Showing posts with label CH Atma. Show all posts
Showing posts with label CH Atma. Show all posts

Jul 23, 2017

नज़र ने कह दिया अफ़साना-भाई साहब १९५४

हिंदी सिनेमा में लगभग सभी रिश्तों के नाम वाली फ़िल्में बन
चुकी हैं सिवाय साडू और बहनोई के. भोजपुरी फिल्मों के नाम
पर मैंने रिसर्च नहीं की है अभी तक, शायद ये नाम उधर की
फिल्मों में मिल जाएँ.

सन १९५४ की फिल्म भाई साहब से एक गीत सुनते हैं. एक
समय था जब सेर पे स्व सेर वाले अंदाज़ में फ़िल्में बनती थीं.
एक साल श्री ४२० आती थी तो अगले साल श्रीमती ४२० चली
आती थी. हो सकता है सन १९५५ में बहनजी नाम से भी कोई
फिल्म बनी हो.

गीत गाया है सी एच आत्मा ने जिसे लिखा शैलेन्द्र ने और तर्ज़
बनाई नीनू मजूमदार ने.



गीत के बोल:

नज़र ने कह दिया
नज़र ने कह दिया अफ़साना मेरे प्यार का
हमेशा आँख में दिल रहता है दिलदार का
नज़र ने कह दिया
नज़र ने कह दिया अफ़साना मेरे प्यार का
हमेशा आँख में दिल रहता है दिलदार का

खुले तो राज़-ए-इश्क़ यूँ खुले
खुले तो राज़-ए-इश्क़ यूँ खुले
किसी भी ग़ैर को ख़बर ना मिले
समझने वाला समझ ले
यही अंदाज़ है इस बात के इज़हार का
हमेशा आँखों में दिल रहता है दिलदार का

नज़र ने कह दिया
नज़र ने कह दिया अफ़साना मेरे प्यार का
हमेशा आँख में दिल रहता है दिलदार का

जब से हुआ है तेरा इशारा
जब से हुआ है तेरा इशारा
बस में नहीं है दिल भी हमारा
बस में नहीं है दिल भी हमारा
क़सम गई क़रार टूट गया
ख़ुदी का ऐतबार छूट गया
के सब्र टूटने लगा
बहार बोली ये मौक़ा नहीं इंकार का
हमेशा आँखों में दिल रहता है दिलदार का

नज़र ने कह दिया
नज़र ने कह दिया अफ़साना मेरे प्यार का
हमेशा आँख में दिल रहता है दिलदार का
................................................................................
Nazar ne keh diya-Bhai saheb 1954

Read more...

Sep 21, 2016

एक सितारा है आकाश में– नगीना १९५१

सन १९५१ की फिल्म नगीना से अगला गीत सुनते हैं जो
सी एच आत्मा का गाया हुआ है.

फ़िल्म: नगीना
वर्ष: १९५१
गायक: सी एच आत्मा
गीतकार: शैलेंद्र
संगीतकार: शंकर जयकिशन




गीत के बोल:

एक सितारा है आकाश में
एक सितारा है आकाश में
एक सितारा है आकाश में
एक सितारा एक सितारा
एक सितारा है आकाश में
एक सितारा एक सितारा
दो थे कुछ दिन आज अकेला
एक वो ही पथ हारा
एक सितारा

धुंधला सा एक दीप जलाये
धुंधला सा एक दीप जलाये
तीर अंधेरा बढ़ता जाये
बड़े जतन से दिल में छुपाये
आग का एक अंगारा
आग का एक अंगारा
एक सितारा

रात जो देखें उसका ग़म तो
ओस के आँसू रोये
दुनिया अपने मीठे सपने
गले लगा कर सोये
जगे वो ही बेचारा
जले वो ही बेचारा
एक सितारा एक सितारा
..................................................
Ek sitara akash mein-Nagina 1951

Artists: Nasir Khan, Nutan

Read more...

Jul 7, 2016

दिल बेक़रार है मेरा दिल- नगीना १९५१

फिल्म नगीना से अगला गीत सुनेंगे सी एच आत्मा की आवाज़
में. हसरत जयपुरी के गीत में आत्मा डाली है संगीतकार द्वय
शंकर जयकिशन ने.

पिछला गीत जो हमने सुना था सी एच आत्मा की आवाज़ में वो
शैलेन्द्र का लिखा हुआ था. फिल्म में आत्मा के गाये ३ गीत हैं.
परदे पर इसे नासिर खान गा रहे हैं.





गीत के बोल:

तुमको अपनी ज़िन्दगी का आसरा समझे थे हम
बेवफ़ा निकले हो तुम कब बेवफ़ा समझे थे हम

दिल बेक़रार है मेरा दिल बेक़रार है
उस बेक़दर का तीर मेरे दिल के पार है
समझे हुये थे हम जिसे उल्फ़त की चाँद-रात
उल्फ़त की चाँद-रात
समझे हुये थे हम जिसे उल्फ़त की चाँद-रात
उल्फ़त की चाँद-रात
हमको जला रही है उस बेवफ़ा की बात
बिगड़े हुये
बिगड़े हुये नसीब पे क्या इख़्तियार है

दिल बेक़रार है मेरा दिल बेक़रार है

दुनिया के साथ-साथ यूँ ही वो भी बदल गये
वो भी बदल गये
दुनिया के साथ-साथ यूँ ही वो भी बदल गये
वो भी बदल गये
आँखों से आँसुओं के जनाज़े निकल गये
आँखों से आँसुओं के जनाज़े निकल गये
तक़दीर की
तक़दीर की नज़र लगी हर फूल ख़ार है

दिल बेक़रार है मेरा दिल बेक़रार है
उस बेक़दर का तीर मेरे दिल के पार है
........................................................................
Dil beqarar hai-Nagina 1951

Artist: Nasir Khan

Read more...

Jul 2, 2016

रोऊँ मैं सागर के किनारे-नगीना १९५१

सी एच आत्मा का गाया एक गीत सुनते हैं आज जो फिल्म
नगीना(१९५१) से है. इसे शैलेन्द्र ने लिखा है और धुन बनाई
है शंकर जयकिशन ने.

सी एच आत्मा प्रीतम आन मिलो गीत से चर्चा में आये थे.
उनकी आवाज़ सहगल की आवाज़ के सबसे नज़दीक थी. इतने
वर्ष हो गए हमें सहगल के गीत सुनते हुए, उनका कोई पुख्ता
क्लोन अभी तक नहीं सुनाई पड़ा अभी तक. आत्मा ने १९४५
के आस पास गाना शुरु किया था. कुछ फ़िल्मी गीत और काफी
गैर फ़िल्मी गीत हैं उनके जो संगीत प्रेमियों को बरसों से
आनंद देते चले आ रहे हैं.

प्रस्तुत गीत नासिर खान पर फिल्माया गया है. नगीना का एक
गीत इस ब्लॉग पर है-कैसी खुशी की ये रात






गीत के बोल:

रोऊँ मैं सागर के किनारे सागर हंसी उड़ाए
क्या जानें ये चंचल लहरें मैं हूँ आग छुपाए
मैं भी इतना डूब चुका हूँ क्या तेरी गहराई
काहे होड़ लगाए मो से काहे होड़ लगाए
रोऊँ मैं सागर के किनारे

तुझ में डूबे चाँद मगर इक चाँद ने मुझे डुबाया
मेरा सब कुछ लूट के ले गई चाँदनी रात की माया
अरमानों की चिता सजा कर मैंने आग लगाई
अब क्या आग बुझाए मेरी अब क्या आग बुझाए
रोऊँ मैं सागर के किनारे
...............................................................................
Rooun main sagar ke kinare-Nagina 1951

Artist-Nasir Khan

Read more...

Apr 6, 2016

कहने को बहुत कुछ था-सी एच आत्मा गैर फ़िल्मी गीत

फिल्म संगीत के साथ साथ गैर फ़िल्मी गीतों और ग़ज़लों
का सिलसिला भी पुराना है. सी एच आत्मा की आवाज़ ने
शायद सहगल की कमी को पूरा करने की कोशिश करी और
कुछ समय तक उन्हें फ़िल्मी गैर फ़िल्मी गाने गाने को
मिलते रहे. उनके गीत पचास के दशक में काफी सुने गए.
आज औंते हैं साजन बिहारी का लिखा और सी के चौहान
का संगीतबद्ध एक गीत.



गीत के बोल:

कहने को बहुत कुछ था
मगर कह नहीं पाये
कहने को बहुत कुछ था
मगर कह नहीं पाये
फिर सोचा के ख़ामोश रहें
रह नहीं पाये
कहने को बहुत कुछ था
मगर कह नहीं पाये

समझा ना मेरा ग़म कोई
इस बात का ग़म है
फिर भी मेरे दिल तुझको
वफ़ाओं की क़सम है
आँखों में हो आँसू भी
मगर बह नहीं पाये
कहने को बहुत कुछ था
मगर कह नहीं पाये

फूलों से चमन
आसमाँ तारों से भरा है
उम्मीद का दामन मेरा
ख़ारों से भरा है
क़िसमत ने सितम ऐसे किये
सह नहीं पाये

कहने को बहुत कुछ था
मगर कह नहीं पाये
फिर सोचा के ख़ामोश रहें
रह नहीं पाये
कहने को बहुत कुछ था
मगर कह नहीं पाये
……………………………………………………………….
Kehne ko bahut kuchh-CH Atma non film song

Read more...

Nov 1, 2009

दिया तो जला सब रात-ढाके की मलमल १९५७

गहराई किसी भी पहले में हो, प्रभावित किए बिना नहीं रहती।
विचारों की हो, ज्ञान की हो या आवाज़ की, हमेशा से जन मानस
को अपने आकर्षण पाश में बंधती आई है।

एक आवाज़ है सी एच आत्मा की । इनकी आवाज़ सहगल की
आवाज़ से मिलती जुलती होने के कारण लुभावनी है। १९५७
की फ़िल्म 'ढाके की मलमल' में ये गीत है। थोड़ा अलग सा
गीत बनाया है नय्यर ने। बोल लिखे हैं मशहूर शायर जां निसार
अख्तर ने। पचास के दशक में इस आवाज़ ने सहगल की आवाज़
की कमी को थोड़ा बहुत कम करने का प्रयास किया। आत्मा के २-३
गीत फ़िल्म नगीना में भी हैं जिसमे संगीत शंकर जयकिशन का है।



गाने के बोल:

दिया तो जला सब रात रे बालम
पर तुम लौट न आए
पर तुम लौट न आए

दिया तो जला सब रात रे बालम
पर तुम लौट न आए
पर तुम लौट न आए

बिखर गई है सेज सुहानी,
रोवत है अलबेली जवानी
बिखर गई है सेज सुहानी,
रोवत है अलबेली जवानी

छलिया रसिया कित जा छुपे हो
छलिया रसिया कित जा छुपे हो
जी हमरा कलपाये

दिया तो जला सब रात रे बालम

भोर भाई प्रीतम नहीं आए
भोर भाई प्रीतम नहीं आए
मन का दीपक बुझता जाए
भोर भाई प्रीतम नहीं आए
मन का दीपक बुझता जाए

छलिया रसिया आन मिलो रे
छलिया रसिया आन मिलो रे
जी हमरा घबराए

छलिया रसिया आन मिलो रे
छलिया रसिया आन मिलो रे

Read more...

Mar 10, 2009

इस बेवफा जहाँ में-आसमान १९५२

सी एच आत्मा का एक गीत फ़िल्म आसमान से जो सन १९५२ की
फ़िल्म है। फ़िल्म में गीत लिखे हैं प्रेम धवन ने और संगीत है
ओ पी नय्यर का। नए नए शब्द आकर्षित करते हैं। इस गीत में
भी एक ऐसा शब्द है-'अगरचे' जिसका हिन्दी अर्थ है-ये ।
ये मेरा पसंदीदा गीत है , आशा है आपको भी पसंद आयेगा।



गीत के बोल:

इस बेवफा जहाँ में वफ़ा ढूंढते रहे
इस बेवफा जहाँ में वफ़ा ढूंढते रहे
इस बेवफा जहाँ में वफ़ा ढूंढते रहे

नादान थे हम भी ये क्या ढूंढते रहे

इस बेवफा जहाँ में

हर रात का अगरचे रास्ता न था
हर रात का अगरचे रास्ता न था
हर रस्ते में तेरा पता ढूंढते रहे
हर रस्ते में तेरा पता ढूंढते रहे
नादान थे हम भी ये क्या ढूंढते रहे

इस बेवफा जहाँ में

इक दिल का दर्द था कि रहा ज़िन्दगी के साथ
इक दिल का दर्द था कि रहा ज़िन्दगी के साथ
इक दिल का चैन था कि सदा ढूंढते रहे
इक दिल का चैन था कि सदा ढूंढते रहे
नादान थे हम भी ये क्या ढूंढते रहे
..............................................................
Is bewafa jahan mein-Aasman 1952

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP