बहुत खूबसूरत हो–खूबसूरत १९९९
और उर्मिला मातोंडकर हैं. गीत अभिजीत और नीरजा पंडित
ने गाया है. फिल्म का शीर्षक गीत है. गुलज़ार का गीत है
तो उपमाएं और व्याख्याएं गुलजारना होंगी ही. उदासी की
हल्दी और खुशी का धनिया है गीत में. आनंद उठायें. आज
के लिए इतने विवरण से ही काम चला लें.
लबों पर ज़बान फेरें, मोइश्चराईज़र की ज़रूरत नहीं पड़ेगी, इस
गीत से सबक लें. फिल्म में संगीत जतिन ललित का है.
गीत के बोल:
बड़ी ताज़ा खबर है
कि तुम खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
ये बिखरी सी लटे हैं
इन्हें चहरे पे उड़ने दो
हाँ, बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
ये बिखरी सी लटे हैं
इन्हें चहरे पे उड़ने दो
हाँ, बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
ये रुखसार पीले से लगते हैं ना
उदासी की हल्दी है हट जाएगी
तमन्ना की लाली को पकने तो दो
ये पतझड़ की छाँव छंट जाएगी
लबों पे ज़बां फेरो
इन्हें गीले रहने दो
हाँ हाँ
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
वो चहरे जो रोशन है की तरह
उन्हें ढूँढने की ज़रूरत नहीं
मेरी आंख में झाँक कर देख लो
तुम्हें आईने की ज़रूरत नहीं
रूठी सी खफ़ा सी तुम
ज़रा तो मनाने दो
हाँ हाँ
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
बहुत खूबसूरत हो
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Bahut khoobsurat ho-Khoobsurat 1999
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