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Jul 30, 2020

चंदा की डोली में-गैर फ़िल्मी गीत

आज ३० जुलाई बॉलीवुड की जिन शख्सियतों का जन्मदिन
है उनमें से एक हैं सोनू निगम. संयोग है कि एक और शख्स
जिसका नाम सोनू है-नायक सोनू सूद भी आज अपना बर्थडे
मना रहे हैं.

इस अवसर पर सुनते हैं सोनू निगम का एक गैर फ़िल्मी गीत
चन्दा की डोली एल्बम से. ये इसका शीर्षक गीत है जिसे लिखा
है नुसरत बद्र ने.




गीत के बोल:

चंदा की डोली में
परियों की झोली में
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Chanda ki doli-Non film song

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May 23, 2020

ओफ्फोह जलता है बुझता है-लकीर २००४

सन २००४ की फिल्म लकीर से एक गीत सुनते हैं जिसे
आशा भोंसले और सोनू निगम ने गाया है. आशा भोंसले
के गाने २००० के बाद सुनाई देना एक सुखद आश्चर्य के
सामान है. वैसे तो हाल ही में उनकी आवाज़ सुनाई दी
है एक गीत में अतः हमें जब तक उनकी आवाज़ सुनने
को मिल जाये धन्यवाद देते रहें उनको और उनकी सत्ता
को कायम रखने वाले को.

महबूब का गीत है और ए आर रहमान का संगीत. गीत
लेखन के मामले में महबूब सरवर का रहमान से पुराना
नाता है. रहमान ने हिंदी फिल्म संगीत में पैर ज़माने के
बाद भी अपने पुराने साथी के साथ काम करना जारी
रखा है.

कातिलाना सा गीत है जिसकी शुरुआत ऐसे होती है जैसे
ढेर सारी मधुमक्खियाँ रफ़्तार से उडी हों किसी जगह पर.
फिर क्वीन बी प्रकट होती है लाल पोशाक में. गीत जंगल
में पहुँच जाता है जहाँ दूसरा नायक प्रकट होता है. नायिका
कथानक अनुसार दूसरे नायक से प्यार करती है. पहले
नायक को नायिका से एक तरफ़ा प्यार है जिससे नायिका
अनभिज्ञ है.

फिल्म के निर्देशक एक कुशल कैमरामैन और गाना-फिल्माऊ
व्यक्ति हैं और उन्होंने इस गीत में नायिका नौहीद सायरसी
को सुन्दर दिखलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है.

जॉन अब्राहम सबसे पहले जैज़ी बी के गैर फ़िल्मी एल्बम सुरमा
के वीडियो में दिखलाई दिए थे दर्शकों को विज्ञापनों के अलावा.
एलबम का प्रसिद्ध गीत है-सुरमा तेरा कहर मचा रे




गीत के बोल:

तर तरा ता
ओफ्फोह जलता है बुझता है जलता है
ओ ओ कैसे
ओफ्फोह मिटता है लुटता है मिटता है
ओ ओ हमपे
फिर भी मुशक़िल मुशक़िल ये दिल पाना
सुन ले

हे सेहराओं से भी गुज़रूँ
दरियाओं से भी उभरूँ ऊ ऊ ओ
हे सेहराओं से भी गुज़रूँ
दरियाओं से भी उभरूँ
तेरे लिये मैं गहरी वादी भी चूम लूँ

सेहरा में गुल ना खिलेगा
दरिया में दिया ना जलेगा
दीवाने वादियों में दिल ना मिलेगा
ओफ्फोह ओ जल गया

तर तरा ता

एक परछाईं जैसी हूँ मैं
सूरज ढलते ही छुप जाऊँ तो
अँधेरा छा जायेगा आ आ आ आ

शोला जुनूं का आँखों में
रोशन दिल रातों में
फिर अँधेरा भी क्या कर पायेगा

ज़िद करना है रीत तेरी
नाज़ुक प्रीत मेरी
रोक भी ले ख़ुद को
जीने भी दे मुझको

बस जा मेरी साँसों में
जी ले आ मेरी बाँहों में
हाय जल गया जल गया जल गया जल गया

ओफ्फोह जलता है बुझता है जलता है
ओ ओ कैसे

ओफ्फोह जल गया मिट गया लुट गया
ओफ्फोह तुमपे

सेहरा में गुल ना खिलेगा
दरिया में दिया ना जलेगा
दीवाने वादियों में दिल ना मिलेगा

साँसों से ख़ुशबू उठने लगी
बाँहों में जब तू सजने लगी
तो देखे जहाँ
फिर ज़मीं आसमाँ क्या

शरम से आँखें झुकने लगीं
मुझसे कुछ ये कहने लगीं
के ये क्या हो गया
कैसे बदला इरादा आ आ

आख़िर दिल मजबूर हुआ
मेरे इश्क़ में चूर हुआ
मुझपे असर था तेरा
तुझपे है साया अब मेरा

दूर अगर मैं जाऊँ तो
फिर बन जाये तू सूरज वो
जो जलता है बुझता है
जलता है बुझता है
ओफ्फोह

ओफ्फोह जलता है
ओफ्फोह जल गया जल गया
ओफ्फोह ओफ्फोह
ओफ्फोह जल गया
जलता है
मिट गया मिट गया मिट गया मिट गया
मिट गया मिट गया मिट गया
ओफ्फोह जल गया
………………………………………………
Offoh jal gaya-Lakeer 2004

Artists: Nauheed Cyrusi, Sohail Khan, John Abraham

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May 21, 2020

तुमको पाया है तो-ओम शांति ओम २००७

अक्सर मैं भाषा और उसके ऊपर फ़िल्मी प्रयोगों के बारे
में सोचता हूँ, बस सोचता ही रह जाता हूँ किसी निष्कर्ष
विशेष पर नहीं पहुँच पाता. बरसों से यही आदत सी बनी
हुई है. पाठक वर्ग भी जो यहाँ प्रस्तुत है उसे चुपचाप झेले
जा रहा है.

एक दिन मैं फिल्मों के नामों में ‘धूल में लट्ठ’ शब्द को
ढूँढने की कोशिश कर रहा था. इस नाम से तो कोई फिल्म
नहीं मिली अलबत्ता बहुत से रोचक नाम फिर से ध्यान में
आ गए.

एक समय था जब नंबर वन या खिलाडी सीरीज़ रोचकता
को बनाये रखती थी. हम कयास लगते रहते कि अब श्रृंखला
में अगली फिल्म कौन सी होगी.

दूरदर्शन पर एक सीरियल आता था-फटीचर जो अपने समय
और दूरदर्शन के नोर्म्स के हिसाब से कुछ अलग सा था. नाम
तो अलग था ही, इस सीरियल के प्रस्तुतीकरण और कंटेंट पर
दूरदर्शन के फ़िल्टर तो थे ही. ये अपना एक प्रशंसक वर्ग तैयार
करने में कामयाब रहा.

सीरियल में पंकज कपूर ने यादगार अबिनय किया है. अगर
अपने ये सीरियल नहीं देखा हो तो ढूंढ के इसका एक आध
एपिसोड अवश्य देखें. पंकज कपूर को हाईप ब्रांड भोंपू ले के
प्रचार करने वाले नहीं मिले मगर हमारे जैसे अल्पबुद्धि लोग
उनके खामोश प्रशंसकों में हैं.

सुनते हैं एक गीत जो कब पद्य है कब गद्य मालूम ही नहीं
पड़ता. सामान्य बोलचाल में प्रयुक्त शब्द जब गीतकार की
मजबूरी बन जाएँ तो समझ लें उसके शब्दकोष में बहुत सारे
पेज गायब हैं. हमारे भी शब्दकोष में से ढेर पन्ने समय के
साथ गायब हो चले हैं अतः ऐसे गीत हमें बड़े अपने से लगने
लगे हैं.

विशाल शेखर का संगीत है और दिल्ली दिलवालों की से
लोकप्रिय हुए सोनू निगम संग इसे गाया है राजस्थान के एक
छोटे नगर रावतभाटा से मुंबई की मायानगरी में पहुंची और
स्थापित हो चुकीं गायिका श्रेया घोषाल ने.





गीत के बोल:

तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ
कहना चाहूँ भी तो तुमसे क्या कहूँ
किसी ज़ुबाँ में भी वो लफ़्ज़ ही नहीं
के जिनमें तुम हो क्या तुम्हें बता सकूँ
मैं अगर कहूँ तुमसा हसीं
कायनात में नहीं है कहीं
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

शोख़ियों में डूबी ये अदायें
चेहरे से झलकी हुई हैं
ज़ुल्फ़ की घनी घनी घटायें
शान से ढलकी हुई है
लहराता आँचल है जैसे बादल
बाँहों में भरी है जैसे चाँदनी
रूप की चाँदनी
मैं अगर कहूँ ये दिलकशी
है नहीं कहीं न होगी कभी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
तुमको पाया है तो जैसे खोया हूँ

तुम हुए मेहरबाँ तो है ये दास्ताँ
आ तुम हुए मेहरबाँ तो है ये दास्ताँ
अब तुम्हारा मेरा एक है कारवाँ
तुम जहाँ मैं वहाँ

मैं अगर कहूँ हमसफ़र मेरी
अप्सरा हो तुम या कोई परी
तारीफ़ ये भी तो सच है कुछ भी नहीं
………………………………………………….
Main agar kahoon-Om Shanti Om 2007

Artists: Shahrukh Khan, Deepika Padukon

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May 1, 2020

जागते रहो-जस्ट मैरिड २००७

चौकीदार की आवाजों से शुरू होता ये गीत है फिल्म
जस्ट मैरिड से जो २००७ की फिल्म है. इसका निर्देशन
मग्न गुलज़ार ने किया है.

दिन का पोटली और रात की थैली अब गीतों में भी
सुनाई देने लगे हैं. आधुनिक गीतों का दौर है और इस
बहाने हमें विलायती गायन वाला छौंक देसी गीतों में
बखूबी प्राप्त होता है. सन २००५ तक लूप संगीत वाला
युग दरवाजे पर ठक-ठक करने लगा था.

गुलज़ार की रचना को श्रवणते हैं सोनू निगम की आवाज़
में. प्रीतम चक्रवर्ती इस गीत के संगीतकार हैं. इस गाने
को आपने एक ना एक बार अवश्य सुना होगा.



गीत के बोल:

जागते रहो हथेली खुलने लगी
कि रात अब उड़ने लगी
कहानियों की
शाम तो चली सुलगने दो ज़रा शब को
कि ख़ुशबू आयेगी सबको
हरे ख़्वाबों की

पहला पहला ये क़दम है
चाहत है पर ज़ोर कम है
पहली पहली रात है ये
आगे जो हो
आख़िर अगर ठीक है तो सभी ठीक है
जागते रहो

जब रात की थैली खुले
क्या जानिये क्या कुछ मिले
हो ओ ओ जब रात की थैली खुले
क्या जानिये क्या कुछ मिले
शहनाई भी सन्नाटे भी
सपने कहीं खर्राटे भी
छलके छलके नैन भी हैं
बेचैनी में चैन भी है
पहल पहली रात है ये
आगे जो हो
आख़िर अगर ठीक है तो सभी ठीक है
जागते रहो

ये रात है फ़रमान की
उम्मीद की अरमान की
हो ये रात है फ़रमान की
उम्मीद की अरमान की
शिकवे गिले नाराज़गी
आँखों में ओस की ताज़गी
क़तरा क़तरा जब घुलेगी
निखरी निखरी शब खुलेगी
पहली पहली रात है ये
आगे जो हो
आख़िर अगर ठीक है तो सभी ठीक है

जागते रहो हथेली खुलने लगी
कि रात अब उड़ने लगी
कहानियों की
शाम तो चली सुलगने दो ज़रा शब को
कि ख़ुशबू आयेगी सबको
हरे ख़्वाबों की

पहला पहला ये क़दम है
चाहत है पर ज़ोर कम है
पहली पहली रात है ये
आगे जो हो
आख़िर अगर ठीक है तो सभी ठीक है
जागते रहो हथेली खुलने लगी
कि रात अब उड़ने लगी
कहानियों की
जागते रहो
………………………………………………………
Jagte raho-Just married 2007

Artists: Fardeen Khan, Esha Deol

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Mar 30, 2020

आये तेरे भवन दे दे अपनी शरण-माता भजन

माता भजन सुनते हैं सोनू निगम और अनुराधा पौडवाल
की वाणियों में.

बोल भारत आचार्य के हैं और संगीत अमर उत्पल का.





गीत के बोल:

ओ आये तेरे भवन दे दे अपनी शरण
ओ आये तेरे भवन दे दे अपनी शरण
रहें तुझमें मगन थाम कर ये ये चरण
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे

ओ आये तेरे भवन दे दे अपनी शरण
रहें तुझमें मगन थाम के ये चरण
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे

उत्सव मनाएं नाचे गायें
उत्सव मनाएं नाचे गायें
चलो मैया के दर जायें
जय माता दी जय माता दी
जोर से बोलो जय माता दी
चरों दिशायें चार खम्बे बनी हैं
मंडप पे आसमान की चादर तानी है
सूरज की किरणों की माला ले आया
कुदरत ने धरती का आँगन सजाया
कर के तेरे दर्शन झूमे धरती गगन
सनन न गाये पवन सभी तुझ में मगन
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे

फूलों ने रंगों से रंगोली सजाई
फूलों ने रंगों से रंगोली सजाई
सारी धरती ये महकाई
जय माता दी जय माता दी
जोर से बोलो जय माता दी
चरणों में बहती है गंगा की धारा
आरती का दीपक लगे हर एक सितारा
पुरवैया देखो चंवर कैसे झुलाये
ऋतुएं भी माता को झूला झुलाये
पा के भक्ति का तन हुआ पावन ये मन
कर के तेरा सुमिरन खुले अंतर्मन
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे

ओ आये तेरे भवन दे दे अपनी शरण
रहें तुझमें मगन थाम के ये चरण
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे
तन मन में भक्ति ज्योति तेरी हे माता जलती रहे
……………………………………………………..
Aaye tere bhawan-Mata Bhajan

Lyrics: Bharat Acharya

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Jan 26, 2020

ओ शहीदों तुमपे-दिल परदेसी हो गया २००३

आज २६ जनवरी के अवसर पर सुनते हैं एक देशभक्ति
गीत जिसमें शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और याद
किया गया है उनके शौर्य के लिए. उन्हें धन्यवाद दिया
गया है उनके अमूल्य योगदान के लिए.

गीत सोनू निगम ने गाया है और इसे आशुतोष राणा पर
फिल्माया गया है गीतकार सावन कुमार और संगीतकार हैं
उषा खन्ना. इस गीत में सावन कुमार ने सावन शब्द का
प्रयोग कर लिया है.




गीत के बोल:

ओ शहीदों ओ शहीदों
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है
जान दी तुमने वतन पे
जान दी तुमने वतन पे हमपे ये एहसान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

दुश्मनों की लाशों को भी हमने तो इज्ज़त बख्श दी
दुश्मनों की लाशों को भी हमने तो इज्ज़त बख्श दी
घर में अपने घर दिया ये शान-ए-हिन्दुस्तान है
घर में अपने घर दिया ये शान-ए-हिन्दुस्तान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

दिल का टुकड़ा दे दिया हमने तो भाई जान कर
दिल का टुकड़ा दे दिया हमने तो भाई जान कर
प्यार को कमजोरी समझा कितना बेईमान है
प्यार को कमजोरी समझा कितना बेईमान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

ना करो गुमराह
ना करो गुमराह लोगों को धर्म के नाम पर
ना करो गुमराह लोगों को धर्म के नाम पर
अगर खुदा तेरा है तो मेरा भी निगेहबान है
अगर खुदा तेरा है तो मेरा भी निगेहबान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

ना उठा ना उठा
ना उठा नापाक नज़रें मेरी सरहद की तरफ़
ना उठा नापाक नज़रें मेरी सरहद की तरफ़
भून कर रख दूंगा मेरा नाम हिन्दुस्तान है
भून कर रख दूंगा मेरा नाम हिन्दुस्तान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है

फिर जो छेड़ी फिर जो छेड़ी
फिर जो छेड़ी जंग तो बरसेगा सावन खून का
फिर जो छेड़ी जंग तो बरसेगा सावन खून का
नक्शों से मिट जायेगी जो भी तेरी पहचान है
नक्शों से मिट जायेगी जो भी तेरी पहचान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
तुमपे सारे देश को अभिमान है
तुमपे सारे देश को अभिमान है
जान दी तुमने वतन पे
जान दी तुमने वतन पे हमपे ये एहसान है
ओ शहीदों ओ शहीदों
ओ शहीदों ओ शहीदों
…………………………………………………..
O shaheedon tumpe-Dil pardesi ho gaya 2003

Artist: Ashutosh Rana

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Dec 18, 2019

दिल परदेसी हो गया-शीर्षक गीत २००३

पूरी फिल्म में कोलगेट स्माइल बरकरार रखना आसान
काम नहीं है. अगर पहले दृश्य में १०० ग्राम की मुस्कान
थी तो १०० ग्राम ही पूरी फिल्म में सभी जगह रख पाना
कोई हंसी खेल नहीं है.

सुनते हैं २००३ की फिल्म दिल परदेसी हो गया से इसका
टाइटल गीत. सोनू निगम और अलका याग्निक ने इसे
गाया है, सावन कुमार के बोलों और उषा खन्ना की धुन
पर. कलाकार हैं कपिल झावेरी और सलोनी असवानी. इस
गीत में आपको मुश्ताक खान भी दिखाई दे जायेंगे.

मुस्कुराने के मामले में गुज़रे ज़माने की नायिका श्यामा
को महारत हासिल थी. जहां थोड़े की ज़रूरत रहती वहाँ
वो ज्यादा मात्रा में मुस्कुराया करती थीं.




गीत के बोल:

एक पाकिस्तानी चेहरा उसपे जुल्फों का पहरा
जैसे कोई पहना गया
जैसे कोई पहना गया दुल्हन को फूलों का सेहरा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

इस दिल को ये कैसा एहसास है
लगता है क्यूँ ऐसा तू कहीं पास है
तेरी खुशबू हवाओं में बिखरी हुई
लगती है ये शाम कुछ ख़ास है
झुकी झुकी नज़रों से चोरी चोरी देखा
झुकी झुकी नज़रों से चोरी चोरी देखा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

आँचल तेरा ख्यालों पे यूँ छा गया
रात में ही सवेरा नज़र आ गया
तेरी झांझर की गूंजी ये सदायें सनम
प्यार चुपके से सावन बरसा गया
चेहरे से जुल्फें हटा के जो देखा
चेहरे से जुल्फें हटा के जो देखा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल पारदेसी हो गया
आ आ आ आ आ

मोहब्बत है मेरा नाम नाम नाम
इश्क़ है मेरा काम काम काम
मेरी अदा क़ुर्बानी पर लोग करें बदनाम
बदनाम हूँ हूँ
दम है तो दामन उठा
दम है तो दामन उठा
वर्ना मैं चली सलाम सलाम सालम
हाय धीरे धीरे आँचल शान से ढलका
धीरे धीरे आँचल शान से ढलका
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया

एक पाकिस्तानी चेहरा उसपे जुल्फों का पहरा
जैसे कोई पहना गया
जैसे कोई पहना गया दुल्हन को फूलों का सेहरा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
मेरी नज़रों ने तेरे लबों को चूमा
दिल दिल दिल दिल
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
दिल परदेसी हो गया
…………………………………………….
Dil pardesi ho gaya-Titlesong 2003

Artists: Kapil Jhaveri, Saloni Aswani

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Nov 16, 2019

मेरे हाथ में तेरा हाथ-फ़ना २००६

सन २००६ की फिल्म फ़ना एक चर्चित फिल्म है जिसके
१-२ गीत काफी बजे हैं. दो गीत आप सुन चुके हैं आपको
अब सुनवाते हैं तीसरा गीत जो कि एक युगल गीत है
सोनू निगम और सुनिधि चौहान की आवाजों में.

गीत लिखा है प्रसून जोशी ने और इसकी धुन तैयार की
हा जतिन ललित ने. सोनू निगम और सुनिधि चौहान का
कोई भी युगल गीत हमने काफी दिन से नहीं सुना है.





गीत के बोल:

मेरे हाथ में तेरा हाथ हो
सारी जन्नतें मेरे साथ हो
मेरे हाथ में तेरा हाथ हो
सारी जन्नतें मेरे साथ हो
तू जो पास हो फिर क्या ये जहां
तेरे प्यार में हो जाऊं फ़ना
मेरे हाथ में तेरा हाथ हो
सारी जन्नतें मेरे साथ हो
तू जो पास हो फिर क्या ये जहां
तेरे प्यार में हो जाऊं फ़ना
मेरे हाथ में तेरा हाथ हो
सारी जन्नतें मेरे साथ हो

तेरे दिल में मेरी साँसों को पनाह मिल जाए
तेरे इश्क में मेरी जां फ़ना हो जाए
जितने पास है खुशबू सांस के
जितने पास होंठों के शलजम
जैसे साथ है करवट याद के
जैसे साथ बाहों के संगम
जितने पास पास ख्वाबों के नज़र
उतने पास तू रहना हमसफ़र
तू जो पास हो फिर क्या ये जहां
तेरे प्यार में हो जाऊं फ़ना

मेरे हाथ में तेरा हाथ हो
सारी जन्नतें मेरे साथ हो

रोने दीज हमको दो आँखें सुजाने दे
बाहों में ले एल और खुद को भीग जाने दे
है जो सीने में कैद दरिया वो छूट जायेगा
है इतना दर्द के तेरा दामन भीग जायेगा
जितने पास पास धडकन के हैं राज़
जितने पास बूंदों के बादल
जैसे साथ साथ चन्दा के है रात
जितने पास नैनों के काजल
जितने पास पास सागर के लहर
उतने पास तू रहना हमसफ़र
तू जो पास हो फिर क्या ये जहां
तेरे प्यार में हो जाऊं फ़ना

मेरे हाथ में तेरा हाथ हो
सारी जन्नतें मेरे साथ हो

अधूरी सांस थी धडकन अधूरी थी अधूरे हम
मगर अब चाँद पूरा है फलक पे और अब पूरे हैं हम
……………………………………………
Mere haath mein-Fanaa 2006

Artists: Aamir Khan, Kajol

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Oct 10, 2019

मुझे रात दिन बस मुझे चाहती-संघर्ष १९९९

ये वही गीत है जिसे सुन कर जॉय मुखर्जी की फिल्म
एक मुसाफिर एक हसीना का गीत-मुझे देख कर आपका
मुस्कुराना याद आ जाता है. बस ब्लेक एंड व्हाईट के
ज़माने के गीत की गति बढ़ा दीजिए और आपको पूरा
विश्वास हो जायेगा कि ये बिछड़ा हुआ भाई है.

सुनते हैं सस्पेंस वाले अंदाज़ में फिल्माया गया हुआ ये
गीत सोनू निगम की आवाज़ में फिल्म संघर्ष से जिसे
समीर ने लिखा है और धुन तैयार की जतिन ललित ने.
टेलीफोन युग का गीत है इसी बहाने गुज़रे ज़माने की
एस टी डी-पी सी ओ जैसी स्वर्गवासी चीज़ों के दर्शन हो
जाते हैं.

गीत खत्म होते ही दाद देने के लिए पी सी ओ के बाहर
गाय भैंस इकट्ठे हो जाते हैं.





गीत के बोल:

मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो
मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो
कहो ना कहो मुझको सब कुछ पता है
करूं क्या मुझे तुम बताती नहीं हो
छुपाती हो मुझसे ये तुम्हारी खता है
मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो

मेरी बेकरारी को हद से बढ़ाना
तुम्हें खूब आता है बातें बनाना
निगाहएन मिला के यूँ मेरा चैन लेना
सता के मोहब्बत में यूँ दर्द देना
मुझे देख के ऐसे पलकें झुकाना
शरारत नहीं है तो फिर और क्या है
मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो

तुम्हें नींद आएगी अब ना मेरे बिन
मुझे है यकीन ऐसा आएगा एक दिन
खुली तेरी जुल्फों में सोया रहूँगा
तेरे ही ख्यालों में खोया रहूँगा
कभी गौर से मेरी आँखों में देखो
मेरी जान तुम्हारा ही चेहरा छुपा है

मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो
कहो ना कहो मुझको सब कुछ पता है
करूं क्या मुझे तुम बताती नहीं हो
छुपाती हो मुझसे ये तुम्हारी खता है
मुझे रात दिन बस मुझे चाहती हो
……………………………………………….
Mujhe raat din bas mujhe-Sangharsh 1999

Artists: Preity Zinta, Akshay Kumar, Aman Verma

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Oct 9, 2019

मेरी दुनिया है-वास्तव १९९९

एक ही दौर में संगीतकार जब धुनें बनाता है उनमें समानता
होती है. चाहे पुराने दौर में रही हों या नए दौर में आने वाली
धुनें हों,     उस वक्त के खास हिस्से का असर साफ़ महसूस किया
जा सकता है.

सन १९९९ में जतिन ललित के संगीत वाली दो फ़िल्में आयीं-
संघर्ष और वास्तव. दोनों का संगीत काफी मिलता जुलता है.
गीतों की गति में थोडा कम ज्यादा होगा मगर आप पहचान
सकते हैं कि दोनों फिल्मों का संगीत एक ही संगीतकार की
देन है.

सुनते हैं समीर का लिखा हुआ और जतिन ललित के संगीत
वाला मधुर युगल गीत सोनू निगम और कविता कृष्णामूर्ति
की आवाजों में. इसे संजय दत्त और नम्रता शिरोडकर पर
फिल्माया गया है.




गीत के बोल:

मेरी दुनिया है तुझमें कहीं
तेरे बिन मैं क्या कुछ भी नहीं
मेरी जान में तेरी जान है हो साथी मेरे

मेरी दुनिया है तुझमें कहीं
तेरे बिन मैं क्या कुछ भी नहीं
मेरी जान में तेरी जान है ओ साथी मेरे
मेरी दुनिया है तुझमें कहीं
तेरे बिन मैं क्या कुछ भी नहीं

पलकों में तेरे रूप का सपना सजा दिया
पहली नज़र में ही तुझे अपना बना लिया
है यही आरज़ू हर घडी
बैठी रहो मेरे सामने
मेरी दुनिया है तुझमें कहीं
तेरे बिन मैं क्या कुछ भी नहीं

ऐसा लगा मेरे सनम हम जो यहाँ मिले
सेहरा में जैसे शबनमी चाहत के गुल खिले
ये ज़मीन आसमान कह रहे
हम तो कभी ना होंगे जुदा

मेरी दुनिया है तुझमें कहीं
तेरे बिन मैं क्या कुछ भी नहीं
मेरी जान में तेरी जान है ओ साथी मेरे
मेरी दुनिया है तुझमें कहीं
तेरे बिन मैं क्या कुछ भी नहीं
.......................................................
Meri duniya hai tujh mein kahin-Vaastav 1999

Artists: Sanjay Dutt, Namrata Shirodkar

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Sep 8, 2018

ये दिल दीवाना-परदेस १९९७

फिल्म परदेस के पहले तक नदीम श्रवण के संगीत में ऐसी
आवाजें सुनाई नहीं दी थीं.

ये सब कसरत सुभाष घई ने करवाई होगी नदीम श्रवण से.
सुभाष घई ने इस फिल्म को बनाने से पहले यूरोपीय देशों
की काफी सैर की दिखती है. उसके साथ ही वहां के संगीत
का भी काफी लुत्फ़ उठाया मालूम पड़ता है.

लक्ष्मी प्यारे की जोड़ी के साथ चला उनका बरसों का साथ
फिल्म त्रिमूर्ति के साथ ही खत्म हो गया. त्रिमूर्ति फिल्म
ज्यादा नहीं चली और लक्ष्मी प्यारे की जोड़ी भी जोड़ी के
एक सदस्य के जाने से अधूरी हो गई.



गीत के बोल:

दिल ये दिल
ये हे हे ये हे ऐ ऐ ऐ
दिल ये दिल
ये हे ऐ ऐ ऐ
दिल ये दिल
ये दिल दीवाना दीवाना है ये दिल
दीवाने ने मुझको भी कर डाला हां दीवाना
मैने उसके शहर को छोड़ा उसकी गली ये दिल को तोड़ा
फिर भी सीने में धड़कता है ये दिल
मैने दिल से उसे निकाला जो ना करना था कर डाला
फिर भी याद उसी को करता है ये दिल
ये दिल दीवाना दीवाना है ये दिल
दीवाना दिल

Horse eats grass grass eats horse
Horse knows the law grass knows the law

दिल ये दिल दिल दिल दिल
दिल की खता भी है क्या मुझको गिला भी है क्या
इस दिल्लगी के सिवा दिल ने किया भी है क्या
आशिक़ है ये चोर नहीं है मैं क्या करूं
दिल पे मेरा जोर नहीं है मैं क्या करूं
आशिक़ है ये चोर नहीं है मैं क्या करूं
दिल पे मेरा जोर नहीं है मैं क्या करूं

ये दिल दीवाना दीवाना है ये दिल
दिल दिल दिल

हो ऐ ऐ ऐ हा हा हा आ आ आ ऐ ऐ ऐ

दिल
दिल कैसा बेपीर है वो एक तस्वीर है
मैं कहता हूँ तोड़ दे कहता है ज़ंजीर है
कोई कच्ची डोर नहीं है मैं क्या करूं
दिल पे कोई ज़ोर नहीं है मैं क्या करूं
कोई कच्ची डोर नहीं है मैं क्या करूं
दिल पे कोई ज़ोर नहीं है मैं क्या करूं

ये दिल दीवाना दीवाना है ये दिल
दीवाना दिल
दीवाने ने मुझको भी कर डाला हां दीवाना
दीवाना दिल
मैने उसके शहर को छोड़ा उसकी गली ये दिल को तोड़ा
फिर भी सीने में धड़कता है ये दिल
दिल दिल
मैने दिल से उसे निकाला जो ना करना था कर डाला
फिर भी याद उसी को करता है ये दिल

ये दिल दीवाना दीवाना है ये दिल
दीवाना दिल
दीवाने ने मुझको भी कर डाला हां दीवाना
दीवाना दिल
………………………………………………..
Ye dil deewana-Pardes 1997

Artist: Shahrukh Khan

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Mar 27, 2018

तेरा मिलना-गैर फ़िल्मी गीत सोनू निगम २०००

सन २००० अर्थात मिलेनियम वर्ष में बहुत सी मिलेनियम क्वालिटी
की चीज़ें दिखलाई दीं. इस वर्ष के सबसे लोकप्रिय गीतों में से एक
हम सुनेंगे आज. ये है सोनू निगम के प्राइवेट एल्बम से.

बोल हैं फैज़ अनवर के और संगीत निखिल विनय का. एल्बम के
कुछ गीत लोकप्रिय हुए और काफी बजे. इसका म्युज़िक वीडियो
आपने एक ना एक बार अवश्य ही देखा होगा जिसमें स्वयं सोनू
डांस करते दिखलाई दे रहे हैं.

   

   

गीत के बोल:

चाहा है तुझको चाहत से ज़्यादा
समझा है तुझको मोहब्बत से ज़्यादा
ये मैं जानता हूँ या दिल जानता है

हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ

तेरा मिलना पल दो पल का मेरी धड़कनें चुराये
डर है मुझे प्यार तेरा मेरी जान ले न जाए
तू बता किस तरह जिया जाये हाय हाय
तेरा मिलना पल दो पल का मेरी धड़कनें चुराये
डर है मुझे प्यार तेरा मेरी जान ले न जाए
तू बता किस तरह जिया जाये हाय हाय

आ मेरी जान मेरा सब कुछ तू अपना कर ले
बस मेरी चाहत से रिश्ता कर ले
तेरे लिए मैं कुछ भी हो सकता हूँ
मगर मेरे लिए तू वो है
जिसके लिए मैं साँस लेता हूँ

पूछो ना क्या होता मुझे पास जो तू न हो तो
रुके मेरी साँसों की लहर
सोच ज़रा ये तू भी प्यार ने तेरे मुझे
दिया है जो वादों का ज़हर
किस तरह ज़हर ये पिया जाये हाय हाय

तेरा हिलना पल दो पल का मेरी धड़कनें चुराये
डर है मुझे प्यार तेरा मेरी जान ले न जाए

चुपके चुपके दिल में तूने आग लगा दी ये क्या
मैं तो तेरी यादों में जला
ओ ओ ओ ओ
लाख संभाला फिर भी दिल ये दीवाना मेरा
तेरे ही इशारों पे चला
इम्तेहाँ और क्या दिया जाये हाय हाय

तेरा मिलना पल दो पल का मेरी धड़कनें चुराये
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
……………………………………………………….
Tera milna-Non film song Sonu Nigam

Artist: Sonu Nigam

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Mar 2, 2018

अजनबी शहर है-जानेमन २००६

एक गीत सुनते हैं सोनू निगम का गाया हुआ फिल्म जानेमन
से. गुलज़ार का गीत है और अन्नू मलिक का संगीत.

जोर लगा के हैया-गायन शैली का अविष्कार २०१० के बाद
नहीं हुआ दोस्तों. ये तो बहुत पहले से शुरू हो गया था. इसके
बाद ‘जोर की भूख लगी है खाना दो’ शैली आई फिर आई
‘कस के लगी है रास्ता दो’ शैली.

गीत में खट्टी मीठी आँखें तो नहीं मगर पतली चांदनी मौजूद
है. गीत के अंत में वो कहावत-हरा हरा दिखना वाली को
प्रतीकात्मक तौर पर दिखलाया गया है. टी शर्ट नहीं बदलती
बस चेहरा बदलता रहता है. 




गीत के बोल:

अजनबी शहर है अजनबी शाम है
ज़िन्दगी अजनबी क्या तेरा नाम है
अजीब है ये ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी अजीब है
ये मिलती है बिछड़ती है
बिछड़ के फिर से मिलती है
अजनबी शहर है अजनबी शाम है

आपके बग़ैर भी हमें
मीठी लगें उदासियाँ
क्या ये आपका आपका कमाल है
शायद आपको ख़बर नहीं
हिल रही है पाँव की ज़मीं
क्या ये आपका आपका ख़याल है
अजनबी शहर में ज़िन्दगी मिल गई
अजीब है ये ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी अजीब है
मैं समझा था क़रीब है
ये और का नसीब है

बात है ये इक रात की
आप बादलों पे लेटे थे
हूँ वो याद है आपने बुलाया था
सर्दी लग रही थी आपको
पतली चाँदनी लपेटे थे
और शॉल में ख़्वाब के सुलाया था
अजनबी ही सही साँस में सिल गई
अजीब है ये ज़िन्दगी ये ज़िन्दगी अजीब है
मेरी नहीं ये ज़िन्दगी
रक़ीब का नसीब है
अजनबी शहर है अजनबी शाम है
..................................................
Ajnabi shahr hai-Jaaneman 2006

Artists: Preity Zinta, Akshay Kumar, Salman Khan

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Feb 15, 2018

चाहा था तुझे पाया है तुझे-बागी २०००

साजिद वाजिद के संगीत निर्देशन में बना एक गीत सुनते हैं
२००० की फिल्म बागी से. फैज अनवर के बोल हैं और इसे
गाया है सोनू निगम और सुनिधि चौहान ने. दोनों ही २००० के
आस पास उभरते हुए गायक कलाकार थे और इन दोनों ने कई
युगल गीत गाये हैं.




गीत के बोल:

चाहा था तुझे पाया है तुझे
कुछ भी न चाहिए और अब मुझे
चाहा था तुझे पाया है तुझे
कुछ भी न चाहिए और अब मुझे
तू ही है तू ही है इन साँसों में
तू ही है तू ही है इन आँखों में
तू ही है तू ही है इन बाहों में
यूं तूने मुझको छुआ के जागी कोई प्यास है प्यास है
तू आ के लग जा गले दीवाना तेरे पास है हां पास है
पास है हां पास है

तू साथ हो तो मिले ज़िंदगी तेरे बिना क्या है जीना
तू साथ हो तो मिले ज़िंदगी तेरे बिना क्या है जीना
हर पल शराबी निगाहें तेरी मुझको सिखाती हैं पीना
यूं तूने मुझको छुआ के जागी कोई प्यास है प्यास है
तू आ के लग जा गले दीवाना तेरे पास है हां पास है
हां पास है पास है

शोले भड़कने लगे प्यार के आ जा ये शोले बुझा दें
शोले भड़कने लगे प्यार के आ जा ये शोले बुझा दें
बन के मैं सावन बरस जाऊंगा दिल में तू अरमां जगा दे
यूं तूने मुझको छुआ के जागी कोई प्यास है प्यास है
तू आ के लग जा गले दीवाना तेरे पास है हां पास है
हां पास है आ पास है

चाहा था तुझे पाया है तुझे
कुछ भी न चाहिए और अब मुझे
चाहा था तुझे पाया है तुझे
कुछ भी न चाहिए और अब मुझे
तू ही है तू ही है इन साँसों में
तू ही है तू ही है इन आँखों में
तू ही है तू ही है इन बाहों में
यूं तूने मुझको छुआ के जागी कोई प्यास है प्यास है
तू आ के लग जा गले दीवाना तेरे पास है हां पास है
आ पास है हां पास है
........................................................................
Chaha hai tujhe-Baghi 2000

Artists:

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Jan 5, 2018

इन लम्हों के दामन में-जोधा अकबर २००८

फिल्म जोधा अकबर से एक और गीत सुनते हैं जिसे सोनू निगम और
मधुश्री ने गाया है. जावेद अख्तर के बोल हैं और ऐ आर रहमान का
संगीत है.




गीत के बोल:

इन लम्हों के दामन में
पाकीज़ा से रिश्ते हैं
कोई कलमा मोहब्बत का
दोहराते फ़रिश्ते हैं
खामोश सी है ज़मीं हैरान सा फ़लक है
इक नूर ही नूर सा अब आसमां तलक है
नगमें ही नगमें हैं जागती शोती फ़िज़ाओं में
हुस्न है सारी अदाओं में इश्क है जैसे हवाओं में
हो ओ ओ नगमें ही नगमें हैं जागती-सोती फ़िज़ाओं में
हुस्न है सारी अदाओं में इश्क है जैसे हवाओं में

कैसा ये इश्क है कैसा ये ख्वाब है
कैसे जज़्बात का उमड़ा सैलाब है
कैसा ये इश्क है कैसा ये ख्वाब है
कैसे जज़्बात का उमड़ा सैलाब है
दिन बदले रातें बदली बातें बदली
जीने के अंदाज़ ही बदले हैं

इन लम्हों के दामन में
पाकीज़ा से रिश्ते हैं
कोई कलमा मोहब्बत का
दोहराते फ़रिश्ते हैं

समय ने ये क्या किया बदल दी है काया
तुम्हें मैंने पा लिया मुझे तुमने पाया
मिले देखो ऐसे हैं हम के दो सुर हों जैसे मद्धम
कोई ज़्यादा ना कोई कम किसी राग में
के प्रेम-आग में  जलते दोनों ही के
तन भी हैं मन भी मन भी हैं तन भी
तन भी हैं मन भी मन भी हैं तन भी

मेरे ख़्वाबों के इस गुलिस्ता में
तुमसे ही तो बहार छाई है
फूलों में रंग मेरे थे लेकिन
इनमें खुशबू तुम्हीं से आई है

क्यूँ है ये आरज़ू क्यूँ है ये जुस्तजू
क्यूँ दिल बेचैन है क्यूँ दिल बेताब है
क्यूँ है ये आरज़ू क्यूँ है ये जुस्तजू
क्यूँ दिल बेचैन है क्यूँ दिल बेताब है
दिन बदले रातें बदली बातें बदली
जीने के अंदाज़ ही बदले हैं

इन लम्हों के दामन में
पाकीज़ा से रिश्ते हैं
कोई कलमा मोहब्बत का
दोहराते फ़रिश्ते हैं
नगमें ही नगमें हैं जागती सोती फ़िज़ाओं में
हुस्न है सारी अदाओं में इश्क है जैसे हवाओं में
इश्क है जैसे हवाओं में
……………………………………………………..
In lamhon ke daman mein-Jodha Akbar 2008

Artists: Hritik Roshan, Aishwarya Rai

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Nov 25, 2017

तोहे ले के सांवरिया-सोच २००२

सोच नाम की एक फिल्म है सन २००२ में बनी. सोच शब्द को
सबसे ज्यादा प्रसिद्धि पिछले दिनों एक विज्ञापन ने दिलवाई जिसमें
विद्या बालन ने अभिनय किया था.

गीत फिल्माया गया है रवीन्दा टंडन एयर संजय कपूर पे. इसे गाया
है भजन गाने के लिए प्रसिद्ध गायिका ऋचा शर्मा और सोनू निगम ने.
समीर के बोल हैं और आनंद राज आनंद का संगीत. आकर्षक धुन
है इस गीत की और हम इसे फ़िल्मी लोक गीत कह सकते हैं बड़े
आराम से(बिना अमूल माचो के).




गीत के बोल:

तोहे ले के सांवरिया निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के सांवरिया निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के सांवरिया निकल चली वे निकल चली वे
बदनाम न सहिवे बदनाम न सहिवे
निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के गुजरिया निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के गुजरिया निकल चली वे निकल चली वे
बदनामी न सहिवे बदनामी न सहिवे
निकल चली वे निकल चली वे
निकल चली वे निकल चली वे

हमका मिला यूं बड़ी मुश्किल से बाहों में ले ले पिया
ओ मस्ती में डूबी तेरी अंगडाई छलनी करे है जिया
हो नैनों में अब तोहरी छबि है तू ही तू हर जगह
निकल चली वे निकल चली वे

तोहे ले के गुजरिया निकल चली वे निकल चली वे
बदनामी न सहिवे बदनामी न सहिवे
निकल चली वे निकल चली वे
निकल चली वे निकल चली वे

ऐ सांवरिया
भीगे होंठों से चुरा लूं मैं आ जा थोडा गुलाबी नशा
आऊँगी मैं तेरी दुल्हन बन के फूलों की डोली सजा
जो ना मिलने हमें देगी दुनिया क्या करेंगे बता
ना हम सुनबे निकल चलिवे ना हम सुनबे निकल चलिवे

तोहे ले के सांवरिया निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के गुजरिया निकल चली वे निकल चली वे
का हो निकल चली वे का
हाय बदनामी न सहिवे बदनामी न सहिवे
निकल चली वे निकल चली वे
निकल चली वे निकल चली वे
…………………………………………………………………
Tohe le ke sanwariya-Soch 2002

Artists: Sanjay Kapoor, Raveena Tandon

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Sep 19, 2017

देखो ना-फना २००६

फिल्म फना से एक गीत सुनते हैं सोनू निगम और सुनिधि चौहान
का गाया हुआ.

प्रसून जोशी का गीत है और जतिन ललित का संगीत. कुछ कुछ
शंकर एहसान लॉय वाला प्रभाव महसूस होता है गीत में.
   



गीत के बोल:

ये साजिश है बूंदों की कोई ख़्वाईश है चुप चुप सी
ये साजिश है बूंदों की कोई ख़्वाईश है चुप चुप सी
देखो ना देखो ना
देखो ना देखो ना
हवा कुछ हौले हौले जुबां से क्या कुछ बोले
क्यों दूरी है अब दरमियाँ
देखो ना देखो ना
देखो ना देखो ना

फिर न हवायें होंगी इतनी बेशरम
फिर ना डगमग डगमग होंगे ये कदम
फिर न हवायें होंगी इतनी बेशरम
फिर ना डगमग डगमग होंगे ये कदम
हो सावन ये सीधा नहीं खुफ़िया बड़ा
कुछ तो बरसते हुये कह रहा
समझो ना समझो ना
समझो ना समझो ना
हवा कुछ हौले हौले जुबां से क्या कुछ बोले
क्यों दूरी है अब दरमियाँ
देखो ना देखो ना
देखो ना देखो ना

जुगनू जैसी चाहत देखो जले मुझे
मीठी सी मुश्किल है कोई क्या करे
जुगनू जैसी चाहत देखो जले मुझे
मीठी सी मुश्किल है कोई क्या करे
होठों की अर्जी ऐसे ठुकराओं ना
साँसों की मर्ज़ी को झूठलाओं ना
छू लो ना छू लो ना
छू लो ना छू लो ना

हवा कुछ होले छोले जुबां से क्या कुछ बोले
क्यों दूरी है अब दरमियाँ
देखो ना देखो ना
देखो ना देखो ना
………………………………………………
Dekho na-Fanaa 2006

Artists: Aamir Khan, Kajol

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Sep 3, 2017

दिल डूबा-खाकी २००४

सोनू निगम और श्रेया घोषाल का गाया एक युगल गीत सुनते
हैं फिल्म खाकी से. इसे समीर ने लिखा है और गीत की तर्ज़
बनाई है राम संपत ने.

फिल्म एक बहुसितारा फिल्म है जिसमें नायक ढेर सारे हैं और
नायिकाएं कम हैं.



गीत के बोल:

हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ
दिल डूबा दिल डूबा नीली आँखों में ये दिल डूबा
महबूबा महबूबा बस ये जान ले महबूबा
दिल डूबा दिल डूबा नीली आँखों में ये दिल डूबा
महबूबा महबूबा बस ये जान ले महबूबा
आशिक हूँ दीवाना हूँ तेरे लिए कुछ भी कर जाऊंगा
इश्क में तेरे जीता हूँ तेरे लिए ही मर जाऊंगा
मैं तेरे झांसे में ना आऊँगी ओ रे दीवाने जा
क्यों
ऐसी वैसी बना के बातें मुझे ना तू उलझा रे
लुट जाऊँगा मिट जाऊंगा दिल तेरा जीत के दिखलाऊंगा
पीछा ना छोडूंगा चाहे जितना तड़पा
दिल डूबा दिल डूबा नीली आँखों में ये दिल डूबा
महबूबा महबूबा बस ये जान ले महबूबा
आशिक हूँ दीवाना हूँ तेरे लिए कुछ भी कर जाऊंगा
इश्क में तेरे जीता हूँ तेरे लिए ही मर जाऊंगा

हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ

बड़ी तड़प है बड़ी कशिश है मेरी तो चाहत में
हाय
हज़ार मजनू बने हैं पागल मेरी तो मोहब्बत में
हो हो तुझे एक दिन जानेमन प्यार की लड़ियाँ पहनाऊंगा
देखेगा सारा जहां तुझे ले जाऊँगा

दिल डूबा दिल डूबा नीली आँखों में ये दिल डूबा
महबूबा महबूबा बस ये जान ले महबूबा
आशिक हूँ दीवाना हूँ तेरे लिए कुछ भी कर जाऊंगा
इश्क में तेरे जीता हूँ तेरे लिए ही मर जाऊंगा

हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
हे ला ला लई ओ हे ला ला लई ओ 
महबूबा महबूबा
..............................................................
Dil dooba-Khaki 2004

Artists: Akshay, Aishwarya

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Aug 26, 2017

कभी अलविदा ना कहना-शीर्षक गीत २००६

इस फिल्म के आगमन के पूर्व हमने ये शब्द फिल्म चलते चलते के
किशोर कुमार के गाये गीत में ही सुने थे.

जावेद अख्तर के बोल हैं और शंकर एहसान लॉय का संगीत. इसे
सोनू निगम और अलका याग्निक ने गाया है.
   
   
 

गीत के बोल:

तुमको भी है खबर  मुझको भी है पता
हो रहा है जुदा दोनों का रास्ता
दूर जा के भी मुझसे  तुम मेरी यादों में रहना
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना

तुमको भी है खबर  मुझको भी है पता
हो रहा है जुदा दोनों का रास्ता
दूर जा के भी मुझसे  तुम मेरी यादों में रहना
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना

जितनी थी खुशियाँ सब खो चुकी हैं
बस एक ग़म है के जाता नहीं
समझा के देखा  बहला के देखा
दिल है के चैन इस को आता नहीं
आता नहीं
आँसू हैं के हैं अंगारें  आग है अब आँखों से बहना
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना

रुत आ रही है  रुत जा रही है
दर्द का मौसम बदला नहीं
रंग ये गम का इतना है गहरा
सदियों भी होगा हल्का नहीं
हल्का नहीं
कौन जाने क्या होना है
हमको है अब क्या क्या सहना
कभी अलविदा
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना

तुमको भी है खबर  मुझको भी है पता
हो रहा है जुदा दोनों का रास्ता
दूर जा के भी मुझसे  तुम मेरी यादों में रहना
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना
कभी अलविदा ना कहना
...........................................................................
Kabhi alvida na kehna-Titlesong 2006

Artists: Shahrukh Khan, Rani Mukherji

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Aug 25, 2017

कभी सोचा न था मैने-प्यार किया नहीं जाता २००३

फिल्म प्यार किया नहीं जाता के निर्देशक है महेश मांजरेकर. इस
फिल्म की पटकथा लेखन में भी उन्होंने अपने जौहर दिखलाये हैं.

फिल्म एक प्रेम कथा है जिसके दिवाकर पुंडीर और सोनाली बेंद्रे
प्रमुख पात्र हैं. आज जो गीत आप सुनेंगे उसे आनंदराज आनंद
ने लिखा और संगीतबद्ध किया और इसे गाया है सोनू निगम संग
सोनाली वाजपेयी ने.



गीत के बोल:   

कभी सोचा न था मैने मुझे हो जाएगा प्यार
कभी सोचा न था मैने मुझे हो जाएगा प्यार
दिल दीवाना दीवाने का क्या ऐतबार
क्या ऐतबार क्या ऐतबार

कभी सोचा न था मैने मुझे हो जाएगा प्यार
कभी सोचा न था मैने मुझे हो जाएगा प्यार
दिल दीवाना दीवाने का क्या ऐतबार
क्या ऐतबार क्या ऐतबार

आज मुझको लगा बात कुछ है ज़रूर
पास कितने हो तुम जब हुए मुझसे दूर
बेकरारी है क्यूँ ये खुमारी है क्यूँ
क्यूँ परेशान हैं क्यूँ ये अरमान हैं
तुम क्या गए हो जानम संग ले गए बहार
तुम क्या गए हो जानम संग ले गए बहार
दिल दीवाना दीवाने का क्या ऐतबार
क्या ऐतबार क्या ऐतबार

सच कहूँ प्यार क्या है मैं नहीं जानता था
प्यार की बातें सच हैं मैं नहीं मानता था
क्या मुझे हो रहा है क्या मेरा खो रहा है
मुझको एहसास है क्या मेरी प्यास है
तू नहीं पास मेरे है तेरा इंतज़ार
तू नहीं पास मेरे है तेरा इंतज़ार
दिल दीवाना दीवाने का क्या ऐतबार
क्या ऐतबार क्या ऐतबार

कभी सोचा न था मैने
..........................................................................
Kabhi socha na tha maine-Pyar kiya nahin jaata 2003

Artists: Diwakar Pindir, Sonali Bendre

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