Showing posts with label Rail ka dibba. Show all posts
Showing posts with label Rail ka dibba. Show all posts

Mar 15, 2018

ला दे मोहे बालमा आसमानी चूडियाँ-रेल का डिब्बा १९५३

फिल्म का नाम ऐसा है जो आपको भारतीय रेल की याद ताज़ा
करवाएगा. कई पैसे वाले दावा करते हैं कि वे रेल से सफर नहीं
किया करते. उन्हें शायद रेलगाड़ी की शक्ल देखे ही अरसा बीत
चुका है. इसलिए याद ताजा करवाने की बात की गयी ऊपर.

ऐसा कुछ इसलिए भी है क्यूंकि रईसी आजकल सड़कों पर और
वायुयान में उछल उछल कर, कूद कूद कर चल रही है. कई तो
ऐसे हैं जो दावा करते हैं कि उन्होंने गांव कि यात्राएं भी ऐसी-
वेसी कार से या हेलिकॉप्टर से की है, चाहे उधर जाने को सड़क
हो या ना हो. कुछ तो ऐसे अपग्रेड हुए हैं कि साइकिल भी नहीं
देखी और सीधे बैठ गए २० लाख की एस यू वी में. क्या इसे
डिजिटल क्रान्ति का असर माना जाए?

गीत सुनते हैं जिसे शमशाद बेगम और रफ़ी ने गाया है. इस गीत
में चूडियों का जिक्र है अतः इसे आप ‘चूडियाँ हिट्स’ की श्रेणी में
भी रख सकते हैं. शकील बदायूनीं का लिखा गीत है जिसकी तर्ज़
बनाई है गुलाम मोहम्मद ने.

   


   
गीत के बोल:

ला दे मोहे बालमा आसमानी चूड़ियाँ
जी आसमानी चूड़ियाँ  ओ ओ ओ ओ ओ
दिल को मेरे भायें ना ये पुरानी चूड़ियाँ
जी ये पुरानी चूड़ियाँ
ला दे मोहे बालमा आसमानी चूड़ियाँ
ओ ओ ओ ओ ओ
दिल को मेरे भायें ना ये पुरानी चूड़ियाँ
जी ये पुरानी चूड़ियाँ

अजी भर के नज़र देख लो इधर चूड़ियों की तुम करो न फ़िकर
भूल न जाना दिल को लेकर घायल मन है ज़ख़्मी जिगर
जब से लड़ी तुम से नज़र हम हैं उधर तुम हो जिधर
आओ जी कर ले मिल के गुज़र दुनिया को हो न मगर
तेरे मेरे दिल की ख़बर
तेरे लिये लाऊँगा मन लुभानी चूड़ियाँ
जी मन लुभानी चूड़ियाँ

ला दे मोहे बालमा आसमानी चूड़ियाँ
ओ ओ ओ ओ ओ
दिल को मेरे भायें ना ये पुरानी चूड़ियाँ
जी ये पुरानी चूड़ियाँ

भोले पिया मेरा जिया तुम ने लिया है
भोले पिया मेरा जिया तुम ने लिया है
अजी तुमने हमें हमने तुम्हें प्यार किया है
अजी तुमने हमें हमने तुम्हें प्यार किया है

तुम्हें छोड़ के बलम जायेंगे न हम खाये हुए हैं प्यार की क़सम
रोएगा न दिल खाएँगे न ग़म कोई न होगा दिल पे सितम
तुम ही पिया तुम ही सनम रखना मेरी लाज शरम
तेरे ही दम से है मेरा दम लागी हो देखो न कम
साथ मिल के छम छमा छम
दे दे मुझे प्यार की तू निशानी चूड़ियाँ
जी तू निशानी चूड़ियाँ

ला दे मोहे बालमा आसमानी चूड़ियाँ
जी आसमानी चूड़ियाँ  ओ ओ ओ ओ ओ
दिल को मेरे भायें ना ये पुरानी चूड़ियाँ
जी ये पुरानी चूड़ियाँ

आ हा तेरे लिये लाऊँगा मन लुभानी चूड़ियाँ
जी मन लुभानी चूड़ियाँ
…………………………………………………………………..
Laa de mohe baalma-Rail ka dibba 1953

Read more...

May 3, 2010

भगवान तेरी दुनिया में इंसान- रेल का डिब्बा १९५३

बहुत सालों तक 'रील का डिब्बा' सुनाई देता रहा। सिनेमा की रीलें
डब्बे में बंद होके जो आया करती हैं। फिर सुनाई पड़ा रेल का डिब्बा।
फिल्मों के नाम कुछ भी हो सकते हैं । जब "अरविन्द देसाई की
अजीब दास्तान" नाम रखा जा सकता है तो 'रेल का डिब्बा' तो
आम तौर पर अक्सर सुना जाने वाला शब्दों का समूह है।

ये गीत रेल के डिब्बे में नहीं बल्कि स्टेज पर फिल्माया गया है।
शम्मी कपूर की पहली २-३ फिल्मों में से एक इस फिल्म में उनके
साथ मधुबाला हैं। मधुबाला को इतनी गति से नाचते शायद आपने
किसी और फिल्म में देखा हो। शकील बदायूनी के बोलों को धुन दी है
गुलाम मोहम्मद ने। आशा भोंसले की आवाज़ में भगवन से शिकायत
वाला गीत सुनिए।



गीत के बोल:

भगवान, भगवान
भगवान तेरी दुनिया में
भगवान तेरी दुनिया में इंसान नहीं है
इन्सान नहीं है
मस्जिद भी है मंदिर भी है ईमान नहीं है
ईमान नहीं है

भगवान तेरी दुनिया में
भगवान तेरी दुनिया में इंसान नहीं है
इंसान नहीं है
मस्जिद भी है मंदिर भी है ईमान नहीं है
ईमान नहीं है

आपस में यहाँ फूट है दिल सबके जुदा हैं
दौलत जिन्हें मिल जाये वही लोग खुदा हैं
इतना भी नहीं सोचते हम कौन हैं क्या हैं
इंसान को
इंसान को इंसान की पहचान नहीं है
भगवान तेरी दुनिया में
भगवान तेरी दुनिया में इंसान नहीं है
इंसान नहीं है
मस्जिद भी है मंदिर भी है ईमान नहीं हैं
ईमान नहीं हैं

तू चाहे तो हर मौज को तूफ़ान बना दे
सच्चा है तो बिगड़े हुए ईमान बना दे
इन ख़ाक के, इन ख़ाक के
इन ख़ाक के पुतलों को फिर इंसान बना दे
वरना मैं सम्झोंगी तू भगवन नहीं है
भगवान तेरी दुनिया में
भगवान तेरी दुनिया में इंसान नहीं है
इंसान नहीं है
मस्जिद भी है मंदिर भी है ईमान नहीं है
ईमान नहीं है

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP