बॉलीवुड में आज काफी सारे कलाकारों का जन्मदिन है उनमें से
कृति सेनन प्रमुख हैं. उसके अलावा सुपरस्टार राजेश खन्ना की
सुपुत्री रिंकी खन्ना, नायक विनय पाठक, नायक राहुल बोस और
प्रसिद्ध गायिका के एस चित्रा का भी आज जन्मदिवस है.
आज बॉलीवुड के उत्तम कलाकारों में से एक और शोले फिल्म में
महाखलनायक की भूमिका निभाने वाले कलाकार अमजद खान
की पुण्यतिथि है.
फिल्म क़ुर्बानी से एक गाना सुनते हैं जिसमें अमजद खान ड्रम
बजाते नज़र आ रहे हैं.
गीत इन्दीवर का है जिसे कंचन और अमित कुमार ने गाया है.
संगीत कल्याणजी आनंदजी का है. गीत अपने ज़माने का बड़ा
हिट गाना है.
गीत के बोल:
लैला मैं लैला
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Laila main laila-Qurbani 1980
जैकी श्रॉफ़ का कोई गीत देखे कई दिन हो गए हैं. आज
सुनते और देखते हैं फिल्म आज का दौर से एक गाना
जिसे उनके अलावा पद्मिनी कोल्हापुरे पर फिल्माया गया
है.
गाने के बोल इन्दीवर के हैं और संगीत बप्पी लहरी का.
इसे आशा भोंसले और किशोर कुमार ने गाया है.
फैशन तो फैशन है. एक दुबले पतले आदमी को आप एक
बड़ी सी शर्ट पहना दो और नायिका को तंग कपडे, वाह रे
निर्देशक.. बाद में गीत में इसे सुधारा गया है और प्रपोर्शन
का ध्यान रखा गया है.
गीत में एक सुन्दर सा प्राणी, थोड़ी देर को ही सही दिखाई
देता है मानो उससे पूछा जा रहा हो-अब कपडे ठीक हैं?
गीत के बोल:
फिर वही बात
आप सुनते नहीं हैं गीत को
ढंग से.
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Ham tujh par hi shaida hue-Aaj ka daur 1985
सन १९८८ की क्लासिक फिल्म दरियादिल से एक गीत
सुनते हैं. किसके दरिया और किसके दिल की बात है
फिल्म के शीर्षक में आपको समझना पड़ेगा फिल्म को
देख के.
संगीतकार जब लंबा समय बॉलीवुड में गुज़ार लेते हैं
तब उनके संगीत में ठहराव सा आने लगता है और नया
सा कुछ ढूँढना पड़ता है उनके संगीत में. इसकी एक वजह
बैटरी का धीमे धीमे चुकते जाना और अपनी मर्जी के
हिसाब से काम न कर पाना. सिचुएशन के मांग पूरी
करते करते उनकी क्रियेटिविटी कहीं गम होने लगती है.
एक अलग हट के गीत है दरियादिल फिल्म में जिसमें
नायक नायिका और विलन के अलावा ढेर सारे कलाकार
हैं. मनोरंजक गीत है. इन्दीवर इसके रचयिता हैं और
राजेश रोशन धुन बनाने वाले.
गीत के बोल:
काटा हमारा पानी ना माँगे
हम वो साँप है काले
आज तू बच के जा ना सकेगा
चाहे तू पुलिस बुला ले
आज तू बच के जा ना सकेगा
चाहे तू पुलिस बुला ले
काटा हमारा पानी ना माँगे
हम वो साँप है काले
काटा हमारा पानी ना माँगे
हम वो साँप है काले
आज तू बच के जा ना सकेगा
चाहे तू पुलिस बुला ले
आज तू बच के जा ना सकेगा
चाहे तू पुलिस बुला ले
अरे अरे अरे इनसे क्या लड़ रहे हो
ये तो मर्द हैं, पहले इनसे तो निपटो
ऐ हलीमा ऐ मीना ऐ सलमा अरे चिकने
छोरों की महफ़िल लगी है रे, जल्दी आ जल्दी आ
हाय हाय हमसे निपटो री हमसे निपटो
हाय हाय निपटो नहीं रे लिपटो लिपटो
खबरदार
अगर किसी ने एक कदम भी आगे बढ़ाया
तो हाय हाय क्या कर लेगा हमारा
तो फोड दूंगा
क्या फोड़ेगा
सर
पत्थर क्या मारते हो
पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना
पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना
हम भी हैं जिद के पक्के
मारेंगे इतने धक्के
के होश तुम्हारे उड़ा देंगे
अजी छक्के भी छक्के छुड़ा देंगे
अजी छक्के भी छक्के छुड़ा देंगे
हाय हाय लातों के भूत है रे
हाय हाय लातों के भूत है रे
बातो से कब ये मानते हैं
पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना
ओ हो हो हो
बेईमानी का शहर औरों का माल मारा
टुकड़े हमारे ही खाते हो
हमको ही अकड़ क्या दिखाते हो
हमको ही अकड़ क्या दिखाते हो
हाय हाय तुम शामिल हो जाओ हम में
हाय हाय तुम शामिल हो जाओ हम में
बाहर तुम काहे को जाते हो
पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना
पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना बहन
हे इसे बिंदी लगा दो हां जी
काजल भी लगा दो हां जी
पाउडर भी लगा दो हां जी
ज़रा लाली लगा दो हां जी
चूड़ी तो पहना दो हां जी
घुंघरू भी पहना दो हां जी
झुमके भी ला दो हां जी
अब साड़ी पहना दो हां जी
ए बहन रेडी रेडी
एक दो तीन चार
सज के आया मेरा यार हमारी बिरादरी में
सज के आया मेरा यार हमारी बिरादरी में
गोरी तेरे नखरे की गजब है बात
गोरी तेरे नखरे की गजब है बात
गोरी तेरे नखरे की हाँ हाँ हाँ
गोरी तेरे नखरे की गजब है बात
चंदा जैसा मुखड़ा किरण जैसे हाथ
सज के आया मेरा यार हमारी बिरादरी में
सज के आया मेरा यार हमारी बिरादरी में
इसे गधा पे बिठा दो
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Patthar kya maarte ho-Dariyadil 1988
भूले बिसरे गीतों में अगला आपके लिए पेश है १९५९ की फिल्म चंद्रसेना
से. उल्लास वाला गीत है और कल्याणजी आनंदजी के शुरूआती धमाकों
में से एक है. गौरतलब है इसके गीतकार इन्दीवर हैं.
एक बार फिर हम कहेंगे इस साल जो उल्लेखनीयगीत आये लता के उनमें
-इंतज़ार और अभी फिल्म चार दिल चार राहें से, खोई खोई अँखियाँ नींद
बिना, चाँद फिल्म से, दिल को लाख संभाला-गेस्ट हाउस, दगा दगा वई वई
-काली टोपी लाल रुमाल, लव मैरिज का कहे झूम झूम रात ये सुहानी,
चाचा जिंदाबाद का बैरन नींद ना आये, दिल का खिलौना-गूँज उठी शहनाई,
उन आँखों में नींद कहाँ-मिनिस्टर, नैन द्वार से मन में वो आ कर-सावन,
मैं तुम्ही से पूछती हूँ-ब्लैक कैट, भैया मेरे राखी के बंधन को-छोटी बहन,
मैं नशे में हूँ का गीत-सजन संग काहे नेहा लगाये, तुम हो साथ रात भी हसीं
है-मोहर, मैं तो जनम जनम की प्यासी फिल्म कवि कालिदास से, धानी
चुनर मोरी हाय रे फिल्म मधु का, तेरा जलवा जिसने देखा-उजाला, आ जा
भंवर सूनी डगर-रानी रूपमती, तेरा तीर ओ बेपीर-शरारत, ऐ दिल जुबां न
खोल-नाच घर, इसके अलावा चाँद फिल्म से एक और गीत-आ जा चांदनी.
अगर तेरे सुर और मेरे गीत-गूँज उठी शहनाई को शामिल नहीं किया तो
अन्याय होगा.
इन गीतों के साथ ब्ला-ब्ला अगड़म बगड़म लिख डालें और बन गई वो
महंगे वाले अंग्रेजी ब्लॉग की पोस्ट. Exquisite, elegant, magnificent, superb,
awesome, awful, subtle, intricate, fine, well executed, la crème laga crème
जैसे शब्द घुसेडिये और ब्रिटिश पार्लियामेंट वाला भाषाई स्ट्रक्चर इस्तेमाल
कर के गुड़ बनाइये फिर देखिये सारी मक्खियाँ वहीँ बेहोश हो हो के गिरेंगी.
गीत के बोल:
दिल झूम झूम लहराये
दिल झूम झूम लहराये
मिली उनकी खबर झुक गई नज़र
मिली उनकी खबर झुक गई नज़र
नैनों में प्यार मुस्काये
दिल झूम झूम लहराये
दिल झूम झूम लहराये
ऐ मेरे दिल मुझको थामना
ऐ मेरे दिल मुझको थामना
होगा उनसे आज सामना
होगा उनसे आज सामना
पहला प्यार पहली ही बार
संहार हो ना जाये
दिल झूम झूम लहराये
दिल झूम झूम लहराये
मिली उनकी खबर झुक गई नज़र
मिली उनकी खबर झुक गई नज़र
नैनों में प्यार मुस्काये
दिल झूम झूम लहराये
दिल झूम झूम लहराये
मेरी प्रीत उनको पुकारती
मेरी प्रीत उनको पुकारती
लिए खड़ी आँखों में आरती
लिए खड़ी आँखों में आरती
लागे लाज क्यूँ ना जाने
जिया डोल डोल जाये
दिल झूम झूम लहराये
दिल झूम झूम लहराये
मिली उनकी खबर झुक गई नज़र
मिली उनकी खबर झुक गई नज़र
नैनों में प्यार मुस्काये
दिल झूम झूम लहराये
दिल झूम झूम लहराये
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Dil jhoom jhoom lehraye-Chandrasena 1959
कभी कभी किसी कलाकार के एक्सप्रेशन किसी दूसरे कलाकार की याद दिलाते हैं. किस गीत में कौन सा सिम्बल छुपा हो मालूम नहीं.
बप्पी को जीतू भाई की फिल्मों के लिए काफी गाने कम्पोज़ करने का मौका मिला. कम्पोज़ से याद आया कि डि-कम्पोज़ इसकी बिलकुल उलट प्रक्रिया है. दिमाग का दही बनाना और उसका रायता फैलाना दो अलग अलग चीज़ें हैं.
हम भटक गए क्या, कमिंग बैक टू द पॉइंट-गीत के शुरू में जो मुद्राएँ बनाई गयी हैं वो जीतेंद्र और उनकी अभिनेत्रियों की याद दिलाती हैं. फिर नायक लगाता है एक जोर का जंप. जम्पिंग जैक की याद ताज़ा कराने के लिए. याद क्या दिलाना जी वो तो इस फिल्म में मौजूद हैं.
इस ट्रिब्यूट पे बाद नायक अपनी दुनिया में वापस आ जाता है. मैं लिखना चाहता था -अपनी औकात पे वापस आ जाता है. एक तो पहले ही पाठकों की ठक ठक कम हो गयी है, ऐसे आर्टिकल लिखने पे तो और दूर भागेंगे न जी.
ये क्या हुआ भई, दो पंक्ति गा के ही हीरोईन तो लेडी-पहलवान दिखने लगी. कुछ देर तक तो सब ठीक ठाक है, उसके बाद फैशन परेड का एक और दौर. लाल सफ़ेद के कॉम्बिनेशन में कंगना ओए होए कंगना हो रहा है. मानते हो ना ऑरेंज बार वैनीला फेनिला से कहीं ज्यादा बिकती है. अब ये तो बता दो पहाड़ पे कुल्फी वाला चढा कैसे. जादू से ऑरेंज बार गुलाब का फूल हो जाती है. यार कैसे करते हो हमें भी बतला दो नूडल्स को समोसा बना लिया करें.
और एक और दौर नए फैशन का. कोरेओग्राफर या तो कोरिया घूम के आया था गाने के पहले या फिर तीखा उसल-मिसल खा के आया था. गाने को मनोरंजन के लिए ८/१० नंबर. वैसे मेरी ११/१० नंबर देने कि इच्छा है मगर हंग-मामा और वोई-कोई जैसी साइटें हमेशा खडूस मास्टर की तरह कम नंबर देती हैं. कम नंबर देने से पता चलता है कि मास्टरजी कितने स्ट्रिक्ट हैं.
DNA(डेली न्यूसेंस एनालिसिस) में आज बस इतना ही. आपको आज ये बतलाना है कि ये दोनों किस हिस्टोरिकल मोन्यूमेंट के आस पास गाना गा रहे हैं.
गीत के बोल:
ए
चोरी चोरी छुपे छुपे घर मेरे आना
भैया तेरा घर पे ना हो तब तू बुलाना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
रात को आती है तेरी याद कई बार
रात को आती है तेरी याद कई बार
नींद आये तो मेरे ख्वाबों में आना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
मेरी पड़ोसन को बना लेना सहेली
कभी कभी मुझसे मिलने आना अकेली
मेरी पड़ोसन को बना लेना सहेली
कभी कभी मुझसे मिलने आना अकेली
तुझको देखते हैं तुझसे सोचते हैं हम
नींद में भी घर तेरे ले आयेंगे कदम
आऊँगी ऐसे ना कहीं जाऊँगी जाना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
छुट्टी के दिन मुझसे मिलने घर पे ना आना
होंगे सभी घर पे मिलेगा ना बहाना
अच्छा
छुट्टी के दिन मुझसे मिलने घर पे ना आना
होंगे सभी घर पे मिलेगा ना बहाना
काम के दिन आऊँगा तब काम बनेगा
तुझसे जुड़े नाम तभी काम बनेगा
दम हो निभाने का तभी बात बढ़ाना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
ता ना ना तन्नना ता ना ना तन्नना
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Chori chori chhupe chhupe-Sone pe suhaga 1988
कहावतें और मुहावरों पर फिल्मों के नाम रखने का
सिलसिला फिल्म उद्योग में पुराना है. वर्तमान समय
में ऐसे नाम हमें कम दिखलाई देते हैं. सन १९८८ की
एक फिल्म है सोने पे सुहागा.
ताकी शब्द का पुर्लिंग होगा ताका. ताकना वैसे तो
क्रिया है मगर ताकी ताकी गाने को सुन के ऐसा लगता
है मानो किसी का नाम हो.
इन्दीवर की रचना को स्वर दिया है आशा भोंसले और
नितिन मुकेश ने बप्पी लहरी की धुन पर. लोक गीत
में प्रयुक्त होने वाले यदि यंत्रों की आवाजों से गीत शुरू
होता है और अर्ध फ़िल्मी अर्ध लोक गीत में परिवर्तित
हो जाता है.
रूप की तू अनुरागी भौंरा
कली कली को गीत सुनाए
जब न चाहूँ मुझे सताये
जब मैं चाहूँ पास न आये
तन बिजली का मन तितली का
किस किस से कोई तुझे बचाये
मटक मटक कर सबसे बोले
सबसे हँसे मोरा जिया जलाये
रूठ के मन से फल नहीं लागा
दिल तोसे लागा सोने पे सुहागा
प्यार हमारा फटाफट खटाखट
फटाफट झटपट होई गवा
जैसे मिले बादल से बादल
जैसे मिले पानी में पानी
जैसे मिले ज्योति से ज्योति
ऐसी मिली दोनों की जवानी
दोनों को दोनों की ज़रूरत
तू मेरा जीवन मैं तेरा जीवन
तुझे चाहिये प्यासी धरती
मुझे चाहिये झूमता सावन
तेरे संग बांधा प्रीत का धागा
दिल तोसे लागा सोने पे सुहागा
प्यार हमारा फटाफट खटाखट
फटाफट झटपट होई गवा
गीत संगीत जीवन का उमंग है उल्लास है. किसी भी रूप में हो मन को आनंदित करता है. चाहे मुंह से हो या नाक से हो, हर प्रकार के गायन के अपने मुरीद हैं.
गीत में सेक्सोफोन का सुन्दर प्रयोग हुआ है. शांत सा गीत है. इन्दीवर के बोल हैं और बप्पी लहरी का संगीत. इसे अलका याग्निक और कुमार सानू ने गाया है.
गीत के बोल:
तुझसे मुझे प्यार था प्यार है प्यार है तेरे लिए दिल मेरा कबसे बेकरार है हाँ तुझसे मुझे प्यार था प्यार है प्यार है तेरे लिए दिल मेरा कबसे बेकरार है मैं तेरी तू मेरा तू मेरी मैं तेरा
प्यार से मुझे देखो ना सनम मर जायेंगे खा के कसम हो प्यार से मुझे देखो ना सनम मर जायेंगे खा के कसम मरने की बातें ना कर मिलने के दिन अब तो आये हैं जिनके लिए दिल मेरा कब से बेक़रार है मैं तेरी तू मेरा
तुझसे मुझे प्यार था प्यार है प्यार है तेरे लिए दिल मेरा कब से बेकरार है तू मेरी मैं तेरा
छोड़ो ये शर्म आँखें न चुरा बाहों में तो आ गले से लगा हो छोड़ो ये शर्म आँखें न चुरा बाहों में तो आ गले से लगा मिल के ना अब हों जुदा एक दूजे में यूँ खो जाएँ हम इसके लिए दिल मेरा कब से बेकरार है तू मेरी मैं तेरा
तुझसे मुझे प्यार था प्यार है प्यार है हाँ तेरे लिए दिल मेरा कब से बेकरार है मैं तेरी तू मेरा तू मेरी मैं तेरा ……………………………………………… Tujhse mujhe pyar hai-Geet 1992
कामचोर फिल्म एक ऐसे युवक की कहानी है जो सपनों
की दुनिया में खोया रहता है, खयाली पुलाव पकाता रहता
है.
कामचोर फिल्म एक सन्देश देती है. वैसे तो हर फिल्म
एक ना एक सन्देश ज़रूर देती है. सार्थक फिल्म सन्देश
देती है-फिल्म पूरी देखो. कूड़ा फिल्म भी सन्देश देती है
-जल्दी उठ के भाग जाओ.
इन्दीवर का गीत है और राजेश रोशन का संगीत. गीत का
फिल्मांकन बढ़िया है और सेल्फ एक्स्प्लेनेट्री है. इसके लिए
किसी निबंध की ज़रूरत नहीं है.
गीत के बोल:
तुम मेरे स्वामी मैं तुमरी दासी
तुम बिन न रह सकूंगी पिया
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया
तुम मेरे स्वामी मैं तुमरी दासी
तुम बिन न रह सकूंगी पिया
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
दुनिया का दस्तूर पुराना
मौसम संग बदले ज़माना
दुनिया का दस्तूर पुराना
मौसम संग बदले ज़माना
हम तुम न बदलेंगे बदले जग सारा
वादा रहा ये हमारा तुम्हारा
तुम मेरे स्वामी मैं तुमरी दासी
तुम बिन न रह सकूंगी पिया
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया
हैरान हूँ मैं और परेशां
इतनी हो सुन्दर मेरी जां
हैरान हूँ मैं और परेशां
इतनी हो सुन्दर मेरी जां
यही प्यार की तुझपे छाया करूँगा
सूरज किरण को भी छूने न दूंगा
तू प्रीत मेरी मैं मीत तेरा
संग संग रहेंगे हम यूं ही सदा
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया
आ आ आ आ आ आ आ आ आ
मेरे सजन का ये आँगन
तुलसी के जितना है पवन
मेरे साजन का ये आँगन
तुलसी के जितना है पावन
जलती रहे यह ज्योत आरती की
बरसात होती रहे यूँ ख़ुशी की
तुम मेरे स्वामी मैं तुमरी दासी
तुम बिन न रह सकूंगी पिया
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया
………………………………………….
Tum mere swami-Kaamchor 1982
होली के अवसर पर एक गीत सुनते हैं फिल्म कामचोर
से. अपने समय का और चूंकि ये होली गीत है अतः होली
के अवसर पर जगह जगह बजता मिल जाता है.
फिल्म के कथानक पर हम पिछले पोस्टों में टोर्च हैलोजन
की रौशनी डाल चुके हैं अतः इस गीत को बिना किसी लंबे
निबंध के सुन लेते हैं.
किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाजें प्रमुख हैं इस
गीत में जिसे इन्दीवर ने लिखा है. इसकी धुन राजेश रोशन
ने बनाई है. वीडियो गीत में पहला अन्तरा गायब है.
गीत के बोल:
मल दे गुलाल मोहे
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
मल दे गुलाल मोहे
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
आई होली आई रे
चुनरी पे रंग सोहे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे
सात रंग सात फूल आज मिले साथ रे
बजने लगी बांसुरी जमने लगी बात रे
हो ओ ओ ओ
भीगी भीगी पवन सारी
भीगी भीगी पवन सारी
के आई होली आई रे
मल दे गुलाल मोहे
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
आज कोई उनको भी भेज दे संदेस रे
राह तके दुल्हनिया जाने को परदेस रे
ओ ओ ओ ओ
आई आई रे याद आई
आई आई रे याद आई
ऐ आई होली आई रे
चुनरी पे रंग सोहे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे
प्यार से गले मिलो भेदभाव छोड़ दो
लोक लाज की दीवार आज सनम तोड़ दो
रहे दामन न कोई खाली
रहे दामन न कोई खाली
के आई होली आई रे
मल दे गुलाल मोहे
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
हो ओ ओ ओ ओ ओ
चुनरी पे रंग सोहे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे
……………………………………..
Mal de gulaal mohe-Kaamchor 1982
दिल की भाषा अक्सर गीतों की शक्ल में बयां होती
है. इसमें लॉजिक से ज्यादा भावना ऊपर रहती है.
कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता, और, एक
अच्छी धुन को बेहतर गायक नहीं मिलता या बेहतर
गायक को अच्छी धुन नहीं मिलती. ये सब मिसमैच
चलता रहेगा और हम सुनते रहेंगे फ़िल्मी गीत. बोलो
बाबाजी के उल्लू की जय.
इन्दीवर के बोल हैं और बप्पी लहरी का संगीत. इसे
अलका याग्निक से गवाया गाया है.
गीत के बोल:
जो दिल से निकले वो है गीत
सुन के दिल पिघले वो है गीत
जो दिल को छू ले वो है गीत
जिसको दिल न भूले वो है गीत
जो दिल से निकले वो है गीत
सुन के दिल पिघले वो है गीत
जो दिल को छू ले वो है गीत
जिसको दिल न भूले वो है गीत
जब स्वर और सुर का हो संगम
छंदों के साथ मिले सरगम
आ आ आ आ आ आ आ आ
जब स्वर और सुर का हो संगम
छंदों के साथ मिले सरगम
पतझड़ में बहारें झूम उठें
वो सावन बरसे बिन मौसम
फूलों में खिले जो वो है गीत
रिमझिम में झरे वो है गीत
जो दिल से निकले वो है गीत
सुन के दिल पिघले वो है गीत
जो दिल को छू ले वो है गीत
जिसको दिल न भूले वो है गीत
जो दिल से निकले वो है गीत
यादों में जो दिन रात पले
जो तन्हाई में साथ चले
आ आ आ आ आ आ आ आ
यादों में जो दिन रात पले
जो तन्हाई में साथ चले
जब दर्द गुजार जाए हद से
होंठों पे तरन्नुम बन के खिले
धड़कन में जो चले वो है गीत
साँसों में पले वो है गीत
जो दिल से निकले वो है गीत
सुन के दिल पिघले वो है गीत
जो दिल को छू ले वो है गीत
जिसको दिल न भूले वो है गीत
जो दिल से निकले वो है गीत
………………………………………..
Jo dil se nikle wo hai-Geet 1992
फिल्मकारों और संगीतकारों को हमेश तो नहीं मगर किसी किसी फिल्म के गानों के लिए २-३ गीतकारों की ज़रूरत पड़ती रही. फिल्म बाजार के गानों के लिए तो हर गाने के लिए अलग गीतकार है.
फिल्म दिल आखिर दिल है के लिए नक्श लायलपुरी, निदा फाज़ली और इन्दीवर की सेवाएं ली गईं. आपने दो गीतकारों के गीत तो सुन लिए अब सुनते हैं तीसरे गीतकार इन्दीवर का लिखा गीत.
राखी और नसीरूदीन शाह पर फिल्माए गए इस गीत को गाया है आशा भोंसले ने. नायिका का गोरा गोरा और गुलाबी स्पॉट वाला चेहरा भी नायक को नहीं लुभा पा रहा है. उसे अपनी फैंटेसी ही नज़र आ रही है. गीत शायद एलिफेंटा की गुफाओं में फिल्माया गया है.
राखी सन १९४७ की पैदाइश हैं और नसीर १९५० की. परवीन बाबी सन १९४९ में पैदा हुई थीं. फिल्म करते समय दोनों की उम्र नसीर से ज्यादा थी. ये रेयर फिल्म है अन्यथा हमने सुपर डुपर स्टारकास्ट देखी है जिसमें ६५ साल का नायक २३ साल की लड़की के साथ नज़र आता है. नसीर इस गाने में क्या करना चाह रहे हैं समझ नहीं आया.
बरसों पहले किसी बंदे ने एक फोरम में चर्चा के दौरान चेहरे के भावों पर कुछ ये कहा था-कांसटिपेटेड लुक्स. जब किसी के चेहरे पर ज़रूरत के मुताबिक़ भाव ना आ पा रहे हों और कहीं कुछ अटका सा लगे तब ये शब्द याद आते हैं. अब वो शख्स चाहे एन एस डी का छात्र रहा हो या हिंद महासागर में डुबकी मार के आया हो, जो दिख रहा है वो तो दिखेगा और जनता समझेगी भी.
गीत के बोल:
चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन साहिल को चूम चूम मौज है मगन समझो सजन प्यार की लगन चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन साहिल को चूम चूम मौज है मगन समझो सजन प्यार की लगन
चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन
पत्थर की मूरत में प्यार पला है रंगों में छंदों में प्यार ढला है पत्थर की मूरत में प्यार पला है रंगों में छंदों में प्यार ढला है सिमटी है होंठों में मन की अगन सिमटी है होंठों में मन की अगन समझो सजन प्यार की लगन
चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन
सर से पाँव तक प्यार हो पिया रोशन कर देगा मन देह का दिया सर से पाँव तक प्यार हो पिया रोशन कर देगा मन देह का दिया देखो तो छू के कोरा बदन देखो तो छू के कोरा बदन समझो सजन प्यार की लगन
चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन
बांधे थे अग्नि के आगे बंधन स्वीकार था मुझको अपनी दुल्हन बांधे थे अग्नि के आगे बंधन स्वीकार था मुझको अपनी दुल्हन कर दो तो पूरे वो प्यार के वचन कर दो तो पूरे वो बुखार के वचन समझो सजन प्यार की लगन
चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन साहिल को चूम चूम मौज है मगन समझो सजन प्यार की लगन चन्दन को चूम चूम मस्त है पवन …………………………………………….. Chandan ko choom choom-Dil aakhir dil hai 1982
सन १९९२ की फिल्म गीत से अगला गीत सुनते हैं जिसे अलका याग्निक और देवाशीष दासगुप्ता ने गाया है. इन्दीवर की रचना है और बप्पी लहरी का संगीत.
अविनाश वाधवान और दिव्या भारती अभिनीत ये फिल्म एक सोफ्ट लव स्टोरी है जिसके २-३ गीत लोकप्रिय हुए थे अपने समय में.
गीत के बोल:
तेरे सुर में मैं गाऊँ तेरी धुन में मैं नाचूं आ ज़रा नये तू ले कर गीत प्यार की हो गयी जीत ओ मेरे मन के मीत प्यार की हो गयी जीत
तेरे सुर में मैं गाऊँ तेरी धुन में मैं नाचूं आ गया नये दो ले कर गीत प्यार की हो गयी जीत ओ मेरे मन के मीत प्यार की हो गयी जीत
तेरे सुर में मैं गाऊँ तेरी धुन में मैं नाचूं
मिली दिल को नई धडकन मिला मुझको नया जीवन नाचे धरती नाचे अम्बर नाचे आँगन नाचे तन मन मिली दिल को नई धडकन मिला मुझको नया जीवन नाचे धरती नाचे अम्बर नाचे आँगन नाचे तन मन आ गया नये दो ले कर गीत प्यार की हो गयी जीत ओ मेरे मन के मीत प्यार की हो गयी जीत
तेरे सुर में मैं गाऊँ तेरी धुन में मैं नाचूं
……………………………………………… Tere sur mein main gaoon-Geet 1992
जब गाडी पटरी से उतर जाए या गाडी का एक पहिया गडबड हो जाए किसी भी वजह से, तब गाडी में सवारी का आनंद नहीं आता. ना ही चलाने वाले को और ना ही बैठने वाले को.
शंकर जयकिशन की संगीतमय गाडी पटरी से उतरना शुरू हुई ६० के दशक में और १९७१ में जोड़ी के एक सदस्य के जाने के बाद दूसरा सदस्य उस झटके से उबर नहीं पाया. वो जादू और करिश्मा उनके संगीत से नदारद होता चला.
इन्दीवर के गीतों का जो असर कल्याणजी आनंदजी और बप्पी लहरी के संगीत में दिखाई देता है वो किसी और संगीतकार के साथ वाले गीतों में कम मात्रा में दिखलाई देता है.
सुनते हैं तू मेरी मैं तेरा से एक गीत जिसे रफ़ी और शारदा ने गाया है. गीत इन्दीवर का है और संगीत शारदा का. सुनने लायक गीत है.- इसे एक बार सुन लें.
गीत के बोल:
ओ हो हो ओ ओ ओ हो हो हो हो हो ओ ओ ओ ओ
चल पड़े जवां बदन राहें बन गयीं चमन किसको अपना होश है जवानियों का जोश है चल पड़े जवां बदन राहें बन गयीं चमन किसको अपना होश है जवानियों का जोश है
बिजलियों का है बदन और बदन में बिजलियाँ ये हसीन वादियाँ और पर्वतों पे बदलियाँ हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ बिजलियों का है बदन और बदन में बिजलियाँ ये हसीन वादियाँ और पर्वतों पे बदलियाँ मुझपे तुम झुकी रहो जैसे धरती पे गगन
चल पड़े जवां बदन राहें बन गयीं चमन किसको अपना होश है जवानियों का जोश है ………………………………………………… Chal pade jawan badan-Tu meri main tera 1973
सुनते हैं फिल्म गीत से एक गीत जो उस ज़माने
का है जब चिट्ठी और पत्र आया करते थे. अब तो
स्मार्ट फोन के मेसेंजर से ही सब कुछ हो जाता है.
आशिकी और सड़क फिल्मों के हित होने के बाद
कुमार सानू की पौ-बारह हो गयी और उन्हें हिंदी
सिनेमा जगत में चारों ओर काम मिलने लगा.
स्थापित और पुरानी पीढ़ी के संगीतकार भी उनसे
गीत गवाने लगे.
प्रस्तुत गीत इन्दीवर का लिखा हुआ है जिसकी धुन
तैयार की है बप्पी लहरी ने.
गीत में आपको साइक्लोस्टाईल मशीन देखने को
मिलेगी जो किसी ज़माने में फोटोकॉपी मशीन के
आने के पहले खूब इस्तेमाल होती थी.
गीत के बोल:
प्रेम पत्र आया है
हाँ प्रेम पत्र आया है उसने बुलाया है
जो न सोचा था कभी आज वो हो गया
आज वो हो गया
प्रेम पत्र आया है हाँ हाँ उसने बुलाया है
जो न सोचा था कभी आज वो हो गया
आज वो हो गया
प्रेम पत्र आया है हाँ हाँ उसने बुलाया है
ख़त में लिखा है जो क्या ये हक़ीकत है
क्या ये हक़ीकत है तुम्हें मुझसे मोहब्बत है
है तो जानेमन कभी ये जुबां से भी कह दो
कह दो ये कह दो मेरी हो हाँ तुम मेरी हो
अरे बाबा कह तो दिया
जो न सोचा था कभी आज वो हो गया
आज वो हो गया
प्रेम पत्र आया है हाँ हाँ उसने बुलाया है
अचानक ये हुआ कैसे मेरे दिल को हैरत है
क्या हैरत है
इनायत है तुम्हारी या मेहरबां मुझपे क़िस्मत है
तुम्हें क्या लगता है
हो तुम अपने तो सारा आलम अपना है
मैने देखा जो सच है या कोई सपना है
ये सच है सच है सच है
जो न सोचा था कभी आज वो हो गया
आज वो हो गया
प्रेम पत्र आया है हाँ उसने बुलाया है
जो न सोचा था कभी आज वो हो गया
आज वो हो गया
प्रेम पत्र आया है हाँ प्रेम पत्र आया है
हाँ हाँ प्रेम पत्र आया है
हाँ प्रेम पत्र आया है
प्रेम पत्र आया है प्रेम पत्र आया है
…………………………………………………….
Prem patra aaya hai-Geet 1992
फिल्म हीरो के गाने लंबी जुदाई से अपने देश में प्रसिद्ध
हुई रेशमा की आवाज़ में कुछ ही फ़िल्मी गाने उपलब्ध हैं.
रेशमा एक ख्यात गायिका थीं
संगीत जगत में अपनी अलग छाप छोड़ने वाली रेशमा की
आवाज़ के दुनिया में लाखों मुरीद हैं.
यह इन्दीवर की रचना है और बप्पी लहरी का संगीत.
गीत के बोल:
ओ ओ ओ ओ ओ ओ पिया
हो पिया हो पिया
हुआ क्या कसूर मुझसे रहते हो दूर मुझसे
हुआ क्या कसूर मुझसे रहते हो दूर मुझसे
खुद ही न चाहा तुमने मेरे पास आना
फ़ुरसत ना मिलने का किया है बहाना
हुआ क्या कसूर मुझसे रहते हो दूर मुझसे
ओ पिया ओ पिया ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ पिया
हो पिया
तुमने किया था जीवन भर संग रहने का वादा
दो ही दिन में बदल लिया क्या अपना इरादा
तुमने किया था जीवन भर संग रहने का वादा
दो ही दिन में बदल लिया क्या अपना इरादा
कल था दीवाना जो आज है बेगाना
फ़ुरसत न मिलने का किया है बहाना
हुआ क्या कसूर मुझसे रहते हो दूर मुझसे
हो ओ ओ ओ ओ ओ पिया हो पिया हो पिया
मेरे लिए मर मिटने को तैयार रहते थे
मुझसे पल पल प्यार का तुम इकरार करते थे
मेरे लिए मर मिटने को तैयार रहते थे
मुझसे पल पल प्यार का तुम इकरार करते थे
तोड़ क्यों दिया दिखा के सपना सुहाना
फ़ुरसत न मिलने का किया है बहाना
हुआ क्या कसूर मुझसे रहते हो दूर मुझसे
हुआ क्या कसूर मुझसे रहते हो दूर मुझसे
खुद ही न चाहा तुमने मेरे पास आना
फ़ुरसत ना मिलने का किया है बहाना
हुआ क्या कसूर मुझसे रहते हो दूर मुझसे
ओ पिया ओ पिया
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ पिया हो ओ पिया
ओ ओ ओ ओ ओ पिया हो पिया हो ओ पिया
…………………………………………………
O piya hua kya kasoor-Geet 1992
दफ़्तर हिट्स और कॉफ़ी हिट्स के अंतर्गत आने वाला एक गीत सुनते हैं. इसमें दफ़्तर और कॉफ़ी का जिक्र ज़रूर है मगर ये घर में फिल्माया गया है. मियां बीबी की नोकझोंक वाला गीत है.
कई ऐसे कॉफ़ी पीने वाले मिले जो केवल इसलिए पीते हैं क्यूंकि इस बहाने ज्यादा दूध उन्हें प्राप्त होगा. कई लोग ब्लैक कॉफी पीते हैं तो कई लोग पूरे दूध की ही बना लिया करते हैं. ये जो पूरे दूध की बनाया करते हैं वो ऐसा कुछ बतलाते हैं कि कॉफी केवल दूध की ही बनाई जाती है उसमें पानी नहीं मिलाया जाता. ऐसा बोलने में उनका फायदा जो है.
दासारि नारायण राव निर्देशित इस पारिवारिक ड्रामा फिल्म से हमने आपको दो गीत सुनवाए हैं पहले. वो ज्यादा मधुर गीत हैं मगर जो आज आप सुनेंगे वो गीत लोकप्रिय ज्यादा है.
इन्दीवर का गीत है और बप्पी लहरी का संगीत. इसे किशोर कुमार और आशा भोंसले ने गाया है.
गीत के बोल:
जागिये श्रीमती जी आँखें खोलिये क्या चाहिए अरे भई देर हो गई तो मैं क्या करूं कॉफ़ी कॉफ़ी चाहिए कॉफ़ी और मैं हा हा हा
दफ़्तर को देर हो गई मुझे जल्दी से कॉफ़ी पिलाना दफ़्तर को देर हो गई मुझे जल्दी से कॉफ़ी पिलाना बीवी हूँ मैं बावर्ची नहीं मुझे आता नहीं कॉफ़ी बनाना दफ़्तर को देर हो गई मुझे जल्दी से कॉफ़ी पिलाना
आज दफ़्तर न जाओ तो अच्छा ख़ुशी घर में मनाओ तो अच्छा है दफ़्तर में राक्षश की रानी खा जायेगी जो मुझे कच्चा राक्षश की रानी को मना लूंगी तुम को छुट्टी दिला दूँगी तुम आज दफ्तर न जाना
दफ़्तर को देर हो गई मुझे जल्दी से कॉफ़ी पिलाना बीवी हूँ मैं बावर्ची नहीं मुझे आता नहीं कॉफ़ी बनाना अरे दफ़्तर को देर हो गई मुझे जल्दी से कॉफ़ी पिलाना
अच्छा चलो हम सिखाते हैं कॉफ़ी बनाना आधा दूध और आधा पानी पहले गरम करो मेरी रानी ना शर्म करो मेरी जानी तुम दोनों को ऐसे उबालो फिर थोड़ी सी कॉफ़ी मिला लो और चम्मच से ऐसे हिलाओ बनी कैसी तुम पी के बताओ छी छी छी ये कोई कॉफ़ी है शक्कर तो है ही नहीं प्यार है अपना शक्कर से मीठा शक्कर न इसमें मिलाना
दफ़्तर को देर हो गई अरे दफ़्तर को देर हो गई ………………………………………… Daftar ko der ho gayi-haisiyat 1984
पिछले गीत की तरह ही एक बात है-फिल्म खुदगर्ज़ से
हमने आपको एक गाना सुनवाया था सन २०१० में और
उसके बाद फिल्म के गीत तो हमने कई बार सुन लिए
मगर इन्हें आपको सुनवाना ध्यान नहीं रहा.
फिल्म को जो गीत हमने उस समय सुनवाया था वो एक
मदिरा प्रेमी के आग्रह पे था. आज को जो गीत है वो गांव
के रहने वाले हमारे एक मित्र को बेहद पसंद है और उनकी
पसंद को ध्यान में रखते हुए हमने ये सोचा क्यूँ ना इसे
जल्दी सुनवाया जाए. उनसे हमारी मुलाक़ात कुछ दिन
पूर्व ही हुई थी.
सुनते हैं इन्दीवर का लिखा और राजेश रोशन के संगीत
वाला ये गीत जिसे नितिन मुकेश संग साधना सरगम ने
गाया है. भैंस की हूंकार से ये गीत शुरू होता है मानो वो
सिग्नल दे रही हो कि हो जाओ शुरू.
गीत के बोल:
यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया गुम होई गवा रे
यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया गुम होई गवा रे हे
जिया बिना जीना बेकार
ई का जुलम होई गवा रे
यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया तुम होई गवा रे
देखा तुझे नैन हुए बाँवरे
हो हो हो बाँवरे हो हो हो बाँवरे
मैं भी तो खो गयी हूँ सांवरे
ओ ओ ओ सांवरे हो ओ ओ सांवरे
चाल तेरी चंचल ज्यूँ नदिया की धारा
मेरा सागर तेरी बाँहों का किनारा
मैं तेरी
मैं तेरी लजवन्ती नार
और तू बलम हुई गवा रे
यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया गुम होई गवा रे
ओ हो ओ हो हो हो हो
हूँ हूँ हूँ हा हा हा
रब हमरे साथ तू जो साथ रे
साथ रे हो ओ ओ साथ रे हो ओ ओ
लब पे तेरे हमरी ही बात रे
बात रे हो हो हो बात रे
दुनिया का सब कुछ एक तुझमें ही पाया
माँग में तो जब तू जीवन में आया
लाज तूने
लाज तूने रख ली हमार
हमरा दूजा जनम होई गवा रे
हो ओ ओ ओ यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया गुम होई गवा रे
जिया बिना जीना बेकार
ई का जुलम होई गवा रे
………………………………………….
Yahin kahin jiyra hamaar-Khudgarz 1987
फिल्म सागर के खजाने में सागर शब्द से शुरू होने वाले २६ के करीब गीत हैं. सागर शब्द से हमारे गीतकार काफी अभिभूत दिखे इतने वर्षों में. महासागर शब्द पर उन्होंने बारूद खर्च नहीं करी. महासागर शब्द के उल्लेख के साथ शायद गीत की लम्बाई भी बढ़ाना पड़े.
इन्दीवर की एक बेहतरीन रचना सुनते हैं जिसका संगीत अन्नू मलिक ने तैयार किया है. बतलाने की ज़रूरत नहीं फिर भी हम कह देते हैं ये गाना अपने ज़माने का हिट है.
गनीमत है इस गीत को पानी के किनारे ही फिल्माया गया है वरना कुछ एक्स्ट्रा क्रिएटिव निर्देशक नदी वाले गीत को भैंसों के बाड़े में भी फिल्म लिया करते हैं.
लव शब्द को रेत पर मानव श्रृंखला के द्वारा बड़े ही खूबसूरत अंदाज़ में बनाया गया है. पूरे गीत की दृश्यावली सुन्दर है. हाँ धीरे से सब गाने वाले दूसरे अंतरे में समुद्र किनारे से पहाड़ पर पहुँच जाते हैं. गीत के अंत में मुखडा प्रकट होते ही ताल से सम वाले अंदाज़ में वापस समुद्र किनारे पर आ जाते हैं.
गीत के बोल:
सागर संग किनारे हैं फूलों संग बहारें हैं हो सागर संग किनारे हैं फूलों संग बहारें हैं ऐसे ही तुम मेरे हो और हम तुम्हारे हैं हाँ हम तुम्हारे हैं
सागर संग किनारे हैं फूलों संग बहारें हैं हो सागर संग किनारे हैं फूलों संग बहारें हैं ऐसे ही तुम मेरे हो और हम तुम्हारे हैं हाँ हम तुम्हारे हैं
दिल जो हमारा था कल तक क्यूं ये किसी का होने लगा इसके तसव्वुर में दिन रैन अब ये दिल खोने लगा हो पहली नज़र के पहले प्यार का देखो हक अदा करना मेरी कसम है तुमको सनम दिल से जुदा न करना दिल से जुदा न करना
हम तुम दोनों संग रहेंगे जैसे चाँद तारे हैं हो हम तुम दोनों संग रहेंगे जैसे चाँद तारे हैं आई प्रोमिस तुम मेरे हो और हम तुम्हारे हैं हाँ हम तुम्हारे हैं
परप्पा पर पपा पर पपा पर पपा पर पपा हम हैं तुम हो और ये देखो रंग-बिरंगी वादी है बारिश के ठंडे मौसम में और भी आग लगाती है डर लगता है इन बातों से रहना दूरी ज़रूरी है तन मन जब तक दोनों मिलें ना प्यार की प्यास अधूरी है प्यार की प्यास अधूरी है प्यार की बाज़ी में रब जाने क्या जीते क्या हारे हैं हो प्यार की बाज़ी में रब जाने क्या जीते क्या हारे हैं ए जानम तुम मेरे हो और हम तुम्हारे हैं हाँ हम तुम्हारे हैं
सागर संग किनारे हैं फूलों संग बहारें हैं हो सागर संग किनारे हैं फूलों संग बहारें हैं ऐसे ही तुम मेरे हो और हम तुम्हारे हैं हाँ हम तुम्हारे हैं .............................................................. Sagar sang kinare hain-Vijaypath 1994
जीवन में मकसद होना ज़रूरी है. निर्देशक का मकसद
फिल्म बनाना था तो उसने फिल्म बनाई, कलाकारों का
मकसद एक्टिंग था तो उन्होंने एक्टिंग की. हमारा मकसद
ब्लॉग लिख कर आपको आनंदित करना/बोर करना है
इसलिए लिख रहे हैं.
राजेश खन्ना और श्रीदेवी पर फिल्माया गया एक गाना
सुनते हैं फिल्म मकसद से. ऐसे करिश्माई मकसद आम
जीवन में नहीं हो पाते तो दर्शक फिल्मों में देख के ही
अपनी भड़ास निकल लेता है.
इन्दीवर का गीत है, बप्पी लहरी का संगीत और इसे गाया
है किशोर कुमार ने. कार लेफ्ट हैंड ड्राइव है जिस पर
गौर फरमाएं. ताज़ा नया प्यार जैसे सब्जी मंडी में ताज़ा
फूल गोभी.
गीत के बोल:
देवी ओ बेबी मैंने कहा आ हा बन जा मेरी बीबी
देवी ओ बेबी तू बन जा मेरी बीबी
देवी ओ बेबी तू बन जा मेरी बीबी
पलकों पे बिठा के रखूंगा
तुझे दिल में छुपा के रखूंगा
अरे तेरे लिए लड़ जाऊँगा मैं सारी दुनिया से से से से
देवी ओ बेबी तू बन जा मेरी बीबी
ओ नाजनीना तेरे मन की बीना मैं छेडूंगा ऐसे जतन से
ताज़ा नए प्यार की एक झंकार निकलेगी तेरे बदन से
हाय स्वीटी पाई हाय स्वीटी पाई
ओ नाजनीना तेरे मन की बीना मैं छेडूंगा ऐसे जतन से
ताज़ा नए प्यार की एक झंकार निकलेगी तेरे बदन से
इज़हार का तू एक प्यार का तू मौका तो मुझको दे दे दे दे
देवी ओ बेबी तू बन जा मेरी बीबी
पलकों पे बिठा के रखूंगा
तुझे दिल में छुपा के रखूंगा
अरे तेरे लिए लड़ जाऊँगा मैं सारी दुनिया से
देवी ओ बेबी तू बन जा मेरी बीबी
फूलों की सेजों पे बाहों की वरमाला पहना के मुझको सुलाना
सर मेरा सहला के चुम्बन तू बरसा के ख्वाबों से मुझको जगाना
ओ मे फेयर बेबी ओ माय ब्यूटी
फूलों की सेजों पे बाहों की वरमाला पहना के मुझको सुलाना
सर मेरा सहला के चुम्बन तू बरसा के ख्वाबों से मुझको जगाना
मेरी अर्ज है तेरा फ़र्ज़ है शादी मुझसे कर ले ले ले ले
देवी ओ बेबी तू बन जा मेरी बीबी
पलकों पे बिठा के रखूंगा
तुझे दिल में छुपा के रखूंगा
अरे तेरे लिए लड़ जाऊँगा मैं सारी दुनिया से
देवी ओ बेबी तू बन जा मेरी बीबी
................................................................
Devi o baby too ban ja-Maqsad 1984
Artists: Rajesh Khanna, Sridevi, Amjad Khan, Asrani
दुर्लभ गीत के साथ दुर्लभता का कोई पहलू तो जुड़ा
होना ही चाहिए. अब उदाहरण के लिए आपको एक
गेटे सुनवाते हैं जिसमें अभिनेत्री नूतन आपको नाचती
नज़र आएंगी. श्वेत श्याम युग की बात और हैं मगर
७० के दशक की फिल्मों में ये देखना एक दुर्लभ
अनुभव है.
दुर्लभता थोड़ी सी ही सही एक मामले में और है-गीत
लिखने वाले इन्दीवर हैं जिन्होंने मदन मोहन के लिए
थोड़े से गाने ही लिखे हैं. दुर्लभ बात एक और भी हो
सकती है-संजय खान के साथ नूतन की फिल्म.
गीत के बोल:
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
अंग चुरा के गुईयां मैं तो सिमट गई
मन को भाये पर नैना लजाये रे
मन को भाये पर नैना लजाये रे
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
अंग चुरा के गुईयां मैं तो सिमट गई
मन को भाये पर नैना लजाये रे
मन को भाये पर नैना लजाये रे
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
देखो अभी से पकड़ो न बैयाँ
बैयाँ पकड़ना जो चाहो तो सैयां
देखो अभी से
देखो अभी से पकड़ो न बैयाँ
बैयाँ पकड़ना जो चाहो तो सैयां
डोली मंगाई लो चुनरिया चढ़ाई दो
कंगन पहनाई दो दुल्हनिया बनाई लो
फिर तोहरे संग चलूंगी साजना हाँ
फिर तोहरे संग चलूंगी साजना
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
अंग चुरा के गुईयां मैं तो सिमट गई
मन को भाये पर नैना लजाये रे
मन को भाये पर नैना लजाये रे
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
इतरा के सेजिया पे सोयी थी मैं तो
सपनों की दिनया में खोयी थी मैं तो
इतरा के सेजिया पे सोयी थी मैं तो
सपनों की दिनया में खोयी थी मैं तो
सैयां नी आ के उडाई दी निंदिया
माथे पे होंठों की लगाये दी बिंदिया
भरा मांग में सिन्दूर मेरा डर किया दूर
बड़े प्यार से पिया ने पहनाए कंगना
बड़े प्यार से पिया ने पहनाए कंगना
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
अंग चुरा के गुईयां मैं तो सिमट गई
मन को भाये पर नैना लजाये रे
मन को भाये पर नैना लजाये रे
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
सूरज मुखी है सजना हमारा
जलती हैं सखियाँ भी इतना है प्यारा
सूरज मुखी है
सूरज मुखी है सजना हमारा
जलती हैं सखियाँ भी इतना है प्यारा
फूलों सा मन है किरण सा बदन है
आँखों में हीरे और साँसों में चमन है
किस किस से छुपाऊँ साजन अपना
किस किस से छुपाऊँ साजन अपना
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
अंग चुरा के गुईयां मैं तो सिमट गई
मन को भाये पर नैना लजाये रे
मन को भाये पर नैना लजाये रे
पी की नजर गोरे तन से लिपट गई
…………………………………………….
Pi ki nazar gore tan se lipat gayi-Maharaja 1970