Showing posts with label Daera. Show all posts
Showing posts with label Daera. Show all posts

Sep 7, 2017

आ भी जा मेरी दुनिया में-दायरा १९५३

एक कम सुना हुआ मधुर गीत सुनते हैं फिल्म दायरा से. इसे
संगीत से संवारा है जमाल सेन ने.

मजरूह की रचना है और तलत महमूद की आवाज़. इसे फिल्माया
गया है नासिर खान पर.




गीत के बोल:

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल

आ मिले तेरी नज़रों से ऐसे नज़र
कुछ न अपनी ख़बर हो न तेरी ख़बर
लाख ढूँढूं मगर फिर न पाऊँ कहीं
यूँ मुहब्बत के तूफ़ान में बह जाये दिल

तेरी साँसों की खुशबू में खो जाऊँ मैं
छाँव में तेरी पलकों की सो जाऊँ मैं
तू ही तो मेरे ख़्वाबों की है नाज़नीन
क्यूँ न तेरे लिये झूम कर गाये दिल

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल

चाँदनी की तरह मेरी महफ़िल में आ
कोई आहट न हो इस तरह दिल में आ
आस्मान है जो दुश्मन तो ज़ालिम ज़मीन
हो न ऐसा के कहना पड़े हाय दिल

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
……………………………………………………….
Aa bhi ja meri duniya mein-Daera 1953

Artist: Nasir Khan

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP