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May 26, 2020

बच के तू रहना...खल्लास-कंपनी २००२

सन २००२ की फिल्म कंपनी रामगोपाल वर्मा द्वारा निर्देशित
एक सफल फिल्म है. बॉक्स ऑफिस पर सफलता अर्जित करने
वाली इस फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं दक्षिण भारतीय सिनेमा
की नामचीन हस्ती मोहनलाल, अजय देवगन, मनीषा कोइराला,
विवेक ओबेरॉय, सीमा बिश्वास, ईशा कोप्पिकर और अन्य.

गौरतलब है मोहनलाल की ये पहली हिंदी फिल्म है आज के
समय में मोहनलाल की कई फ़िल्में हिंदी में डब हो कर
देखने के लिए उपलब्ध हैं. मोहनलाल प्रतिभाशाली अभिनेता
हैं और वे तरह तरह के रोल कर चुके हैं दक्षिण के सिनेमा में.

गैंगस्टर और अंडरवर्ल्ड थीम पर सत्या के बाद रामगोपाल वर्मा
की ये दूसरी फिल्म थी. इस फिल्म में अजय देवगन और नए
अभिनेता विवेक ओबेरॉय के अभिनय की काफ़ी प्रशंसा हुई और
उन्हें फिल्मफेयर के पुरस्कार भी मिले.

व्यावसायिक दृष्टि से सफल इस फिल्म की नई पीढ़ी के समीक्षकों
और नई फिल्म के शौकीनों ने काफ़ी तारीफ की. देखने वालों का
कहना है कि कुछ अलग हट के और रियलिस्टिक जैसा देखने को
मिला.

फिल्म की एक और उल्लखनीय बात है और वो है इसका ये
गाना जो आज आपको सुनवा रहे हैं-खल्लास. ईशा कोप्पिकर
को गीत से काफ़ी लोकप्रियता मिली और उन्हें खल्लास गर्ल
के रूप में पहचाना जाने लगा. गीत भी अपने समय में काफ़ी
सुना गया. झलक दिखला जा फेम गणेश हेगड़े ने इस गीत का
फिल्मंकान किया था.

नितिन रैकवार ने गीत लिखा है और संदीप चौटा ने धुन तैयार
की है. आशा भोंसले, सपना अवस्थी और सुदेश भोंसले ने इसे
गाया है. गीत में आर डी बर्मन की याद ताज़ा करवाने का भरसक
प्रयत्न किया है सुदेश भोंसले ने.




गीत के बोल:

बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
हे बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
कहीं भी छुपा हो तुझे ढूँढ लेगा
ये है इश्क़ समझा तुझे कर ही देगा
खल्लास ए खल्लास ए हे खल्लास ए ए ए ए एखल्लास

बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
कहीं भी छुपा हो तुझे ढूँढ लेगा
ये है इश्क़ समझा तुझे कर ही देगा
खल्लास द र र र खल्लास

नज़रों की क़ैद में तू जो आ गया समझ ले
इक बार फंस गया तो तू फंस गया समझ ले
नज़रों की क़ैद में तू जो आ गया समझ ले
इक बार फंस गया तो तू फंस गया समझ ले

नहीं तेरे जैसा कोई भी निशाना
नहीं तेरे जैसा कोई भी निशाना
हाँ बच के तू रहना रे बच के तू रहना
तू खिंचा चला आयेगा बस यहीं पे
ये है रोग ऐसा अगर हो गया तो खल्लास
हे खल्लास हे ए ए ए खल्लास ए खल्लास

जीना है तेरा मुश्किल तू मर गया समझ ले
मरना भी तेरा मुश्किल तू वो कर गया समझ ले
हे हे हे
जीना है तेरा मुश्किल तू मर गया समझ ले
मरना भी तेरा मुश्किल तू वो कर गया समझ ले
जहाँ में तेरा बस यही है ठिकाना
हे जहाँ में तेरा बस यही है ठिकाना
बच के तू रहना रे बच के तू रहना
ये वो रास्ता है जहाँ मुड़ना मुश्किल
ये वो दास्तां है शुरू हो गई तो खल्लास
हे हे ए खल्लास
दी रा रा रा रा खल्लास
हा हा हा अरे बुजदिल खल्लास

बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
हे बच के तू रहना रे बच के तू रहना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
नहीं दूजा मौक़ा मिलेगा संभलना
कहीं भी छुपा हो तुझे ढूँढ लेगा
ये है इश्क़ समझा तुझे कर ही देगा
खल्लास हे ए खल्लास हे हे हे हे खल्लास
खल्लास एकदम खल्लास
…………………………………………
Bach ke too rehna re-Company 2002

Artists: Isha Koppikar, Ajay Devgan, Vivek Oberoi

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Jul 25, 2019

आ गया हे आ गया-हम तुम्हारे हैं सनम २००२

जब भी कोई गीत सुनता हूँ जो ‘आ गया’ से शुरू होता है तो
मुझे हिंदी सिने संगीत इतिहास का एक क्रिएटिव सोंग याद आ
जाता है-आ गया आ गया हलवा वाला आ गया. ऐसा क्यूँ होता
है ये मैं समझ ना पाया. क्या मुझे हलवा पसंद है इसलिए, या
फिर गीत याद करने के बहानों में सब्जी वाला, दूध वाला, पेपर
वाला से मुझे हलवा वाला बेहतर लगता है. अब वो ज़माना नहीं
बचा जब हलवा फेरी लगा के बेचा जाता था, दूसरी खाने पीने
वाली चीज़ों की तरह. कुछ चीज़ें अलबत्ता अभी भी फेरी वाले ले
आते हैं जैसे मूंगफली चने इत्यादि. उसके अलावा गर्मी में कुल्फी
भी मिल जाती है.

समीर के बोलों को सुरों में ढाला है निखिल विनय ने और इसे
गाया है उदित नारायण ने.
   


गीत के बोल:

हो आ गया हे आ गया हाँ आ गया
आ गया आ गया आ गया

हे यू ब्यूटीफुल गर्ल्स
आई हैव दिस ब्यूटीफुल फ्लावर इन माय हैंड्स
आई वंडर विच वन ऑफ यू विल बी लकी टू गेट इट
यू यू यू हाउ अबाउट यू

आ गया आ गया दिल चुराने मैं आ गया
आ गया आ गया दिल चुराने मैं आ गया
लाईफ इज़ लवेबल प्यार नहीं सेलेबल
लाईफ इज़ लवेबल प्यार नहीं सेलेबल
दिल मेरा अवेलेबल तेरे लिए
आ गया आ गया दिल चुराने मैं आ गया
आ गया आ गया दिल चुराने ये आ गया

नया गीत है नया साज़ है नई बीट है नया राग है
हे नया गीत है नया साज़ है नई बीट है नया राग है
मेरे साथ में ज़रा झूम ले मिला के नज़र आ मुझे चूम ले
रंग जमाने आया
धूम मचाने आया
चैन चुराने आया
प्यार का तोहफ़ा लाया लाया
आ गया आ गया दिल चुराने मैं आ गया
आ गया आ गया दिल चुराने ये आ गया

जवाँ उम्र है हा हसीं रात है चाहतों भरी मुलाकात है
अरे जवाँ उम्र है हा हसीं रात है चाहतों भरी मुलाकात है
जिसको देखिए बेकरार है हर हसीन को मुझ से प्यार है
होश उड़ाने आया
ख़्वाब सजाने आया
गम भुलाने आया
महफ़िलों पे छाया छाया
आ गया आ गया दिल चुराने मैं आ गया
आ गया आ गया दिल चुराने ये आ गया
हे लाईफ इज़ लवेबल प्यार नहीं सेलेबल
लाईफ इज़ लवेबल प्यार नहीं सेलेबल
दिल मेरा अवेलेबल तेरे लिए
आ गया आ गया दिल चुराने मैं आ गया
आ गया आ गया दिल चुराने ये आ गया
मैं आ गया मैं आ गया मैं आ गया मैं आ गया
………………………………………………………………
Aa gaya aa gaya dil churane-Hum tumhare hain sanam 2002

Artist: Salman Khan, Madhuri Dixit

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Nov 23, 2018

आ मेरे सनम तुझको मैं प्यार दूँ-सोच २००२

रात के अंधियारे में शुरू होता ये गीत तुरंत ही यादों
की हरी हरी वादियों में पहुँच जाता है. लुभावनी और
आँखों को सुकून पहुंचाने वाली दृश्यावली वाला ये गाना
फिल्म सोच का है.

गीतकार समीर, संगीतकार जतिन ललित और गायिका
अलकाय याग्निक हैं. रवीना टंडन इसे परदे पर गा रही
हैं संजय कपूर के लिए.

श्रेणी बनाने वालों के लिए सुझाव-गोल्फ का मैदान हिट्स,
बोट हिट्स, समुद्र हिट, ऐतिहासिक इमारत हिट, लाल कार
हिट्स इत्यादि.

फिल्म के निर्देशक अगर इन लोकेशंस के नाम भी साथ
बतलाते चलें तो गूगल पर जगह ढूँढने के झंझट से मुक्ति
मिलेगी.



गीत के बोल:

आ मेरे सनम तुझको मैं प्यार दूँ
इस चाहत पे साँसें भी वार दूँ
आ मेरे सनम तुझको मैं प्यार दूँ
इस चाहत पे साँसें भी वार दूँ
बाहों में सोना यार है बेचैनी में क़रार है
इश्क़ दवा है सारे ग़म की
इसमें खुशबू हर मौसम की रे
इश्क़ दवा है सारे ग़म की
इसमें खुशबू हर मौसम की रे

आ मेरे सनम तुझको मैं प्यार दूँ
इस चाहत पे साँसें भी वार दूँ

ये तन्हाई ले लूँ तेरी तुझपे लुटा दूँ हर खुशी
तू ना जाने तू ना समझे तुझसे है मेरी ज़िंदगी
मेरे कितने क़रीब है तू तो मेरा नसीब है
इश्क़ दवा है सारे ग़म की
इसमें खुशबू हर मौसम की रे
इश्क़ दवा है सारे ग़म की
इसमें खुशबू हर मौसम की रे

आ मेरे सनम तुझको मैं प्यार दूँ
इस चाहत पे साँसें भी वार दूँ

माना के है मुश्किल लेकिन आसां हो जायेगा सफ़र
धीरे धीरे तुझपे होगा मेरी वफ़ाओं का असर
मुझको तो ऐतबार है कहता दिल बार बार है
इसमें खुशबू हर मौसम की रे
इश्क़ दवा है सारे ग़म की
इसमें खुशबू हर मौसम की रे
…………………………………………..
Aa mere sanm tujhko main pyar doon-Soch 2002

Artists: Raveena Tandon, Sanjay Kapoor

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Feb 10, 2018

वो चांद जैसी लडकी-देवदास २००२

फिल्म देवदास से एक गीत सुनते हैं. ये उस ज़माने की फिल्म
है जब भंसाली की फिल्मों में दुसरे संगीतकारों का संगीत होता
था.

गीत लिखा है नुसरत बद्र ने और इस गीत की धुन तैयार की है
इस्माल दरबार ने. उदित नारायण ने इसे गाया है.




गीत के बोल:

वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चांद
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है

अल्हड सी भोली भाली मासूम ये शरारत
बदली नहीं है अब तक बचपन की उसकी आदत
तडपा रही हैं यादें हो जाउँ ना ना हो जाऊं
हो जाऊं मैं पागल
आ जाये सामने वो ये जान जा रही है

वो वो
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है

मेरा चांद बादलों में क्यूँ जा के खो गया है
अब दूर इस कदर वो क्यों मुझसे हो गया है
क्यों जी रहा हूँ तन्हा ये याद भी नहीं है
बस इतना याद है के वो याद आ रही है

वो चांद वो चांद
वो चांद जैसी लडकी इस दिल पे छा रही है
आँखों के रास्ते से इस दिल में आ रही है
वो चांद वो चांद जैसी
.................................................................
Wo chand jaisi ladki-Devdas 2002

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Jan 23, 2018

नैना मिलाय के-साथिया २००२

गीत को विवरण की ज़रूरत नहीं. इसे तो यूँ ही सुन लें.
फिल्म साथिया से एक गीत आप सुन चुके हैं पूर्व में.
नैना मिलाये के-इन शब्दों को शायद खुसरो की रचना
ने सबसे ज्यादा लोकप्रिय कराया है.

गुलज़ार गीतकार हैं और ए आर रहमान संगीतकार. गीत
को दो गयिकओं ने गाया है-साधना सरगम और मधुश्री.




गीत के बोल:

नैना मिलाय के मोसे

झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के
पलकों में बंद कर लीनी

चिकनी माटी बिस आँगन
धड़ से फिसलवाय दीनी
सावन में बुलाय के
झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के

सुध बुध खोई होस उड़ाय हाय
छु मंतर कर दीनी
हमका छू के छुवाय के 
झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के

दिल की कचहरी मुकदमा चलाय है
हाँ मुजरिम हमें कर दीनी
बिना रपट लिखाय के
झूठ कपट छल कीनी
मोसे नैना मिलाय के
…………………………………………………..
Nain milaye ke-Saathiya 2002

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Jan 22, 2018

ना चूड़ी खनकेगी-माँ तुझे सलाम २००२

संगीतकार साजिद वाजिद के संगीत निर्देशन वाला एक
गीत सुनते हैं जिसे सुखविंदर और अलका याग्निक ने
गाया है. समीर की रचना है.




गीत के बोल:

ना चूड़ी खनकेगी ना पायल छनकेगी
ना गजरा महकेगा ना कजरा बहकेगा
ना जा ना जा ओ आ आ आ आ ओ
छोड़ के ना जा ओ पिया
तुझको मैने ये दिल दे दिया
प्यार मैने तुझसे है किया
तुझको मैने ये दिल दे दिया
ओ पिया ओ पिया
तुझको मैने ये दिल दे दिया
हाँ तुझको मैने ये दिल दे दिया

नींद भी तू मेरा ख्वाब भी तू है
बिन तेरे कैसे रहूँ
हो तौबा दुहाई ए दर्द-ए-जुदाई
भला ऐसे कैसे सहूँ
मौसम है यादों का
कस्मों का वादों का
आ करीब आ साथिया
तुझको मैने ये दिल दे दिया

पलकें झुका लूँ नज़र में छुपा लूँ
कहीं दूर जानें ना दूँ
हाय तेरे मेरे बीच आए हवा तो
उसे भी मैं आने न दूँ
बस इतना कहना है साँसों में रहना है
चैन मेरा तूने ले लिया
तुझको मैने ये दिल दे दिया
ओ पिया आ ओ पिया
आ जा आ जा ओ ओ
छोड़ के ना जा ओ पिया
तुझको मैने ये दिल दे दिया
ऐसा भी ज़ुल्म क्या किया
तुझको मैने ये दिल दे दिया
ओ पिया ओ पिया
तुझको मैने ये दिल दे दिया

प्यार भी तू मेरा यार भी तू
बिना तेरे कैसे रहूँ
हो तौबा दुहाई ऐ दर्द-ए-जुदाई
भला ऐसे कैसे सहूँ
मौसम है यादों का
कस्मों का वादों का
आ करीब आ साथिया
तुझको मैने ये दिल दे दिया

पलकें झुका लूँ नज़र में छुपा लूँ
कहीं दूर जानें ना दूँ
हाय तेरे मेरे बीच आए हवा तो
उसे भी मैं आने न दूँ
बस इतना कहना है साँसों में रहना है
चैन मेरा तूने ले लीया
तुझको मैने ये दिल दे दिया
ओ पिया आ ओ पिया
…………………………………………………
Na chhoodi khankegi-Maa tujhe salaam 2002

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Jan 4, 2018

माही वे-कांटे २००२

ऋचा शर्मा काफी ऊर्जावान गायिका हैं. ऊर्जावान गायिकाओं में
शायद सबसे पहले मुझे अलीशा चिनाई की याद आती है. उसके
बाद हेमा सरदेसाई, जसपिंदर नरूला और फिर सुनिधि चौहान
याद आती हैं. अब तो खैर ढेर सारी गायिकाएं हो गयी हैं जो
ऊंचे स्केल पर गाती हैं.

ऋचा शर्मा को बॉलीवुड में गाने के जितने भी अवसर मिले वे
लगभग सफल रहे और उनमें से अधिकांश गीत श्रोताओं ने पसंद
किये हैं. वे ज़्यादातर भजन गायकी के लिए विख्यात हैं. अगर
आपने उनका स्टेज शो देखा है तो आपको मालूम होगा कि उनके
कार्यक्रमों की रौनक काफी ज्यादा हुआ करती है. आज मैं आपको
ऋचा शर्मा का गाया अपना पसंदीदा गीत सुनवा रहा हूँ जो फिल्म
कांटे से है. देव कोहली के लिखे गीत को संगीत से सजाया है
आनंद राज आनंद ने. इस गीत में सुखविंदर की आवाज़ भी है.




   
गीत के बोल:

ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
माही वे माही वे माही वे माही वे माही वे
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
माही वे माही वे माही वे माही वे माही वे

माही वे मुहब्बतां सच्चियाँ ने
माही वे मुहब्बतां सच्चियाँ ने
मंगदा नसीबा कुछ होर है
क़िस्मत दे मारे अस्सी की करिये
क़िस्मत दे मारे अस्सी की करिए
क़िस्मत दे मारे हो अस्सी की करिए

क़िस्मत ते किसका ज़ोर है
माही वे माही वे माही वे माही वे

इक तरफ़ इश्क़ है तन्हा तन्हा
इक तरफ़ हुस्न है रुसवा रुसवा
इक तरफ़ इश्क़ है तन्हा तन्हा
इक तरफ़ हुस्न है रुसवा रुसवा
दोनों बेबस हुए हैं कुछ ऐसे
करें तो किस से करें हम शिकवा

माही वे माही वे
ये कदा सच्चियाँ ने
मंगदा नसीबा कुछ होर है

दिल न टूटे ख़ुदा का ये घर है
तेरे सजदे में मेरा ये सर है
दिल न टूटे ख़ुदा का ये घर है
तेरे सजदे में मेरा ये सर है
मौत से डर नहीं लगता मुझको
सिर्फ़ तुमसे जुदाई का डर है

माही वे माही वे
ऐ मीतां सच्चियाँ ने
पर मंगदा नसीबा कुछ होर है
माही वे माही वे माही वे माही वे माही वे
……………………………………………………….
Maahi ve-Kaante 2002

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Nov 28, 2017

हमेशा तुमको चाहा-देवदास २००२

चलचित्र कथानक देवदास के नवीनतम संस्करण से एक गीत सुनते हैं
आज. शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का उपन्यास बीसवी सदी की सबसे
चर्चित कृतियों में से एक है. उल्लेखनीय है ये उपन्यास उन्होंने
१७ वर्ष की उम्र में लिखा डाला था.

देवदास उपन्यास पर फ़िल्में कई भाषाओँ में बनायीं का चुकी है.
उपन्यास पर सबसे पहले मूक युग में फिल्म बनी थी. १९३६ की
देवदास बनने के पहले इसे बंगाली भाषा में बनाया जा चुका था.

नुसरत बद्र के बोल हैं और इस्माईल दरबार का संगीत. इसे गाया
है कविता कृष्णमूर्ति ने.




गीत के बोल:

आई ख़ुशी की ये रात आई सज-धज के बारात है आई
धीरे धीरे गम का सागर थम गया आँखों में आ कर
गूँज उठी है जो शहनाई तो आँखों ने ये बात बताई

हमेशा तुमको चाहा और चाहा और चाहा चाहा चाहा
हमेशा तुमको चाहा और चाहा कुछ भी नहीं
तुम्हे दिल ने है पूजा पूजा पूजा और पूजा कुछ भी नहीं
ना ना नहीं ना ना नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं हो ओ ओ कुछ भी नहीं
हो ओ कुछ भी नहीं

खुशियों में भी छाई उदासी
दर्द की छाया में वो लिपटी
कहने पिया से बस ये आई
कहने पिया से बस ये आई
जो दाग तुमने मुझ को दिया
उस दाग से मेरा चेहरा खिला
रखूँगी इसको निशानी बना कर
माथे पे इस को हमेशा सजा कर
ओ प्रीतम ओ प्रीतम बिन तेरे मेरे इस जीवन में
कुछ भी नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं

बीते लम्हों की यादें ले कर
बोझल कदमों से वो चल कर
दिल भी रोया और आँख भर आई
मन से आवाज़ है आई
वो बचपन की यादें वो रिशते वो नाते
वो सावन के झूले वो हँसना वो हँसाना
वो रूठ के फिर मनाना
वो हर एक पल मैं दिल में समाए
दिये में जलाए ले जा रही हूँ
मैं ले जा रही हूँ मैं ले जा रही हूँ
ओ प्रीतम ओ प्रीतम बिन तेरे मेरे इस जीवन में
कुछ भी नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं
कुछ भी नहीं

हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हे हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हमेशा तुमको चाहा और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हे हुन हुना हुन हुना हुन हुना
और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
और चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हाँ चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
बस चाहा चाहा चाहा
हुन हुना हुन हुना हुन हुना
हाँ चाहा चाहा चाहा
……………………………………………………….
Hamesha tumko chaha-Devdas 2002

Artists: Sharukh Khan, Aishwarya Rai

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Nov 25, 2017

तोहे ले के सांवरिया-सोच २००२

सोच नाम की एक फिल्म है सन २००२ में बनी. सोच शब्द को
सबसे ज्यादा प्रसिद्धि पिछले दिनों एक विज्ञापन ने दिलवाई जिसमें
विद्या बालन ने अभिनय किया था.

गीत फिल्माया गया है रवीन्दा टंडन एयर संजय कपूर पे. इसे गाया
है भजन गाने के लिए प्रसिद्ध गायिका ऋचा शर्मा और सोनू निगम ने.
समीर के बोल हैं और आनंद राज आनंद का संगीत. आकर्षक धुन
है इस गीत की और हम इसे फ़िल्मी लोक गीत कह सकते हैं बड़े
आराम से(बिना अमूल माचो के).




गीत के बोल:

तोहे ले के सांवरिया निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के सांवरिया निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के सांवरिया निकल चली वे निकल चली वे
बदनाम न सहिवे बदनाम न सहिवे
निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के गुजरिया निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के गुजरिया निकल चली वे निकल चली वे
बदनामी न सहिवे बदनामी न सहिवे
निकल चली वे निकल चली वे
निकल चली वे निकल चली वे

हमका मिला यूं बड़ी मुश्किल से बाहों में ले ले पिया
ओ मस्ती में डूबी तेरी अंगडाई छलनी करे है जिया
हो नैनों में अब तोहरी छबि है तू ही तू हर जगह
निकल चली वे निकल चली वे

तोहे ले के गुजरिया निकल चली वे निकल चली वे
बदनामी न सहिवे बदनामी न सहिवे
निकल चली वे निकल चली वे
निकल चली वे निकल चली वे

ऐ सांवरिया
भीगे होंठों से चुरा लूं मैं आ जा थोडा गुलाबी नशा
आऊँगी मैं तेरी दुल्हन बन के फूलों की डोली सजा
जो ना मिलने हमें देगी दुनिया क्या करेंगे बता
ना हम सुनबे निकल चलिवे ना हम सुनबे निकल चलिवे

तोहे ले के सांवरिया निकल चली वे निकल चली वे
तोहे ले के गुजरिया निकल चली वे निकल चली वे
का हो निकल चली वे का
हाय बदनामी न सहिवे बदनामी न सहिवे
निकल चली वे निकल चली वे
निकल चली वे निकल चली वे
…………………………………………………………………
Tohe le ke sanwariya-Soch 2002

Artists: Sanjay Kapoor, Raveena Tandon

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Oct 23, 2017

चूड़ी खनकाई रे-ये है जलवा २००२

काफी दिन से कोई चूड़ी, कंगना, बिंदिया, झुमका गीत नहीं सुना है.
सुनते हैं हिमेश रेशमिया की रेशमी धुन में बंधा एक गीत सन २००२
की फिल्म ये है जलवा से.

सुधाकर शर्मा गीतकार हैं और इसे उदित नारायण संग अलका याग्निक
ने गाया है.

   
   

गीत के बोल:


चूड़ी खनकाई रे
चूड़ी खनकाई रे बोलो कैसा लगता है
मेहँदी रचाई रे 
हाँ मेहँदी रचाई रे  बोलो कैसा लगता है
तेरी चूडियों का रंग अच्छा लगता है
तेरी मेहँदी का रंग पक्का लगता है
लाखों में तू एक सनम  हो ओ ओ
सच्चा लगता है हाय सच्चा लगता है
चूड़ी खनकाई रे बोलो कैसा लगता है
हो ओ ओ
मेहँदी रचाई रे  बोलो कैसा लगता है
तेरी चूडियों का रंग अच्छा लगता है
तेरी मेहँदी का रंग पक्का लगता है
लाखों में तू एक सनम  हो ओ ओ
सच्चा लगता है हाय सच्चा लगता है

चूड़ी खनकाई रे बोलो कैसा लगता है

आ जा आ जा पिया ये श्रृंगार है किया
तड़पे मेरा जिया इंतज़ार है किया
तेरा ये श्रृंगार हम चुराएंगे
आज हद से गुजर जायें
आ रे आ रे आ रे आ रे
बिंदिया चमकाई रे बोलो कैसा लगता है
हो ओ ओ
मेहँदी रचाई रे बोलो कैसा लगता है
तेरी बिंदिया का रंग अच्छा लगता है
तेरी मेहँदी का रंग पक्का लगता है
लाखों में तू एक सनम हो ओ ओ
सच्चा लगता है  हाय सच्चा लगता है

चूड़ी खनकाई रे  बोलो कैसा लगता है

तेरी अंगडाईयाँ उसपे तन्हाईयाँ
लाई नज़दीकियाँ मिट गई दूरियां
तेरा ये सिन्दूर है नसीब अपना
पूरा किया रब ने मेरा सपना
आ रे आ रे आ रे आ रे आ रे
चुनरी लहराई रे बोलो कैसा लगता है
हो ओ ओ
मेहँदी रचाई रे बोलो कैसा लगता है
तेरी चूडियों का रंग अच्छा लगता है
तेरी चुनरी का रंग पक्का लगता है
लाखों में तू एक सनम हो ओ ओ
सच्चा लगता है हाय  सच्चा लगता है

चूड़ी खनकाई रे  बोलो कैसा लगता है
………………………………………………………..
Choodi khankayi re-Ye hai jalwa 2002

Artists: Salman Khan, Amisha Patel

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Oct 9, 2017

मैने तो खाई कसम-आवारा पागल दीवाना २००२

सन २००२ की मल्टीस्टारर फिल्म आवारा पागल दीवाना विलायत
की दृश्यों से भरपूर फिल्म है. सस्ते में विलायत की सैर करवाने
के लिए निर्देशक का तहे-दिल शुक्रिया.

सुनते हैं फिल्म से एक गीत कश्य कुमार और आरती छाबडिया पर
फिल्माया हुआ. समीर के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है अन्नू मलिक
ने. अभिजीत और सुनिधि चौहान ने इसे गाया है.



   
गीत के बोल:

एक हसीना एक दीवाना मस्त समां मौसम भी सुहाना
तन्हाई में आँख मिली तो दर्द उठा दिल में अनजाना
एक हसीना एक दीवाना मस्त समां मौसम भी सुहाना
तन्हाई में आँख मिली तो दर्द उठा दिल में अनजाना

मैने तो खाई कसम चाहूँगी तुझको सनम
चाहत पे बस ना चले आ जा लगा लूँ गले
बेचैनियाँ कह रहीं अब तो मिटा फ़ासले
जब से तेरा दीदार हुआ है तीर जिगर के पार हुआ है
जीना मेरा दुश्वार हुआ है मैं तुझपे मरने लगा

एक हसीना एक दीवाना मस्त समां मौसम भी सुहाना
तन्हाई में आँख मिली तो दर्द उठा दिल में अनजाना

क्या प्यास जानां धड़कनों में जगी
छाने लगी है इक नई बेखुदी
ओ पागल करे ये तेरी आशिक़ी
प्यार में दोनो खोने लगे हैं दीवाने से होने लगे हैं
दीवानों का हाल तो देखो जागे जागे सोने लगे हैं

मैने तो खाई कसम चाहूँगी तुझको सनम
चाहत पे बस ना चले आ जा लगा लूँ गले
बेचैनियाँ कह रहीं अब तो मिटा फ़ासले
जब से तेरा दीदार हुआ है तीर जिगर के पार हुआ है
जीना मेरा दुश्वार हुआ है मैं तुझपे मरने लगा

जाने तमन्ना तू रोकना मुझे
मैं दो घडी को आ चुरा लूं तुझे
पलकों तले आ छुपा लूं तुझे

इश्क़ ने ऐसी आग लगाई बेताबी कुछ ऐसी छाई
इक दूजे से मिल गए दोनों दुनिया उनको रोक न पाई
..........................................................................
Maine to khayi kasam-Awara pagal deewana 2002

Artists: Akshya Kumar, Aarti Chhabariya

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Oct 7, 2017

यादें बनी-सोच २००२

सोच फिल्म से एक गीत सुनते हैं जिसकी थीम है यादें.
अलकाय याग्निक और कुमार सानू का गाया युगल गीत है
जिसके बोल समीर के हैं और संगीत जतिन ललित का.

   


गीत के बोल:

यादें बनी परछाईयाँ चारों तरफ हैं तन्हाईयां सनम
यादें बनी परछाईयाँ चारों तरफ हैं तन्हाईयां सनम
आग में दबा जैसे धुआं है यही हमारी दास्तान
यादें बनी परछाईयाँ चारों तरफ हैं तन्हाईयां सनम
आग में दबा जैसे धुआं है यही हमारी दास्तान
यादें बनी परछाईयाँ

क्या करें हम भला हो बेवजह सी लगती जिंदगी
तुम वजह ढूंढ लो जिंदगी में आयेगी खुशी
कह रही हैं क्या खामोशियां दूरियां रहें ना दरमियां
यादें बनी परछाईयाँ

जो खुदा हो खफ़ा हाँ आदमी करे तो क्या करे
क्या तुम्हें है पता वक्त सारे ज़ख्मों को भरे
जल गया हमारा आशियां हम नया बसायेंगे जहां

यादें बनी परछाईयाँ चारों तरफ हैं तन्हाईयां सनम
यादें बनी परछाईयाँ चारों तरफ हैं तन्हाईयां सनम
आग में दबा जैसे धुआं है यही हमारी दास्तान
आग में दबा जैसे धुआं है यही हमारी दास्तान
……………………………………………………..
Yadein bani-Soch 2002

Artists: Sanjay Kapoor, Alka Yagnik

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Aug 21, 2017

चम्पई धूप के साये-लीला २००२

२००२ की फिल्म लीला से एक गीत सुनते हैं. चम्पई शब्द वाला
एक गीत हमने आपको सुनवाया था कुछ समय पहले जिसके बोल
साहिर के हैं.

आज सुनते हैं गुलज़ार के बोल वाला चम्पई गीत. शुभा मुद्गल के
गाये इस गीत की तर्ज़ बनाई है जगजीत सिंह ने.

फिल्म के प्रमुख कलाकार हैं डिम्पल कपाडिया और विनोद खन्ना.
दीप्ति नवल और गुलशन ग्रोवर अन्य प्रमुख कलाकार हैं. आंग्ल
भाषा की इस फिल्म में कुछ कर्णप्रिय हिंदी गीत हैं.





गीत के बोल:

चम्पई धूप के साये
चम्पई धूप के साये
बाहों में सिमट आये हैं
बहने लगे हैं शरयानों में
बड़ा रंगीं लगता है
फिर भी ग़मगीं लगता है

छाँव छोड़ के धूप में चलना
छाँव छोड़ के धूप में चलना
धूप सदा रहती भी नहीं
यूँ भी कभी तो होता होगा
गुनाह हसीं लगता है
फिर भी ग़मगीं लगता है
…………………………………………………………….
Champai dhoop ke saaye-Leela 2002

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Aug 6, 2017

मोरे सांवरिया-आवारा पागल दीवाना २००२

हिंदी फिल्मों में मिथुन द्वारा खाली किये गए स्थान को किसने भरा ये
प्रश्न कभी कभी मेरे दिमाग में आता है-सुनील शेट्टी या अक्षय कुमार
ने. वैसे मिथुन की फ़िल्में २००० तक तो नियमित रूप से देखने को
मिलीं हैं. उस दौर में ये दोनों नयी पीढ़ी के नायक अपने आप को फिल्म
उद्योग में स्थापित करने में लगे थे.

सुनते हैं फिल्म आवारा पागल दीवाना से एक गीत. फिल्म का कथानक
नाम के अनुरूप ही है या यूँ कहें कहैं के हिसाब से फिल्म का नाम
रखा गया है. ऐसा कम ही होता है जब फिल्म का मसाला और नाम
एक दूसरे के पूरक हों अन्यथा किसी फिल्म का नाम दालचीनी हो और
उसमें आपको चीनी भी देखने को ना मिले.

क्रिकेटर किरण मोरे और लीला भंसाली की फिल्म सांवरिया की एक
साथ याद दिलाने वाले इस गीत के बोल समीर द्वारा लिखे गए  हैं और
इसे सुनिधि चौहान, शान और अन्नू मलिक के संग कुछ और आवाजों
ने गाया है.




गीत के बोल:

मोरे सांवरिया आ आ
मोरे सांवरिया आ आ
मोरे मोरे
मोरे सांवरिया आ आ
मोरे सांवरिया आ आ आ
मोरे सांवरिया आ आ
मोरे सांवरिया मोरे सांवरिया

आ मोरे सांवरिया आ आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ

मैं हूँ अकेली मुश्किल बड़ी है चारों तरफ़ खतरा
आ मोरे सांवरिया आ आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
कोई बचा ना बचेगा हम से यहाँ जान-ए-जाना
कोई बचा ना बचेगा हम से यहाँ जान-ए-जाना
कहता है हमको जमाना आवारा पागल दीवाना
आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ

मोरे सांवरिया आ आ
मोरे सांवरिया आ आ

रातें बदल जाएँगी बातें बदल जायेंगी
घड़ियाँ मुहब्बत भरी चाहत में ढल जायेंगी
रातें बदल जाएँगी बातें बदल जाएँगी
घड़ियाँ मुहब्बत भरी चाहत में ढल जाएँगी
छाया नशा है दिल कह रहा है मुझ से नज़र तो मिला

आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ

अपने ठिकाने पे है बचने बचाने पे है
खतरे में है उस की जां जो भी निशाने पे है
अपने ठिकाने पे है बचने बचाने पे है
खतरे में है उस की जां जो भी निशाने पे है
बाहों में ले लूँ ज़ुल्फ़ों से खेलूँ डर ना मेरी दिलरुबा

आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
आवारा पागल दीवाना
आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
आ मोरे सांवरिया आ आ आ
आ मोरे सांवरिया आ
आवारा पागल दीवाना
आवारा पागल दीवाना
आवारा पागल दीवाना
....................................................................
More sanwariya-Awara pagal deewana 2002

Artists: Unidentifiable Dancing Objects

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Jul 31, 2017

गले में लाल टाई-हम तुम्हारे हैं सनम २००२

परिधानों पर बने गानों में से अगला प्रस्तुत है आपके लिए.
ये टाई पर बना गीत है.

सन २००० के बाद एक नया ट्रेंड शुरू हुआ फ़िल्मी गीतों के
मामले में. मुखड़े की जगह कोई और पंक्ति या की-वर्ड से
गाना पहचाना जाने लगा. २०१० के बाद तो केवल शब्दों
से गाने पहचाने जाने लगे हैं.

एक गीत सुनते हैं बप्पी लहरी के संगीत वाला माधुरी दीक्षित,
सलमान खान और शाहरुख खान पर फिल्माया हुआ. इस
युगल गीत को गाया है कुमार सानू और बेला सुलाखे ने.



गीत के बोल:

गले में लाल टाई घर में एक चारपाई
तकिया एक है और हम दो एक ही है रजाई
सर्दी कैसे जायेगी कहो कैसे हमें नींद आएगी
सर्दी कैसे जायेगी कहो कैसे हमें नींद आएगी
गले में लाल टाई घर में एक चारपाई
तकिये की फिकर ना कर बनूँगा मैं खुद रजाई
अरे गले से लगाऊँगा ओ तोसे कॉफ़ी पिला दूंगा
गले से लगाऊँगा ओ तोसे कॉफ़ी पिला दूंगा

सारी दुनिया चैन से सोये हम दोनों बातों में खोये
तुम से मैं डरती हूँ कोई हरकत ना करो
एक है शर्त मेरी तुम शरारत न करो
हाय ये पसीना क्यूँ आ गया है हमदम
ना तो कुछ सोचो तुम ना तो कुछ सोचें हम
लगे चारपाई में कहीं एक खटमल है
तंग मुझे करता है तन में खल-बल है
दुश्मन खटमल को तुझसे मोहब्बत है
जहाँ चाहे घूमेगा हाय क्या किस्मत है
अभी उसे ढूंढ कर मैं तगड़ी सजा दूंगा
अभी उसे ढूंढ कर मैं तगड़ी सजा दूंगा

गले में लाल टाई घर में एक चारपाई
तकिया एक है और हम दो एक ही है रजाई
सर्दी कैसे जायेगी कहो कैसे हमें नींद आएगी
गले से लगाऊँगा ओ तोसे कॉफ़ी पिला दूंगा

खिडकी के मन परदे गिरा दूं
तुम कह दो तो बत्ती बुझा दूं
अरे बाबा ना रे बत्ती ना बुझा देना
वक्त का पता नहीं कुछ ना हो जाए कहीं
जाता हूँ सर की कसम ज्यादा ना छेडूंगा
इस शराफत के लिए एक चुम्मा लूँगा
हाय किस्मत फूटी किसको लाड किया
ऐसे बेसब्री से मैंने कईं प्यार किया
अब तो मजबूरी है ये घडी आई है
साथ सोना ही पड़े एक चारपाई है
तेरे भरोसे को कभी ना दगा दूंगा समझी
तेरे भरोसे को कभी ना दगा दूंगा

गले में लाल टाई घर में एक चारपाई
तकिया एक है और हम दो एक ही है रजाई
सर्दी कैसे जायेगी कहो कैसे हमें नींद आएगी
गले से लगाऊँगा ओ तोसे कॉफ़ी पिलाऊँगा
………………………………………………………..
Gale mein laal taai-Hum tumhare hain sanam 2002

Artists: Salman Khan, Shahrukh Khan, Madhuri Dixit

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Jul 21, 2017

ओ हमदम सुनियो रे-साथिया २००२

पांच गायकों का गाया एक छोटा सा गीत सुनते हैं फिल्म
साथिया से. इसे संगीतकार रहमान के साथ के के, शान,
कुणाल गांजावाला और प्रवीण मणि ने गाया है. इसमें से
केवल आखिरी नाम वाले गायक का नाम अनसुना सा है.

रहमान नए नए गायकों से गीत गवा लेते हैं. इसी बहाने
कई प्रतिभाओं को मौका मिल जाता है. नए ज़माने में ये
ट्रेंड उन्हीं के नाम है. आजकल इस ट्रेंड का अनुसरण हो
रहा है. इस गीत को गुलज़ार ने लिखा है.




गीत के बोल:

ओ हमदम
ओ हमदम सुनियो रे
ओ जानिया सुनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से
चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा
ओ हमदम सुनियो रे
ओ जानिया सुनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से
चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे

धिम धिम ता ना ना धिम ता ना ना ना
ओ ओ ओ गलियों से आएगा
धिम धिम ता ना ना धिम ता ना ना ना
ओ ओ ओ सीटी बजाएगा
धिम धिम ता ना ना धिम ता ना ना ना
ओ ओ ओ नीम के पेड़ से
धिम धिम ता ना ना धिम ता ना ना ना
ओ ओ ओ पास बुलाएगा

ओ हमदम सुनियो रे
ओ जानिया सुनियो रे
ओ जानिया शाम को खिड़की से
चोरी चोरी नंगे पाँव चाँद आएगा
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
ओ सुनियो रे ओ जानिया रे
....................................................................
O hamdam soniyo re-Saathiya 2002

Artist: Vivek Oberoi

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Jul 7, 2017

चोरी पे चोरी-साथिया २००२

फिल्म साथिया से वाना-गोना वाला गीत सुनते हैं एक.

फिल्म:  साथिया
वर्ष: २००२
गीतकार: गुलज़ार
गायक: आशा भोंसले, कार्तिक, ब्लाज़
संगीत: ए.आर.रहमान



गीत के बोल:

चोरी पे चोरी चोरी पे चोरी
एक डकैती और सीना जोरी
चोरी पे चोरी हाँ चोरी पे चोरी
चोरी पे चोरी चोरी पे चोरी
हाथ पकड़ के उंगली मरोड़ी
तौबा तौबा तौबा यार मेरी तौबा
तौबा तौबा तौबा ये तो नहीं होगा

चोरी पे चोरी चोरी पे चोरी
कट्ठे की चुटकी चूने की बोरी
झूठी जहान की आफत है जान की
एक डकैती और सीना जोरी
तौबा तौबा तौबा यार मेरी तौबा
तौबा तौबा तौबा ये तो नहीं होगा

चोरी पे चोरी चोरी पे चोरी
चोरी पे चोरी चोरी पे चोरी
सीना जोरी सीना जोरी

दोस्तों बार बार तोड़ने की
बात भी पुरानी हो गयी
रात रात भर का इन्तजार भी
कहानी हो गयी
दिन का जलते रहना दोस्त
अब तो जिंदगानी हो गयी
इक रात मिलने की बाकी सुलगने की
सावन नहीं है कहीं
दो तीन लहरे है बाकी समंदर है
साहिल नहीं है कहीं
दो गज की कश्ती मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा
मीलों समंदर है वहाँ

चोरी पे चोरी चोरी पे चोरी
एक डकैती और सीना जोरी
हाथ पकड़ के उंगली मरोड़ी
तौबा तौबा तौबा यार मेरी तौबा
तौबा तौबा तौबा ये तो नहीं होगा


दोस्तों इक ख़याल के बगल में
कैसे सारी ज़िन्दगी गुजार दें
बने तो हम तेरे ख़याल को
लिबास की तरह उतार दें
इश्क विश्क का खुमार भी
उतार दीजिये ज़रा
जाने भी दो यार कैसे निभेगी
कैसे गुज़र होगा
ये एं वई के फेरे ये एं वई के चक्कर
प्यार भंवर होगा
दो गज की कश्ती मीलों समंदर है
डूब डूब के जाना होगा
मीलों समंदर है जहाँ

चोरी पे चोरी चोरी पे चोरी
कट्ठे की चुटकी चूने की बोरी
झूठी जहान की आफत है जान की
एक डकैती और सीना जोरी
तौबा तौबा तौबा यार मेरी तौबा
तौबा तौबा तौबा ये तो नहीं होगा
……………………………………………………………….
Chori pe chori-Saathiya 2002

Artists: Vivek Oberoi, Rani Mukherji

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Jul 5, 2017

ऐ उड़ी उड़ी-साथिया २००२

किसी समय के भारी भरकम रह चुके गायक ने ये गीत
गाया है साथिया से. स्वयं संगीत की काफी समझ वाले
इस गायक का दूसरे संगीतकार के संगीत निर्देशन में
गाना सुनने वाले के लिए अनूठा अनुभव हो सकता है.

गुलज़ार के बोल हैं और रहमान का संगीत. इस हिसाब
से ये पूर्ण हैवी वेट गीत हुआ. इससे हैवी वेट नाम जो
जुड़े हुए हैं.




गीत के बोल:

ऐ उड़ी उड़ी उड़ी ऐ ख़्वाबों की पुड़ी
ऐ अंग रंग खिली  ऐ सारी रात बोली

हल्की  ऐ हल्की कल रात जो शबनम गिरी
अँखियाँ वखियाँ भर गयीं कल तो हाथ में डब डब गिरी
पहली पहली बारिश की छींटें
पहली बारिश भीगी हो हो
उलझी हुयी थी  खुल भी गयी थी  लट
वो रात भर भरसी कभी मनाये 
खूब सताए वो  सब यार की मर्जी
ऐ उड़ी उड़ी उड़ी ऐ ख़्वाबों की पुड़ी

छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो  तंग होती है
छोड़ दूं  रूठ के  तो भी तो जंग होती है
छेड़ दूं मैं कभी प्यार से तो  तंग होती है
खामखा चूम लूं  तो भी तो जंग होती है
ज़िंदगी आँखों की  आयत है ज़िंदगी
आँखों में रखी है  तेरी अमानत है
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी उड़ी ऐ ख़्वाबों की पुड़ी

लड़ लड़ के जीने को  ये लम्हें भी थोड़े हैं
मर मर के सीने में  ये शीशे जोड़े हैं
तुम कह दो  सब नाते मंजिल दो सोचो तो
अम्बर पे पहले ही सितारे थोड़े हैं
ज़िंदगी आँखों की आयत है ज़िंदगी
पलकों में चखी है  मीठी शिकायत
ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी ऐ ज़िंदगी
ऐ उड़ी उड़ी उड़ी ऐ ख़्वाबों की पुड़ी
…………………………………………………..
Ae udi udi udi-Saathiya 2002

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Jun 17, 2017

थोडा सा प्यार हुआ है-मैंने दिल तुझको दिया २००२

सन २००० अर्थात मिलेनियम वर्ष के पश्चात फिल्म संगीत में थोड़े
बदलाव हुए, एक बार फिर लंबे नाम वाली फ़िल्में, ढेर सारे गानों
कर्णप्रिय गीतों का दौर शुरू हुआ. साथ साथ कर्णभेदी गीत भी
पैदा होना शुरू हुए. इसी दौर में डी जे का आविष्कार हुआ, शब्द
का या तकनीक का ये मत पूछियेगा बस.

डब्बू मलिक उर्फ इसरार मालिक भी सरदार मलिक के होनहार पुत्र
हैं जो अपने भाई अन्नू उर्फ अनवर मलिक जैसा ही मधुर संगीत
रचने में सक्षम हैं. उनकी बनाई ये धुन काफी लोकप्रिय हुई.

फिल्म में सोहेल खान और समीरा रेड्डी प्रमुख कलाकार हैं और
साथ में हैं संजय दत्त. कबीर बेदी की भी इसमें अहम भूमिका है.
गीत लिखा है फैज़ अनवर के साथ प्रवीण भारद्वाज ने. गीत दोनों
ने लिखा या दोनों में से किसी एक ने इस बारे में कोई पुख्ता
जानकारी उपलब्ध नहीं हुई मुझे. गीत गया है अलका और उदित ने.




गीत के बोल:

थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
हम तो दिल दे ही चुके
हम तो दिल दे ही चुके
बस तेरी हाँ है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी

कौन सा मोड आया जिंदगी के सफर में
बस गया तू ही तू अब तो मेरी नज़र में
दिल की हर एक धडकन तुझको पहचानती है
मेरी चाहत है अब क्या तू नहीं जानती है
मैं तुझे जान गयी तुझको पहचान गई
फिर भी तेरी हाँ है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी

आज ये क्या हुआ है दिल नहीं मेरा बस में
इसीलिए सोचती हूँ तोड़ दूं सारी रस्में
उम्र भर के लिए तू आ मेरा साथ दे दे
तेरा हो जाऊँगा मैं हाथों में हाथ दे दे
हाथों में हाथ सही तू मेरे साथ ही है
फिर भी तेरी हाँ है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
थोडा सा प्यार हुआ है थोडा है बाकी
………………………………………………..
Thoda sa pyar hua hai-Maine dil tujhko diya 2002

Artists: Sohail Khan, Sameera Reddy

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Apr 30, 2017

चुपके से रात की चादर-साथिया २००२

चुपके से नाईट की बेड शीट का क्या हो रहा है सुनते हैं फिल्म
साथिया के इस गीत में. ऐ आर रहमान ने इस गीत के लिए
साधना सरगम की आवाज़ चुनी. साधना सरगम आजकल दक्षिण
भारत की फिल्मों में ज्यादा गीत गा रही हैं. हिंदी सिनेमा जगत
में २००० के बाद उनके गीत नहीं के बराबर सुनाई देते हैं.

गुलज़ार का गीत है और इसे विवेक ओबेरॉय और रानी मुखर्जी
पर फिल्माया गया है. इस गीत को सुन कर किसी पुराने गीत
की याद आती है मगर सूझ नहीं रहा वो कौन सा है.




गीत के बोल:

दोस्तो से
दोस्तो से झूठी-मूटी दूसरों का नाम ले के
फिर मेरी बातें करना
यारा रात से दिन करना
लम्बी जुदाई तेरी बड़ा मुश्किल है
आहों से दिल भरना
यारा रात से दिन करना
कब ये पूरी होगी दूर ये दूरी होगी
कब ये पूरी होगी दूर ये दूरी होगी
रोज़ सफ़र करना
यारा रात से दिन करना

चुपके से चुपके से रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो बादल के पीछे चले
जले कतरा-कतरा गले कतरा-कतरा
रात भी ना मिले आधी आधी
रात भी नहीं मिले आधी आधी ये
चुपके से लग जा गले रात की चादर तले

फ़रवरी की सर्दियों की धूप में
मूंदी-मूंदी अँखियों से देखना
हाथ की आड़ से
नीमी-नीमी ठण्ड और आग में
हौले-हौले मारवा के राग में
मीर की बात हो
दिन भी न डूबे रात ना आये
शाम कभी ना ढले
शाम ढले तो सुबह न आये
रात ही रात चले

चुपके से चुपके से रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो बादल के पीछे चले
दोस्तो से
दोस्तो से झूठी-मूटी दूसरों का नाम ले के
फिर मेरी बातें करना
यारा रात से दिन करना
लम्बी जुदाई तेरी बड़ा मुश्किल है
आहों से दिल भरना
यारा रात से दिन करना
कब ये पूरी होगी दूर ये दूरी होगी
कब ये पूरी होगी दूर ये दूरी होगी
रोज़ सफ़र करना
यारा रात से दिन करना

तुझ बिना पगली ये पुरवाई
तुझ बिना पगली ये पुरवाई
आ के मेरी चुनरी में भर गई

तू कभी ऐसे ही गले लग जैसे ये पुरवाई
आ गले लग जैसे ये पुरवाई
साथिया सुन तू
कल जो मुझको नींद ना आये पास बुला लेना
गोद में अपनी सर रख लेना लोरी सुना देना

चुपके से लग जा गले रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो बादल के पीछे चले
जले कतरा-कतरा गले कतरा-कतरा
रात भी ना मिले आधी आधी
रात भी नहीं मिले आधी आधी ये
चुपके से लग जा गले रात की चादर तले
चाँद की भी आहट ना हो बादल के पीछे चले
.................................................................................
Chupke se raat ki chadar-Saathiya 2002

Artists: Rani Mukerji, Vivek Oberoi

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