Jan 1, 2017

बाहों में तेरी मस्ती के घेरे-काला पत्थर १९७८

गीतों के फिल्मांकन पर गौर करने का ज़माना तब शुरू हुआ
जब घर घर वी सी आर, वी सी डी और बाद में डी वी डी प्लेयर
हो गए. उसके पहले तक केवल फ़िल्मी कीड़े(फिल्मों के बड़े
शौकीनों को लोग यही बोलते हैं) ही याद रख पाते थे के किस
नायक ने कौन सा ड्रेस पहना था और किस नायिका ने कौन सी
हेयर स्टाइल अपनाई थी गीत में.

आज एक लोकप्रिय युगल गीत सुनवा रहे हैं आपको जो देखने
और सुनने में तो टूथपेस्ट का विज्ञापन जैसा मालूम पढता है.
वैसे भी नायक नायिकाओं के दांत ज्यादा चमकदार होते हैं आम
जनता के बनिस्बत. अधिकाँश फिल्मों में बत्तीसी प्रदर्शन जम
कर किया जाता है. बड़े परदे पर तो बत्तीसी का आकार भी
बड़ा हो जाता है.

आज के दौर के हिसाब से भी ये गीत प्रासंगिक है क्यूंकि मार्केट
में तरह तरह के डिओडोरेंट मिलते हैं. विज्ञापन में इसके एक पंक्ति
का प्रयोग हो सकता है. विज्ञापन जगत समय समय पर फ़िल्मी
गीतों का प्रयोग करता रहा है. अभी हमने एक स्कूटर कंपनी के
विज्ञापन में किशोर कुमार का फिल्म हाफ टिकट का गीत सुना. ये
सब उस ज़माने के गीत हैं जब डिओ नाम की कोई चीज़ बाजार में
नहीं होती थी और पसीने की बदबू का इलाज केवल हकीम या डॉक्टर
के पास ही होता था.

प्रस्तुत गीत है काला पत्थर का जिसे शशि कपूर और परवीन बाबी
पर फिल्माया गया है. इसे लिखा है साहिर लुधियानवी ने और इसकी
धुन बनाई है राजेश रोशन ने. फिल्म के गीत खूब बजे थे एक समय
और ये आम से लेकर खास वर्ग द्वारा सामान रूप से पसंद किये गए.
इसके गायक हैं रफ़ी और लता.



गीत के बोल:

बाहों में तेरी मस्ती के घेरे
साँसों में तेरी खुशबू के डेरे
बाहों में तेरी मस्ती के घेरे
साँसों में तेरी खुशबू के डेरे
मस्ती के घेरों में खुशबू के डेरों में
हम खोये जाते हैं
बाहों में तेरी मस्ती के घेरे
साँसों में तेरी खुशबू के डेरे
मस्ती के घेरों में खुशबू के डेरों में
हम खोये जाते हैं
बाहों में तेरी मस्ती के घेरे
साँसों में तेरी खुशबू के डेरे

ख्वाबों में जिसको तनहा जवानी
बरसों से तकती थी तू वही है
छूने से जिसके सीने में मेरे
लौ जाग सकती थी तू वही है
कुछ ख्वाब तेरे कुछ ख्वाब मेरे
यूँ मिलते जाते हैं दिल खिलते जाते हैं
लब गुनगुनाते हैं

बाहों में तेरी मस्ती के घेरे
साँसों में तेरी खुशबू के डेरे

बिखरा के जुल्फें झुक जाओ मुझपे
मिलने दो साया तपते बदन को
मैंने हमेशा तेरी अमानत
समझा है अपने जान और तन को
तू साथ मेरे मैं साथ तेरे
रूहों के रूहों से जिस्मों के जिस्मों से
सदियों के नाते हैं

साँसों में तेरी खुशबू के डेरे
बाहों में तेरी मस्ती के घेरे
मस्ती के घेरों में खुशबू के डेरों में
हम खोये जाते हैं
साँसों में तेरी खुशबू के डेरे
बाहों में तेरी मस्ती के घेरे
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Baahon mein teri masti ke ghere-Kaala patthar 1978

Artists: Shashi Kapoor, Parveen Babi

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