Showing posts with label Jamal Sen. Show all posts
Showing posts with label Jamal Sen. Show all posts

May 2, 2018

सपना बन साजन आये-शोखियाँ १९५१

सन १९५१ की फिल्म शोखियाँ केदार शर्मा निर्देशित फिल्म है.
इस फिल्म के गीत श्रवणीय हैं . जमाल सेन की ये धुनें
अपने समकालीन संगीतकारों की धुनों से कहीं कम नहीं हैं.

प्रस्तुत गीत को सुन कर ही आप अंदाजा लगा लेंगे इसकी
गुणवत्ता का. बोल केदार शर्मा ने लिखे हैं और वे अपने समय
के एक अच्छे गीतकार थे. गीत लता मंगेशकर ने गाया है.
क्लिप में आपको सुरैया चंवर ढुलाते नज़र आएँगी.




गीत के बोल:

सोई कलियाँ आ आ आ आ
हँस पड़ी झुके लाज से नैन
वीणा की झंकार में तड़पन लागे बैन

सपना बन साजन आये
सपना बन साजन आये
हम देख देख मुस्कायें
हम देख देख मुस्कायें
ये नैना भर आये शरमाये
सपना बन साजन आये
सपना बन साजन

बिछ गये बादल बन कर चादर
बिछ गये बादल बन कर चादर
इन्द्रधनुष पे हमने जा कर
झूले खूब झुलाये
झूले खूब झुलाये

ये नैना भर आये शरमाये
सपना बन साजन आये
नीलगगन के सुन्दर तारे
नीलगगन के सुन्दर तारे
चुन लिये फूल समझ अति न्यारे
चुन लिये फूल समझ अति न्यारे
झोली में भर लाये
झोली में भर लाये

ये नैना भर आये शरमाये
सपना बन साजन आये

मस्त पवन थी हम थे अकेले
मस्त पवन थी हम थे अकेले
हिल मिल कर बरखा संग खेले
हिल मिल कर बरखा संग खेले
फूले नहीं समाये
हम फूले नहीं समाये

ये नैना भर आये शरमाये
सपना बन साजन आये
सपना बन साजन आये
............................................................
Sapna ban saajan aaye-Sokiyan 1951

Artist: Supriya, Premnath, Suraiya

Read more...

Sep 7, 2017

आ भी जा मेरी दुनिया में-दायरा १९५३

एक कम सुना हुआ मधुर गीत सुनते हैं फिल्म दायरा से. इसे
संगीत से संवारा है जमाल सेन ने.

मजरूह की रचना है और तलत महमूद की आवाज़. इसे फिल्माया
गया है नासिर खान पर.




गीत के बोल:

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल

आ मिले तेरी नज़रों से ऐसे नज़र
कुछ न अपनी ख़बर हो न तेरी ख़बर
लाख ढूँढूं मगर फिर न पाऊँ कहीं
यूँ मुहब्बत के तूफ़ान में बह जाये दिल

तेरी साँसों की खुशबू में खो जाऊँ मैं
छाँव में तेरी पलकों की सो जाऊँ मैं
तू ही तो मेरे ख़्वाबों की है नाज़नीन
क्यूँ न तेरे लिये झूम कर गाये दिल

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल

चाँदनी की तरह मेरी महफ़िल में आ
कोई आहट न हो इस तरह दिल में आ
आस्मान है जो दुश्मन तो ज़ालिम ज़मीन
हो न ऐसा के कहना पड़े हाय दिल

आ भी जा मेरी दुनिया में कोई नहीं
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
बिन तेरे कब तलक यूँ ही घबराये दिल
……………………………………………………….
Aa bhi ja meri duniya mein-Daera 1953

Artist: Nasir Khan

Read more...

May 13, 2017

बीता हुआ इक सावन-शोखियाँ १९५१

जमाल सेन का अधिकाँश समय दूसरे संगीतकारों के
सहायक के रूप में बीता. कुछ फिल्मों में उन्होंने बतौर
स्वतंत्र संगीतकार संगीत दिया उनमें से एक है शोखियाँ.
इस फिल्म में सुरैया नायिका हैं.

इस फिल्म से सुनते हैं लता का गाया गीत जिसे लिखा
है केदार शर्मा ने. फिल्म में इस गीत को जगह ना मिल
सकी और इसे काफी बाद में एक टेलीफिल्म में प्रयोग
किया गया ८० के दशक में. लता मंगेशकर ने इतना
रुक रुक के कभी कोई गज़ल भी नहीं गाई होगी




गीत के बोल:

बीता हुआ इक सावन इक याद तुम्हारी
बीता हुआ इक सावन इक याद तुम्हारी
ले दे के ये दो बातें दुनिया है हमारी
बीता हुआ इक सावन

मजबूर बहुत दूर ये तक़दीर के खेते
आराम से सोये न कभी चैन से लेटे
न कभी चैन से लेटे
आँखों में कटी जब भी कटी रात हमारी
ले दे के ये दो बातें दुनिया है हमारी
बीता हुआ इक सावन

इक बार बरसने दो बरसती हैं घटाएँ
हम रोते हैं दिन रात बता किसको बताएँ
बता किसको बताएँ
हँसती है हमें देख के तक़दीर हमारी
ले दे के ये दो बातें दुनिया है हमारी
बीता हुआ इक सावन

भर पाये मुहब्बत से दिल टूट गया है
तू रूठा तो ले सारा जहाँ रूठ गया है
ये जहाँ रूठ गया है
इक साथ दिये जाती है ये ठेस हमारी
ले दे के ये दो बातें दुनिया है हमारी
बीता हुआ इक सावन
……………………………………………………..
Beeta hua ek sawan-Shokhiyan 1951

Read more...

Feb 7, 2010

दूर देश से आ जा रे-शोखियाँ १९५१

लता मंगेशकर और सुरैया के युगल गीत दुर्लभ हैं। ये है १९५१ की फिल्म
'शोखियाँ' से एक गीत जिसकी धुन बनाई है जमाल सेन ने। जमाल सेन
एक सिद्ध हस्त ताल वाद्य वादक थे। उन्होंने कई संगीतकारों को अपनी
सेवाएं दीं। इस गीत में सुरैया नृत्य करती भी दिखाई दे रही हैं। कुछ कुछ
आदिवासी वेशभूषा पहने कलाकार किस जगह की संस्कृति का प्रतिनिधित्व
कर रहे हैं बीना फिल्म देखे कह पाना मुश्किल है। गीत लिखा है केदार शर्मा
ने जिन्होंने निर्देशन के अलावा गीत लेखन में भी तबियत से करतब दिखाए
५० के दशक में। बोल साफ़ सुनाई नहीं देते। जिसके कान ६/६ हों वो कृपया
मदद करें।



गीत के बोल:

हो हो हो हो हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ
हो हो हो हो हो ओ ओ ओ
हो ओ ओ ओ ओ ओ
हो, दूर देश से आ जा रे
हो, दूर देश से आ जा रे
आ जा रे, आ जा रे
मोसे रहा नहीं जाए
मोसे रहा नहीं जाए
मैं मोरनी मर जाऊंगी

सारी देर तोहे ननदिया
मोरी पथी ??? हंसी उडाये

छोड़ के जो, जाए परदेसी
छोड़ के जो, जाए परदेसी
पाछे लौट ना आये
पाछे लौट ना आये

आ के धीर बंधा रे
आ जा रे, आ जा रे
मोसे रहा नहीं जाए
मोसे रहा नहीं जाए
मैं मोरनी मर जाऊंगी

बन बन भटकूँ रैन दिवस
जिया जिस बित कल ना ही पाए

नगरी जो सूनी भई
नगरी जो सूनी भई
ये नैना क्यों भर आये
ये नैना क्यों भर आये

नैनों की प्यास बुझा जा रे
आ जा रे, आ जा रे
मोसे रहा नहीं जाए
मोसे रहा नहीं जाए
मैं मोरनी मर जाऊंगी

उमड़ उमड़ कर बदरिया
बरस बरस तरसाए

सावन की ये चोंचलें मोहे
आठों पहर जलाएं
आठों पहर जलाएं

सावन को समझा जा रे
आ जा रे, आ जा रे
मोसे रहा नहीं जाए
मोसे रहा नहीं जाए
मैं मोरनी मर जाऊंगी

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP