ए दिल ना मुझसे छुपा-बादल १९५१
शंकर के साथ अधिकतर शैलेन्द्र काम किया करते और
जयकिशन के साथ हसरत. ये सिलसिला जब तक जोड़ी
कायम थी तभी तक था. ऐसी बारीकियां पहले जनता को
मालूम नहीं होती थीं. आज जानकारियों का भण्डार ऐसा
उपलब्ध है जैसे सरकारी गोदामों में अनाज भरा होता है.
सुनते हैं शैलेन्द्र का लिखा एक रोमांटिक गीत फिल्म बादल
से जो सन १९५१ की एक फिल्म है. अमिय चक्रवर्ती निर्देशित
इस फिल्म में प्रेमनाथ और मधुबाला प्रमुख कलाकार हैं
और उन्हीं पर इस गीत को फिल्माया गया है. अपने ज़माने
का एक बेहद लोकप्रिय गीत है ये आपको यकीन हो न हो.
गीत के बोल:
ए दिल ना मुझसे छुपा सच बता क्या हुवा
जाने भी दो दिलरुबा जो हुआ सो हुआ
तारे गिने रात भर जाने कब याद में सो गयी
वो ख्वाब था मदभरा जिस में बेहोश मै खो गयी
कोई नींद में हमसे रूठ के हमको लूट के चल दिया
जाने भी दो दिलरुबा जो हुआ सो हुआ
खिड़की ना छोडो खुली प्यार के चोर हैं ताक में
कितनो की चोरी हुई मद भरी चांदनी रात में
ऐसे मर्ज की दिल के दर्द की
दिल का दर्द ही है दवा
ए दिल ना मुझसे छुपा सच बता क्या हुवा
बाते बनाओ ना जी राज तो आपके खुल गाए
आँखे चुराओ ना जी नैन से नैन तो मिल गाए
क्या बुरा हुआ दिल मचल गया
घर बदल गया आपका
जाने भी दो दिलरुबा जो हुआ सो हुआ
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Ae dil na mujhse chhupa-Badal 1951
Artists-Premnath, Madhubala

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