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Jan 20, 2017

आदमी मुसाफिर है-अपनापन १९७७

लक्ष्मी प्यारे और आनंद बक्षी की टीम ने कई हिट गीत दिये हैं.
फिल्म अपनापन के इस दर्शनवादी गीत को जनता ने काफी
सराहा है. जीतेंद्र, रीना रॉय और सुलक्षणा पंडित अभिनीत इस
फिल्म ने काफी सुर्खियाँ बटोरी थीं रिलीज़ के वक्त. उस दौर
में जीतेंद्र की पारिवारिक कहानियों वाली काफी फ़िल्में आयीं.
कई फिल्मों में उनके साथ दो अभिनेत्रियां होतीं. एक ऐसी ही
चर्चित फिल्म है खानदान, उसमें भी दो अभिनेत्रियां हैं. फिल्म
अपनापन में संजीव कुमार भी मौजूद हैं.

फिल्म का निर्माण और निर्देशन जे ओमप्रकाश ने किया है. उन्हें
‘अ’ शब्स से विशेष लगाव रहा और इस फिल्म का शीर्षक भी
अपनापन है जो ‘अ’ से शुरू होने वाला शब्द है.

इस तरह के गाने वाले किरदार बस ट्रेन में आपने कभी ज़रूर
देखे होंगे. ट्रेन में तो खैर बैठने के लिए काफी जगह होती है.
बस में गाने वालों को कभी मैंने बैठे नहीं देखा. उस लिहाज से
उन्हें इस गीत में सम्मान प्रदान किया गया है. इस गीत के
लिए आनंद बक्षी को फिल्फेयर पुरस्कार मिल चुका है.




गीत के बोल:

आदमी मुसाफिर है  आता है  जाता है
आते जाते रस्ते में  यादें छोड जाता है
आदमी मुसाफिर है  आता है  जाता है
आते जाते रस्ते में  यादें छोड जाता है
आदमी मुसाफिर है  आदमी मुसाफिर है 

झोंका हवा का  पानी का रेला
झोंका हवा का  पानी का रेला
मेले में रह जाये जो अकेला
मेले में रह जाये जो अकेला
फिर वो अकेला ही रह जाता है

आदमी मुसाफिर है  आता है  जाता है
आते जाते रस्ते में  यादें छोड जाता है

कब छोड़ता है  ये रोग जी को
कब छोड़ता है  ये रोग जी को
दिल भूल जाता है जब किसी को
दिल भूल जाता है जब किसी को
वो भूल कर भी याद आता है

आदमी मुसाफिर है  आदमी मुसाफिर है 
आता है  जाता है आता है  जाता है
आते जाते रस्ते में  यादें छोड जाता है

क्या साथ लाये  क्या तोड़ आये
क्या साथ लाये  क्या तोड़ आये
रस्ते में हम क्या-क्या छोड़ आये
रस्ते में हम क्या-क्या छोड़ आये
मंजिल पे जा के याद आता है

आदमी मुसाफिर है  आता है  जाता है
आते जाते रस्ते में  यादें छोड जाता है

जब डोलती है  जीवन की नैया
जब डोलती है  जीवन की नैया
कोई तो बन जाता है खिवैया
कोई तो बन जाता है खिवैया
कोई किनारे पे ही डूब जाता है

आदमी मुसाफिर है  आता है  जाता है
आते जाते रस्ते में  यादें छोड जाता है
यादें छोड जाता है
यादें छोड जाता है
..........................................................................
Aadmi musafir hai-Apnapan 1977

Artists: Jeetendra, Sulakshana Pandit, Sudhir Dalvi, Nivedita Joshi(Saraf)

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