Jul 17, 2016

मिले न फूल तो काँटों से-अनोखी रात १९६८

आज आपको सुनवाते हैं फिल्म अनोखी रात से रफ़ी का
गाया एक गीत. इन्दीवर का लिखा ये गीत बहुत पॉपुलर है.
सन १९६८ की फिल्म में संजीव कुमार और ज़ाहिदा प्रमुख
कलाकार हैं.

प्रस्तुत गीत परीक्षित साहनी पर फिल्माया गया है. इसके
अलावा आपको जाहिदा, अरुणा ईरानी और तरुण बोस नाम
के कलाकार आपको गीत में दिखाई देंगे.

फिल्म अनोखी रात संगीतकार रोशन की आखिरी फिल्म थी.
इस फिल्म के संगीत बनाते वक्त ही रोशन इस नश्वर संसार
से कूच कर गए थे.  



गीत के बोल:

मिले न फूल तो काँटों से दोस्ती कर ली
मिले न फूल तो काँटों से दोस्ती कर ली
इसी तरह से बसर
इसी तरह से बसर हमने ज़िंदगी कर ली
मिले न फूल

अब आगे जो भी हो अंजाम देखा जाएगा
अब आगे जो भी हो अंजाम देखा जाएगा
ख़ुदा तराश लिया
ख़ुदा तराश लिया और बंदगी कर ली

मिले न फूल तो काँटों से दोस्ती कर ली

नज़र मिली भी न थी और उनको देख लिया
नज़र मिली भी न थी और उनको देख लिया
ज़ुबां खुली भी न थी
ज़ुबां खुली भी न थी और बात भी कर ली

मिले न फूल


वो जिनको प्यार है चांदी से इश्क़ सोने से
वो जिनको प्यार है चांदी से इश्क़ सोने से
वही कहेंगे कभी
वही कहेंगे कभी हमने ख़ुदकशी कर ली

मिले न फूल तो काँटों से दोस्ती कर ली
इसी तरह से बसर हमने ज़िंदगी कर ली
मिले न फूल
…………………………………………………….
Mile na phool to kaanton se-Anokhi raat 1968

Artists: Parikshit Sahni, Zahida

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