Jul 11, 2016

मेरे दुःख की कोई दवा न करो-चित्रा सिंह गज़ल

सुदर्शन फ़ाकिर की लिखी हुई एक और गज़ल सुनते हैं आज
जिसे चित्रा सिंह ने गाया है. जगजीत सिंह ने इसका संगीत
तैयार किया है.

इस गज़ल को आप जगजीत सिंह के एल्बम समवन सम्व्हेयर
में सुन सकते हैं.



गज़ल के बोल:

मेरे दुख की कोई दवा न करो
मुझको मुझसे अभी जुदा न करो

नाख़ुदा को ख़ुदा कहा है तो फिर
डूब जाओ ख़ुदा ख़ुदा न करो

यह सिखाया है दोस्ती ने हमें
दोस्त बनकर कभी वफ़ा न करो

इश्क़ है इश्क़ यह मज़ाक नहीं
चंद लम्हों में फ़ैसला न करो

आशिक़ी हो या बंदगी फ़ाकिर
बे-दिली से तो इब्तिदा न करो
.................................................................
Mere dukh ki koi dawa-Chitra Singh ghazal

2 comments:

Anonymous,  June 19, 2017 at 11:54 AM  

97o4t5jnpr9uteouaj

Geetsangeet July 15, 2017 at 7:42 PM  

What's that, any medicine code !!

© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP