Aug 6, 2016

आँचल को उड़ने दो-पिकनिक १९६६

हिंदी फ़िल्में तरह तरह के नाम वाली मिलेंगी आपको. किसी
त्यौहार, किसी मौके या किसी खास इवेंट पर भी नाम दिए
गए हैं फिल्मों को.

पिकनिक वाले एक गीत हमें पहले सुना है इधर, आज पिकनिक
फिल्म से ही एक गीत सुन लेते हैं. एक जगह मैंने तकरीबन
५०० से ज्यादा श्रेणियाँ देखि जिसमें कार, ट्रक, बैलगाडी, टेम्पो,
इत्यादि जैसी कई श्रेणियाँ हैं. मोटरबोट, जहाज़, नाव जैसी भी
श्रेणियाँ हैं.

श्रेणियों के हिसाब से इस गीत को देखें तो कन्या मंडल पहले
बोट की सवारी करने के बाद साइकिल पर जा रहा है. इसको
बोट सोंग, साइकिल सोंग कह सकते हैं. रोड का पता नहीं कि
कौन सी है जी, स्टेट हाइवे है या नेशनल हाइवे इसलिए केवल
रोड सोंग कह सकते हैं. बाकी आपकी जो मर्ज़ी हो इसे कहिये
आप पर्यावरण प्रेमी गीत, टी-शर्ट-पैंट गीत, माउथ-ऑरगन सोंग
सीटी सोंग या मस्ती भरा गीत.

ज्यादा गहराई में घुस के पी एच डी करने वाले साइकिल का
ब्रांड देख के उसे हरक्यूलिस, एटलस, हीरो इत्यादि श्रेणी में
रख सकते हैं.

आशा भोंसले इसकी गायिका हैं. बोल हैं मजरूह सुल्तानपुरी के
और संगीत एस मोहिंदर का. गीत गाने वाली अभिनेत्री हैं अजरा



गीत के बोल:

आँचल को उड़ने दो ज़ुल्फ़ को लहराने दो
अंजनी राहों पे आज दिल खो जाने दो
आँचल को उड़ने दो ज़ुल्फ़ को लहराने दो
अंजनी राहों पे आज दिल खो जाने दो

प्यार से गाते धूम मचाते बाँहों में बाहें डाले
छोड़ के दुनिया छोड़ के पीछे झूम चले मतवाले
प्यार से गाते धूम मचाते बाँहों में बाहें डाले
छोड़ के दुनिया छोड़ के पीछे झूम चले मतवाले
अब क्या पता चल दिए हम कहाँ

होए आँचल को उड़ने दो ज़ुल्फ़ को लहराने दो
अनजानी राहों पे आज दिल खो जाने दो

दूर शहर से निकली टोली आज हसीनों वाली
हाथ बढ़ा के छू लेती है रंग भरी हर डाली
दूर शहर से निकली टोली आज हसीनों वाली
हाथ बढ़ा के छू लेती है रंग भरी हर डाली
हो चुके जवान तुम जवान ऐ जवान
आँचल को उड़ने दो ज़ुल्फ़ को लहराने दो
अनजानी राहों पे आज दिल खो जाने दो

जीवन की मंजिल का राही मंजिल को क्या जाने
पर्वत आये जंगल आये चलने दे क्यूँ माने
जीवन की मंजिल का राही मंजिल को क्या जाने
पर्वत आये जंगल आये चलने दे क्यूँ माने
है दौलतें है ज़मीन है आसमान

आँचल को उड़ने दो ज़ुल्फ़ को लहराने दो
अनजानी राहों पे आज दिल खो जाने दो
आँचल को उड़ने दो ज़ुल्फ़ को लहराने दो
अनजानी राहों पे आज दिल खो जाने दो
....................................................................
Aanchal ko udne do-Picnic 1966

Artist: Azra

0 comments:

© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP