Jul 7, 2016

दिल बेक़रार है मेरा दिल- नगीना १९५१

फिल्म नगीना से अगला गीत सुनेंगे सी एच आत्मा की आवाज़
में. हसरत जयपुरी के गीत में आत्मा डाली है संगीतकार द्वय
शंकर जयकिशन ने.

पिछला गीत जो हमने सुना था सी एच आत्मा की आवाज़ में वो
शैलेन्द्र का लिखा हुआ था. फिल्म में आत्मा के गाये ३ गीत हैं.
परदे पर इसे नासिर खान गा रहे हैं.





गीत के बोल:

तुमको अपनी ज़िन्दगी का आसरा समझे थे हम
बेवफ़ा निकले हो तुम कब बेवफ़ा समझे थे हम

दिल बेक़रार है मेरा दिल बेक़रार है
उस बेक़दर का तीर मेरे दिल के पार है
समझे हुये थे हम जिसे उल्फ़त की चाँद-रात
उल्फ़त की चाँद-रात
समझे हुये थे हम जिसे उल्फ़त की चाँद-रात
उल्फ़त की चाँद-रात
हमको जला रही है उस बेवफ़ा की बात
बिगड़े हुये
बिगड़े हुये नसीब पे क्या इख़्तियार है

दिल बेक़रार है मेरा दिल बेक़रार है

दुनिया के साथ-साथ यूँ ही वो भी बदल गये
वो भी बदल गये
दुनिया के साथ-साथ यूँ ही वो भी बदल गये
वो भी बदल गये
आँखों से आँसुओं के जनाज़े निकल गये
आँखों से आँसुओं के जनाज़े निकल गये
तक़दीर की
तक़दीर की नज़र लगी हर फूल ख़ार है

दिल बेक़रार है मेरा दिल बेक़रार है
उस बेक़दर का तीर मेरे दिल के पार है
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Dil beqarar hai-Nagina 1951

Artist: Nasir Khan

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