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Mar 12, 2016

सुबह हो गयी मामू-मुन्ना भाई एम् बी बी एस २००३

हिंदी फिल्म इतिहास में कुछ ऐसी फ़िल्में हैं जिन्होंने
जन मानस पर अपना गहरा प्रभाव डाला. ऐसी फिल्मों
में कोई एक मुद्दा ऐसा ज़रूर था जो महानता के गुणों
को हाईलाईट करता. या उनमें कोई सामाजिक मुद्दा होता
जिसका हल जनता ढूंढ रही होती काफी समय से. अपनी
दबी हुई इच्छाएं और आकांक्षाएं हीरो की पूर्ति नायक द्वारा
किये जाने से थोडा ऊपर उठ चूका है आज का दर्शक.

फिल्म का प्रभाव ऐसा पड़ा कि दूसरे की परीक्षा में बैठने
वालों को मुन्ना भाई कह के पुकारा जाना लगा.

फिल्म मुन्ना भाई एम् बी बी एस प्रेम का सन्देश देती है.
डाक्टरी के पेशे को दिव्य पेशा बतलाने की ज़रूरत शायद
समय की मांग थी. डाक्टरों का आम जनता के प्रति कैसा
रवैया रहता है उससे हम सब वाकिफ हैं. प्रेम और करुणा
असंभव को संभव बना देती है इस फिल्म में हमने देखा.
जीवन में हम कई ऐसी चीज़ें देखते हैं जो लॉजिक से परे
होती हैं मगर घटित होती हैं. 

फिल्म का सर्वाधिक लोकप्रिय गीत जिसे एक समय ढेर
सारे लोगों ने अपने मोबाइल की कालर ट्यून बनाया हुआ
था आज आपके लिए पेश है.



गीत के बोल:

चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे
देखो पकड़ों यारों घड़ी के कांटे भागे
चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे
देखो पकड़ों यारों घड़ी के कांटे भागे
एक कहानी खतम तो दूजी शुरू हो गयी मामू
सुबह हो गयी मामू मामू मामू
सुबह हो गयी मामू, मामू रे मामू
चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे

चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे
देखो पकड़ों यारों घड़ी के कांटे भागे
चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे
कितने सिक्के जोड़े सबको ये चिंता है
जीवन है एक बैंक पल पल को गिनता है
कितने सिक्के जोड़े सबको ये चिंता है
जीवन है एक बैंक पल पल को गिनता है
देखो अपने प्यार की सेविंग जवान हो गयी मामू
सुबह हो गयी मामू मामू मामू
सुबह हो गयी मामू, मामू रे मामू

कैसे हँसते जाएँ जब कोई रोता है
किसी का दिल जो तोड़े कैसे वो सोता है
कैसे हँसते जाएँ जब कोई रोता है
किसी का दिल जो तोड़े कैसे वो सोता है
आ मैं तेरे आंसू पोंछू अरे रुमाल दे न मामू
सुबह हो गयी मामू मामू मामू
सुबह हो गयी मामू, मामू रे मामू

चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे
द द देखो पकड़ों यारों घड़ी के कांटे भागे
चंदा मामा सो गए सूरज चाचू जागे
देखो पकड़ों यारों घड़ी के कांटे भागे
एक कहानी खतम तो दूजी शुरू हो गयी मामू
सुबह हो गयी मामू मामू मामू
सुबह हो गयी मामू, मामू रे मामू
………………………………………………………..
Subah ho gayi mamoo-Munna bhai MBBS 2003

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Jan 10, 2016

चल पड़ी चल पड़ी-दिल पे मत ले यार २०००

सिनेमा का प्रकारों की जिन शब्दों द्वारा व्याख्या की जाती है
उसमें से एक शब्द है-समानांतर सिनेमा. कुछ फ़िल्में लीक से
हट कर बनी होती हैं कमर्शियल सिनेमा में भी. आज जिस
फिल्म से गीत सुनवा रहे हैं आपको वो भी लीक से हट के
बनी एक फिल्म है जिसमें मनोज बाजपेई ने शानदार अभिनय
किया है. फिल्म में उनके साथ नायिका हैं-तब्बू. ऐसी फिल्मों
को हम ऑफ-बीट भी कहते हैं.

फिल्म के निर्देशक हैं हंसल मेहता जिन्होंने संजीव कपूर के शो
खाना खज़ाना से अपना कैरियर शुरू किया था. उसके बाद तो
उन्होंने कई सीरियल भी निर्देशित किये. फिल्म उनका सराहनीय
प्रयास रहा और जनता की प्रशंसा भी मिली फिल्म को.

आइये सुनें गीत जिसे सुरेश वाडकर और रूप कुमार राठौड ने
गाया है. अब्बास टायरवाला के लिखे गीत की तर्ज़ बनायीं है
विशाल भरद्वाज ने.





गीत के बोल:


चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी  चल पड़ी  चल पड़ी  चल पड़ी
ओये चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो चल पड़ी
धुल गई भैया धुल गई भैया
धुल गई अपनी तो
खुल गयी भैया खुल गयी भैया
किस्मत तेरी तो
धुल गई भैया धुल गई भैया
धुल गई अपनी तो
खुल गयी भैया खुल गयी भैया
किस्मत तेरी तो
तेरी तो तेरी तो निकल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
ओये चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
ओये चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो चल पड़ी
धुल गई भैया धुल गई भैया
धुल गई अपनी तो
खुल गयी भैया खुल गयी भैया
किस्मत तेरी तो
मटियारे मटियारे ये घटिया खटिया
ओए मटियारे
मटिया दे ये घटिया घटिया
मटिया दे
सोवत है खोवत है खटिया  मटिया दे
जागो जागो भोर भई
अरे दिल उसके संग चला गया
तेरी तो फिसल रही थी तेरी तो उछल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो तेरी तो चल पड़ी

घबराता घबराता हूँ मैं घबराता
अजी घबराता
घबराता घबराता हूँ मैं घबराता
सपनों से हूँ मैं शर्माता
अरे घुस जा घुस जा सपनों में
धीमी धीमी आंच के सपनों में
जो होता है होता है
सब कुछ पलक झपकने में
मेरी तो उछल रही थी
मेरी तो मचल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
मेरी तो चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
मेरी तो चल पड़ी
धुल गई भैया धुल गई भैया
धुल गई अपनी तो
खुल गयी भैया खुल गयी भैया
किस्मत मेरी तो
मेरी तो मेरी तो
मेरी तो निकल पड़ी
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Chal padi chal padi-Dil pe mat le yaar 2000

Artists: Manoj Bajpai

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