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Jul 9, 2016

दुःख से भरा हुआ है दिल-जान पहचान १९५०

एक थे गायक शंकर दासगुप्ता. उन्हें मुख्य गीत ज्यादा नहीं
मिले गाने के लिए फिल्मों में मगर उनकी आवाज़ में दम
है. खेमचंद प्रकाश, जैसा हम पहले बतला चुके हैं बहुत ही
प्रभावशाली और उच्च कोटि के संगीतकार थे, उस समय की
उपलब्ध प्रतिभाओं का दोहन अच्छी तरह से करना जानते
थे जैसा कि आज के संगीतकार ऐ आर रहमान किया करते
हैं. रहमान का नाम हमने इसलिए लिए क्यूंकि हमारे ब्लॉग
के पाठक काफी सारे नयी पीढ़ी से हैं और उन्हें ये तुलना
ज़ल्दी समझ आएगी. अगर हम खय्याम और एस डी बर्मन
के उदाहरण दें तो समय लगेगा उन्हें समझने में.

जैसे रहमान किसी एक गायक/गायिका पर निर्भर नहीं हैं
वैसे ही समझ लें खेमचंद प्रकाश को शायद ही फर्क पढ़ा
इस बात से कि हो गाने वाला कौन है? लता मंगेशकर ने
सन १९५० तक जितने भी गाने गा लिए हों, उन्हें बेहिसाब
प्रसिद्धि फिल्म महल के गाने-आएगा आने वाला से ही मिली.

गौर फरमाएं प्रस्तुत गीत राज कपूर पर फिल्माया गया है.
वही राज कपूर जिन्होंने मुकेश को अपनी आवाज़ के रूप
में चुना. राज कपूर ने तलत और रफ़ी की आवाजों पर भी
अपने होंठ हिलाए हैं.




गीत के बोल:

दुःख से भरा हुआ है दिल
जीने में कुछ मज़ा नहीं
दुःख से भरा हुआ है दिल
जीने में कुछ मज़ा नहीं

टूट गये सब आसरे
टूट गये सब आसरे
अब कोई आसरा नहीं

दुःख से भरा हुआ है दिल

दर्द से दिल निढाल है
आज ये अपना हाल है
दर्द से दिल निढाल है
आज ये अपना हाल है
रूठी हुई है ज़िंदगी
रूठी हुई है ज़िंदगी
मौत का भी पता नहीं

दुःख से भरा हुआ है दिल

बिगड़े हुए नसीब ने
लूट लिया चमन मेरा चमन मेरा
बिगड़े हुए नसीब ने
लूट लिया चमन मेरा चमन मेरा
हाय ख़िज़ा
हाय ख़िज़ा तू ग़म न कर
हाय ख़िज़ा तू ग़म न कर
तेरी कोई खता नहीं

दुःख से भरा हुआ है दिल
जीने में कुछ मज़ा नहीं
दुःख से भरा हुआ है दिल
............................................................
Dukh se bhara hai dil-jaan Pehchan 1950

Artist-Raj Kapoor

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Jul 4, 2016

अरमान भरे दिल की लगन तेरे लिये है–जान-पहचान १९५०

४० के दशक के एक संगीतकार मेलोडी के लिए जाने जाते थे.
उनका नाम है खेमचंद प्रकाश. उन्होंने जो भी संगीत दिया वो
जनता को पसंद आता था. धुन, गति और उतार चढाव उनके
गीतों में विशिष्ट किस्म का होता था.

आज आपको एक युगल गीत सुनवाते हैं फिल्म जान पहचान
से जो सन १९५० की फिल्म है. प्रस्तुत गीत काफी सुना गया
गीत है. तलत और गीता के युगल गीत कुछ अलग ही स्वाद
वाले हैं.

राज कपूर और नर्गिस पर फिल्माया गया है इस गीत को जो
शायद अपने आप में अनूठा है. गीता दत्त की आवाज़ नर्गिस
के लिए और तलत की आवाज़ राज कपूर के लिए. वैसे बेवफा
फिल्म में ए आर कुरैशी के संगीत निर्देशन में ४-५ गीत हैं
जो तलत ने राज कपूर के लिए गाये हैं. गीत शकील बदायूनीं
का लिखा हुआ है. गीत में अभिनेता और अभिनेत्री का नाम
आता है.




गीत के बोल:

अरमान भरे दिल की लगन तेरे लिये है
अरमान भरे दिल की लगन तेरे लिये है
हो लगन तेरे लिये है
हो लगन तेरे लिये है
नज़रें मेरे जीवन की सजन तेरे लिये है
हो सजन तेरे लिये है
हो सजन तेरे लिये है

लूटा है मेरे दिल ने मोहब्बत क खज़ाना
हो मोहब्बत क ख़ज़ाना
हो मोहब्बत क ख़ज़ाना
जो तेरी कहानी है वही मेरा फ़साना
हो वही मेरा फ़साना
हो वही मेरा फ़साना
ये फूल ये ख़ुश्बू ये चमन तेरे लिये है
हो चमन तेरे लिये है
हो चमन तेरे लिये है
अरमान भरे दिल की लगन तेरे लिये है

क्यों प्यार की दुनिया में न हो राज हमारा
क्यों न हो राज हमारा
क्यों न हो राज हमारा
है दिल को तेरी नरगिसी आँखों का सहारा
तेरी आँखों का सहारा
तेरी आँखों का सहारा
ये चाँद ये धरती ये गगन तेरे लिये है
हो गगन तेरे लिये है
हो गगन तेरे लिये है

अरमान भरे दिल की लगन तेरे लिये है
हो लगन तेरे लिये है
……………………………………………………………………….
Armaan bhare dil ki lagan-Jaan pehchan 1950

Artists: Raj Kapoor, Nargis

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