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Jun 20, 2020

ओ जाने जाना-मदहोशी २००४

ये उस ज़माने का गाना है जब जॉन अब्राहम और बिपाशा बासु
की जोड़ी फिल्मों में और फिल्मों के बाहर भी दिखा करती थी.

परिभाषा के हिसाब से चलें तो दोनों ही बॉलीवुड के लिए बाहरी
व्यक्ति थे जब उन्होंने अपने कदम अभिनय की राह पर बॉलीवुड
में बढाए. जॉन अब्राहम को संघर्ष करना पद और उन्होंने फिल्मों
से पहले मॉडलिंग का काम किया.

बिपाशा बासु ने भी अजनबी फिल्म से सफर शुरू करने से पहले
मॉडलिंग का काम किया. बिपाशा बासु जॉन से दो साल पहले
इस इंडस्ट्री में आ गई थीं. जॉन की पहली फिल्म है जिस्म. इस
फिल्म में भी जॉन अब्राहम और बिपाशा बासु की जोड़ी है.

बिपाशा को बेस्ट डेब्यू का अवार्ड ज़रूर मिला था पहली फिल्म के
लिए मगर जॉन को जिस्म फिल्म के लिए केवल नोमिनेशन से ही
संतुष्ट होना पड़ा.

सुनते हैं शकील आज़मी लिखित गीत जिसे उदित नारायण और
साधना सरगम ने गाया है रूप कुमार राठौड की धुन पर. गीत में
आपको दो चोटियों वाली हीरोईन के दर्शन होंगे, ये नज़ारा अब
दुर्लभ हो चला है.




गीत के बोल:

ओ हो हो हो हो
ओ जाने जाना ओ जाने जाना
ओ जाने जाना
है साँस जब तक तुम्हें मोहब्बत करेंगे जाना
ओ जाने जाना

करीब आओ तुम्हारी तन्हाईयाँ चुरा लूँ
धड़कते दिल से तुम्हारी बेताबियाँ चुरा लूँ
तुम्हारी आँखों में सात रंगों के ख़्वाब रख दूँ
तुम्हारे होँठों पे चाहत के गुलाब रख दूँ

ओ जाने जाना ओ जाने जाना
ओ जाने जाना
है साँस जब तक तुम्हें मोहब्बत करेंगे जाना
ओ जाने जाना

बना लो अपना के दूर तुमसे न रह सकेंगे
अब एक पल भी गमे जुदाई ना सह सकेंगे
निगाहें प्यासी हैं मुद्दतों के ख़ुमार दे दो
गले लगा के हमें वो पहला सा प्यार दे दो

ओ जाने जाना ओ जाने जाना
ओ जाने जाना
है साँस जब तक तुम्हें मोहब्बत करेंगे जाना
ओ जाने जाना
ओ जाने जाना ओ जाने जाना
ओ जाने जाना
है साँस जब तक तुम्हें मोहब्बत करेंगे जाना
ओ जाने जाना
…………………………………..
O jaane jaana-Madhoshi 2004

Artists: John Abraham, Bipasha Basu

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Feb 3, 2020

सीने में सुलगता है दिल-लावारिस १९९९

फ्यूज़न और कंफ्यूज़न केवल संगीत में नहीं बल्कि
फिल्मों के दृश्यों में भी मिल जाते हैं. ऑडियो में
फ्यूज़न के बाद फ़िल्मी पब्लिक ने सोचा वीडियो
में भी कंफ्यूज़न.. मेरा मतलब फ्यूज़न पैदा किया
जाये. फिल्मकारों के दिमाग में ये वाली लालटेन
गैर फ़िल्मी म्यूज़िक वीडियो की सफलता के बाद
भकाभक जलने लगी.

सुनते हैं एक प्रयोगधर्मी गीत सन १९९९ की फिल्म
लावारिस से. जावेद अख्तर की रचना है और इसका
संगीत राजेश रोशन ने तैयार किया है. इसे गाया है
रूप कुमार राठौड ने. अक्षय खन्ना पर इसे फिल्माया
गया है. मनीषा कोईराला के अलावा आपको कोई और
बाला पहचान में आये तो नाम बतलायें. गीत एक
युगल गीत है और इसमें अलका याग्निक की आवाज़
भी है.




गीत के बोल:

सीने में सुलगता है दिल ग़म से पिघलता है दिल
जितने भी आँसू हैं बहे उतना ही जलता है दिल
कैसी है ये अगन कैसी है ये जलन
कैसी बारिश हुई जल गया है चमन

कैसा ये सितम हो गया पाया जिसे था वो खो गया
लगता है नसीब मेरा हमेशा के लिए सो गया
कैसी है ये अगन कैसी है ये जलन
कैसी बारिश हुई जल गया है चमन

मैं हूँ और यादों की हैं परछाईयां
ठोकरें हैं और हैं रुसवाईयां
दूर तक कुछ भी नज़र आता नहीं
हर तरफ़ फैली हैं बस तन्हाईयां
जलते थे जो मेरे लिए बुझ गए वो सारे दिये
तू ही ये बता दे ज़िंदगी कब तक कोई जिये
कैसी है ये अगन कैसी है ये जलन
कैसी बारिश हुई जल गया है चमन

छा गईं ग़म की घटायें क्या करूं
रो रहीं हैं ये हवायें क्या करूं
घोलती थीं रस जो कानों में कभी
खो गई हैं वो सदायें क्या करूं
जाने अब जाना है कहां
आँखों में है जैसे धुआं
मिलते नहीं हैं रास्ते मिट गये सारे निशां
कैसी है ये अगन कैसी है ये जलन
कैसी बारिश हुई जल गया है चमन
…………………………………………………….
Seene mein sulagta hai dil-Lawaris 1999

Artists: Akshya Khanna, Manisha Koirala

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Aug 15, 2019

वतन वालों वतन ना बेच देना-इन्डियन २००१

आज स्वतंत्रता दिवस है. इस शुभ अवसर पर सुनते हैं एक
देशभक्ति के ज़ज्बे को जगाने वाला और सन्देश देता गीत.
इस दिन देश के हर नागरिक को देश के प्रति समर्पण का
संकल्प दोहराना चाहिए. हर नागरिक के मन में देश की
सेना के प्रति आदर और सम्मान का भाव होना चाहिए.

सन २००१ की फिल्म इन्डियन के लिए इसे आनंद बक्षी ने
लिखा, रूप कुमार राठौड़ ने गाया आनंद राज आनंद की धुन
पर.



गीत के बोल:

वतन वालों वतन ना बेच देना
ये धरती ये गगन ना बेच देना
शहीदों ने जान दी है वतन के वास्ते
शहीदों के कफ़न ना बेच देना

दोस्तों साथियों हम चले दे चले
अपना दिल अपनी जां
ताकि जीता रहे अपना हिन्दुस्तां

हम जिये हम मरे इस वतन के लिए
इस चमन के लिए
ताकि खिलतें रहे गुल हमेशा यहां

दोस्तों साथियों

दोस्तों से मिलो दोस्तों की तरह
दुश्मनों से मिलो दुश्मनों की तरह
जीना क्या मरना क्या बुज़दिलों की तरह
कह रहा ये वतन ये ज़मीं आसमां
माँओं ने अपने बेटे दिये नौजवां
सोच कर और क्या
ताकि जीता रहे अपना हिन्दुस्तां

मातृभूमि का दिल तू नहीं तोड़ना
देश के दुश्मनों को नहीं छोड़ना
मरना जीना तुझे इस वतन के लिए
फ़र्ज़ अपना निभा दे अमन के लिए
नाज़ तुझपे करे ये ज़मीं आसमां
देते हैं ये दुआ
ताकि जीता रहे अपना हिन्दुस्तां

देश के नाम अपनी जवानी लिखी
ये जवानी है क्या ज़िंदगानी लिखी
बस यहां तक की हमने कहानी लिखी
अब लिखो इसके आगे की तुम दास्तां

अब लिखो इसके आगे की तुम दास्तां
फ़र्ज़ कर दो अदा
ताकि जीता रहे अपना हिन्दुस्तां

दोस्तों साथियों हम चले दे चले
अपना दिल अपनी जां
ताकि जीता रहे अपना हिन्दुस्तां
…………………………………………………………
Watan walon watan na bech dena-Indian 2001

Artists: Jawans, Sunny Deol, Jackie Shroff

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Jul 3, 2017

संदेसे आते हैं-बॉर्डर १९९८

सन १९९८ की फिल्म बॉर्डर युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी एक
फिल्म है जिसका निर्माण जे पी दत्ता ने किया था. इसके
कुछ गीत काफी पसंद किये जनता ने.

एक गीतकार की वर्सेटिलिटी इसी से पता चलती है कि वो
सभी प्रकार के प्रभावी गीत लिखने में सक्षम हो. त्योहारों
वाले गीत हों या किसी विशेष अवसर वाले, सभी में उसकी
दक्षता अपेक्षित होती है. इस गीत की ख़ूबसूरती ये है कि
इसमें कहीं भी युद्ध, सीमा, सेना जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं
है. अगर इसका आप केवल ऑडियो सुनेंगे तो ये आपको
यह अपनी धरती से दूर रह रहे लोगों के संस्मरण जैसा
लगेगा. अपनी धरती से जुड़ाव भी देशप्रेम ही है. इसका
वीडियो देशप्रेम से ओतप्रोत है.

९० के दशक में लिखा यह गीत काफी लोकप्रिय है. फिल्म
का नाम है बॉर्डर.  फिल्म का यह गीत गीत जावेद अख्तर
ने लिखा है. सोनू निगम और रूप कुमार राठौड के गाये इस
गीत का संगीत तैयार किया है अन्नू मलिक ने. फिल्म के
सभी प्रमुख कलाकार इस गीत में दिखलाई देते हैं.



गीत के बोल:

संदेसे आते हैं  हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है  वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे  लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है
संदेसे आते हैं  हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है  वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे  लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

किसी दिलवाली ने  किसी मतवाली ने
हमें खत लिखा है  ये हमसे पूछा है
किसी की साँसों ने  किसी की धड़कन ने
किसी की चूड़ी ने  किसी के कंगन ने
किसी के कजरे ने  किसी के गजरे ने
महकती सुबहों ने  मचलती शामों ने
अकेली रातों में  अधूरी बातों ने
तरसती बाहों ने
और पूछा है तरसी निगाहों ने
के घर कब आओगे  के घर कब आओगे 
लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये दिल सूना सूना है

संदेसे आते हैं  हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है  वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे  लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

मोहब्बतवालों ने  हमारे यारों ने
हमें ये लिखा है  कि हमसे पूछा है
हमारे गाँवों ने  आम की छांवों ने
पुराने पीपल ने  बरसते बादल ने
खेत खलियानों ने  हरे मैदानों ने
बसंती बेलों ने  झूमती बेलों ने
लचकते झूलों ने  दहकते फूलों ने
चटकती कलियों ने 
और पूछा है गाँव की गलियों ने
के घर कब आओगे  के घर कब आओगे 
लिखो कब आओगे
के तुम बिन गाँव सूना सूना है

संदेसे आते हैं  हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है  वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे  लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

कभी एक ममता की  प्यार की गंगा की
जो चिट्ठी आती है  साथ वो लाती है
मेरे दिन बचपन के  खेल वो आंगन के
वो साया आंचल का  वो टीका काजल का
वो लोरी रातों में  वो नरमी हाथों में
वो चाहत आँखों में  वो चिंता बातों में
बिगड़ना ऊपर से  मोहब्बत अंदर से 
करे वो देवी माँ
यही हर खत में पूछे मेरी माँ
के घर कब आओगे  लिखो कब आओगे
के तुम बिन आँगन सूना सूना है

संदेसे आते हैं  हमें तड़पाते हैं
जो चिट्ठी आती है  वो पूछे जाती है
के घर कब आओगे  लिखो कब आओगे
के तुम बिन ये घर सूना सूना है

ऐ गुजरने वाली हवा बता
मेरा इतना काम करेगी क्या
मेरे गाँव जा  मेरे दोस्तों को सलाम दे
मेरे गाँव में है जो वो गली
जहाँ रहती है मेरी दिलरुबा
उसे मेरे प्यार का जाम दे
उसे मेरे प्यार का जाम दे
वहीँ थोड़ी दूर है घर मेरा
मेरे घर में है मेरी बूढ़ी माँ
मेरी माँ के पैरों को छू के तू 
उसे उसके बेटे का नाम दे
ऐ गुजरने वाली हवा ज़रा
मेरे दोस्तों  मेरी दिलरुबा
मेरी माँ को मेरा पयाम दे
उन्हें जा के तू ये पयाम दे

मैं वापस आऊंगा  मैं वापस आऊंगा 
घर अपने गाँव में
उसी की छांव में  के माँ के आँचल से
गाँव की पीपल से  किसी के काजल से
किया जो वादा था वो निभाऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा मैं एक दिन आऊंगा
मैं एक दिन आऊंगा मैं एक दिन आऊंगा
.........................................................................
Sandese aate hain-Border 1998

Artists: Kulbhooshan Kharbanda, Akshay Khanna, Sunil Shetty, Sunny Deol, Puneet Issar, Various

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Jun 1, 2016

ज़िन्दगी मौत ना बन जाए-सरफ़रोश १९९९

इस गीत के बोल झकझोरने वाला हैं. देश भक्ति के भाव जगाने
वाला ये गीत है सन १९९९ की फिल्म सरफ़रोश से. इसे जिन दो
गायकों ने गाया है वेहै-सोनू निगम और रूप कुमार राठौड. फिल्म
के निर्देशक है जॉन मैथ्यू मत्थन जिन्होंने एटनबरो की फिल्म
गांधी से बतौर सहायक निर्देशक अपनी शुरुआत की थी. उन्होंने
गोविन्द निहलानी के साथ भी काम किया और एड फ़िल्में भी
बनाईं.

फिल्म सरफ़रोश की काफी तारीफ हुई. फिल्म ने कई पुरस्कार भी
जीते. संगीत पक्ष भी फिल्म का काफी मज़बूत है. प्रस्तुत गीत
इसरार अंसारी ने लिखा है और इसकी धुन जतिन ललित ने बनाई
है.



गीत के बोल:

ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों
खो रहा चैन-ओ-अमन, खो रहा चैन-ओ-अमन
मुश्किलों में है वतन, मुश्किलों में है वतन
सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों

एक तरफ प्यार है, चाहत है, वफादारी है
एक तरफ देश में धोखा है, गद्दारी है
बस्तियां सहमी हुई, सहमा चमन सारा है
ग़म में क्यूं डूबा हुआ आज सब नज़ारा है
आग पानी की जगह अब्र जो बरसाएंगे
लहलाते हुए सब खेत झुलस जायेंगे, जायेंगे, जायेंगे
खो रहा चैन-ओ-अमन, खो रहा चैन-ओ-अमन
मुश्किलों में है वतन, मुश्किलों में है वतन
सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों
चन्द सिक्कों के लिए, तुम ना करो काम बुरा
हर बुराई का सदा होता है अंजाम बुरा

जुर्म वालों की कहाँ उम्र बड़ी है यारों
इनकी राहों में सदा मौत खड़ी है यारों
ज़ुल्म करने से सदा ज़ुल्म ही हासिल होगा
जो न सच बात कहे वो कोई बुजदिल होगा
सरफरोशों ने लहू दे के जिसे सींचा है
ऐसे गुलशन को उजड़ने से बचा लो यारों
सरफरोशी की शमा दिल में जला लो यारों यारों यारों
ज़िन्दगी मौत ना बन जाए, संभालो यारों
...................................................................
Zindagi maut na bane jaaye yaaron-Sarfarosh 1999

Artists-Sonali Bendre, Aamir Khan

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Feb 12, 2016

आँखें तेरी इतनी हंसी-अनवर २००७

गीत पसंद आने की तीन वजहें होती हैं-बोल, संगीत और
तीसरी वजह-कुछ नहीं, बस यूँ ही.इस गीत के पसंद आने
की क्या वजह है ये जानिये इस पोस्ट में.

प्रस्तुत गीत जिस नायिका पर फिल्माया गया है उसकी
आँखों की शान में कुछ ज्यादा कसीदे काडे गए हैं. नायिका
हैं नौहीद सायरसी. नायिका सुन्दर हैं, निस्संदेह, थोड़ी बहुत
एक्टिंग भी कर लेती हैं. नायक हैं सिद्धार्थ कोइराला, मनीषा
कोइराला के भाई.

गीत पसंद आने की सीढ़ी एक वजह है ढाक-चिक ढाक-चिक
स्टाइल का तबला है. शुरू में मुझे ये आतिफ असलम की
गायकी का एक्सटेंशन जैसा लगता था, मगर धीरे धीरे यह
समझ आया रूप कुमार राठौड की गायकी आतिफ की गायकी
से ज्यादा समृद्ध है. गीत में इको और कोरस का प्रभावी
इस्तेमाल किया गया है. अंग्रेजी भाषा में संगीत भक्त कुछ
यूँ कहते हैं-Tune grows on you after a while(गीत आपके ऊपर
कुछ समय बाद उगने लगता है). कुछ ऐसा ही है इस गीत
के साथ, धीरे धीरे आपको ये पसंद आना शुरू होता है.

गीत के बोल सईद कादरी के हैं और संगीत मिथुन का. एक
बढ़िया धुन बनाई है मिथुन ने जिसे लंबे समय तक सुना
जा सकेगा.




गीत के बोल:

मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे

आँखें तेरी
आँखें तेरी इतनी हंसी
के इनका आशिक मैं बन गया हूँ
मुझको बसा ले इनमें तू

इश्क है
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
इश्क है
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
इश्क है
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे

के इनका आशिक मैं बन गया हूँ
मुझको बसा ले इनमें तू

मुझसे ये हर घडी मेरा दिल कहे
तुम्ही हो उसकी आरजू
मुझसे ये हर घडी मेरे लब कहें
तेरी ही हो सब गुफ्तगू
बातें तेरी इतनी हंसी
मैं याद इनको जब करता हूँ
फूलों सी आये खुशबू

रख लूं छुपा के मैं कहीं तुझको
साया भी तेरा न मैं दूं
रख लूं बना के कहीं घर मैं तुझे
साथ तेरे मैं ही रहूँ
जुल्फें तेरी इतनी घनी
देख के इनको ये सोचता हूँ 
साये में इनके मैं जियूं

इश्क है
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
इश्क है
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे
मौला मेरे मौला मेरे

दिल यही बोला मेरा दिल यही बोला
यारा राज़ ये उसने है मुझपे खोला
के है इश्क मोहब्बत है जिसके दिल में 
उसको पसंद करता है मौला
दिल यही बोला मेरा दिल यही बोला
यारा राज़ ये उसने है मुझपे खोला
के है इश्क मोहब्बत है जिसके दिल में 
उसको पसंद करता है मौला
........................................................................
Aankhen teri-Anwar 2007

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Jan 10, 2016

चल पड़ी चल पड़ी-दिल पे मत ले यार २०००

सिनेमा का प्रकारों की जिन शब्दों द्वारा व्याख्या की जाती है
उसमें से एक शब्द है-समानांतर सिनेमा. कुछ फ़िल्में लीक से
हट कर बनी होती हैं कमर्शियल सिनेमा में भी. आज जिस
फिल्म से गीत सुनवा रहे हैं आपको वो भी लीक से हट के
बनी एक फिल्म है जिसमें मनोज बाजपेई ने शानदार अभिनय
किया है. फिल्म में उनके साथ नायिका हैं-तब्बू. ऐसी फिल्मों
को हम ऑफ-बीट भी कहते हैं.

फिल्म के निर्देशक हैं हंसल मेहता जिन्होंने संजीव कपूर के शो
खाना खज़ाना से अपना कैरियर शुरू किया था. उसके बाद तो
उन्होंने कई सीरियल भी निर्देशित किये. फिल्म उनका सराहनीय
प्रयास रहा और जनता की प्रशंसा भी मिली फिल्म को.

आइये सुनें गीत जिसे सुरेश वाडकर और रूप कुमार राठौड ने
गाया है. अब्बास टायरवाला के लिखे गीत की तर्ज़ बनायीं है
विशाल भरद्वाज ने.





गीत के बोल:


चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी  चल पड़ी  चल पड़ी  चल पड़ी
ओये चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो चल पड़ी
धुल गई भैया धुल गई भैया
धुल गई अपनी तो
खुल गयी भैया खुल गयी भैया
किस्मत तेरी तो
धुल गई भैया धुल गई भैया
धुल गई अपनी तो
खुल गयी भैया खुल गयी भैया
किस्मत तेरी तो
तेरी तो तेरी तो निकल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
ओये चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
ओये चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो चल पड़ी
धुल गई भैया धुल गई भैया
धुल गई अपनी तो
खुल गयी भैया खुल गयी भैया
किस्मत तेरी तो
मटियारे मटियारे ये घटिया खटिया
ओए मटियारे
मटिया दे ये घटिया घटिया
मटिया दे
सोवत है खोवत है खटिया  मटिया दे
जागो जागो भोर भई
अरे दिल उसके संग चला गया
तेरी तो फिसल रही थी तेरी तो उछल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
तेरी तो तेरी तो चल पड़ी

घबराता घबराता हूँ मैं घबराता
अजी घबराता
घबराता घबराता हूँ मैं घबराता
सपनों से हूँ मैं शर्माता
अरे घुस जा घुस जा सपनों में
धीमी धीमी आंच के सपनों में
जो होता है होता है
सब कुछ पलक झपकने में
मेरी तो उछल रही थी
मेरी तो मचल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
मेरी तो चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
चल पड़ी चल पड़ी चल पड़ी
मेरी तो चल पड़ी
धुल गई भैया धुल गई भैया
धुल गई अपनी तो
खुल गयी भैया खुल गयी भैया
किस्मत मेरी तो
मेरी तो मेरी तो
मेरी तो निकल पड़ी
................................................................................................
Chal padi chal padi-Dil pe mat le yaar 2000

Artists: Manoj Bajpai

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Feb 28, 2015

तेरे लिए हम हैं जिये-वीर ज़ारा २००४



फिल्म वीर ज़ारा से आपको  एक गीत सुनवाया है पहले.
कहा जाता है कि फिल्म वीर ज़ारा में जो गाने हैं वे
मदन मोहन की बरसों पहले बनाई हुई धुनों को लेकर
बनाये गए हैं. ये काम उनके सुपुत्र ने किया है. ये सब
धुनें टेप पर उपलब्ध थीं उनके पास.


मौसम फिल्म के गाने–दिल ढूँढता है के लिए बनाई गयी
अनेकों धुनों में से एक इधर इस्तेमाल की गयी है. गीत
लता मंगेशकर और रूप कुमार राठौड द्वारा गया गया है. 

आइये सुनें ये गीत. 


गीत  के बोल: 


तेरे लिए, हम हैं जिये, होठों को सीये
तेरे लिए, हम हैं जिये, हर आँसू पिये
दिल में मगर, जलते रहे, चाहत के दीये
तेरे लिए, तेरे लिए

ज़िंदगी, ले के आई है
बीते दिनों की किताब
घेरे हैं, अब हमें
यादें बे-हिसाब
बिन पूछे, मिले मुझे
कितने सारे जवाब
चाहा था क्या, पाया है क्या
हमने देखिए
दिल में मगर

क्या कहूँ, दुनिया ने किया
मुझसे कैसा बैर
हुकुम था, मैं जियूं
लेकिन तेरे बगैर
नादां हैं वो, कहते हैं जो
मेरे लिए तुम हो गैर
कितने सितम, हम पे सनम
लोगों ने किए
दिल में मगर 
...................................................
Tere liye-Veer Zaara 2004

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Sep 2, 2010

ये इश्क है गुनाह-मदहोशी २००४

एक नया गीत पेश है। ये स्क्रीन-केमिस्ट्री स्पेशल गीत है। उल्लेखनीय
है कि केमिस्ट्री शब्द का प्रयोग स्कूल कॉलेज के अलावा सबसे ज्यादा
बॉलीवुड में होता है , क्यूँ होता है ये अधिकांश फिल्म प्रेमी जानते हैं
विशेषकर वे जो फिल्म के प्रोमो, सितारों के इंटरव्यू वगैरह देखा करते
हैं। इसको देखते समय आप आजू बाजू देख के सुनिश्चित कर लें कि कहीं
आपके बच्चे तो आस-पास नहीं हैं !

इसको गाया है आधुनिक ज़माने के सबसे ज्यादा ऊंचे सुर में गा सकने
वाले दो गायकों ने। क्या जुगलबंदी है। यही इस गीत की खूबी है। इसके
गीतकार, संगीतकार को आप याद रखे ना रखें कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

जानकारी के लिए मगर, आपको बता दूं, इसको लिखा है शकील आज़मी
ने और धुन के लिए जिम्मेदार हैं रूप कुमार राठौड़ ।



गीत के बोल:

यह इश्क है गुनाह तो गुनाह कर के देखिये
यह इश्क है गुनाह तो गुनाह कर के देखिये
मोहब्बत मैं ज़िन्दगी तबाह कर के देखिये

हाँ,यह इश्क है गुनाह तो गुनाह कर के देखिये
मोहब्बत मैं ज़िन्दगी तबाह कर के देखिये

चमक उठेगी बिजलियाँ बरस पड़ेगी बदलियाँ
खिलेंगे फूल प्यार के
उड़ेगी दिल मैं तितलियाँ
कभी किसी हसीं पर निगाह कर के देखिये

हाँ,कभी किसी हसीं पर निगाह कर के देखिये
कभी किसी हसीं पर निगाह कर के देखिये
मोहब्बत मैं जिन्दगी तबाह कर देखिये

नशा है कितना इश्क में
मज़ा है कितना इश्क में
जूनून है कितना इश्क में
सुकून है कितना इश्क में
कभी किसी से इश्क में,
कभी किसी हसीं पर निगाह कर के देखिये
हाँ,कभी किसी से इश्क मैं
निबाह कर के देखिये
कभी किसी हसीं पर निगाह कर के देखिये
मुहबत मैं जिन्दगी तबाह कर देखिये
..................................................................
Ye ishq hai gunah-Madhoshi

Artists: Bipasha Basu, John Abraham

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