शाम देखो ढल रही है-अनजान है कोई १९६९
है मनोहर खन्ना ने और इसकी धुन बनाई है उषा खन्ना ने.
उषा खन्ना ने रफ़ी के लिए कई नायब गीत बनाये हैं. कुछ एक
युगल गीत भी उन्होंने रफ़ी के साथ गाये हैं.
फिल्म है अनजान है कोई जो सन १९६९ की फिल्म है. आनंद
फिल्म्स बैनर तले बनी फिल्म का निर्देशन किया बाबूभाई मिस्त्री
ने. फिल्म में फिरोज खान, अरुणा ईरानी, नलिनी, हेलन, तिवारी,
मोहन चोटी, जयश्री टी,नूरजहाँ इत्यादि कलाकार हैं. इससे पहले
सन १९६७ की फिल्म सरदार जिसका निर्देशन मिस्त्री ने किया था
उषा खन्ना की सेवाएं लीं संगीत विभाग में. बाबूभाई मिस्त्री पीरियड,
पौराणिक और ऐतिहासिक फ़िल्में बनाने के लिए विख्यात थे.
मिस्त्री निर्देशित फ़िल्में-बेदर्द ज़माना क्या जाने और पारसमणि
का संगीत आपने सुना ही होगा.
गीत के बोल:
शाम देखो ढल रही है
शाम देखो ढल रही है
पंछी देखो जा रहे है
तू भी चल मेरे संग हाय जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है
पंछी देखो जा रहे है
तू भी चल मेरे संग ओ जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है
है शाम के आँचल मैं, मस्ती है भीगी भीगी
है शाम के आँचल मैं, मस्ती है भीगी भीगी
और दे रही है धड़कन, आवाज़ धीमी धीमी
आवाज़ धीमी धीमी
तू भी चल मेरे संग ओ जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है
पंछी देखो जा रहे है
तू भी चल मेरे संग हाय जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है
ये नील कमल सी आँखें, है काजल बिन कजरारी
ये नील कमल सी आँखें, है काजल बिन कजरारी
हाय रात से बोझल पलकें ये सुन्दर प्यारी प्यारी
ये सुन्दर प्यारी प्यारी
तू भी चल मेरे संग ओ जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है
पंछी देखो जा रहे है
तू भी चल मेरे संग हाय जीवन साथी
शाम देखो ढल रही है
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Shaam dekho dhal rahi hai-Anjaan hai koi 1969
Artists-Feroz Khan, Nalini

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