Oct 10, 2019

मुझे रात दिन बस मुझे चाहती-संघर्ष १९९९

ये वही गीत है जिसे सुन कर जॉय मुखर्जी की फिल्म
एक मुसाफिर एक हसीना का गीत-मुझे देख कर आपका
मुस्कुराना याद आ जाता है. बस ब्लेक एंड व्हाईट के
ज़माने के गीत की गति बढ़ा दीजिए और आपको पूरा
विश्वास हो जायेगा कि ये बिछड़ा हुआ भाई है.

सुनते हैं सस्पेंस वाले अंदाज़ में फिल्माया गया हुआ ये
गीत सोनू निगम की आवाज़ में फिल्म संघर्ष से जिसे
समीर ने लिखा है और धुन तैयार की जतिन ललित ने.
टेलीफोन युग का गीत है इसी बहाने गुज़रे ज़माने की
एस टी डी-पी सी ओ जैसी स्वर्गवासी चीज़ों के दर्शन हो
जाते हैं.

गीत खत्म होते ही दाद देने के लिए पी सी ओ के बाहर
गाय भैंस इकट्ठे हो जाते हैं.





गीत के बोल:

मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो
मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो
कहो ना कहो मुझको सब कुछ पता है
करूं क्या मुझे तुम बताती नहीं हो
छुपाती हो मुझसे ये तुम्हारी खता है
मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो

मेरी बेकरारी को हद से बढ़ाना
तुम्हें खूब आता है बातें बनाना
निगाहएन मिला के यूँ मेरा चैन लेना
सता के मोहब्बत में यूँ दर्द देना
मुझे देख के ऐसे पलकें झुकाना
शरारत नहीं है तो फिर और क्या है
मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो

तुम्हें नींद आएगी अब ना मेरे बिन
मुझे है यकीन ऐसा आएगा एक दिन
खुली तेरी जुल्फों में सोया रहूँगा
तेरे ही ख्यालों में खोया रहूँगा
कभी गौर से मेरी आँखों में देखो
मेरी जान तुम्हारा ही चेहरा छुपा है

मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो
कहो ना कहो मुझको सब कुछ पता है
करूं क्या मुझे तुम बताती नहीं हो
छुपाती हो मुझसे ये तुम्हारी खता है
मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो
……………………………………………….
Mujhe raat din bas mujhe-Sangharsh 1999

Artists: Preity Zinta, Akshay Kumar, Aman Verma

0 comments:

© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP