Jul 30, 2015

मास्टर जी की आ गई चिट्ठी-किताब १९७७

ब्लॉग पर बहुत सारे एलिमेंट होते हैं उनमें से एक होता है
विज्ञापन. विज्ञापन किस चीज़ का आएगा इसका भरोसा
नहीं. कुछ दिन पहले तक ५० के दशक में हिंदी फिल्मों
के ऑडीशन कैसे लिया जाता था उसकी फोटो आया करती
थी जिसे हम कह सकते हैं हिंदी फिल्मों से सम्बंधित कुछ
है. उसके बाद चड्डी बनियान लहंगे दुप्पटे के विज्ञापनों की
झड़ी लग गई जैसे इस ब्लॉग के पाठक ऑनलाइन कपडे
खरीदने वाले ज्यादा हैं फिल्म संगीत सुनने वाले कम. कौन
से कीवर्ड्स से प्रेरित हो के ये भेजे जाते हैं मेरी समझ के
बाहर है. इरेलेवंसी की इन्तेहा है मगर क्या किया जाए.
मास्टर जी की घुट्टी कहते हैं इसे जो समझ न आये.

विज्ञापनों से याद आया आपको नेट पर तरह-तरह के जंतु ये
क्लेम करते मिल जायेंगे कि उन्होंने बीवी, टी वी से लेकर
कुत्ता बिल्ली, बंगला, गाडी सब विज्ञापनों से हुई कमाई से
खरीदा या जुगाड़ा है. ये सब फालतू बातें हैं इन पर ध्यान
देना बंद कर दीजिए. इन सब से नेट और सर्फिंग का खर्चा
निकल आये तो बहुत है. लाखों करोड़ों में से कुछ ही साईट
ऐसी हैं जिनकी वाकई में इस सोर्स से कमाई है वरना बाकी
के भुट्टे ही भूंज रहे हैं. हिंदी के ब्लॉगर अगर कहीं ऐसे
वाहियात क्लेम करते मिल जाएँ तो समझिए कि कोरी गप
मार रहे हैं. हिंदी की साईट वालों को अभी भी फटीचर माना
जाता है इस वेब की दुनिया में और अगर अंग्रेजी ब्लॉग या
साईट को अठन्नी मिलती है तो हिंदी वाले को पांच-दस
पैसे ही नसीब होते हैं. इसमें अपवाद केवल अखबार या
मीडिया की साइटें हैं जो खुद न्यूज़ कम और विज्ञापनों से
ज्यादा भरी पायी जाती हैं.

इसी पर विचार करते हुए मुझे एक गीत याद आया फिल्म
किताब का जिसमें पंक्तियों के बीच में “वी आई पी अंडरवीयर
बनियान” का जिक्र होता है. मज़ेदार गीत है. फिल्म किताब
बच्चों की फिल्म है. इसके गीत गुलज़ार ने लिखे हैं और
संगीत राहुल देव बर्मन ने दिया है. मास्टर राजू को आप तो
पहचान ही लेंगे जो मुख्य कलाकार हैं इस फिल्म के. गीत
गाया है शिवांगी कोल्हापुरे और पद्मिनी कोल्हापुरे ने.



गीत के बोल:

धिन ताका ताका धुम
धिन ताका ताका धुम
धिन ताका ताका धुम
धिन ताका ताका धुम


अ आ इ ई, अ आ इ ई
मास्टर जी की आ गई चिट्ठी
चिट्ठी में से निकली बिल्ली
अरे चिट्ठी में से निकली बिल्ली
आ हा अ आ इ ई, अ आ इ ई
मास्टर जी की आ गई चिट्ठी
चिट्ठी में से निकली बिल्ली
चिट्ठी में से निकली बिल्ली

मियाऊँ मियाऊँ

बिल्ली खाये ज़र्दा पान
काला चश्मा पीले कान
बिल्ली खाये ज़र्दा पान
काला चश्मा पीले कान

आ हा, अ आ इ ई, अ आ इ ई
मास्टर जी की आ गई चिट्ठी
चिट्ठी में से निकली बिल्ली
चिट्ठी में से निकली बिल्ली

धिन ताका ताका धुम
धिन ताका ताका धुम

कान में झुमका, नाक में बत्ती
कान में झुमका, नाक में बत्ती
हाथ में जलती अगरबत्ती
अरे नहीं यार, मगरबत्ती
अरे बोला न अगरबत्ती
अगरबत्ती ,मगरबत्ती
अगरबत्ती ,मगरबत्ती
अगर-मगर बत्ती
अगरबत्ती कछुआ छाप
आग पे बैठा पानी ताप
अगरबत्ती कछुआ छाप
आग पे बैठा पानी ताप
ताप चढ़े तो कम्बल तान
वी आई पी अंडरवियर बनियान
वी आई पी अंडरवियर बनियान

धिन ताका ताका धुम
धिन ताका ताका धुम


अ आ इ ई, अ आ इ ई
मास्टर जी की आ गई चिट्ठी
चिट्ठी में से निकला मच्छर
चिट्ठी में से निकला मच्छर
आ हां 
अ आ इ ई, अ आ इ ई
मास्टर जी की आ गई चिट्ठी
चिट्ठी में से निकला मच्छर
चिट्ठी में से निकला मच्छर


मच्छर की दो लम्बी मूँछें
मूँछ पे बांधे दो दो पत्थर
मच्छर की दो लम्बी मूँछें
मूँछ पे बांधे दो दो पत्थर
पत्थर पे एक आम का झाड़
मूँछ पे लेकर चले पहाड़
पहाड़ पे बैठा बूढ़ा जोगी
जोगी की एक जोगन होगी
गठरी में लागा चोर मुसाफ़िर
देख चाँद की ओर
पहाड़ पे बैठा बूढ़ा जोगी
जोगी की एक जोगन होगी
जोगन कूटे कच्चा धान
वी आई पी
वी आई पी अंडरवियर बनियान
वी आई पी अंडरवियर बनियान


धिन ताका ताका धुम
धिन ताका ताका धुम
धिन ताका ताका धुम


अ आ इ ई, अ आ इ ई
मास्टर जी की आ गई चिट्ठी
चिट्ठी में से निकला चीता
चिट्ठी में से निकला चीता
अ आ इ ई, अ आ इ ई
मास्टर जी की आ गई चिट्ठी
चिट्ठी में से निकला चीता
चिट्ठी में से निकला चीता
थोड़ा काला थोड़ा पीला
चीता निकला है शर्मीला
थोड़ा-थोड़ा काला थोड़ा-थोड़ा पीला
चीता निकला है शर्मीला
अरे वाह वाह चाल देखो
घूंघट डाल के चलता है
मांग में सिंदूर भरता है
माथे रोज़ लगाये बिंदी
इंगलिश बोले मतलब हिंदी
इफ अगर इज है बट
पर व्हाट मतलब क्या
माथे रोज़ लगाये बिंदी
इंगलिश बोले मतलब हिंदी
हिंदी में अलजेब्रा छान
वी आई पी अंडरवियर बनियान
वी आई पी अंडरवियर बनियान
सावधान
.......................................................................................
Mastarji ki aa gayi chitthi-Kitab 1977

Artists: Master Raju, Other Kids

0 comments:

© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP