Showing posts with label Vachan. Show all posts
Showing posts with label Vachan. Show all posts

Apr 8, 2017

चंदामामा दूर के-वचन १९५५

फिर से एक बच्चों वाला गीत. इसे बच्चों वाले
अंदाज़ में गाया गया है मगर सधी आवाज़ में.
रवि के लिखे और संगीतबद्ध इस गीत को गाया
है आशा भोंसले ने फिल्म वचन के लिए.

ये भी एक चिल्ड्रन सोंग कहलाता है. ऐसे गीत
जिन्हें सुन के बड़े भी बच्चे बन जाते हैं या फिर
जिन्हें सुन के बच्चे बहलते हैं ऐसा ही कुछ समझ
लें.



गीत के बोल:

चंदामामा दूर के  पुए पकाएं बूर के
चंदामामा दूर के  पुए पकाएं बूर के
आप खाएं थाली में  मुन्ने को दें प्याली में
आप खाएं थाली में  मुन्ने को दें प्याली में
चंदामामा दूर के  पुए पकाएं बूर के

प्याली गई टूट मुन्ना गया रूठ
प्याली गई टूट मुन्ना गया रूठ
लाएंगे नई प्यालियाँ बजा बजा के तालियाँ
लाएंगे नई प्यालियाँ बजा बजा के तालियाँ
मुन्ने को मनाएंगे हम दूध मलाई खाएंगे 

चंदामामा दूर के  ओ पुए पकाएं बूर के
आप खाएं थाली में  मुन्ने को दें प्याली में
चंदामामा दूर के  ओ पुए पकाएं बूर के

उड़नखटोले बैठ के मुन्ना चंदा के घर जाएगा
उड़नखटोले बैठ के मुन्ना चंदा के घर जाएगा
तारों के संग आँख मिचौली खेल के दिल बहलाएगा
खेल कूद से जब मेरे मुन्ने का दिल भर जाएगा
ठुमक ठुमक मेरा मुन्ना वापस घर को आएगा 

चंदामामा दूर के  पुए पकाएं बूर के
ओ चंदामामा दूर के  पुए पकाएं बूर के
आप खाएं थाली में  मुन्ने को दें प्याली में
आप खाएं थाली में  मुन्ने को दें प्याली में
चंदामामा दूर के  ओ पुए पकाएं बूर के
…………………………………………
Chandamama door ke-Vachan 1955


Artist: Geeta Bali

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP