बेदर्दी बालमा तुझको-आरजू १९६५
फिल्म आरजू का लता का गाया ये गीत बेहद लोकप्रिय है. गीत
के शुरू में सैक्सोफोन की दर्द भरी पुकार है. अंतरों के बीच में
भी सैक्सोफोन की आवाज़ का बढ़िया प्रयोग है. शंकर जयकिशन
के शुरूआती दौर में मेंडोलिन का प्रयोग ज्यादा होता था गीतों
में. समय के साथ साथ दूसरे वाद्य यंत्रों के प्रयोग भी होने लगा.
हसरत जयपुरी ने जितने बढ़िया रोमांटिक गीत लिखे हैं उतने ही
उम्दा दर्दीले गीत भी. ये बात दीगर है उनके रोमांटिक गीत ज्यादा
पसंद आते हैं जनता को. गीत के बोलों पर गौर कर आपको यह
अनुमान लग जाता है इसको कहाँ फिल्माया गया होगा.
इस गीत की दीवानगी इतनी है कि इसे प्रेमियों ने अपना टूल बना
लिया है भावनाएं जाहिर करने का. कुछ इसे गुनगुना के तो कुछ
इस सुन के ही अपना गम हल्का कर लिया करते हैं.
गीत के बोल:
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
बरसता है जो आँखों से वो सावन याद करता है
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
कभी हम साथ गुज़रे जिन सजीली राहगुज़ारों से
खिज़ां के भेस में गिरते हैं अब पत्ते चनारों से
ये राहें याद करती हैं ये गुलशन याद करता है
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
बरसता है जो आँखों से वो सावन याद करता है
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
कोई झोंका हवा का जब मेरा आँचल उड़ाता है
गुमाँ होता है जैसे तू मेरा दामन हिलाता है
कभी चूमा था जो तूने वो दामन याद करता है
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
बरसता है जो आँखों से वो सावन याद करता है
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
वो ही हैं झील के मंदर वो ही किरनों की बरसातें
जहाँ हम तुम किया करते थे पहरों प्यार की बातें
तुझे इस झील का ख़ामोश दर्पण याद करता है
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
बरसता है जो आँखों से वो सावन याद करता है
बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन याद करता है
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Bedardibalma tujhko-Arzoo 1965
Artists: Sadhana
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