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Aug 2, 2020

गुनगुन गुंजन करता भंवरा-हर हर महादेव १९५०

आज हिंदी सिनेमा जगत की जिन हस्तियों के जन्मदिन हैं
उनमें से एक हैं गीतकार रमेश शास्त्री. उनका लिखा बरसात
फिल्म का गीत आप सुन चुके हैं. एक गीत हमने सन १९५०
की फिल्म हर हर महादेव से भी सुनवाया है आपको पहले.

आज सुनते हैं हर हर महादेव फिल्म से एक और गीत जिसे
गीता दत्त ने गाया है. संगीत अविनाश व्यास का है.




गीत के बोल:

गुन गुनगुन गुन गुनगुन गुंजन करता भंवरा
तुम कौन संदेशा लाये
गुन गुनगुन गुन गुनगुन गुंजन करता भंवरा
तुम कौन संदेशा लाये
प्रेम मंतर चुपके से कह दो जो प्रीतम कहलाये
तुम कौन संदेशा लाये

इन नैनों में चैन नहीं है
इन नैनों में चैन नहीं है
सबके दिल कोई बैन नहीं है
हार उन्हीं के लिए रंक ने फूलन घेर बिछाए
तुम कौन संदेशा लाये

गुन गुनगुन गुन गुनगुन गुंजन करता भंवरा
तुम कौन संदेशा लाये

मेरा मन डोले रे डोले
ओ मेरा मन डोले रे डोले
वो क्या बोले रे बोले
मेरा मन डोले रे डोले
वो क्या बोले रे बोले
मैं उनके मन भाई हूँ
मैं उनके मन भाई हूँ क्या यही गीत तू गाये
तुम कौन संदेशा लाये

गुन गुनगुन गुन गुनगुन गुंजन करता भंवरा
तुम कौन संदेशा लाये
तुम कौन संदेशा लाये
तुम कौन संदेशा लाये
………………………………………………..
Gungun gunjan karta bhanwra-Har Har Mahadev 1950

Artist: Nirupa Roy

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Jan 1, 2020

अच्छा जी माफ़ कर दो-मुसाफ़िरखाना १९५५

इस ब्लॉग के पाठकों को नववर्ष की शुभकामनाएं.

नया साल केवल रेसोल्यूशंस वाला हो ज़रूरी नहीं है.
पिछले साल के खोये-पाए का हिसाब और उसपर
डेफिनिटिव एक्शन का भी है. पुराना छोड़ने और
नया पकड़ने का भी है.

सुनते हैं मजरूह सुल्तानपुरी का लिखा हुआ गीत
जिसे गीता दत्त और रफ़ी ने गाया है. इस गीत का
संगीत तैयार किया है ओ पी नैयर ने.

किसी ज़माने में बंदर और बंदरिया का नाच आपने
देखा होगा. मदारी नचाया करता था मजमा लगा कर.
जिस किसी ने नहीं देखा है वो मीडिया के कुछ एक
कार्यक्रम देख के समझ सकता है.



गीत के बोल:

अच्छा जी माफ़ कर दो थोड़ा इन्साफ़ कर दो
दिल पर जो तीर चलाये उनका हिसाब कर दो
अच्छा जी माफ़ कर दो थोड़ा इन्साफ़ कर दो
दिल पर जो तीर चलाये उनका हिसाब कर दो
जाओ जी माफ़ किया हमने इन्साफ़ किया
इस दिल को दिल में रख के झगड़ा ही साफ़ किया
जाओ जी माफ़ किया हमने इन्साफ़ किया
इस दिल को दिल में रख के झगड़ा ही साफ़ किया
अच्छा जी माफ़ कर दो

तेरी नज़र तो दिल में कर के तूफ़ान गई
तेरी नज़र तो दिल में कर के तूफ़ान गई
तेरी अदा ही ठहरी अपनी तो जान गई
तेरी अदा ही ठहरी अपनी तो जान गई

अच्छा जी माफ़ कर दो थोड़ा इन्साफ़ कर दो
दिल पर जो तीर चलाये उनका हिसाब कर दो
जाओ जी माफ़ किया हमने इन्साफ़ किया
इस दिल को दिल में रख के झगड़ा ही साफ़ किया
अच्छा जी माफ़ कर दो

चोरी से आये दिल में तुमने क़सूर किया
चोरी से आये दिल में तुमने क़सूर किया
देखा ना भाला क्यों जी इतना ग़ुरूर किया
देखा ना भाला क्यों जी इतना ग़ुरूर किया

अच्छा जी माफ़ कर दो थोड़ा इन्साफ़ कर दो
दिल पर जो तीर चलाये उनका हिसाब कर दो
जाओ जी माफ़ किया हमने इन्साफ़ किया
इस दिल को दिल में रख के झगड़ा ही साफ़ किया
अच्छा जी माफ़ कर दो

सबसे कहूँगा तूने दिल बेक़रार किया
सबसे कहूँगा तूने दिल बेक़रार किया
मेरा ही बन के दिलबर मुझपे ही वार किया
मेरा ही बन के दिलबर मुझपे ही वार किया

अच्छा जी माफ़ कर दो थोड़ा इन्साफ़ कर दो
दिल पर जो तीर चलाये उनका हिसाब कर दो
जाओ जी माफ़ किया हमने इन्साफ़ किया
इस दिल को दिल में रख के झगड़ा ही साफ़ किया
अच्छा जी माफ़ कर दो

तूने वो चाल चल दी जिसका हिसाब नहीं
तूने वो चाल चल दी जिसका हिसाब नहीं
चोरी और सीनाज़ोरी तेरा जवाब नहीं
चोरी और सीनाज़ोरी तेरा जवाब नहीं

अच्छा जी माफ़ कर दो थोड़ा इन्साफ़ कर दो
दिल पर जो तीर चलाये उनका हिसाब कर दो
जाओ जी माफ़ किया हमने इन्साफ़ किया
इस दिल को दिल में रख के झगड़ा ही साफ़ किया
अच्छा जी माफ़ कर दो
………………………………………………
Achchha ji maaf kar do-Musafirkhana 1955

Artists: Karan Deewan, Shyama

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Dec 7, 2019

अरे तौबा ये तेरी अदा-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

१९५८ की फिल्म ट्वेल्व ओ क्लॉक से अगला गीत पेश है
जिसके मुखड़े में हँसती बिजली और गाता शोला का जिक्र
है. सटीक बात है. हेलन के नृत्य और गीता दत्त की आवाज़
का कोई जोड़ हमें नहीं मिला आज तक.

मजरूह सुल्तानपुरी की रचना है जिसे ओ पी नैयर ने संगीत
से संवारा है. इस गीत में आपको मेरा नाम चिन चिन चू
की परछाई मिल जायेगी. दोनों फ़िल्में १९५८ की हैं. दोनों
गीतों की गायिका गीता दत्त हैं. संगीतकार भी वही हैं बस
गीतकार बदल गए हैं.






गीत के बोल:

अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा

मिलती झुकती सी आँखें रुकता चलता सा जादू
जिसके पहलू में दिल हो पाए वो कैसे काबू
उफ़ ये निगाहें लहराती बाहें उफ़ ये निगाहें लहराती बाहें
कहता है दिल आज के कुछ ऐसा वैसा होगा

अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा

थोडा सा आँखें डाले थोडा सा मुखडा खोले
ऐसी अदाओं पे तो दिल मेर यूँ यूँ डोले
तड़पे है घायल महफ़िल की महफ़िल
तड़पे है घायल महफ़िल की महफ़िल
कहता है दिल आज के कुछ ऐसा वैसा होगा

अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा

सॉरी सॉरी महफ़िल से नज़रें उल्फा ना देखो
आधी आधी रातों को जुल्फें बिखरा ना देखो
छाई सियाही आई तबाही छाई सियाही आई तबाही
कहता है दिल आज के कुछ ऐसा वैसा होगा

अरे तौबा अरे तौबा ये तेरी अदा
हँसती बिजली गाता शोला ये किसने देखा
अरे तौबा
………………………………………………….
Are tauba-12 O clock 1958

Artists: Helen, Rehman

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Dec 5, 2019

देख इधर ए हसीना-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

जुल्फें ना हुई गोया कोई पेड़ की शाखें या झाडी हो
गई जो छाया भी देती हैं. जुल्फों की छांव पर हमारे
कवियों और गीतकारों के काफी तारीफ और उल्लेख
भरी कवितायेँ और गीत रच दिये.

नायक ने टोपी पहन राखी है फिर भी उसे गर्मी लग
रही है और वो जुल्फों के साये की डिमांड कर रह है.
ऐसे में तो उसे पुदीने वाला जलजीरा पीना चाहिए.
हाफ कट जुल्फों से भला कितनी छांव हो सकेगी?

हास्य गीत में हास्य के अलावा और क्या छुपा हो
सकता है ये समझना पड़ता है. कभी कभी ये व्यंग्य
हो सकता है तो कभी सहज बुद्धूपना. निपट मूर्खता
शब्द मेरे दिमाग में आये थे क्यूंकि कई गीतों में
बेतुकी सी सिचुएशंस होती हैं जिन्हें इनसे बढ़िया
शब्दों से नहीं बखाना जा सकता है. गीतकार एक
सेंसिटिव पर्सन होता है अतः आप सटीक टिप्पणी
तभी कर सकते हैं जब आपके पास भी वैसा ही
फर्टाइल दिमाग हो सोचने वाला.

रफ़ी और गीता दत्ता का गाया गीत सुनते हैं जिसे
लिखा है साहिर लुधियानवी ने और धुन बनाने वाले
संगीतकार का नाम है ओ पी नैयर. शफ़ा शब्द का
मतलब है दवाई.



गीत के बोल:

देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना

सुन ले कभी दिल की सदा
ओ नाजनीन जी न जला
सुन ले कभी दिल की सदा
ओ नाजनीन जी न जला
बीमार-ए-गम हूँ शफ़ा मुझको दे
दामन से अपने हवा मुझको दे
बीमार-ए-गम हूँ शफ़ा मुझको दे
दामन से अपने हवा मुझको दे

हॉय मैं हूँ मैडम मरीना ओ रे फटफट पसीना
दूर से बात करना पास आना कभी ना
मैं हूँ मैडम मरीना

लाखों ही जब आहें भरें
तुम ही कहो हम क्या करें
लाखों ही जब आहें भरें
तुम ही कहो हम क्या करें
किस किस के दिल की खबर कोई ले
किस किस के गम का असर कोई ले
किस किस के दिल की खबर कोई ले
किस किस के गम का असर कोई ले

हाय  देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना

मुद्दत से हूँ बर्बाद मैं
शीरी है तू फ़रहाद मैं
मुद्दत से हूँ बर्बाद मैं
शीरी है तू फ़रहाद मैं
ये न समझना के घर जाऊँगा
मैं तेरी चौखट पे मर जाऊँगा
हो ये न समझना के घर जाऊँगा
मैं तेरी चौखट पे मर जाऊँगा

हाय मैं हूँ मैडम मरीना ओ रे फटफट पसीना
दूर से बात करना पास आना कभी ना
हाय देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
ओ देख इधर ए हसीना
……………………………………………………………..
Dekh idhar ae haseena-12 O clock 1958

Artists: Johny Walker, Ashita Majumdar

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Dec 4, 2019

अजी ओ सुनो तो- ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

हिंदी सिनेमा में सस्पेंस वाली फिल्मों को बनाना और
ऐसे बनाना कि वो सिनेमा हॉल में चल पायें आसान
काम नहीं है. बिना गानों के तो केवल डॉक्यूमेंट्री ही
बना करती है. भूत वाली पिक्चरों में भी ठुमके चाहिए
पब्लिक को. अब समोसे के साथ चटनी की आदत
लगाई है तो वो तो धीरे धीरे ही जायेगी. जैसे मौसंबी
के जूस के साथ गुल्लू-कोज़ होना ज़रूरी है वैसे ही
फिल्मों में गाने ज़रूरी हैं.

सुनते हैं फिल्म से अगला गीत गीता दत्त की आवाज़
में. बोल एक बार फिर से मजरूह सुल्तानपुरी के हैं
और संगीत ओ पी नैयर का.





गीत के बोल:

अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
दिया था तुम्हें दिल यही दिन थे यही था ज़माना
अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना

अच्छी नहीं ये दिल्लगी खामोश क्यूँ बैठे हो जी
अच्छी नहीं ये दिल्लगी खामोश क्यूँ बैठे हो जी
दिल से मेरे क्यूँ दूर हो यूँ दूर हो कुछ तो कहो

अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
दिया था तुम्हें दिल यही दिन थे यही था ज़माना

सोचो ज़रा याद आयेगी जादू भरी वो चांदनी
सोचो ज़रा याद आयेगी जादू भरी वो चांदनी
चन्दा पे वो वो सोई सोई घटा खोई हवा

अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
दिया था तुम्हें दिल यही दिन थे यही था ज़माना

जब से लगी तेरी नज़र ज़ख़्मी पड़े हैं दिल जिगर
जब से लगी तेरी नज़र ज़ख़्मी पड़े हैं दिल जिगर
बैठे हो तुम सब जान के सब जान के पहचान के

अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
दिया था तुम्हें दिल यही दिन थे यही था ज़माना
अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
अजी ओ सुनो तो नहीं तुमने हमें पहचाना
....................................................................
Aji o suno to-12 O clock 1958

Artists: Shashikala, Guru Dutt, Rehman

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Nov 24, 2019

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

एक मधुर युगल गीत पेश है सन १९५८ की फिल्म
ट्वेल्व ओ क्लॉक से. फिल्म के साथ जी पी सिप्पी
और प्रमोद चक्रवर्ती जैसे नाम जुड़े हैं. सिप्पी ने इस
फिल्म का निर्माण किया है.

फिल्म की कथा का ताना बाना एक मर्डर मिस्ट्री और
उसकी गुत्थी सुलझाने के इर्द गिर्द बुना गया है. इस
फिल्म में नायिका पर आरोप लगता है और नायक
उसे बचने कि जद्दोजहद करता है. इसमें वो कितना
सफल होता है जानने के लिए देखें इस फिल्म को.
फिल्म में जॉनी वॉकर ने नायक के सहायक का रोल
किया है. सहायक अभिनेता जिसे अंग्रेजी वेबसाइटों
पर आपने साइड-किक पढ़ा होगा, वही.

गीत लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी तर्ज़
तैयार कि है ओ पी नैयर ने. गीता दत्त संग रफ़ी ने
इसे गाया है.



गीत के बोल:

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये

आया मज़ा लाया नशा
तेरे लबों की बहारों का रंग
मौसम जवाँ साथी हसीं
उस पे नज़र के इशारों का रंग
जितने भी रंग थे सब तेरी आँखों में ढल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये

क्या मंज़िलें क्या कारवाँ
बाहों में तेरी है सारा जहाँ
आ जाने जाँ चल दे वहाँ
मिल रहा जहाँ पे ज़मीं आसमाँ
मंज़िल से भी कहीं दूर हम आगे निकल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये

तुम जो हुए मेरे हमसफ़र रस्ते बदल गये
लाखों दिये मेरे प्यार की राहों मे जल गये
………………………………………………..
Tum jo hue mere hamsafar-12 O clock 1958

Artists: Guru Dutt, Waheeda Rehman

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Oct 26, 2019

जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ-मिलाप १९५५

साहिर लुधियानवी कब दिमाग पे दे दे बत्ती पता ही
नहीं चलता. फिल्म मिलाप के एक गीत में पंक्ति है
-ये हसीं भूल कर के देख लो. वो गीत एक क्लब
सोंग है जिसमें नायिका गीता बाली डांस कर रही हैं
अपने कातिलाना एक्सप्रेशंस के साथ. गीता दत्त  की
आवाज़ उसे और कातिलाना बना रही है. गीत आप
सुन चुके है पहले.

सुनते हैं फिल्म से एक और गीत. इसे भी गीता दत्त
ने गाया है. गीत के पहले अंतरे की पंक्ति से एक गीत
का मुखडा बना है जिसे आशा भोंसले ने गाया है रफ़ी
के साथ.

राज खोसला की ये बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी और
इसे गीत के फिल्मांकन को देख के लगता है वे कारदार
की फिल्मों के गीतों के फिल्मांकन के फैन हैं.


https://www.youtube.com/watch?v=dJH_9s2gVqE


गीत के बोल:

जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ
जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ

आये हैं दूर से मिले हुजुर से
हमको सज़ा ना दो जी दिल के कसूर की
आये हैं दूर से मिले हुजुर से
हमको सज़ा ना दो जी दिल के कसूर की
आधी है रात अभी बाकी है बात अभी
छोडो ना साथ अभी बाबूजी जाते हो कहाँ

जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ
जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ

दिल तुम पे वार के दुनिया को हार के
बैठे हैं देर से जी रस्ते में प्यार के
दिल तुम पे वार के दुनिया को हार के
बैठे हैं देर से जी रस्ते में प्यार के
थोड़ी सी चाह दे दो सीने में राह दे दो
दिल को पनाह दे दो बाबूजी जाते हो कहाँ

जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ
जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ
...........................................................
Jaate ho to jao par-Milap 1955

Artists: Geeta Bali, Dev Anand

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Oct 17, 2019

मेरा दिल तड़पा कर कहाँ-शबनम १९४९

कामिनी कौशल अपने ज़माने की एक मशहूर अभिनेत्री
रही हैं. उनकी उपस्थिति फिल्मों में काफी लंबे समय
तक रही और अपने कैरियर के उत्तरार्ध में उन्होंने काफी
सारी चरित्र भूमिकाएं कीं.

बी मित्रा निर्देशित इस फिल्म के नायक दिलीप कुमार
हैं. इस जोड़ी ने चार फिल्मों में अभिनय किया है-
नदिया के पार, शहीद, शबनम और आरजू.

गीत शुरू होता है और सस्पेंस वाले अंदाज़ में नायिका
के हाथ में रस्सी दिखती है, ऐसा लगता है मानो वो
भैंसा चारा रही हो. मगर ये क्या रस्सी का दूसरा सिरा
तो नायक के पैर में दिखलाई दे रहा है. इस बात से
हमें ये शिक्षा मिलती है-एक फोटो देख कर कन्क्लूज़न
पर जंप ना करें.





गीत के बोल:

हो ओ ओ
मेरा दिल तड़पा कर कहाँ चला
इतना तो बता के जा
इसे खेल कहूँ या प्यार कहूँ मुझे ये समझा के जा
ओ ओ ओ मेरा दिल तड़पा कर कहाँ चला

हम लाये प्यार के डोर तू तोड़ सके तो तोड़
लगा ले जोर
हम लाये प्यार के डोर तू तोड़ सके तो तोड़
लगा ले जोर
इसे जीत कहूँ या हार कहूँ इतना तो बताते जा
ओ ओ ओ मेरा दिल तड़पा कर कहाँ चला

हो ओ ओ जब देखा पहली बार तुझे मेरे कानों ने शहनाई सुनी
शहनाई सुनी
मेरे कानों ने शहनाई सुनी मेरे कानों ने शहनाई
क्यों तूने सुनी थी शेहनाई इतना तो बताते जा
हो ओ ओ मेरा दिल तड़पा कर कहाँ चला

होंठों पे ना आँखों में हाँ कुछ रूठे कुछ माने हुए
इकरार है यह इंकार है ये इतना तो बता के जा
हो ओ ओ मेरा दिल तड़पा कर कहाँ चला

जी भर के सताया तूने हमें अब चोरी चोरी जाने लगा
ओ दूर देश के सौदागर कर्ज़ा तो चुका के जा
ओ दूर देश के सौदागर कर्ज़ा तो चुका के जा
हो ओ ओ मेरा दिल तड़पा कर कहाँ चला
इतना तो बता के जा
इसे खेल कहूँ या प्यार कहूँ मुझे ये समझा के जा
हो ओ ओ मेरा दिल तड़पा कर कहाँ चला
............................................................
Mera dil tadpa kar kahan chala-Shabnam 1949

Artist: Kamini Kaushal, Dilip Kumar

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Aug 28, 2019

कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार-शबिस्तान १९५१

तुम एक बार बोलोगे हम तीन बार बोलेंगे. सुनते हैं सन १९५१
की फिल्म शबिस्तान से गीता दत्त और तलत महमूद का गाया
हुआ युगल गीत .

फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं नसीम बानू और श्याम. गीत इन्हीं
पर फिल्माया गया है. इस फिल्म के संगीत दो संगीतकारों ने
तैयार किया है सी रामचंद्र और मदन मोहन ने.

प्रस्तुत गीत कमर जलालाबादी ने लिखा है और इसकी धुन तैयार
की है सी रामचंद्र ने.

   


गीत के बोल:


कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार
मुझे तुमसे प्यार तुमसे प्यार तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार
मुझे तुमसे प्यार तुमसे प्यार तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार

हो हलकी हलकी जब पड़े फुहार
हो हलकी हलकी जब पड़े फुहार
करे किसको याद दिल-ऐ-बेकरार बेकरार
करे तुमको याद दिल-ऐ-बेकरार
मुझे तुमसे प्यार तुमसे प्यार तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार
मुझे तुमसे प्यार तुमसे प्यार तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार

ओ जब रात आये करके सिंगार
हो ओ ओ जब रात आये करके सिंगार
गाये किसका गीत मन के ये सितार ये सितार
गाये तेरा गीत मन का ये सितार
मुझे तुमसे प्यार तुमसे प्यार तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार
मुझे तुमसे प्यार तुमसे प्यार तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार

कहाँ तेरी शान कहाँ मेरा प्यार
कहाँ तेरी शान कहाँ मेरा प्यार
मैं हूँ एक गरीब तू है ताजदार ताजदार
अरे देख मेरा तू है राजकुमार
मुझे तुमसे प्यार तुमसे प्यार तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार
मुझे तुमसे प्यार तुमसे प्यार तुमसे प्यार
कहो एक बार मुझे तुमसे प्यार
.....................................................................................
Kaho ek baar mujhe tumse pyar-Shabistan 1951

Artists: Naseem Banoo, Shyam

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Aug 26, 2019

आज की काली घटा-उसकी कहानी १९६६

गीता दत्त एक गायिका ही नहीं बल्कि एक फेनोमेना थीं.
अद्भुत और आश्चर्यचकित करने वाली गायिका थीं वे. किसी
भी प्रकार के गीत का मूड उभारने में उनका कोई जवाब
नहीं था. समय के थपेडों ने उनके अवसर कम कर दिए
अन्यथा आज उनके नाम ढेरों गीत दर्ज होते.

उनकी आवाज़ में एक गीत सुनते हैं फिल्म उसकी कहानी
से कैफी आज़मी का लिखा हुआ. फिल्म लोकप्रिय तो नहीं
हुई अलबत्ता ये गीत ज़रूर खूब सुनने में आया. संगीत
कनु रॉय का है.



गीत के बोल:

आज की काली घटा मस्त मतवाली घटा
आज की काली घटा मस्त मतवाली घटा
मुझसे कहती है के प्यासा है कोई
कौन प्यासा है मुझे क्या मालूम

प्यास के नाम से जी डरता है
इस इल्ज़ाम से जी डरता है
शौक-ए-बदनाम से जी डरता है
मीठी नज़रों में समाया है कोई
क्यूँ समाया है मुझे क्या मालूम

आज की काली घटा मस्त मतवाली घटा
मुझसे कहती है के प्यासा है कोई
कौन प्यासा है मुझे क्या मालूम

प्यासी आँखों में मुहब्बत ले के
लड़खड़ा जाने की दावत ले के
मुझसे बेवजह शिकायत ले के
दिल की दहलीज़ तक आया है कोई
कौन आया है मुझे क्या मालूम

आज की काली घटा मस्त मतवाली घटा
मुझसे कहती है के प्यासा है कोई
कौन प्यासा है मुझे क्या मालूम

कुछ मज़ा आने लगा जीने में
जाग उठा दर्द कोई सीने में
मेरे एहसास के आइने में
इक साया नज़र आता है कोई
किसका साया है मुझे क्या मालूम

आज की काली घटा मस्त मतवाली घटा
मुझसे कहती है के प्यासा है कोई
कौन प्यासा है मुझे क्या मालूम

ज़िन्दगी पहले ना थी इतनी हसीन
और अगर थी तो मुझे याद नहीं
यही अफ़साना न बन जाये कहीं
कुछ निगाहों से सुनाता है कोई
क्या सुनाता है मुझे क्या मालूम

आज की काली घटा मस्त मतवाली घटा
मुझसे कहती है के प्यासा है कोई
कौन प्यासा है मुझे क्या मालूम
.............................................................
Aaj ki kali ghata-Uski kahani 1966

Artist: Pata nahin

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Aug 15, 2019

वतन की माटी हाथ में लेकर-गाँव १९४७

सन १९४७ के फिल्म है गाँव . ये वही साल है जब देश आज़ाद
हुआ था. आजादी के पूर्व कुछ सालों में और आजादी के कुछ
साल बाद तक ऐसी फ़िल्में और गीत काफी बने जो देशभक्ति के
भावों को बढ़ाने का काम करते हैं.

सुनिए गाँव फिल्म से एक गीत मुकेश और गीता दत्त की आवाजों
में. संदेशात्मक गीत रचा है दीनानाथ मधोक ने और इसकी धुन
तैयार की हैं खेमचंद प्रकाश ने.





गीत के बोल:

वतन की माटी हाथ में लेकर माथे तिलक लगा लो
वतन की माटी हाथ में लेकर माथे तिलक लगा लो
जिस माटी ने जनम दिया उस माटी के गुण गा लो
जिस माटी ने जनम दिया उस माटी के गुण गा लो
वतन की माटी हाथ में लेकर माथे तिलक लगा लो

माटी हो के सोना उगले
माटी हो के सोना उगले ये सोना वो सोना है
ये सोना वो सोना है
चोर चुराए डाकू लूटे खतम कभी नहीं होना है
ऐसी प्यारी दौलत को
ऐसी प्यारी दौलत को तन मन से अपना लो
जिस माटी ने जनम दिया उस माटी के गुण गा लो
जिस माटी ने जनम दिया उस माटी के गुण गा लो

ग़ैरों ने बाहर से आ के
ग़ैरों ने बाहर से आ के
पेट भरे यहाँ अपने
पेट भरे यहाँ अपने
सुख की नींद सदा वो सोये देखे सुख के सपने
सुख की नींद सदा वो सोये देखे सुख के सपने
बन्द करो अब घर के द्वारे
बन्द करो अब घर के द्वारे घर को आज संभालो
जिस माटी ने जनम दिया उस माटी के गुण गा लो
जिस माटी ने जनम दिया उस माटी के गुण गा लो
………………………………………………………………
Watan ki maati haath mein le kar-Gaon 1947

Artists:

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Jul 20, 2019

सो जा रे मेरे लाल सो जा-आधी रोटी १९५७

भरत व्यास रचित एक लोरी सुनते हैं फिल्म आधी रोटी से.
इस फिल्म से कुछ मधुर गीत आप सुन चुके हैं पहले. छोटे
बच्चे अपनी मर्जी से सोते हैं और अपनी मर्जी से उठ जाते हैं.
उनका नींद का सिस्टम अनूठा होता है. उन्हें सुलाना आसान
काम नहीं होता. छोटा कोमल सा दिमाग कभी लोरी के आनंद
से तो कभी कन्फ्यूज़न से थक कर सो जाता है.

सुनते हैं गीता दत्त के आवाज़ में ये गीत जिसे अविनाश व्यास
ने संगीत में बाँधा है.



गीत के बोल:

सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा
निंदिया की नगरी में खो जा
मेरे लाल सो जा
सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा
सोया है गगन सोया है पवन
सोया है गगन सोया है पवन
तू भी सो जा निर्धन के धन
सो जा
सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा

ना कोई रेशम झूल झुलाये
ना कोई पंखा डुलाए
सो जा कन्हैया तुझको तेरी
मैया की माता सुलाये
सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा

तू जो सोये संग संग तेरे
सोयेंगे दुखड़े हमारे
अपने दुलारे के मोहन मुखड़े
पे वार मैं नहा नख तारे

सो जा रे सो जा मेरे लाल सो जा.
……………………………………………………………….
So ja re so ja mere laal-Aadhi roti 1957

Artist: Sulochana

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Jan 31, 2019

सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा-आर पार १९५४

जैसे लायन का फीमेल होती है लायनेस वैसे ही ज़ालिम का
फीमेल होती है ज़ालिमा. ऐसा हमने इस गीत को सुनने के
बाद अनुमान लगाया. गीत काफी कुछ सिखलाते हैं प्यार
मोहब्बत के सिवा भी.

आर पार फिल्म में एक ही धुन पर दो गीत हैं. स्लो वाली
धुन ज्यादा कातिलाना है मगर ये युगल गीत भी कम नहीं
है. गौरतलब है दोनों ही गीतों में गीता दत्त की आवाज़ है.
युगल गीत में रफ़ी ने उनका साथ दिया है. कौन क्या गायेगा
ये तो संगीतकार तय किया करता है इसलिए हमारे पास
सुनने का विकल्प ही बचता है. फिल्म आर पार के सभी
गीत चर्चित और लोकप्रिय हैं बस कम ज्यादा का फर्क है.
सबसे ज्यादा लोकप्रिय गीत है-ये लो मैं हारी पिया.



गीत के बोल:

सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
प्यार हमको तुमसे हो गया
दिल से मिला ले दिल मेरा
तुझको मेरे प्यार की क़सम

जा जा जा जा बेवफा
कैसा प्यार कैसी प्रीत रे
तू ना किसी का मीत रे
झूठ तेरे प्यार की कसम

सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
जा जा जा जा बेवफा

प्यार की नज़र से दूर यूँ न ज़िंदगी गुज़ार
प्यार की नज़र से दूर यूँ न ज़िंदगी गुज़ार
हुस्न तू है इश्क़ मैं कर भी ले नज़र को चार
चार मैं नज़र करूँ और फिर हुज़ूर से
चार मैं नज़र करूँ और फिर हुज़ूर से
पास यूँ न आईये बात कीजे दूर से

जा जा जा जा बेवफा
कैसा प्यार कैसी प्रीत रे
तू ना किसी का मीत रे
झूठ तेरे प्यार की कसम

अरे वाह सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
जा जा जा जा बेवफा

दूर कब तलक रहूँ फूल तू है रंग मैं
मैं तो हूँ तेरे लिये डोर तू पतंग मैं
दूर कब तलक रहूँ फूल तू है रंग मैं
मैं तो हूँ तेरे लिये डोर तू पतंग मैं
कट गई पतंग जी डोर अब न डालिये
कट गई पतंग जी डोर अब न डालिये
और किसी के सामने जा के दिल उछालिये

अरे सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
प्यार हमको तुमसे हो गया
दिल से मिला ले दिल मेरा
तुझको मेरे प्यार की क़सम

जा जा जा जा बेवफा
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा

बात रह न जाये फिर वक़्त ये गुज़र न जाये
बात रह न जाये फिर वक़्त ये गुज़र न जाये

मेरे प्यार का ये हार टूट कर बिखर न जाये
प्यार-प्यार कह के तू दिल मेरा न लूट रे
प्यार-प्यार कह के तू दिल मेरा न लूट रे
कह रहा है तू जो बात हो ना झूठ-मूठ रे

जा जा जा जा बेवफा
कैसा प्यार कैसी प्रीत रे
तू ना किसी का मीत रे
झूठ तेरे प्यार की कसम

सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
प्यार हमको तुमसे हो गया
दिल से मिला ले दिल मेरा
तुझको मेरे प्यार की क़सम

जा जा जा जा बेवफा
सुन सुन सुन सुन ज़ालिमा
अरे जा जा जा जा
सुन सुन सुन सुन
……………………………………………………..
Sun sun sun sun zalima-Aar Paar 1954

Artists: Guru Dutt, Shyama

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Jan 12, 2019

ए दिल ए दीवाने-बाज़ १९५३

सन १९५३ की फिल्म बाज़ से एक गीत सुनते हैं. फिल्म का
नाम बाज़ की जगह चील होता तब भी क्या ये चलती. नाम
में क्या है, कहानी में दम होना चाहिए. असल बात तो ये हैं
फिल्म बनाने वालों में से अधिकाँश को मालूम नहीं होता कौन
सी फिल्म हिट होगी और क्यूँ. वैसे इस फिल्म का नाम १९५३
की सबसे ज्यादा कमाई वाली फिल्मों में नहीं है.

फिल्म का नाम अलग हो तो पहले ये देखना होता है कि
फिल्म किसने बनाई कहीं वो किसी ज़माने में मिटटी का तेल
तो नहीं बेचता था, पैसे इकट्ठे हो गए तो फिल्म बना डाली.
फिल्म लाइन में पैसा लगाने वाले फाइनेंसर की भी बहुत
चलती है और कभी कभी उसके आगे निर्माता और निर्देशक
दोनों सायलेंसर हो जाते हैं.

फिल्म बाज़ एच जी फिल्म्स द्वारा निर्मित फिल्म है जिसका
निर्देशन गुरु दत्त ने किया है. उन्होंने खुद एक्टिंग भी की है.

महा-फिल्म शोले को शुरू में जनता ने खारिज कर दिया था.
क्या हुआ उसके बाद, शादी के रिसेप्शन में गाने की जगह
डायलॉग बजते मिलते थे-कितने आदमी थे, सूरमा भोपाली के
डायलॉग या ‘सुअर के बच्चों’. गब्बर का ये हाथ मुझे दे दे
ठाकुर. यह पहली ऐसी हिंदी फिल्म बनी जिसके संवादों का
बाकायदा एल पी रिकॉर्ड रिलीज़ हुआ. बॉलीवुड के इतिहास में
कहा जाने लगा-शोले के पहले और शोले के बाद. वैसे एक
बार और सिप्पी टीम को धन्यवाद देना चाहूँगा इस फिल्म
के लिए. फिल्म के टाइटल म्यूज़िक के लिए आर डी बर्मन
को भी.

फिल्म के नाम का क्या है. कुत्ते को प्यास क्यूँ लगी रख लो.
पैसे आने चाहिए बस. दर्शन, आकर्षण, प्रदर्शन गया भाड़ में.
सालों से जनता बेवकूफ बनती आ रही है इन फ़िल्मी सितारों
के चक्कर में. दरअसल हम इन्हें अपना आइडल मान लेते हैं.
इस देश में भगवान की पूजा के बाद शायद इन्हीं की पूजा
सबसे ज्यादा होती है.

सुनते हैं गीत जिसे लिखा है मजरूह सुल्तानपुरी ने और जिसकी
धुन तैयार की है ओ पी नैयर ने. इसे गीता दत्त ने गाया है.





गीत के बोल:

ए दिल ए दीवाने
ए दिल ए दीवाने
ए दिल ए दीवाने
आग लगा ली क्यूँ दामन में
ओ ज़ालिम चाहत के बहाने
ए दिल ए दीवाने

जुर्म नहीं था दिल का लगाना
समझा कब नादान ज़माना
जुर्म नहीं था दिल का लगाना
समझा कब नादान ज़माना
एक नज़र और कितनी बातें
एक नज़र और कितनी बातें
एक खामोशी लाख फ़साने

ए दिल ए दीवाने
आग लगा ली क्यूँ दामन में
ओ ज़ालिम चाहत के बहाने
ए दिल ए दीवाने

ये तो नहीं है तेरी मंज़िल
दूर बहुत है अपना साहिल
ये तो नहीं है तेरी मंज़िल
दूर बहुत है अपना साहिल
अरमानों की नाज़ुक कश्ती
अरमानों की नाज़ुक कश्ती
लगी है तूफ़ां से टकराने

ए दिल ए दीवाने
आग लगा ली क्यूँ दामन में
ओ ज़ालिम चाहत के बहाने
ए दिल ए दीवाने
…………………………………………………
Ae dil ae dil deewane-Baaz 1953

Artist: Geeta Bali

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Sep 29, 2018

प्रीतम आन मिलो-मिस्टर एंड मिसेज़ ५५

गीता दत्त की आवाज़ में एक मधुर गीत जिसमें पुकार
दर्द भरी है. धीमा और साधा हुआ गीत है.

इससे पहले हमने सी एच आत्मा की आवाज़ में यही
गीत सुना था.

इसे लिखा है सरोज मोहिनी नैयर ने और धुन तैयार की
है ओ पी नैयर ने.

मधुबाला परदे पर दिखलाई दे रही हैं इस गाने पर.



गीत के बोल:

प्रीतम आन मिलो
दुखिया जिया बुलाए पिया आन मिलो
प्रीतम आन मिलो

आई रैन अंधेरी बालमा मन मोरा घबराए है
दूर बैठा तड़पे पंछी ये ही रटन लगाए है
आन मिलो
प्रीतम आन मिलो ...

भीगी रात में पेड़ के नीचे आँख मिचौली खेल रचाया
प्रीतम याद करो जब तुमने प्रेम भरा इक गीत सुनाया
प्रीतम आन मिलो ...
………………………………………………..
Preetam aan milo-Mr. & Mrs. 55 1955

Artists: Madhubala Lyrics: Saroj Mohini Nayyar

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Sep 26, 2018

उधर तुम हसीं हो-मिस्टर एंड मिसेज़ ५५

फिल्लम के नाम से ऐसा लगता है किसी मकान का नंबर हो,
होटल की किसी टेबल का नंबर हो या किसी डांस कोम्पिटीशन
के प्रतियोगियों का नंबर हो.

ऐसा कुछ नहीं है फिल्म सन १९५५ में रिलीज़ हुई थी और
जाने क्या निर्देशक को सूझी इसका नाम वर्ष के नाम पर
रख दिया गया.

गीत दत्त और रफ़ी की आवाज़ वाले इस मधुर युगल गीत की
रचन की है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसका संगीत तैयार
किया है ओ पी नैयर ने.

गीत मास्टरपीस है क्यूंकि इसमें गीता दत्त की आवाज़ और
मधुबाला का रेयर कोम्बिएशन मौजूद है.



गीत के बोल:

उधर तुम हसीं हो इधर दिल जवाँ है
ये रंगीन रातों की एक दास्ताँ है
ये कैसा है नग़मा ये क्या दास्ताँ है
बता ए मोहब्बत मेरा दिल कहाँ है

मेरे दिल में आई हुई है बहार
क़यामत है फिर क्यूँ करूँ इन्तज़ार
मोहब्बत कुछ ऐसी सज़ा दे रही है
के खुद रात अंगड़ाई ले रही है
जिधर देखती हूँ नज़ारा जवाँ है

उधर तुम हसीं हो इधर दिल जवाँ है
ये रंगीन रातों की एक दास्ताँ है

लगती हैं तारों की परछाईयाँ
बुरी हैं मुहब्बत की तन्हाईयाँ
महकने लगा मेरी ज़ुल्फ़ों में कोई
लगीं जागने धड़कनें खोई-खोई
मेरी हर नज़र आज दिल की ज़ुबाँ है

उधर तुम हसीं हो इधर दिल जवाँ है
ये रंगीन रातों की एक दास्ताँ है
ये कैसा है नग़्मा ये क्या दास्ताँ है
बता ए मोहब्बत मेरा दिल कहाँ है

तरसता हूँ मैं ऐसे दिलदार को
जो दिल में बसा ले मेरे प्यार को
तेरे ख़्वाब हैं मेरी रातों पे छाए
मेरे दिल पे हैं तेरी पलकों के साए
के मेरे लबों पे तेरी दास्ताँ है

उधर तुम हसीं हो इधर दिल जवाँ है
ये रंगीन रातों की एक दास्ताँ है
ये कैसा है नग़्मा ये क्या दास्ताँ है
बता ए मोहब्बत मेरा दिल कहाँ है
…………………………………….
Udhar tum haseen ho-Mr & Mrs. 55

Artists: Guru Dutt, Madhubala

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Sep 13, 2018

कंकड़ कंकड़ से मैं पूछूँ-हर हर महादेव १९५०

आज गणेश चतुर्थी के अवसर पर सुनते हैं एक महादेव भजन.

त्रिलोक कपूर और निरुपा राय अभिनीत इस फिल्म में संगीत
अविनाश व्यास का है. प्रस्तुत गीत रमेश शास्त्री का लिखा हुआ
है.




गीत के बोल:

कंकड़ कंकड़ से मैं पूछूँ
शंकर मेरा कहाँ है कोई बताये
कंकड़ कंकड़ से मैं पूछूँ
शंकर मेरा कहाँ है कोई बताये
शिखर शिखर से पूछ रही हूँ
शंकर मेरा कहाँ है
गौरीवर गंगाधर हर हर
शंकर मेरा कहाँ है कोई बताये

लहर लहर लहराती गंगे तू क्यों गाती गाने
शिव जी हम से रूठ गए हैं क्या ये बात न जाने
रो रो नयन गवाएँ कोई बताये

कंकड़ कंकड़ से मैं पूछूँ
शंकर मेरा कहाँ है कोई बताये

ओ नील गगन की चंद्रकला
ओ नील गगन की चंद्रकला
कोई बताये

हौले हौले चल फणीधर मैं भी तेरे संग चलूँ
तू लिपटेगा गले श्याम के मैं चरणों में रह लूँ
मेरा धन्य जीवन हो जाये
कोई बताये कोई बताये
…………………………………………………..
Kankad kankad se main poochhoon-Har Har Mahadev 1950

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Aug 29, 2018

सपेरा बीन बजायो रे-पद्मिनी १९४८

सपेरा और बीन इत्यादि को सही पहचान दिलाई फिल्म
नागिन ने. उसके पहले तक के गीत बजे ज़रूर मगर
रेकोर्ड तोड़, छत फाड लेवल तक नहीं.

सुनते हैं सन १९४८ की पद्मिनी फिल्म से अशोक कुमार
और गीता दत्त का गाया मधुर युगल गीत.

वली साहब रचनाकार हैं और गुलाम हैदर संगीतकार.

बेहतर सुनाई देने वाला सपेरा गीत है. अगर आप बेसुरे
गानों से परेशान हो जाते हों तो इसे सुन लिया करें एक
बार टॉनिक का काम करेगा.




सपेरा बीन बजायो रे तू तो म्हारे गली में आयो रे
मैं तो चलूँगी थारे साथ
तीर तोरे नैनों का हुआ कलेजवा के पार
तीर तोरे नैनों का
लागा रे तीर तोर नैनों का
लगा मन में तीर तोरे नैनों का

ओ ओ गोरी रे गोरी रे मोरे बाँध दे हाथ दोऊ राखे से
मोरी काट दे नार गँडासे से
मैं तो छुप जाऊँ थारे साँचे से
मैं तो छुप जाऊँ थारे साँचे से
मेरा जीना है दुश्वार
तीर तोरे नैनों का हुआ कलेजवा के पार

लागा रे तीर तोर नैनों का
लगा मन में तीर तोरे नैनों का


ओ ओ ओ तन का बाजे बाँसुरी रे
मोरे मन का बाजे साज़
साज़ मोरे मन का बाजे साज़
तार न तोड़ ये तार के रे तेरी
भगवन राखे लाज
आज मोहे दीपक राग सुनायो रे
तू तो म्हारो गली में आयो रे
मैं तो चलूँगी थारे साथ
तीर तोरे नैनों का हुआ कलेजवा के पार
तीर तोरे नैनों का
लागा रे तीर तोर नैनों का
लगा मन में तीर तोरे नैनों का
…………………………………………
Sapera been bajayo-Padmini 1948

Artists:

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Jul 18, 2018

तुमसे ही मेरी ज़िंदगी-अपना घर १९६०

गीता दत्त का कोई गीत सुने काफी दिन हो गए. आज सुनते हैं
एक युगल गीत मुकेश और गीता दत्त का गाया हुआ. सन १९६०
की फिल्म अपना घर के लिए इसे लिखा प्रेम धवन ने और इसकी
धुन तैयार की संगीतकार रवि ने.

फिल्म शबनम के गीत ‘किस्मत में बिछडना था’ और बावरे नैन के
गीत ‘ख्यालों में किसी के’ काफी लोकप्रिय गीत हैं जहाँ तक मुकेश
और गीता दत्त के गाये युगल गीतों का सवाल है. इन दोनों के गाये
युगल गीत लगभग १५-२० की संख्या में हैं. प्रस्तुत गीत भी लोकप्रिय
है जिसे आप लंबे समय तक सुन सकते हैं.



गीत के बोल:

तुमसे ही मेरी ज़िंदगी मेरी बहार तुम
तुमसे ही मेरी ज़िंदगी मेरी बहार तुम
अपने ही दिल से पूछ लो किसका हो प्यार तुम
तुम से ही मेरी ज़िंदगी

गाती हुई हवाओं में तेरा ही गीत है
तेरा ही गीत है
साजन मेरे निगाहों में तेरी ही प्रीत है
तेरी ही प्रीत है
चंदा का रूप चाँदनी मेरा श्रृंगार तुम
तुमसे ही मेरी ज़िंदगी

ये मुस्कुराता आसमान ये झूमती ज़मीं
ये झूमती ज़मीं
मुझको ज़रा संभालना खो जाऊँ ना कहीं
खो जाऊँ ना कहीं
ऐसे में अपना कह भी दो बस एक बार तुम
तुमसे ही मेरी ज़िंदगी

आती है ऐसी प्यार की घड़ियाँ नसीब से
घड़ियाँ नसीब से
ये दिल की धड़कनें ज़रा सुन लो क़रीब से
सुन लो क़रीब से
आये हो ले के प्यार के सपने हज़ार तुम

अपने ही दिल से पूछ लो किसका प्यार हो तुम
तुमसे ही मेरी ज़िंदगी
................................................................................
Tumse hi meri zindagi-Apna ghar 1960

Artists: Premnath, Shyama

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May 25, 2018

मत जा जोगी-जोगन १९५०

सन १९५० की फिल्म जोगन रणजीत मूवीटोन बैनर तले
बनी थी. फिल्म में मीराबाई के भजन के साथ गीत भी हैं
जिन्हें ३ गीतकारों ने लिखा है- बूटाराम शर्मा, पंडित इन्द्र
और हिम्मत राय जैसा कि फिल्म क्रेडिट्स में नज़र आता
है.

मीराबाई की रचना को स्वर दिया है गीता दत्त ने और इसकी
धुन तैयार की हैं बुलो सी रानी ने.




गीत के बोल:

जोगी मत जा पाँव पड़ूँ मैं तोरी

मत जा मत जा मत जा जोगी
पाँव पड़ूँ मैं तोरे
मत जा मत जा मत जा जोगी
पाँव पड़ूँ मैं तोरी
मत जा मत जा मत जा

प्रेम भक्ति को पंथ ही न्यारो
प्रेम भक्ति को पंथ ही न्यारो
हम को ज्ञान बता जा जोगी
हम को ज्ञान बता जा जोगी
चंदन की मैं चिता रचाऊँ
चंदन की मैं चिता रचाऊँ
अपने हाथ जला जा
मत जा मत जा मत जा जोगी
पाँव पड़ूँ मैं तोरे
मत जा मत जा मत जा

जल जल भई भस्म की ढेरी
जल जल भई भस्म की ढेरी
अपने अंग लगा जा जोगी
अपने अंग लगा जा जोगी
मीरा के प्रभु गिरधर नागर
मीरा के प्रभु गिरधर नागर
ज्योत में ज्योत मिला जा जोगी
मत जा मत जा मत जा जोगी
पाँव पड़ूँ मैं तोरे
मत जा मत जा मत जा जोगी
..................................................................
Mat jaa jogi-Jogan 1950

Artist: Nargis, Dilip Kumar

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