मेरे ख़्वाबों में ख़यालों में छुपे-हनी मून १९६०
है । इसे गाया है लता मंगेशकर और मुकेश ने। गाया तो मुकेश ने है
और लता की आवाज़ में केवल 'हूँ हाँ' का प्रयोग किया है संगीतकार
सलिल चौधरी ने। उनको वैसे भी लता की आवाज़ को ऊंचे सुर में
निकलवाने का शौक रहा है। जो भी हो, इस गीत में जो 'हूँ हाँ' है वो
कर्णप्रिय लगती है। गीत एक नाव में फिल्माया गया है और इसे आप
नाव -गीत की श्रेणी में रख सकते हैं।
सुना जाता है कि ये गीत मनोज कुमार पर फिल्माया गया है। जब
किसी गीत का विडियो उपलब्ध नहीं होता यू ट्यूब पर तो ऐसी ही
पत्रकारी भाषा का प्रयोग करने की इच्छा जागृत हो जाती है। इस
गीत का विडियो सीधे आप देख पाएंगे यू ट्यूब पर ही क्यूंकि इसकी
एम्बेडिंग डिस्एबल की हुई है।
गीत के बोल:
मेरे ख़्वाबों में ख़यालों में छुपे
एक दिन मीत मेरे मेरी गली आप चले आएंगे
कभी तो होगी बहारों की नज़र
आएगी ऐसी लहर आर्ज़ू के फूल मुस्कुराएंगे
मेरे ख़्वाबों में ख़यालों में
मैं उनकी रँग भरी याद लिए खो सा गया
उनका हर ज़िक्र मेरा एक नया गीत बना
मेरे गीतों के मचलते हुए स्वर
उनके आँगन में उतर उन्हें मेरे पास खींच लाएंगे
मेरे ख़्वाबों में ख़यालों में
हिरन की बन रही है चाल ये मद्होश नज़र
वो मेरे पास हैं दुनिया की नहीं मुझको खबर
दूर दुनिया से ज़माने से परे
चाँद तारों के तले हम भी एक आशियाँ बनाएंगे
मेरे ख़्वाबों में ख़यालों में
यकीन है मुझको मेरा प्यार न रूठेगा कभी
साज़-ए-दिल का कोई भी तार न टूटेगा कभी
दिल के इस तार की झनकार के संग
बढ़ते-बढ़ते ये कदम मँज़िलों को खुद ही पहुँच जाएंगे
मेरे ख़्वाबों में ख़यालों में छुपे
एक दिन मीत मेरे मेरी गली आप चले आएंगे
मेरे ख़्वाबों में ख़यालों में
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Mere khwabon mein khayalon mein-Honeymoon 1960

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