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Aug 18, 2018

मेरी साँसों में बसा है(अलका)-और प्यार हो गया १९९७

आप पढ़ चुके हैं कि प्यार कोई बुखार जैसा है जब चाहे हो
जाता है, कहीं भी हो जाता है और किसी से भी हो जाता है.
फिल्म में जब ये नायक को होता है तो नायिका को भी
होता है. ये कभी कभी सेल्फ इन्डकशन से होता है तो कभी
ये म्यूचुअल इन्डकशन से हो जाता है.

जब ये कुछ ग्राम के बजाय किलोग्राम में होता है तब फिल्म
में नायक नायिका के एक जैसे गाये एकल गीत भी होते हैं.

सुनते हैं अलका याग्निक की आवाज़ में फिल्म-और प्यार हो
गया से एक गीत जिसकी धुन मशहूर नुसरत फ़तह अली खान
ने बनाई है. गीत के बोल जावेद अख्तर के हैं. यह गीत अपने
समय का लोकप्रिय गीत है. उदित वाला तर्जुमा ज्यादा पॉपुलर
है.





गीत के बोल:

मेरी साँसों में बसा है तेरा ही इक नाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
मेरी साँसों में बसा है तेरा ही इक नाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

तू मेरे दिन में रातों में ख़ामोशी में बातों में
बादल के हाथों मैं भेजूँ तुझको ये पयाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

मेरी साँसों में बसा है तेरा ही इक नाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

ग़म की है इक बदली छाई दिल दे के मैंने है पाई
वीरानी सी वीरानी तन्हाई सी तन्हाई
ग़म की है इक बदली छाई दिल दे के मैंने है पाई
वीरानी सी वीरानी तन्हाई सी तन्हाई
आँखें भीगे दिल जले मिले ये चाहत के सिले
लेकिन तुझसे हैं मुझे ना कोई शिकवे ना गिले
मर जाऊँ तो भी न लगाऊँ कोई तुझपे इल्ज़ाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

मेरी साँसों में बसा है तेरा ही इक नाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

तेरे बिन क्यूँ ना ग़मगीं हूँ बिन तेरे कुछ भी तो नहीं हूँ
तेरे बिन मैं तन्हा जहाँ थी बिन तेरे फिर आज वहीं हूँ
तेरे बिन क्यूँ ना ग़मगीं हूँ बिन तेरे कुछ भी तो नहीं हूँ
तेरे बिन मैं तन्हा जहाँ थी बिन तेरे फिर आज वहीं हूँ
सूने सूने रास्ते हैं सभी मेरे वास्ते
बोझल बोझल धड़कनें मेरे ये ग़म के दिन गिने
अब आँखें ग़म के प्याले हैं पहले थे ये जाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

मेरी साँसों में बसा है तेरा ही इक नाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

तू मेरे दिन में रातों में ख़ामोशी में बातों में
बादल के हाथों मैं भेजूँ तुझको ये पयाम
………………………………………………………
Meri saanson mein basa hai(Alka)-Aur pyar ho gaya 1997

Artist: Aishwarya Rai

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Feb 14, 2018

मेरी साँसों में बसा है-और प्यार हो गया १९९७

प्यार जैसे कोई बुखार है जब चाहे हो जाता है, कहीं भी
हो जाता है, किसी से भी हो जाता है. प्यार में डॉक्टर
काम नहीं आता ये ऐसा मर्ज़ है जिसमें स्व-चिकित्सा से
काम चलाना पढता है.

किसी गीत में “साँसों में बसा/बसी महका/महकी” सुनता
हूँ तो मुझे टूथपेस्ट के विज्ञापन याद आने लगते हैं. सुनते
हैं उदित नारायण की आवाज़ में और प्यार हो गया फिल्म
से एक गीत जिसकी धुन मशहूर नुसरत फ़तह अली खान
ने बनाई है. गीत के बोल जावेद अख्तर के हैं. गीत अपने
समय का लोकप्रिय गीत है.





गीत के बोल:

मेरी साँसों में बसा है तेरा ही इक नाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तू मेरे दिन में रातों में ख़ामोशी में बातों में
बादल के हाथों मैं भेजूँ तुझको ये पयाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

मेरी साँसों में बसा है तेरा ही इक नाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

आँखों में तस्वीर है जैसे तू मेरी तकदीर है जैसे
उस दिल से इस दिल तक आती धडकन की ज़ंजीर है जैसे
ख्वाबों ख्वाबों तू मिले न जाने क्या है सिलसिले
पलकों पर ये प्यार के न जाने कितने गुल खिले
तेरे ख्वाब सजाते रहना अब है मेरा काम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

फूलों पर शबनम की नमी है रंगों की महफ़िल सी जमी है
मौसम भी मंज़र भी मैं भी कहते हैं बस तेरी कमी है
बागों में जो हम मिले तो गाये सारी कोयलें
महके सारा ये समां हवाएं महकी सी चलें
तेरी खुशबू से भर जाएँ कलियों के ये जाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

मेरी साँसों में बसा है तेरा ही इक नाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम
तेरी याद हमसफ़र सुबह-ओ-शाम

तू मेरे दिन में रातों में ख़ामोशी में बातों में
बादल के हाथों मैं भेजूँ तुझको ये पयाम
……………………………………………………………….
Meri saanson mein basa hai(Udit)-Aur pyar ho gaya 1997

Artist: Bobby Deol, Aishwarya Rai

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