाज़ीगर १९९३

जब प्याज महंगा हुआ तो प्याज खाने वालों को प्याज के सपने
आना शुरू हो गए. ऐसा सुना जाता था ९० के दशक के उत्तरार्ध में
कि प्याज ने तीन प्रदेशों की सरकारें गिरवा दीं. प्याज से आंसू तो
आपने निकलते देखे होंगे मगर प्याज के भावों ने भी किसी समय
आँखों से आंसू निकलवा दिए थे.

एक श्रीमान को तो जागते सोते प्याज ही दिखाई देने लगे और वे
कुछ अजीब सा कुछ कुछ करने लगे. आज जो हम गीत आपको
सुनवा रहे हैं उसमें वो प्याज शब्द फिट कर के गाया करते थे.

कुमार सानू और सोनाली वाजपेयी का गाया हुआ फिल्म बाजीगर
का गीत सुनते हैं, देव कोहली का लिखा हुआ और अन्नू मलिक द्वारा
संगीतबद्ध.




गीत के बोल:

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे होंठों पे भी इज़हार नज़र आता है
प्यार छुपता नहीं जितना भी छुपा ले चाहे
तेरी आँखों में भी इकरार नज़र आता है
तेरी आँखों में भी इकरार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरी बातों में भी इकरार नज़र आता है
मैंने ख्वाबून में जिसकी तमन्ना की थी
तेरी सूरत में वो दिलदार नज़र आता है
तेरी सूरत में वो दिलदार नज़र आता है

तूने इस दिल में मचाई है ये कैसी हलचल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसा हुआ हूँ पागल
तूने इस दिल में मचाई है ये कैसी हलचल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसी हुई हूँ पागल
मैं तेरे प्यार में कुछ ऐसी हुई हूँ पागल
मुझे खुद में तेरा दीदार नज़र आता है
मुझे खुद में तेरा दीदार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे होंठों पे भी इज़हार नज़र आता है

मेरी आँखों से यूँ नींदों को उड़ाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी आँखों से यूँ नींदों को उड़ाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी धडकन में यूँ चुपचाप समाने वाले
मेरी चाहत का तू हकदार नज़र आता है
मेरी चाहत का तू हकदार नज़र आता है

तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
तेरे चेहरे पे मुझे प्यार नज़र आता है
………………………………………………………………….
Teri soorat mein mujhe pyaar-Baazigar 1993

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Dec 19, 2018

आ जा मेरी जान-शीर्षक गीत १९९३

गुलशन कुमार ने अपने भाई को लॉन्च किया था फिल्म
आजा मेरी जान से. इसके निर्माण, प्रोमोशन और संगीत
के लिए काफी पैसा खर्च किया गया और कई संगीतकारों
से धुनें तैयार करवाई गयीं.

इनमें से एल्बम में आर डी बर्मन के दो गीत हैं और बाकी
अमर उत्पल के संगीत वाले.

सुनते हैं समीर का लिखा गीत जिसे अनुराधा पौडवाल के
साथ एस पी बालू ने गाया है.



गीत के बोल:

पहले सुन ले, प्राप्त हो जायेंगे
.....................................................
Aa ja meri jaan-Title song 1993

Artists: Kishan Kumar, Tanya Singh

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Nov 21, 2018

मुझसे मुहब्बत का इज़हार करता-हम हैं राही प्यार के १९९३

१९९३ की फिल्म हम हैं राही प्यार के एक मनोरंजक
और पैसा वसूल फिल्म है जिसमें १० में से ९ पैसे वसूल
हो जाते हैं.

नायक और नायिका के अंदर की भावनाएं इस गीत के
माध्यम से बतलाई गयीं हैं. अभी तक दोनों के बीच कोई
क्लीयर संवाद नहीं हुआ है कि दोनों एक दूसरे के प्रति
आकर्षित हैं.

काश ऐसा होता, काश वैसा होता. इस गाने से सबक लें
सुन्दर और नटखट लड़कियां, कि, प्यार के टोटे भी पड़
सकते हैं जिंदगी में.

समीर के बोल, अलका-सानू की आवाजें और नदीम श्रवण
के संगीत वाला गीत अपने ज़माने का बड़ा हिट गाना है.



गीत के बोल:

मुझसे मुहब्बत का इज़हार करता
मुझसे मुहब्बत का इज़हार करता
मुझसे मुहब्बत का इज़हार करता
काश कोई लड़का मुझे प्यार करता
काश कोई लड़का मुझे प्यार करता

मुझसे मुहब्बत का इज़हार करती
मुझसे मुहब्बत का इज़हार करती
काश कोई लड़की मुझे प्यार करती
काश कोई लड़की मुझे प्यार करती

जो मेरी माँग में चाँद तारे सजाता
जो मैं रूठ जाती मुझे वो मनाता
मेरी माँग में चाँद तारे सजाता
जो मैं रूठ जाती मुझे वो मनाता
हालत मेरी वो जानता
धड़कन मेरी पहचानता
अपनी भी चाहत का इक़रार करता
अपनी भी चाहत का इक़रार करता
काश कोई लड़का मुझे प्यार करता

मुझसे मुहब्बत का इज़हार करती
मुझसे मुहब्बत का इज़हार करती
काश कोई लड़की मुझे प्यार करती
काश कोई लड़की मुझे प्यार करती


हो वो बेचैन होती मैं बेताब होता
निगाहों में उसकी मेरा ख़्वाब होता
हो वो बेचैन होती मैं बेताब होता
निगाहों में उसकी मेरा ख़्वाब होता
शरमा के वो लगती गले
रखता उसे पलकों तले
चोरी चोरी वो मेरा दीदार करती
चोरी चोरी वो मेरा दीदार करती
काश कोई लड़की मुझे प्यार करती

मुझसे मुहब्बत का इज़हार करता
मुझसे मुहब्बत का इज़हार करता
काश कोई लड़का मुझे प्यार करता
काश कोई लड़का मुझे प्यार करता
………………………………………………..
Mujhse mohabbat ka izhaar karta-Hum hain rahi pyar ke 1993

Artists: Aamir Khan, Juhi Chawla

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Nov 1, 2018

ओ सजना दिलवर-कन्यादान १९९३

१९९३ की एक गुमनाम सी फिल्म है कन्यादान. विवरणों के
अनुसार इस फिल्म में ऋषि कपूर, मनीषा कोइराला और
अनु अग्रवाल प्रमुख कलाकार हैं. फिल्म तो रिलीज़ नहीं हुई
इसका संगीत अलबत्ता रिलीज़ हो गया.

इसी वर्ष इसी नाम से एक बंगाली फिल्म भी आई थी. इस
फिल्म में एक जाना पहचाना नाम है-अशोक कुमार.

यह गीत श्याम राज का है और संगीत आदेश श्रीवास्तव का.
इसे लता मंगेशकर और उदित नारायण ने गाया है.



गीत के बोल:

ओ सजना दिलवर

ओ सजना ओ बलमा
मेरा कंगना
ओ सजना दिलवर
ओ बलमा जानम
मेरा कंगना हाय
चाहे तेरे संग रहना
हो ओ ओ ओ ओ
ओ सजना दिलवर
ओ बलमा जानम
मेरा कंगना हाय
चाहे तेरे संग रहना
हो ओ ओ ओ ओ

ओ सजना दिलवर
ओ बलमा जानम

हो ओ ओ हो ओ ओ
हो हो हो हो हो
ए मेरी जिंदगानी
ए मेरी जिंदगानी
मोहब्बत के ख्वाबों को हकीक़त में कर दूं
मैं दिल की उमंगों से तेरी मांग भर दूं
ए मेरी जिंदगानी
ये प्रीत की कहानी
तमन्ना के रंगों से लिखेगा दीवाना
नहीं भूल पायेगा जिसे फिर ज़माना
ये प्रीत की कहानी

ओ सजनी दिलवर
ओ जानू जानम
मेरी धड़कन बन जा
चाहे तेरे संग रहना

ओ सजना दिलवर
ओ बलमा जानम

तेरे मीठे ख्यालों में हो ओ ओ ओ ओ ओ
तेरे मीठे ख्यालों में कैद हो गई
तुझसे पूछे बिना ही मैं तो तेरी हो गई
तुझसे पूछे बिना ही मैं तो तेरी हो गई
अब ना मेरे
अब ना मेरे पड़ते ज़मीन पे कदम
हो ओ ओ ओ ओ ओ

ओ सजना दिलवर
ओ बलमा जानम
मेरी बिंदिया ????
चाहे तेरे संग रहना
हो ओ ओ ओ ओ ओ

ओ सजनी दिलवर
ओ जानू जानम
मेरे अरमान हाय
चाहे तेरे संग रहना
हो ओ ओ ओ ओ ओ
……………………………………………..
O sajna dilvar-Kanyadan 1993

Artists:

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Oct 6, 2018

तू सावन मैं प्यास पिया-परंपरा १९९३

पिछले पोस्ट में आपने एक अति गदगद सरीखी दिख रही एक
अभिनेत्री पर फिल्माया गया एक गीत सुना. ऐसी ग्लैड, ग्लैडर
और ग्लैडेस्ट अभिनेत्रियां हमने काफी देखी हैं हिंदी फिल्मों में.
हलकी सी मुस्कान, एक किलो मुस्कान और १०० किलो मुस्कान
सभी किस्में पाई जाती हैं फिल्मों में.

कभी कभी किसी दृश्य के मूड और कलाकार के भावों में काफी
अंतर होता है. कुशल निर्देशक ये सब भली भाँति जानता है कि
किस कलाकार से कैसे काम लेना है. ये एक प्रणय गीत है और
कई दर्शकों का मानना है ये एक क्लासिक गीत है, अतः हम भी
मान लेते हैं.

गीत लिखा है आनंद बक्षी ने जिसे लता मंगेशकर ने गाया है
शिव हरि की धुन पर.



गीत के बोल:

तू सावन
हो तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
हो तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
हो तू सावन

तेरे बिन मैं आधी अधूरी
छू के मुझे तू कर दे पूरी
तेरे बिन मैं आधी अधूरी
छू के मुझे तू कर दे पूरी
मन में मिलन की आस पिया
तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
तू सावन

रह ना जाए कागज कोरा
ये जोबन एक पवन झकोरा
रह ना जाए कागज कोरा
ये जोबन एक पवन झकोरा
इसका क्या विश्वास पिया
तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
तू सावन मैं प्यास पिया
प्यास बुझा दे आ पास पिया
………………………………………………………….
Too sawan main pyaas piya-Parampara 1993

Artists: Vinod Khanna, Ramya

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Oct 5, 2018

हम बंजारे दिल नहीं लेते-परंपरा १९९३

दक्षिण भारत में निर्मित बाहुबली फिल्म ने काफी लोकप्रियता अर्जित
की. अधिकाँश राज्यों में जहाँ अलग अलग भाषा बोली जाती है यह
फिल्म सफल रही. उत्तम कोटि के स्पेशल इफेक्ट्स फिल्म की सबसे
बड़ी विशेषता है.

फिल्म चर्चित हुई तो इसके किरदार और कलाकार भी चर्चित हुए. इस
फिल्म से रम्या को जितनी प्रसिद्धि मिली है उतनी शायद उनकी पूर्व
में बनी सारी हिंदी फिल्मों से भी नहीं प्राप्त हुई होगी.

सुनते हैं एक गीत फिल्म परम्परा से जिसमें आपको विनोद खन्ना और
अनुपम खेर भी दिखलाई देंगे.



गीत के बोल:

हम बंजारे दिल नहीं लेते दिल नहीं देते
जान लेते हैं अजी जान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं

हम बंजारे दिल नहीं लेते दिल नहीं देते
जान लेते हैं अजी जान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं

हम फूल हैं हम पत्थर नहीं हैं
आशिक हैं हम सौदागर नहीं हैं
हम फूल हैं हम पत्थर नहीं हैं
आशिक हैं हम सौदागर नहीं हैं
ओ तेरे दिलबर नहीं हैं
हमसे कोई झूठ ना बोले
झूठ को हम सच मान लेते हैं
सच मान लेते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं

हमसे ना खेलो आँख मिचौली
हम जानते हैं आँखों की बोली
हमसे ना खेलो आँख मिचौली
हम जानते हैं आँखों की बोली
गोरी साजन की हो ली
अंदर क्या है बाहर क्या है
सूरत से पहचान लेते हैं
पहचान लेते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं

जब हम किसी से करते हैं वादा
वादे की कीमत जान से ज्यादा
जब हम किसी से करते हैं वादा
वादे की कीमत जान से ज्यादा
तेरा क्या है इरादा
मर जाते हैं मिट जाते हैं
जब भी हम जुबान देते हैं
जुबान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं

हम बंजारे दिल नहीं लेते दिल नहीं देते
जान लेते हैं अजी जान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं
दोस्तों का इम्तिहान लेते हैं
दोस्ती का इम्तिहान देते हैं
............................................................................
Ham banjare dil nahin dte-Parampara 1993

Artists: Ramya, Vinod Khanna, Anupam Kher

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Aug 29, 2018

आना मेरे प्यार को ना तुम-कभी हाँ कभी ना १९९३

फिल्म कभी हाँ कभी ना के कुछ गीत श्रवणीय हैं. उनमें
से एक गीत आज आपको सुनवाते हैं. शाहरुख खान और
सुचित्रा कृष्णमूर्ति पर फिल्माया गए इस गाने को गाया है
कुमार सानू और अलका याग्निक ने.

फिल्मों के ऐसे गीत जिनमें हीरोईन कुछ ऐसे मोड में हो
‘मैं तो तुम्हें देख ही नहीं रही’ और हीरो वन वे ट्रेफिक
वाले अंदाज़ में अपनी भावनाओं की बाल्टियाँ, टब वगैरह
उडेलता हो, कुछ अलग से लगते हैं. अरे लगेंगे क्यूँ नहीं,
ऐसे गीतों में एक व्यक्ति बेचारा सा नज़र आता है और
जनता को उससे सहानुभूति होने लग जाती है. इस पूरी
फिल्म में नायक बेचारा अपने एक तरफ़ा प्यार को लिए
मारा मारा फिरता है. अंत में उसको जीवन के खट्टे मीठे
अनुभवों से सीख मिलती है और वो फिल्म के अंत तक
अपने प्यार को पाते पाते रह जाता है.

गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी धुन बनाई
है जतिन ललित ने.




गीत के बोल:

आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
सनम तुझे पाने का ये था सारा बहाना
हो आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
सनम तुझे पाने का ये था सारा बहाना
चलो भी जो हुआ जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो
चलो भी जो हुआ जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो

देख मेरी तकदीर दिल में किसका गीत
आँखों में तस्वीर किसकी है सनम
छोडो छोडो हाथ जानूं तेरी जात
झूठी है हर बात झूठी हर कसम
हाँ झूठा हूँ या सच्चा हूँ जाने सारा ज़माना

हो आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
सनम तुझे पाने का ये था सारा बहाना
चलो भी जो हुआ अब जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो
चलो भी जो हुआ अब जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो

तुमने फेंका जाल उलटी पड गयी चाल
अब मिस्टर जंजाल रास्ता नापिये
ऐसे तो ना यार दिल को ठोकर मार
समझो मेरा प्यार खुदा के लिए
समझ गई अब छोडो ज्यादा बातें बनाना

हो आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
आना मेरे प्यार को ना तुम झूठा समझो जाना
सनम तुझे पाने का ये था सारा बहाना

चलो भी जो हुआ अब जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो
चलो भी जो हुआ अब जाने दो
बहुत हो चुका जाने दो
…………………………………………………
Aana mere pyar ko naa tum-Kabhi haan kabhi naa 1993

Artists: Sharukh Khan, Suchitra Krishnamurthy

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Jun 11, 2018

शायराना सी है जिंदगी-फिर तेरी कहानी याद आई १९९३

फिल्म के गीतों की चर्चा के वक्त हमने आपको बतलाया
था कि सुनने में बेहतर लगने वाले गीतों में से एक है
अलका याग्निक का गाया हुआ ये गीत. विचार कुछ
अनूठे हैं और धुन इसके हिसाब से इसका उम्दा जोड़ है.
हालांकि अन्नू मलिक को ऐसे गानों में थोडा और बढ़िया
करने की ज़रूरत है मगर चलेगा. जब ये सबको पसंद
है तो हम भी उसमें शामिल हैं जी.

क़तील शिफ़ाई की रचना है और अन्नू मलिक का संगीत.
अलका याग्निक इसकी गायिका हैं और शायद ये गाना
उनके सबसे उम्दा गीतों में शुमार होना चाहिए. पूरा
मयखाना सड़क पर मौजूद है बस उसकी डिजाइन थोड़ी
जुदा है.

ऐसे प्रतीकात्मक गीत महेश भट्ट की फिल्मों में काफी
मिलेंगे देखने के लिए. एक बात इसमें और भी है-अच्छी
चीज़ या बात हमें सार्वजनिक जगहों पर भी मिल जाया
करती है. ऐसे गीत देख के राजस्थान के कलाकार और
गायकी याद आ जाते हैं विशेषकर मरू-क्षेत्र वाले..




गीत के बोल:

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
शायराना सी है जिंदगी की फ़ज़ा
आप भी जिंदगी का मज़ा लीजिये
शायराना सी है जिंदगी की फ़ज़ा
आप भी जिंदगी का मज़ा लीजिये
शायराना सी है जिंदगी की फ़ज़ा
आप भी जिंदगी का मज़ा लीजिये
मैं ग़ज़ल बन गई आपके सामने
मैं ग़ज़ल बन गई आपके सामने
शौक से अब मुझे गुनगुना लीजिये

शायराना सी है जिंदगी की फ़ज़ा
आप भी जिंदगी का मज़ा लीजिये
शायराना सी है

आप सुन तो रहे हैं मेरे दिल की लय
इसमें बेनाम सी एक उदासी भी है
आप सुन तो रहे हैं मेरे दिल की लय
इसमें बेनाम सी एक उदासी भी है
इस उदासी में नगमा कोई छेड़ कर
इस उदासी में नगमा कोई छेड़ कर
एक बेचैन दिल की दुआ लीजिये

शायराना सी है जिंदगी की फ़ज़ा
आप भी जिंदगी का मज़ा लीजिये
शायराना सी है

आपके प्यार को जो भी मेयार है
इससे कब जाने जान मुझको इंकार है
आपके प्यार को जो भी मेयार है
इससे कब जाने जान मुझको इंकार है
जिस तरह आप चाहें नज़र आऊँ मैं
जिस तरह आप चाहें नज़र आऊँ मैं
मुझको हर रंग में आजमा लीजिये

शायराना सी है जिंदगी की फ़ज़ा
आप भी जिंदगी का मज़ा लीजिये
शायराना सी है जिंदगी की फ़ज़ा
आप भी जिंदगी का मज़ा लीजिये
मैं ग़ज़ल बन गई आपके सामने
मैं ग़ज़ल बन गई आपके सामने
शौक से अब मुझे गुनगुना लीजिये

शायराना सी है जिंदगी की फ़ज़ा
आप भी जिंदगी का मज़ा लीजिये
शायराना सी है
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
……………………………………………..
Shayrana si hai zindagi ki faza-Phir teri kahani yaad aayi 1993

Artists: Nina Gupta, Pooja Bhatt, Rahul Roy

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Jun 9, 2018

आने वाला कल-फिर तेरी कहानी याद आई १९९३

महेश भट्ट निर्देशित सन १९९३ की फिल्म से
अगला गीत सुनते हैं जो कैफी आज़मी की रचना
है. इसका संगीत भी अन्नू मलिक ने तैयार किया
है. कुमार सानू ने इसे गाया है.

महेश भट्ट ने सभी प्रकार के कथानकों पर काम
किया है. इनमें से अधिकाँश विलायती नॉवेल या
फिल्मों पर आधारित हैं. इंटरनेशनल सिनेमा का
स्वाद देसी तडके के साथ सफलतापूर्वक अपने देश
में चखाने वाला कोई है तो वो महेश भट्ट ही हैं.
पटकथा और निर्देशन के मामले में वे दूसरे कई
निर्देशकों द्वारा बनाई गई ऐसी फिल्मों से बहुत आगे
हैं.

महेश भट्ट ने कहानी सीरीज़ की एक और फिल्म
बनाई २०१५ में-हमारी अधूरी कहानी.



गीत के बोल:

आने वाला कल एक सपना है
गुज़रा हुआ कल बस अपना है
आने वाला कल एक सपना है
गुज़रा हुआ बस एक अपना है
हम गुज़रे कल में रहते हैं
यादों के सब जुगनू जंगल में रहते हैं
यादों के सब जुगनू जंगल में रहते हैं

आने वाला कल एक सपना है
गुज़रा हुआ बस एक अपना है
हम गुज़रे कल में रहते हैं
यादों के सब जुगनू जंगल में रहते हैं
यादों के सब जुगनू जंगल में रहते हैं

दामन सी सकते हैं जो ज़ख्मों को सीना जानते हों
जीना उनका जीना जो यारों में जीना जानते हों
जिन तारों को रातों में उठ उठ के गगन में ढूंढते हो
जिन कलियों को जिन फूलों को जा जा के चमन में ढूंढते हो
वो फूल वो कलियाँ वो तारे आँचल में रहते हैं
हम प्यार की बिजली ले कर बादल में रहते हैं

आने वाला कल एक सपना है
गुज़रा हुआ बस एक अपना है
हम गुज़रे कल में रहते हैं
यादों के सब जुगनू जंगल में रहते हैं
यादों के सब जुगनू जंगल में रहते हैं

मेरे तन मन के अरमां अपने तन मन से पूछो
इनकी छुन छुन का मतलब दिल की धड़कन से पूछो
दुनिया सारे ज़माने ले ले दौलत ले ले ख़ज़ाने ले ले
लूट सके ना जिसको ज़माना हमको एक पल ऐसा दे दे
प्यार के रंगीं मौसम सब जिस पल में रहते हैं
वक़्त के सच्चे नगमें जिस पल में रहते हैं

आने वाला कल एक सपना है
गुज़रा हुआ बस एक अपना है
हम गुज़रे कल में रहते हैं
यादों के सब जुगनू जंगल में रहते हैं
यादों के सब जुगनू जंगल में रहते हैं
……………………………………..
Aane wala kale ek sapna hai-Phir teri kahani yaad aayi 1993

Artists: Rahul Roy

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Jun 8, 2018

दिल में सनम की सूरत-फिर तेरी कहानी याद आई १९९३

९० के दशक में वो जिसे हम ‘मेलोडी इस क्वीन’ कहते हैं
जिन भी फिल्मों में मौजूद रही उनमें से एक है जिसका
अगला गीत आपको सुनवा रहे हैं. हम इधर एक्टिंग की
कतई बात नहीं कर रहे हैं, सिर्फ और सिर्फ इस फिल्म के
म्यूझिक की बात कर रहे हैं.

फिल्म के गीतों के लिए क़ातिल शिफ़ाई और कैफी आज़मी
की सेवाएं ली गईं. अब ये महेश भट्ट की फरमाइश पर
था या स्वयं अन्नू मलिक की चॉईस ये बात वही बतला
सकता है जिसने इन दोनों से कभी इस बारे में पूछा हो.

हो सकता है किसी दिन दूसरे अन्नू उर्फ अन्नू कपूर अपने
कार्यक्रम में इस बात पर खुलासा कर दें.

कैफी आज़मी का लिखा गीत सुनते हैं अलका याग्निक और
कुमार सानू की आवाजों में.





गीत के बोल:

दिल में सनम की सूरत आँखों में आशिक़ी दे
दिल में सनम की सूरत आँखों में आशिक़ी दे
मेरे ख़ुदा मुझे तू एक और ज़िन्दगी दे
दिल में सनम की सूरत आँखों में आशिक़ी दे
दिल में सनम की सूरत आँखों में आशिक़ी दे
मेरे ख़ुदा मुझे तू एक और ज़िन्दगी दे
एक और ज़िन्दगी दे

कैसे करूँ मुहब्बत दो दिन की ज़िन्दगी में
ये दिन तो बीत जायेंगे यूँ ही हँसी हँसी में
कैसे करूँ मुहब्बत दो दिन की ज़िन्दगी में
ये दिन तो बीत जायेंगे यूँ ही हँसी हँसी में
जी भर के प्यार कर लूँ ऐसी मुझे ख़ुशी दे
जी भर के प्यार कर लूँ ऐसी मुझे ख़ुशी दे
मेरे ख़ुदा मुझे तू एक और ज़िन्दगी दे

दिल में सनम की सूरत आँखों में आशिक़ी दे
मेरे ख़ुदा मुझे तू एक और ज़िन्दगी दे
एक और ज़िन्दगी दे

सौ साल तक सनम की आँखों में डूब जाऊँ
सौ साल और हों तो उसको गले लगाऊँ
सौ साल तक सनम की आँखों में डूब जाऊँ
सौ साल और हों तो उसको गले लगाऊँ
सौ साल फिर मिलन की दुनिया नई नई दे
सौ साल फिर मिलन की दुनिया नई नई दे
मेरे ख़ुदा मुझे तू एक और ज़िन्दगी दे

दिल में सनम की सूरत आँखों में आशिक़ी दे
दिल में सनम की सूरत आँखों में आशिक़ी दे
मेरे ख़ुदा मुझे तू एक और ज़िन्दगी दे
एक और ज़िन्दगी दे
…………………………………………………..
Dil mein sanam ki soorat-Phir teri kahani yaad aayi 1993

Artists: Rahul Roy, Pooja Bhatt

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Jun 7, 2018

बादलों में छुप रहा है-फिर तेरी कहानी याद आई १९९३

९० के दशक से एक मधुर गीत सुनते हैं जो सन १९९३
की फिल्म से है. इस फिल्म के एल्बम को ये सौभाग्य
प्राप्त हुआ कि इसे कहीं पर भी जब बजाया जाता तो पूरा
बजाया जाता. इसी चक्कर में ये इतना बजा कि सुनने
वालों के कान बजने लगे. तात्पर्य ये है कि श्रोताओं को
गाने याद हो गए.

इस गीत के गीतकार और संगीतकार वही हैं जो पिछले
दो गीतों के लिए थे. इसे कुमार सानू और अलका याग्निक
ने गाया है.



गीत के बोल:

बादलों में छुप रहा है चाँद क्यूँ
अपने हुस्न की ज़या से पूछ लो
चाँदनी पड़ी है मांद क्यूँ
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो
बादलों में छुप रहा है चाँद क्यूँ
अपने हुस्न की ज़या से पूछ लो
चाँदनी पड़ी है मांद क्यूँ
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो

मेरी हसरतों पे बेखुदी सी छा गई
तुमको देख कर निगाह लड़खड़ा गई
मेरी हसरतों पे बेखुदी सी छा गई
तुमको देख कर निगाह लड़खड़ा गई
निगाह लड़खड़ा गई
निगाह लड़खड़ा गई
हो रहा हूँ मैं नशे में चूर क्यूँ
झूमती हुई फ़िज़ा से पूछ लो
हो रहा है बे पिये सुरूर क्यूँ
मेरी ज़ुल्फ़ की घटा से पूछ लो
   
बादलों में छुप रहा है चाँद क्यूँ
अपने हुस्न की ज़या से पूछ लो
चाँदनी पड़ी है मांद क्यूँ
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो

दूर मुझसे ग़म है और ख़ुशी करीब है
आज मेरा प्यार कितना ख़ुशनसीब है
दूर मुझसे ग़म है और ख़ुशी करीब है
आज मेरा प्यार कितना ख़ुशनसीब है
कितना ख़ुशनसीब है
कितना ख़ुशनसीब है
झूमता है मेरा अंग अंग क्यूँ
अपनी रूह की सदा से पूछ लो
बज रहे हैं दिल में जलतरंग क्यूँ
गीत छेड़ती हवा से पूछ लो

बादलों में छुप रहा है चाँद क्यूँ
अपने हुस्न की ज़या से पूछ लो
चाँदनी पड़ी है मांद क्यूँ
अपनी ही किसी अदा से पूछ लो
………………………………………………..
Baadlon mein chhup raha hai-Phir teri kahani yaad aayi 1993

Artists: Rahul Roy, Pooja Bhatt

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Mar 18, 2018

ये रात खुशनसीब है-आईना १९९३

चाँद और रात के डिस्क्रिप्शन वाला एक गीत सुनते हैं
१९९३ की फिल्म आईना से. समीर के बोल हैं और इस
गीत की धुन बनाई है दिलीप सेन समीर सेन की जोड़ी
ने.

जैकी श्रॉफ, अमृता सिंह और जूही चावला अभिनीत इस
फिल्म के गाने काफी बजे थे. फिल्म की कहानी एक हिट
फार्मूले पर आधारित है-प्रेम त्रिकोण. फार्मूला हिट है किन्तु
इस फार्मूले पर बनी हुई हर फिल्म हिट नहीं है.





गीत के बोल:

ये रात खुशनसीब है जो अपने चांद को
कलेजे से लगाये सो रही है
यहाँ तो ग़म की सेज पे हमारी आरज़ू
अकेली मूँह छुपाये रो रही है
ये रात खुशनसीब है जो अपने चांद को
कलेजे से लगाये सो रही है

साथी मैंने पा के तुझे खोया कैसा है ये अपना नसीब
हो ओ ओ तुझसे बिछड़ गई तो मैं यादें तेरी हैं मेरे करीब
हो ओ ओ तू मेरी वफ़ाओं में तू मेरी सदाओं में
तू मेरी दुआओं में
ये रात खुशनसीब है जो अपने चांद को
कलेजे से लगाये सो रही है

कटती नहीं हैं मेरी रातें कटते नहीं हैं मेरे दिन
हो ओ ओ मेरे सारे सपने अधूरे ज़िंधगी अधूरी तेरे बिन
हो ओ ओ ख्वाबों में निगाहों में प्यार के पनाहों में
आ छुपा ले बाहों में
ये रात खुशनसीब है जो अपने चांद को
कलेजे से लगाये सो रही है
यहाँ तो ग़म की सेज पे हमारी आरज़ू
अकेली मूँह छुपाये रो रही है
……………………………………………………………….
Ye raat khushnaseeb hai-Aaina 1993

Artist: Amrita Singh, Jackie Shroff, Juhi Chawla

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