Showing posts with label Sandeep Chowta. Show all posts
Showing posts with label Sandeep Chowta. Show all posts

May 26, 2020

बच के तू रहना...खल्लास-कंपनी २००२

सन २००२ की फिल्म कंपनी रामगोपाल वर्मा द्वारा निर्देशित
एक सफल फिल्म है. बॉक्स ऑफिस पर सफलता अर्जित करने
वाली इस फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं दक्षिण भारतीय सिनेमा
की नामचीन हस्ती मोहनलाल, अजय देवगन, मनीषा कोइराला,
विवेक ओबेरॉय, सीमा बिश्वास, ईशा कोप्पिकर और अन्य.

गौरतलब है मोहनलाल की ये पहली हिंदी फिल्म है आज के
समय में मोहनलाल की कई फ़िल्में हिंदी में डब हो कर
देखने के लिए उपलब्ध हैं. मोहनलाल प्रतिभाशाली अभिनेता
हैं और वे तरह तरह के रोल कर चुके हैं दक्षिण के सिनेमा में.

गैंगस्टर और अंडरवर्ल्ड थीम पर सत्या के बाद रामगोपाल वर्मा
की ये दूसरी फिल्म थी. इस फिल्म में अजय देवगन और नए
अभिनेता विवेक ओबेरॉय के अभिनय की काफ़ी प्रशंसा हुई और
उन्हें फिल्मफेयर के पुरस्कार भी मिले.

व्यावसायिक दृष्टि से सफल इस फिल्म की नई पीढ़ी के समीक्षकों
और नई फिल्म के शौकीनों ने काफ़ी तारीफ की. देखने वालों का
कहना है कि कुछ अलग हट के और रियलिस्टिक जैसा देखने को
मिला.

फिल्म की एक और उल्लखनीय बात है और वो है इसका ये
गाना जो आज आपको सुनवा रहे हैं-खल्लास. ईशा कोप्पिकर
को गीत से काफ़ी लोकप्रियता मिली और उन्हें खल्लास गर्ल
के रूप में पहचाना जाने लगा. गीत भी अपने समय में काफ़ी
सुना गया. झलक दिखला जा फेम गणेश हेगड़े ने इस गीत का
फिल्मंकान किया था.

नितिन रैकवार ने गीत लिखा है और संदीप चौटा ने धुन तैयार
की है. आशा भोंसले, सपना अवस्थी और सुदेश भोंसले ने इसे
गाया है. गीत में आर डी बर्मन की याद ताज़ा करवाने का भरसक
प्रयत्न किया है सुदेश भोंसले ने.




गीत के बोल:

बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
हे बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
कहीं भी छुपा हो तुझे ढूँढ लेगा
ये है इश्क़ समझा तुझे कर ही देगा
खल्लास ए खल्लास ए हे खल्लास ए ए ए ए एखल्लास

बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
कहीं भी छुपा हो तुझे ढूँढ लेगा
ये है इश्क़ समझा तुझे कर ही देगा
खल्लास द र र र खल्लास

नज़रों की क़ैद में तू जो आ गया समझ ले
इक बार फंस गया तो तू फंस गया समझ ले
नज़रों की क़ैद में तू जो आ गया समझ ले
इक बार फंस गया तो तू फंस गया समझ ले

नहीं तेरे जैसा कोई भी निशाना
नहीं तेरे जैसा कोई भी निशाना
हाँ बच के तू रहना रे बच के तू रहना
तू खिंचा चला आयेगा बस यहीं पे
ये है रोग ऐसा अगर हो गया तो खल्लास
हे खल्लास हे ए ए ए खल्लास ए खल्लास

जीना है तेरा मुश्किल तू मर गया समझ ले
मरना भी तेरा मुश्किल तू वो कर गया समझ ले
हे हे हे
जीना है तेरा मुश्किल तू मर गया समझ ले
मरना भी तेरा मुश्किल तू वो कर गया समझ ले
जहाँ में तेरा बस यही है ठिकाना
हे जहाँ में तेरा बस यही है ठिकाना
बच के तू रहना रे बच के तू रहना
ये वो रास्ता है जहाँ मुड़ना मुश्किल
ये वो दास्तां है शुरू हो गई तो खल्लास
हे हे ए खल्लास
दी रा रा रा रा खल्लास
हा हा हा अरे बुजदिल खल्लास

बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
हे बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
कहीं भी छुपा हो तुझे ढूँढ लेगा
ये है इश्क़ समझा तुझे कर ही देगा
खल्लास हे ए खल्लास हे हे हे हे खल्लास
खल्लास एकदम खल्लास
…………………………………………
Bach ke too rehna re-Company 2002

Artists: Isha Koppikar, Ajay Devgan, Vivek Oberoi

Read more...

Aug 21, 2019

तेरे सिवा कुछ याद नहीं-मस्त १९९९

सन १९९९ अर्थात मिलेनियम वर्ष के पूर्व आया साल.
इस साल के सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है मस्त

हमें कई पोस्टों में आपको पहाड़ पर चढ के ऊंचे सुर
में गाने वाली बातें बतलायीं मगर आपको कोई ऐसा
गीत नहीं बतलाया था जिसमें ये करिश्मा वाकई में
हो रहा हो. सुन्दर सुन्दर पहाड़ियां हैं और बाकी के
एलेमेंट्स भी सुन्दर हैं गीत के.

ऐसा एक गाना है फिल्म मस्त में जिसमें नायिका
पहाड़ी के ऊपर बैठ के गा रही है. सुनिधि चौहान ने
इस वास्तव में गाया है. नितिन रायकवार के बोल हैं
और संदीप चौटा का संगीत.





गीत के बोल:

तेरे सिवा कुछ याद नहीं तेरे सिवा कोई बात नहीं
आँखों में सपने तेरे होंठों पे तेरे नगमे
दिल मेरा लगे कहने
हुई हुई हुई मैं मस्त मैं मस्त हे मस्त

तेरे सिवा कुछ याद नहीं तेरे सिवा कोई बात नहीं
आँखों में सपने तेरे होंठों पे तेरे नगमे
दिल मेरा लगे कहने
हुई हुई हुई मैं मस्त मैं मस्त हे मस्त

तू है यहीं तू साथ है ये प्यार के जज़्बात हैं
तेरी कहूँ तेरी सुनूं मेरे यही हालात हैं
रग रग में जवानी है तेरी ही कहानी है
तुझको ही बतानी हैं
हुई हुई हुई मैं मस्त हे मस्त ओ मस्त हे मस्त

तेरे सिवा कुछ याद नहीं तेरे सिवा कोई बात नहीं
मस्त हे मस्त मस्त हे मस्त

तू है यहां तू है वहां मेरी नज़र जाए जहां
तुझे चाहती हूँ इस तरह मैं जानूं ना के किस तरह
साया बन के रहती हूँ हरदम मैं तेरे पीछे
कहती हूँ कोई पूछे
हुई हुई हुई मैं मस्त हे मस्त हो ओ मस्त हे मस्त

तेरे सिवा कुछ याद नहीं तेरे सिवा कोई बात नहीं
आँखों में सपने तेरे होंठों पे तेरे नगमे
दिल मेरा लगे कहने
हुई हुई हुई मैं मस्त मैं मस्त हे मस्त

तेरे सिवा कुछ याद नहीं तेरे सिवा कोई बात नहीं
तेरे सिवा कुछ याद नहीं तेरे सिवा कोई बात नहीं
तेरे सिवा कुछ याद नहीं तेरे सिवा कोई बात नहीं
......................................................................
Tere siwa kuchh yaad nahin(Sunidhi)-Mast 1999

Artists: Urmila Matondkar, Aftab Shivdasani

Read more...

Nov 24, 2018

तुमसे कितना प्यार है-अल्ताफ़ रज़ा

अल्ताफ़ रज़ा कुछ समय पहले काफ़ी लोकप्रिय रहे और
उनके गीत गली गली मोहल्ले मोहल्ले में बजते मिले.

ताबिश रोमानी की रचना है और संदीप चौटा का संगीत.

सुनते हैं इस क्लासिक रचना को जिसे सुने अरसा हो
गया है.



गीत के बोल:

तुमसे कितना प्यार है दिल में उतर कर देख लो
तुमसे कितना प्यार है दिल में उतर कर देख लो
ना यकीं आए तो फिर
ना यकीं आए तो फिर दिल बदल कर देख लो
तुमसे कितना प्यार है दिल में उतर कर देख लो

हमने अपनी हर साँस पर नाम तेरा लिख दिया
इक तुझे पाने की खातिर खुद को पागल कर दिया
इश्क़ में तुम भी सनम
इश्क़ में तुम भी सनम हद से गुज़र कर देख लो
तुमसे कितना प्यार है दिल में उतर कर देख लो

जाने क्यूँ सारे जहाँ से हो गए हैं बेखबर
जबसे तुम आँखों में आए जागती है ये नज़र
अपनी रातों से मेरी
अपनी रातों से मेरी रातें बदल कर देख लो

तुमसे कितना प्यार है दिल में उतर कर देख लो
तुमसे कितना प्यार है दिल में उतर कर देख लो
ना यकीं आए तो फिर
ना यकीं आए तो फिर दिल बदल कर देख लो
तुमसे कितना प्यार है दिल में उतर कर देख लो
...........................................................
Tumse kitna pyar hai-Altaf Raza non film song

Read more...

Jul 9, 2016

सब गन्दा है-कंपनी २००२

गीत काफी अनूठे किस्म के होते हैं. हिंदी फ़िल्मी गीतों पर
काफी लोग रिसर्च कर चुके हैं. उन सभी रिसर्चों के मसालों
में प्रस्तुत गीत और ऐसे गीतों का वर्णन भी मिलेगा आपको.

आज सुनिये फिल्म कंपनी का एक गीत जिसमें से लोजिक
निकालने की कोशिश ना करें, बस सुन लें. जयदीप साहनी
ने इसे लिखा है. गायक और संगीतकार हैं संदीप चौटा.

फिल्म के निर्देशक रामू उर्फ रामगोपाल वर्मा हैं. इस फिल्म
के प्रमुख कलाकार हैं अजय देवगन, मोहन लाल, अन्तर माली,
सीमा बिश्वास, मनीषा कोइराला, विवेक ओबेरॉय, विजय राज़,
उर्मिला मातोंडकर, हर्ष छाया और ढेर सारे ऐसे चेहरे जिनको
ना आप जानते हैं ना मैं.



गीत के बोल:

वोट में नोट धोती भी खोट दिल में चोर
मतलब के यार आगे से प्यार पीछे से वार
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
चन्दन सा बदन चंचल चितवन यारों से जलन
वोट में नोट धोती भी खोट दिल में चोर
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
हड्डी पसली एक सीधा साधा पीट दोनों घुटने तक
हाथों की धार हाथों में तार एक और दो चार
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
बदले की मिठास गुस्से की गिलास हुई जैसे प्यास
वोट में नोट धोती भी खोट दिल में चोर
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
सब गन्दा है पर धंधा है ये
……………………………………………..
Sab Ganda hai-Company 2002

Read more...

Jan 6, 2010

रुकी रुकी थी ज़िन्दगी-मस्त १९९९

रामू के नाम से अधिकतर फिल्म प्रेमी परिचित हैं। इनका पूरा
नाम है रामगोपाल वर्मा। लीक से हटकर फ़िल्में बनाने के लिए ये
चर्चित हैं। इनकी कई फ़िल्में बॉक्स ऑफिस से हटकर भी चलती
रही हैं। फिल्म भले ही जल्दी सिनेमा हॉल से जल्दी उतर जाए, जनता
कुतुहलवश इनकी फिल्मों की सी डी, डी वी डी लाके एक बार ज़रूर
देखती है। १९९९ में आई फिल्म मस्त ने व्यवसाय में तो झंडे नहीं गाड़े
अलबत्ता इसका संगीत चर्चित हुआ, विशेषकर ये गीत जो यहाँ
प्रस्तुत है। इसे फिल्माया गया है अफताब शिवदासानी और उर्मिला
मातोंडकर पर। संगीत संदीप चौटा का है और आवाजें हैं सोनू निगम,
सुनिधि चौहान की। ये सोनू और सुनिधि का पहला प्रसिद्ध युगल गीत है।
गीत के बोल लिखे हैं नितिन रैकवार ने। सन १९९९ में कोयले का इंजन
देखना अनूठा अनुभव है। उसकी चाल की आवाज़ का बखूबी इस्तेमाल
हुआ है इस गीत में।
.............



गाने के बोल:

सुनिधि:
रुकी रुकी थी ज़िन्दगी
झट से चल पड़ी
हुई खुशी से दोस्ती
मज़ा ले ले ले हर घड़ी

ई या ई ए ए ए हे हे हे
ई या ई ए ए ए हे
ई या ई ए ए ए हे हे हे
ई या ई ए ए ए हे ए

सोनू:
रुकी रुकी थी ज़िन्दगी
झट से चल पड़ी
हुई खुशी से दोस्ती
मज़ा ले ले ले हर घड़ी...

सुनिधि:
कल तक ना कोई कहानी थी
ना कोई राजा था, ना रानी थी

सोनू:
कल तक ना कोई कहानी थी
ना कोई राजा था, ना रानी थी

सुनिधि:
ये आज क्या हो गया
एक पल में सभ कुछ मिल गया
सामने मंजिल खड़ी

सोनू:
रुकी रुकी थी ज़िन्दगी
झट से चल पड़ी
हुई खुशी से दोस्ती
मज़ा ले ले हर घड़ी
ई या ई ए ए ए हे हे हे
ई या ई ए ए ए हे
ई या ई ए ए ए हे हे हे
ई या ई ए ए ए हे
जादू यहाँ ऐसा हो जाए
ये पल यहीं आज रुक जाए

सुनिधि:
जादू यहाँ ऐसा हो जाए
ये पल यहीं आज रुक जाए
सोनू:
तू जो कहे मैं सुनूं
मैं जो कहूं तू सुनी
लड़ जाए बातों की लड़ी

सुनिधि:
ई या ई ए ए ए हे हे हे
ई या ई ए ए ए हे
ई या ई ए ए ए हे हे हे
ई या ई ए ए ए हे

सोनू:
रुकी रुकी थी ज़िन्दगी

सुनिधि:
हो, झट से चल पड़ी
हुई खुशी से दोस्ती

सोनू:
मज़ा ले ले हर घड़ी

Read more...

Oct 27, 2009

आंखों में रहो-कंपनी २००२

नई फिल्मों में भी कर्णप्रिय गीत पाये जाते हैं। ढूंढ के
सुनना पढता है , बस। एक नई गायिका सौम्या राव
जिनका नाम इस गाने के पहले मैंने नहीं सुना इस गाने
को साफ़ सुथरे तरीके से गा रही हैं। आजकल नए गायक
गायिका इतने आ गए हैं कि  नाम याद रखना मुश्किल।
जो भी हो, गाना उत्तम है और इसकी धुन बनाई है संदीप
चौटा ने जिन्होंने रामू उर्फ़ रामगोपाल वर्मा की फ़िल्म
मस्त में भी संगीत दिया था। इस गाने को सुनकर न जाने
क्यूँ एक दूसरा गीत याद आ जाता है-प्यार ये जाने कैसा है
जो फ़िल्म रंगीला में सुरेश वाडकर ने गया है। गीत फिल्माया
गया है अभिनेत्री अंतरा माली पर।



गाने के बोल:

आंखों में रहो बाहों में रहो होंठों पे रहो या दिल में रहो
आंखों में रहो बाहों में रहो होंठों पे रहो या दिल में रहो
आंखों में रहो बाहों में रहो होंठों पे रहो या दिल में रहो
यह सारे घर है तुम्हारे यह सारे घर है तुम्हारे
जहाँ भी दिल चाहें रहो

साँसों में रहो धड़कन में रहो पलकों में रहो जुल्फों में रहो
साँसों में रहो धड़कन में रहो पलकों में रहो जुल्फों में रहो
यह सारे घर हैं तुम्हारे यह सारे घर हैं तुम्हारे
जहाँ भी दिल चाहें रहो

पास हमारे आना हो तो बिना बुलाये आ जाना
पास हमारे आना हो तो बिना बुलाये आ जाना
कोई निशानी दे जाना थोडी सी खुशबू ले जाना
यादों में रहो ख़्वाबों में रहो रातों में रहो या दिन में रहों
यादों में रहो ख़्वाबों में रहो रातों में रहो या दिन में रहों
आज न जाने यह क्या हुआ है कोई ज़रा यह समझाए
आज न जाने यह क्या हुआ है कोई ज़रा यह समझाए
इतना सुरूर छाया है जी करता है मर जाए

वादों में रहो कस्मों में रहो आँचल में रहो काजल में रहो
वादों में रहो कस्मों में रहो आँचल में रहो काजल में रहो
यह सारे घर है तुम्हारे यह सारे घर है तुम्हारे
जहाँ भी दिल चाहें रहो
...................................................
Ankhon mein raho-Company 2002

Artist: Antara Mali

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP