May 1, 2016

तुम जाओ कहीं-मेरे हमदम मेरे दोस्त १९६८

कुछ गीत मील का पत्थर कहे जाते हैं. ये मील के पत्थर
किसी क्षेत्र विशेष के हो सकते हैं या किसी के जीवन के.
प्रस्तुत गीत लक्ष्मी प्यारे के संगीत कैरियर, फिल्म संगीत
के, लता मंगेशकर के संगीत जीवन के मील के पत्थरों से
एक है. मील का पत्थर मतलब बड़ा मुकाम या कोई बड़ी
उपलब्धि. एक ऐसा गीत आप सुन चुके हैं सन १९६८ की
फिल्म मेरे हमदम मेरे दोस्त से. आज आपको लता का ही
गाया फिल्म का एक और लोकप्रिय गीत सुनवाते हैं.

कुछ भी कहें आप, लता मंगेशकर ने लक्ष्मी प्यारे के लिए
६०० से ऊपर गीत गाये जो अपने आप में एक रिकोर्ड है.
लता ने लगभग पौने सात हज़ार गीत गाये कुल जमा
फ़िल्मी गैर फ़िल्मी सब मिला के.

मेरे हमदम मेरे दोस्त केवलजीत प्रोडकशंस बिना तले बनी
और अमर कुमार निर्देशित फिल्म है. मेरे हमदम मेरे दोस्त
के बाद अमर कुमार ने एक फिल्म का निर्देशन और किया
जिसमें शर्मिला टेगोर बतौर नायिका हैं-प्यासी शाम जो एक
साल बाद आई सन १९६९ में जो कुछ खास नहीं चली. ये
भी केवलजीत प्रोडकशंस ने बनायीं उसके बाद ये संस्था
कहीं खो सी गयी लेकिन अमर कुमार के निर्देशन की गाडी
कुछ और दूर तक चली. सन १९७३ की बरखा बहार तक
अमर कुमार सक्रिय रहे.

सन १९६५ की संगीतमय फिल्म मेरे सनम का निर्देशन भी
अमर कुमार ने किया था जिसमें ओ पी नैयर का संगीत है.
अब दिल्ली दूर नहीं के लिए जनता राज कपूर को जानती
है मगर इसके निर्देशक का नाम शायद ही किसी को याद हो.
अमर कुमार ने निर्देशन के अलावा लेखन भी किया. प्यासी
शाम और मेरे हमदम मेरे दोस्त की पटकथा उन्हीं की लिखी
हुई है.

धर्मेन्द्र और शर्मिला की जोड़ी दर्शकों के लिए नयी नहीं थी
उस वक्त. दर्शक उनको पहले अनुपमा और देवर जैसी फिल्मों
में साथ देख चुके थे.   



गीत के बोल:

तुम जाओ कहीं तुमको इख्तियार
हम जाएँ कहाँ सजना
हमने तो किया है प्यार
हमने तो किया है प्यार
तुम जाओ कहीं तुमको इख्तियार
हम जाएँ कहाँ सजना
हमने तो किया है प्यार
हमने तो किया है प्यार

वो चाहना हमें सुबह-ओ-शाम
वो चाहना हमें सुबह-ओ-शाम
वो हर नज़र मोहब्बत के नाम
भुला दो भुला दो वो बातें तमाम
हमें, हमें याद है हर इकरार
हमने तो किया है प्यार
हमने तो किया है प्यार

मुंह देखते हर इलज़ाम पर
मुंह देखते हर इलज़ाम पर
ऐसे तो हम नहीं थे मगर
बदल ही गयी जब तुम्हारी नज़र
जो, जो चाहे कहो दिलदार
हमने तो किया है प्यार
हमने तो किया है प्यार

माना तुम्हें नहीं ऐतबार
माना तुम्हें नहीं ऐतबार
झूठा सही दिल-ए-बेकरार
कहाँ फ़ेंक दें दर्द की यादगार
अपना, अपना तो यही संसार
हमने तो किया है प्यार
हमने तो किया है प्यार
तुम जाओ कहीं तुमको इख्तियार
हम जाएँ कहाँ सजना
हमने तो किया है प्यार
हमने तो किया है प्यार
…………………………………………………..
Tum jao kahin-Mere humdum mere dost 1968

Artists: Dharmendra, Sharmila Tagore

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