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Nov 13, 2016

कोई ना समझा-मेरे दोस्त पिक्चर अभी बाकी है २०१२

चलो कुछ तो छोटा है. फिल्म का नाम काफी लंबा है मगर इसका
एक छोटा सा मधुर गीत आज आपको सुनवा रहे हैं.

परवेज़ कादर इसके गायक हैं जिन्होंने सुभाष प्रधान संग इसका
संगीत भी तैयार किया है. इतने छोटे से गीत की धुन भी दो लोग
मिल के तैयार करें तो कुछ अचम्भा सा लगता है. गीत लिखा
है ताबिश रोमानी ने.

फिल्म बॉलीवुड के फिल्म उद्योग की कार्यप्रणाली पर केंद्रित है.
इसमें कितनी हकीकत है कितना फ़साना ये तो आपको देख
कर ही मालूम चलेगा. कुल्फी फालूदा बनाते बनाते कैसे नूडल्स
बन जाए करते हैं ये कहानी का निचोड़ है. फिल्म के निर्देशक
हैं रजनीश ठाकुर.




गीत के बोल:

कोई ना समझा कोई ना जाना
हम क्या क्या सोच के आये थे
इस दुनिया को पाने दिल की
हम बात सुनाने आये थे
सच्चाई के रंग दिखाने
हम आये थे फिल्म बनाने
बॉलीवुड में धूम मचाने
हम आये थे फिल्म बनाने
फिल्म बनाने
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ वो ओ ओ हो
ला ला ला ला हे हे हे हे

चला था जोशी फिल्म बनाने
बॉलीवुड में धूम मचाने
चला था जोशी फिल्म बनाने
…………………………………………….
Koi Na Samjha Koi Na Jana-Mere dost picture abhi baki hai 2012

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Oct 27, 2009

आंखों में रहो-कंपनी २००२

नई फिल्मों में भी कर्णप्रिय गीत पाये जाते हैं। ढूंढ के
सुनना पढता है , बस। एक नई गायिका सौम्या राव
जिनका नाम इस गाने के पहले मैंने नहीं सुना इस गाने
को साफ़ सुथरे तरीके से गा रही हैं। आजकल नए गायक
गायिका इतने आ गए हैं कि  नाम याद रखना मुश्किल।
जो भी हो, गाना उत्तम है और इसकी धुन बनाई है संदीप
चौटा ने जिन्होंने रामू उर्फ़ रामगोपाल वर्मा की फ़िल्म
मस्त में भी संगीत दिया था। इस गाने को सुनकर न जाने
क्यूँ एक दूसरा गीत याद आ जाता है-प्यार ये जाने कैसा है
जो फ़िल्म रंगीला में सुरेश वाडकर ने गया है। गीत फिल्माया
गया है अभिनेत्री अंतरा माली पर।



गाने के बोल:

आंखों में रहो बाहों में रहो होंठों पे रहो या दिल में रहो
आंखों में रहो बाहों में रहो होंठों पे रहो या दिल में रहो
आंखों में रहो बाहों में रहो होंठों पे रहो या दिल में रहो
यह सारे घर है तुम्हारे यह सारे घर है तुम्हारे
जहाँ भी दिल चाहें रहो

साँसों में रहो धड़कन में रहो पलकों में रहो जुल्फों में रहो
साँसों में रहो धड़कन में रहो पलकों में रहो जुल्फों में रहो
यह सारे घर हैं तुम्हारे यह सारे घर हैं तुम्हारे
जहाँ भी दिल चाहें रहो

पास हमारे आना हो तो बिना बुलाये आ जाना
पास हमारे आना हो तो बिना बुलाये आ जाना
कोई निशानी दे जाना थोडी सी खुशबू ले जाना
यादों में रहो ख़्वाबों में रहो रातों में रहो या दिन में रहों
यादों में रहो ख़्वाबों में रहो रातों में रहो या दिन में रहों
आज न जाने यह क्या हुआ है कोई ज़रा यह समझाए
आज न जाने यह क्या हुआ है कोई ज़रा यह समझाए
इतना सुरूर छाया है जी करता है मर जाए

वादों में रहो कस्मों में रहो आँचल में रहो काजल में रहो
वादों में रहो कस्मों में रहो आँचल में रहो काजल में रहो
यह सारे घर है तुम्हारे यह सारे घर है तुम्हारे
जहाँ भी दिल चाहें रहो
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Ankhon mein raho-Company 2002

Artist: Antara Mali

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