हम बेखुदी में तुमको-काला पानी १९५८
वर्ष: १९५८
गायक: मोहम्मद रफ़ी
गीतकार: मजरूह सुल्तानपुरी
संगीतकार: एस डी बर्मन
ब्लॉग पर मजरूह सुल्तानपुरी का २५० वां गीत है ये.
ब्लॉग पर मोहम्मद रफ़ी का गाया ३४७ वां गीत है
गीत के बोल:
हम आ आ आ आ आ
चले गये
हम बेखुदी में तुमको पुकारे चले गये
हम
हम बेखुदी में तुमको पुकारे चले गये
साग़र में ज़िन्दगी को उतारे चले गये
हम
देखा किये तुम्हें हम बनके दीवाना
देखा किये तुम्हें हम बनके दीवाना
उतरा जो नशा तो हमने ये जाना
सारे वो ज़िन्दगी के सहारे चले गये
हम बेखुदी में तुमको पुकारे चले गये
हम
तुम तो ना कहो हम खुद ही से खेले
तुम तो ना कहो हम खुद ही से खेले
डूबे नहीं हम ही यूँ नशे में अकेले
शीशे में आपको भी उतारे चले गये
हम बेखुदी में तुमको पुकारे चले गये
सागर में ज़िन्दगी को उतारे चले गये
हम
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Ham bekhudi mein tumko-Kaala Pani 1958
Artist: Dev Anand
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