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Apr 15, 2020

आ कहीं दूर चले जायें हम-लावारिस १९९९

कुछ गीत सुनने में तो अच्छे लगते ही हैं मगर देखने
में भी आपको लुभाते हैं. एक पर्यावरण प्रेमी गाना सुन
लेते हैं आज. हो सकता है बर्फीली पहाड़ियां देख के
हमारी तबियत बहल जाये और गर्मी का आभास कम
हो.

परदे पर एलेमेंट्स का कितना ध्यान रखा जाता है इस
बात का उदाहरण इस गीत से ही लें. सरसों के खेत में
नायक नायिका कूद रहे है. इसकी गर्मी से दर्शक पिघल
ना जायें तो अगली पंक्ति में बर्फ दिखलाई देने लगती है.
बर्फ से जनता ठिठुर ना जाए इसलिए नायक नायिका ने
लाल रंग के कोट पहन रखे हैं. अब आप ये मत पूछियेगा
कि पतलूनें काली क्यूँ हैं.

गाने में समय कितनी जल्दी गुज़रता है. बर्फ के मैदान
से सीधे खेत खलिहान और ट्रेक्टर की सवारी के बाद किसी
जगह कैंप फायर का आनंद लेते हुए दोनों सफ़ेद फूलों से
लबालब अर्ध-जंगल में दोनों अन्तरा गाने पहुँच जाते हैं.
एक बात गौर करने लायक है गीत की पंक्ति के साथ साथ
दृश्यावली भी बदल रही है. मुखडा वापस आते ही गाना
फिर बर्फ की और.

दूसरे अंतरे में शाम का धुंधलका और झील में चाँद के
अक्स के दर्शन के बाद गाना फिल्म मौसम और १९७०
की रातों का राजा की याद दिलाते हुये समापन की ओर
अग्रसर हो जाता है.

गीत जावेद अख्तर का है और इसमें यमक अलंकार
नदारद है. संगीत राजेश रोशन का है. उदित-अलका
गायक कलाकार हैं.



गीत के बोल:

आ कहीं दूर चले जायें हम
आ कहीं दूर चले जायें हम
दूर इतना कि हमें छू न सके कोई ग़म
आ कहीं दूर चले जायें हम
आ कहीं दूर चले जायें हम
दूर इतना कि हमें छू न सके कोई ग़म

फूलों और कलियों से महके हुए इक जंगल में
इक हसीं झील के साहिल पे हमारा घर हो
ओस में भीगी हुई घास पे हम चलते हों
रंग और नूर में डूबा हुआ हर मंज़र हो
मैं तुझे प्यार करूं मेरे सनम
तू मुझे प्यार करे मेरे सनम

आ कहीं दूर चले जायें हम
दूर इतना कि हमें छू न सके कोई ग़म
आ कहीं दूर चले जायें हम

आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ
शाम का रंग हो गहरा तो सितारे जागें
रात जो आये तो रेशम से अंधेरे लायें
चाँद जब झील के पानी में नहाने उतरे
मेरी बाहों में तुझे देख के शरमा जाये
मैं तुझे प्यार करूं मेरे सनम
तू मुझे प्यार करे मेरे सनम

आ कहीं दूर चले जायें हम
दूर इतना कि हमें छू न सके कोई ग़म
आ कहीं दूर चले जायें हम
…………………………………………..
Aa kahin door chale jayen ham-Lawaris 1999

Artists: Akshay Khanna, Manisha Koirala

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Apr 6, 2020

नज़र लगे ना साथियों-देस परदेस १९७८

ढेर सारे गायकों वाला एक गाना सुनते हैं. ये कव्वाली नहीं
है, सामान्य गाना है. इसे सुनते सुनते समय बीत गया मगर
बरसों बाद मालूम हुआ कि इस भीड़ में विजय बेनेडिक्ट की
आवाज़ भी है. विजय बेनेडिक्ट बप्पी लहरी के लिए काफ़ी
गीत गा चुके हैं डिस्को युग में.

सुनते हैं गीत जिसमें बाप-बेटा अर्थात किशोर कुमार और उनके
पुत्र संग मनहर की आवाजें हैं चौथी आवाज़ के बारे में हम
लिख ही चुके हैं ऊपर.

गीत अमित खन्ना का है और इसका संगीत तैयार किया है
राकेश रोशन के भाई और संगीतकार रोशनलाल नागरथ के
सुपुत्र राजेश रोशन ने.

इस ब्लॉग पर संगीत रसिकों के लिए ही हम चर्चा करते हैं.
हमारा उद्देश्य केवल गीत प्रेमियों और गाना गुनगुनाने के
शौकीनों के लिए बोल देना है. ये कोई फ्री सर्विस नहीं कि
यहाँ तमाम लिरिक्स वाली साइटें के मालिक आ कर कॉपी
कर के अपनी साइटों पर पेस्ट मार दें.





गीत के बोल:

अरे नज़र लगे ना.........
अरे हो ...... ओ ओ ओ ओ
आज भरी महफ़िल मे
रे कहीं डोल न जाये ...
............. गोरी मेमों का
अ ब ब .........
अरे नज़र लगे ना.........
अरे हो ओ ओ ................
आज भरी .................
रे कहीं ....... न जाये दिल
इन गोरी गोरी ..... का
अ ब ब .................

वहाँ मिले थे ..........हम तुम कुछ दिन पहले
यहाँ मिले ..... विष मयखाने में ...........
अरे हुक्का ..... पीते थे वहां बाँध के ...... पगड़ी
अरे कस के बूट ............. बात करें कोई तगड़ी
यादें वादे .............. भूली बातें याद करा दे
अरे भटके ..... अरे यूँ ही अटके ........हम लटके लटके
उल्टा चोर ........... डांटे ये पुराना दस्तूर हमने माना
हुर्र .......भरी महफ़िल मे
रे कहीं ........ जाये दिल
इन गोरी ...... मेमों का
........... ब ब ब ब ब
भुर्र

अरे सोच ......... आगे बढ़ना आग का ये एक दरिया
दिलवालों से मिलना हो तो ........ ... ज़रिया हो
वहाँ ...... साथी है यहाँ .....नया साँवरिया
वो ..... तो ये भी ठीक है अपना अपना नज़रिया
झूमर पायल बिंदिया ....... चुनरी है ना है आँचल
रोज़ बरस के ....... है ये अंग्रेज़ी ...... का बादल
अरे ........ के बीच में ..... साबुत बचा न कोय
ये क्यों होये

आज ..... महफ़िल मे
रे कहीं डोल ..... दिल
इन गोरी गोरी मेमों का
बल्ले .. बल्ले .गेंद गेंद

इक दिन ........... था अब किसको ... के आये
हम तो ...... बैठे अब तुम क्या खाने आये हो
..... करो ......खेतों की .... जहाँ .... के आये
अरे यहाँ तो पल पल ..... मारे दम भी ..... जाये
आओ आओ उन्हें ... सोये हुओं को .... जगाओ
डरते ...... हैं करते सौ बार बचे हैं...... मरते
अरे खाओ ...... मनाओ मौका फिर नहीं आना
ओ रे लाना
हे रे कहीं ...... जाये दिल
इन गोरी गोरी .........
ब ब ब ....................
अरे नज़र लगे ना साथियों
अरे हो ओ ओ ओ ओ ओ ओ
आज भरी ........ मे
रे कहीं ........ जाये दिल
इन ..... गोरी मेमों का
अ ब ब ब अ ब ब ब ..........
………………………………………………….
Nazar lage na sathiyon-Des Pardes 1978

Artists: Dev Anand, Tina Munim, Mehmood

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Apr 5, 2020

तू पी और जी-देस परदेस १९७८

७० के दशक से एक शराबी गीत सुनते हैं. इस बात का
क्रायटेरिया क्या है कि ये शराबी गीत ही है. तो जनाब
सयाने कहते हैं जिस गाने में शराब शब्द आ जाए वो
शराबी गीत हो जाता है. अब जो शराब-बंदी वाले गाने
हैं उनका क्या?

भांग और शराब पर तो गाने बने हैं मगर दूसरी चीज़ों
को एक नाम-चिलम में समेट दिया गया है.

सुनते हैं छोटे मुखड़े वाला ये गीत देस परदेस फिल्म से.
अमित खन्ना इसके रचनाकार हैं और राजेश रोशन ने
धुन तैयार की है. किशोर कुमार ने इसे गाया है.

शादी के मंडपों के बाहर लगने वाला वेलकम सरीखा
कुछ दारू की दुकान के उदघाटन के अवसर पर लगा
है. अतिथियों की आरती और टीका भी किया जा रहा है.
देव आनंद ने अपनी संस्कृति का काफी ख्याल रखा है
इस गीत में. अतिथि देवो भवः

गीत के शुरू और मध्य तक नायिका लदी फंदी दिखलाई
देती है और गीत के अंत में वो शराब के ड्रम में कपड़ों
की मंदी का शिकार बन जाती है. भीड़ भी छलकती हुई
शराब की बूंदें पा जाने के लिए बेसब्र हो जाती है.




गीत के बोल:

तू पी और जी
तू जी और पी

सरदी में जब पियोगे यारों
सरदी में जब पियोगे यारों गरम कोट बन जायेगा ये
आई गरमी तो मदिरा-जल ठंडक तुमको पहुँचायेगा
अरे रंग भरेगा सपनों में आँखों में जब ये बस जायेगा
मन को तेरे मीत तेरा बस यहीं कहीं पे मिल जायेगा
काहे को तू फिरे अकेला
अरे काहे को तू फिरे अकेला देख ज़रा मौजों का मेला
आ तू भी आ लहरा
अरे आओ ना अकेले कभी रहो ना अकेले कभी
अरे सभी ये ये कहे कवि
के ऊपर नीचे आगे पीछे छाई कैसी मस्ती
ज़रा पी और जी

ये गुजराती वो बंगाली
ये गुजराती वो बंगाली ये दिलवाला वो दिलवाली
मैं देसी हूँ तू परदेसी फिर भी धड़कन है एक जैसी
अरे ये मद्रासी वो पंजाबी हर ताले की है एक चाबी
प्यार के मारे सब बेचारे गोरे काले ये मतवाले
अरे वर्कर हो या मालिक मिल का
वर्कर हो या मालिक मिल का रात का प्यासा भूखा दिन का
आ तू आ ना घबरा
उधार ना चढ़ाओ कभी पैसे साथ लाओ अभी
अभी ये दुकान है खुली
के पहली पहली बिक्री मेरी बेचूँ मैं तो सस्ती
ज़रा पी और जी

घरवालों की याद सताये
घरवालों की याद सताये या आँखों में आँसू आये
हमको देखो घूँट हँसी के पी कर हम कैसे मुस्काये
हो हो हो हो हो हा हा हा हा हा
इसमें कितने राज़ छुपे हैं पूछो मेरे दिल से तुम
बैठे बैठे महफ़िल से होता है कैसे कोई गुम
अरे दुनिया सारी हिल जायेगी
दुनिया सारी हिल जायेगी फ़टी जेब भी सिल जायेगी
आ तू भी बन जा राजा
अरे लफ़ड़ा ना करो कभी झगड़ा ना करो कभी
भंगड़ा तो पाओ ज़रा जट जी
अरे बल्ले बल्ले बच के कहीं डूबे ना ये कश्ती
ज़रा पी और जी
कहता ये टोनी
हे हे कम ऑन मैडम हा हा
कम ऑन सिस्टर ये पकड़ा दो ब्रदर
ओये आनो ना सिस्टर
बोलो चीयर्स
…………………………………………………….
Too pee aur jee-Des Pardes 1978

Artists: Dev Anand, Tina Munim

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Apr 3, 2020

पत्थर क्या मारते हो-दरियादिल १९८८

सन १९८८ की क्लासिक फिल्म दरियादिल से एक गीत
सुनते हैं. किसके दरिया और किसके दिल की बात है
फिल्म के शीर्षक में आपको समझना पड़ेगा फिल्म को
देख के.

संगीतकार जब लंबा समय बॉलीवुड में गुज़ार लेते हैं
तब उनके संगीत में ठहराव सा आने लगता है और नया
सा कुछ ढूँढना पड़ता है उनके संगीत में. इसकी एक वजह
बैटरी का धीमे धीमे चुकते जाना और अपनी मर्जी के
हिसाब से काम न कर पाना. सिचुएशन के मांग पूरी
करते करते उनकी क्रियेटिविटी कहीं गम होने लगती है.

एक अलग हट के गीत है दरियादिल फिल्म में जिसमें
नायक नायिका और विलन के अलावा ढेर सारे कलाकार
हैं. मनोरंजक गीत है. इन्दीवर इसके रचयिता हैं और
राजेश रोशन धुन बनाने वाले.



गीत के बोल:

काटा हमारा पानी ना माँगे
हम वो साँप है काले
आज तू बच के जा ना सकेगा
चाहे तू पुलिस बुला ले
आज तू बच के जा ना सकेगा
चाहे तू पुलिस बुला ले

काटा हमारा पानी ना माँगे
हम वो साँप है काले
काटा हमारा पानी ना माँगे
हम वो साँप है काले
आज तू बच के जा ना सकेगा
चाहे तू पुलिस बुला ले
आज तू बच के जा ना सकेगा
चाहे तू पुलिस बुला ले

अरे अरे अरे इनसे क्या लड़ रहे हो
ये तो मर्द हैं, पहले इनसे तो निपटो
ऐ हलीमा ऐ मीना ऐ सलमा अरे चिकने
छोरों की महफ़िल लगी है रे, जल्दी आ जल्दी आ
हाय हाय हमसे निपटो री हमसे निपटो
हाय हाय निपटो नहीं रे लिपटो लिपटो
खबरदार
अगर किसी ने एक कदम भी आगे बढ़ाया
तो हाय हाय क्या कर लेगा हमारा
तो फोड दूंगा
क्या फोड़ेगा
सर

पत्थर क्या मारते हो
पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना
पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना

हम भी हैं जिद के पक्के
मारेंगे इतने धक्के
के होश तुम्हारे उड़ा देंगे
अजी छक्के भी छक्के छुड़ा देंगे
अजी छक्के भी छक्के छुड़ा देंगे
हाय हाय लातों के भूत है रे
हाय हाय लातों के भूत है रे
बातो से कब ये मानते हैं

पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना

ओ हो हो हो
बेईमानी का शहर औरों का माल मारा
टुकड़े हमारे ही खाते हो
हमको ही अकड़ क्या दिखाते हो
हमको ही अकड़ क्या दिखाते हो
हाय हाय तुम शामिल हो जाओ हम में
हाय हाय तुम शामिल हो जाओ हम में
बाहर तुम काहे को जाते हो

पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना
पत्थर क्या मारते हो पहाड़ मार दो
पहाड़ मार दो
हम तो यूं ही मारे जायेंगे
एक बार आँख मार दो
एक बार आँख मार दो
हाँ हाँ मार दो ना बहन

हे इसे बिंदी लगा दो हां जी
काजल भी लगा दो हां जी
पाउडर भी लगा दो हां जी
ज़रा लाली लगा दो हां जी
चूड़ी तो पहना दो हां जी
घुंघरू भी पहना दो हां जी
झुमके भी ला दो हां जी
अब साड़ी पहना दो हां जी
ए बहन रेडी रेडी
एक दो तीन चार

सज के आया मेरा यार हमारी बिरादरी में
सज के आया मेरा यार हमारी बिरादरी में
गोरी तेरे नखरे की गजब है बात
गोरी तेरे नखरे की गजब है बात
गोरी तेरे नखरे की हाँ हाँ हाँ
गोरी तेरे नखरे की गजब है बात
चंदा जैसा मुखड़ा किरण जैसे हाथ
सज के आया मेरा यार हमारी बिरादरी में
सज के आया मेरा यार हमारी बिरादरी में
इसे गधा पे बिठा दो
……………………………………………..
Patthar kya maarte ho-Dariyadil 1988

Artists: Kimi Katkar, Govinda, Gulshan Grover

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Mar 11, 2020

तुम मेरे स्वामी-कामचोर १९८२

कामचोर फिल्म एक ऐसे युवक की कहानी है जो सपनों
की दुनिया में खोया रहता है, खयाली पुलाव पकाता रहता
है.

कामचोर फिल्म एक सन्देश देती है. वैसे तो हर फिल्म
एक ना एक सन्देश ज़रूर देती है. सार्थक फिल्म सन्देश
देती है-फिल्म पूरी देखो. कूड़ा फिल्म भी सन्देश देती है
-जल्दी उठ के भाग जाओ.

इन्दीवर का गीत है और राजेश रोशन का संगीत. गीत का
फिल्मांकन बढ़िया है और सेल्फ एक्स्प्लेनेट्री है. इसके लिए
किसी निबंध की ज़रूरत नहीं है.



गीत के बोल:

तुम मेरे स्वामी मैं तुमरी दासी
तुम बिन न रह सकूंगी पिया
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया
तुम मेरे स्वामी मैं तुमरी दासी
तुम बिन न रह सकूंगी पिया
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया

आ आ आ आ आ आ आ आ आ
दुनिया का दस्तूर पुराना
मौसम संग बदले ज़माना
दुनिया का दस्तूर पुराना
मौसम संग बदले ज़माना
हम तुम न बदलेंगे बदले जग सारा
वादा रहा ये हमारा तुम्हारा

तुम मेरे स्वामी मैं तुमरी दासी
तुम बिन न रह सकूंगी पिया
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया

हैरान हूँ मैं और परेशां
इतनी हो सुन्दर मेरी जां
हैरान हूँ मैं और परेशां
इतनी हो सुन्दर मेरी जां
यही प्यार की तुझपे छाया करूँगा
सूरज किरण को भी छूने न दूंगा
तू प्रीत मेरी मैं मीत तेरा
संग संग रहेंगे हम यूं ही सदा

घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया

आ आ आ आ आ आ आ आ आ
मेरे सजन का ये आँगन
तुलसी के जितना है पवन
मेरे साजन का ये आँगन
तुलसी के जितना है पावन
जलती रहे यह ज्योत आरती की
बरसात होती रहे यूँ ख़ुशी की

तुम मेरे स्वामी मैं तुमरी दासी
तुम बिन न रह सकूंगी पिया
घर की पूजा करुँगी पिया
घर को मंदिर कहूँगी पिया
………………………………………….
Tum mere swami-Kaamchor 1982

Artists: Jaya Prada, Rakesh Roshan

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Mar 9, 2020

मल दे गुलाल मोहे-कामचोर १९८२

होली के अवसर पर एक गीत सुनते हैं फिल्म कामचोर
से. अपने समय का और चूंकि ये होली गीत है अतः होली
के अवसर पर जगह जगह बजता मिल जाता है.

फिल्म के कथानक पर हम पिछले पोस्टों में टोर्च हैलोजन
की रौशनी डाल चुके हैं अतः इस गीत को बिना किसी लंबे
निबंध के सुन लेते हैं.

किशोर कुमार और लता मंगेशकर की आवाजें प्रमुख हैं इस
गीत में जिसे इन्दीवर ने लिखा है. इसकी धुन राजेश रोशन
ने बनाई है. वीडियो गीत में पहला अन्तरा गायब है.



गीत के बोल:

मल दे गुलाल मोहे
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
मल दे गुलाल मोहे
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
आई होली आई रे

चुनरी पे रंग सोहे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे

सात रंग सात फूल आज मिले साथ रे
बजने लगी बांसुरी जमने लगी बात रे
हो ओ ओ ओ
भीगी भीगी पवन सारी
भीगी भीगी पवन सारी

के आई होली आई रे

मल दे गुलाल मोहे
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे

आज कोई उनको भी भेज दे संदेस रे
राह तके दुल्हनिया जाने को परदेस रे
ओ ओ ओ ओ
आई आई रे याद आई
आई आई रे याद आई
ऐ आई होली आई रे

चुनरी पे रंग सोहे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे

प्यार से गले मिलो भेदभाव छोड़ दो
लोक लाज की दीवार आज सनम तोड़ दो
रहे दामन न कोई खाली
रहे दामन न कोई खाली
के आई होली आई रे

मल दे गुलाल मोहे
मल दे गुलाल मोहे
आई होली आई रे
हो ओ ओ ओ ओ ओ
चुनरी पे रंग सोहे
चुनरी पे रंग सोहे
आई होली आई रे
……………………………………..
Mal de gulaal mohe-Kaamchor 1982

Artists: Rakesh Roshan, Jaya Prada, Nita Mehta, Suresh Oberoi

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Feb 3, 2020

सीने में सुलगता है दिल-लावारिस १९९९

फ्यूज़न और कंफ्यूज़न केवल संगीत में नहीं बल्कि
फिल्मों के दृश्यों में भी मिल जाते हैं. ऑडियो में
फ्यूज़न के बाद फ़िल्मी पब्लिक ने सोचा वीडियो
में भी कंफ्यूज़न.. मेरा मतलब फ्यूज़न पैदा किया
जाये. फिल्मकारों के दिमाग में ये वाली लालटेन
गैर फ़िल्मी म्यूज़िक वीडियो की सफलता के बाद
भकाभक जलने लगी.

सुनते हैं एक प्रयोगधर्मी गीत सन १९९९ की फिल्म
लावारिस से. जावेद अख्तर की रचना है और इसका
संगीत राजेश रोशन ने तैयार किया है. इसे गाया है
रूप कुमार राठौड ने. अक्षय खन्ना पर इसे फिल्माया
गया है. मनीषा कोईराला के अलावा आपको कोई और
बाला पहचान में आये तो नाम बतलायें. गीत एक
युगल गीत है और इसमें अलका याग्निक की आवाज़
भी है.




गीत के बोल:

सीने में सुलगता है दिल ग़म से पिघलता है दिल
जितने भी आँसू हैं बहे उतना ही जलता है दिल
कैसी है ये अगन कैसी है ये जलन
कैसी बारिश हुई जल गया है चमन

कैसा ये सितम हो गया पाया जिसे था वो खो गया
लगता है नसीब मेरा हमेशा के लिए सो गया
कैसी है ये अगन कैसी है ये जलन
कैसी बारिश हुई जल गया है चमन

मैं हूँ और यादों की हैं परछाईयां
ठोकरें हैं और हैं रुसवाईयां
दूर तक कुछ भी नज़र आता नहीं
हर तरफ़ फैली हैं बस तन्हाईयां
जलते थे जो मेरे लिए बुझ गए वो सारे दिये
तू ही ये बता दे ज़िंदगी कब तक कोई जिये
कैसी है ये अगन कैसी है ये जलन
कैसी बारिश हुई जल गया है चमन

छा गईं ग़म की घटायें क्या करूं
रो रहीं हैं ये हवायें क्या करूं
घोलती थीं रस जो कानों में कभी
खो गई हैं वो सदायें क्या करूं
जाने अब जाना है कहां
आँखों में है जैसे धुआं
मिलते नहीं हैं रास्ते मिट गये सारे निशां
कैसी है ये अगन कैसी है ये जलन
कैसी बारिश हुई जल गया है चमन
…………………………………………………….
Seene mein sulagta hai dil-Lawaris 1999

Artists: Akshya Khanna, Manisha Koirala

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Nov 23, 2019

यहीं कहीं जियरा हमार-खुदगर्ज़ १९८७

पिछले गीत की तरह ही एक बात है-फिल्म खुदगर्ज़ से
हमने आपको एक गाना सुनवाया था सन २०१० में और
उसके बाद फिल्म के गीत तो हमने कई बार सुन लिए
मगर इन्हें आपको सुनवाना ध्यान नहीं रहा.

फिल्म को जो गीत हमने उस समय सुनवाया था वो एक
मदिरा प्रेमी के आग्रह पे था. आज को जो गीत है वो गांव
के रहने वाले हमारे एक मित्र को बेहद पसंद है और उनकी
पसंद को ध्यान में रखते हुए हमने ये सोचा क्यूँ ना इसे
जल्दी सुनवाया जाए. उनसे हमारी मुलाक़ात कुछ दिन
पूर्व ही हुई थी.

सुनते हैं इन्दीवर का लिखा और राजेश रोशन के संगीत
वाला ये गीत जिसे नितिन मुकेश संग साधना सरगम ने
गाया है. भैंस की हूंकार से ये गीत शुरू होता है मानो वो
सिग्नल दे रही हो कि हो जाओ शुरू.



गीत के बोल:

यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया गुम होई गवा रे
यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया गुम होई गवा रे हे
जिया बिना जीना बेकार
ई का जुलम होई गवा रे
यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया तुम होई गवा रे

देखा तुझे नैन हुए बाँवरे
हो हो हो बाँवरे हो हो हो बाँवरे

मैं भी तो खो गयी हूँ सांवरे
ओ ओ ओ सांवरे हो ओ ओ सांवरे
चाल तेरी चंचल ज्यूँ नदिया की धारा
मेरा सागर तेरी बाँहों का किनारा
मैं तेरी
मैं तेरी लजवन्ती नार
और तू बलम हुई गवा रे
यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया गुम होई गवा रे

ओ हो ओ हो  हो हो हो
हूँ हूँ हूँ हा हा हा
रब हमरे साथ तू जो साथ रे
साथ रे हो ओ ओ साथ रे हो ओ ओ
लब पे तेरे हमरी ही बात रे
बात रे हो हो हो बात रे
दुनिया का सब कुछ एक तुझमें ही पाया
माँग में तो जब तू जीवन में आया
लाज तूने
लाज तूने रख ली हमार
हमरा दूजा जनम होई गवा रे
हो ओ ओ ओ यहीं कहीं जियरा हमार
हे गोरिया गुम होई गवा रे
जिया बिना जीना बेकार
ई का जुलम होई गवा रे
………………………………………….
Yahin kahin jiyra hamaar-Khudgarz 1987

Artists: Shatrughan Sinha, Amrita Singh

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Oct 11, 2019

अंग्रेज़ी में कहते हैं-खुद्दार १९८२

अमिताभ बच्चन एक फेनोमेना हैं जो सदियों में कभी कभार
होता है. ऐसे फेनोमिने अलग अलग क्षेत्रों में आपको देखने को
मिलेंगे.

८० के दशक के पूर्वार्ध में अमिताभ की कई फ़िल्में आयीं और
सफल भी रहीं. इनमें से एक है खुद्दार. फिल्म में अमिताभ के
साथ परवीन बाबी नायिका हैं. फिल्म में भाषा की टांग खिंचाई
वाला एक गीत है जिसे आप भाषाई भेलपुरी भी कह सकते हैं.

मजरूह सुल्तानपुरी के लिखे गीत की तर्ज़ बनाई है संगीतकार
राजेश रोशन ने. इसे किशोर और लता ने गाया है. अपने ज़माने
का एक काफी लोकप्रिय गीत है ये इसलिए हम इसकी शान में
कसीदे नहीं काढ़ रहे.



गीत के बोल:

अंग्रेज़ी में कहते हैं के आई लव यू
गुजराती मा बोले तने प्रेम करूं छूँ छूँ छूँ
बंगाली में कहते हैं के आमी तुमारो भालो बाशी
और पंजाबी में कहते हैं
तेरी तो हाँ
के तेरे बिन मर जावां मैं तैनू प्यार करणा
के तेरे बिन नैयो लबड़ी ओ साथी हो हो हो
नी बलिये
अंग्रेज़ी में कहते हैं के आई लव यू
गुजराती मा बोले तने प्रेम करूं छूँ
बंगाली में कहते हैं के आमी तुमारो भालो बाशी
और पंजाबी में कहते हैं
तेरी तो हाँ
के तेरे बिन मर जावां मैं तैनू प्यार करणा
के तेरे बिन नैयो लबड़ी ओ साथी हो हो हो
       
हम तुमपे इतना डाइंग
जितना सी में पानी लाइंग
आकाश में पंछी फ़्लाइंग
भंवरा बगियन में गाइंग
हम तुमपे इतना डाइंग
जितना सी में पानी लाइंग
आकाश में पंछी फ़्लाइंग
भंवरा बगियन में गाइंग

अंग्रेज़ी में कहते हैं के आई लव यू
गुजराती मा बोले तने प्रेम करूं छूँ
बंगाली में कहते हैं के आमी तुमारो भालो बाशी
और पंजाबी में कहते हैं
तेरी तो हाँ
के तेरे बिन मर जावां मैं तैनू प्यार करणा
के तेरे बिन नैयो लबड़ी ओ साथी हो हो हो

इतना करे क्यूँ धाँधल
दुनिया क्या कहेगी हमको
हम समझा अक्कल वाला
बिलकुल ईडियट है तुम तो
इतना करे क्यूँ धाँधल
दुनिया क्या कहेगी हमको
हम समझा अक्कल वाला
बिलकुल ईडियट है तुम तो

अंग्रेज़ी में ना बोलूं रे आई लव यू
गुजराती मा छूं का बोलूं प्रेम करूं छूँ
बंगाली में ना बोलूं रे आमी तुमारो भालो बाशी
और पंजाबी में ना बोलूं
तेरी तो हाँ
के तेरे बिन मर जाना मैं तैनू प्यार करनिया
जे तेरे जइयों नइयों निभना ओ साथी हो
       
तू जल्दी से हाँ कर दे
वरना तेरी क़सम कहता हूँ
सारी दुनिया के आगे जानी
अभी पॉयज़न खाता हूँ
तू जल्दी से हाँ कर दे
वरना तेरी क़सम कहता हूँ
सारी दुनिया के आगे जानी
अभी पॉयज़न खाता हूँ


अंग्रेज़ी में कहती हूँ के आई लव यू
गुजराती मा बोले तने प्रेम करूं छूँ छूँ छूँ
बंगाली में कहती हूँ आमी तुमारो भालो बाशी
और पंजाबी में केंदी हूँ
तेरी तो हाँ
तेरे बिन मर जावां मैं तैनू प्यार करणा
तेरे जियों नैयो लबड़ी ओ साथी हो हो हो

अंग्रेज़ी में कहते हैं के आई लव यू
गुजराती मा बोले तने प्रेम करूं छूँ
बंगाली में कहते हैं के आमी तुमारो भालो बाशी
और पंजाबी में कहते हैं
तेरी तो
…………………………………………………………..
Angrezi mein kehte hain-Khuddar 1982

Artists: Amitabh Bachchan, Parveen Babi

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Jul 22, 2019

छू कर मेरे मन को-याराना १९८१

आपको फिल्म बेगुनाह से मुकेश का गाया गीत सुनवाया
उसी बीच फिल्म याराना का गीत-सारा ज़माना याद आ
गया. वजह क्या है आप दोनों गीतों को सुनें तो समझ
आ जायेगी.

अब आप सारा ज़माना गीत सुन चुके हैं अतः फिल्म से
एक दूसरा उम्दा गीत सुनते हैं-जिसके बोल लाजवाब हैं.
बोल अनजान के हैं और संगीत राजेश रोशन का. गीत
परदे पर अमिताभ बच्चन और नीतू सिंह पर फिल्माया
गया है. फिल्म का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला
गीत भी यही है. क्यूँ ना हो दिल को छू जाता है.



गीत के बोल:

छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
बदला ये मौसम लगे प्यारा जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
बदला ये मौसम लगे प्यारा जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा

तू जो कहे जीवन भर तेरे लिए मै गाऊँ
तेरे लिए मैं गाऊँ
गीत तेरे बोलो पे लिखता चला जाऊं
लिखता चला जाऊं
मेरे गीतों मे तुझे ढूँढे जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
बदला ये मौसम लगे प्यारा जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा


आ जा तेरा आँचल ये प्यार से मै भर दूं
प्यार से मै भर दूं
खुशियाँ जहाँ भर की तुझको नज़र कर दूं
तुझको नज़र कर दूं
तू ही मेरा जीवन तू ही जीने का सहारा

छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
बदला ये मौसम लगे प्यारा जाग सारा
छू कर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा
...............................................................................
Chhoo kar mere man ko-Yaarana 1981

Artists: Amitabh Bachchan, Neetu Singh

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Jul 15, 2019

आ ये हसीन रात मोहब्बत में-शिव राम १९९१

किसी खजाने को देखो तो सामने कुछ चीज़ें ज्यादा चमकती हुई
दिखाई देती हैं. सामने पड़ी हुई चीज़ों के अलावा भी बहुत कुछ
होता है जो छुपा होता है. वैसा ही कुछ हिंदी फिल्म संगीत
के खजाने का भी हाल है.

आज सुनते हैं सन १९९१ की फिल्म शिव राम से एक गीत जिसे
कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल ने गाया है. गीत अनवर सागर
का है और संगीत राजेश रोशन का. गीत के दूसरे अंतरे में फ़िल्मी
बरसात भी है. संगीत से ज्यादा इस गीत के बोल बढ़िया हैं.
   


गीत के बोल:

आ ये हसीन रात
आ ये हसीन रात मोहब्बत में गुज़ार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
आ ये हसीन रात मोहब्बत में गुज़ार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें

क्या पता कल क्या हो कल का नहीं भरोसा
क्या पता कल क्या हो कल का नहीं भरोसा
मालूम नहीं किस पल दे ये ज़िन्दगानी धोखा
ऐसा होने से पहले कहीं खोने से पहले
एक दूसरे को हम
एक दूसरे को हम जी भर के प्यार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें

एक आग सी लगी है सीने में हसरतों की
एक आग सी लगी है सीने में हसरतों की
बरसा दो घटाएं तुम मुझपे चाहतों की
होंठों की नरमी से साँसों की गर्मी से
बेचैन उमंगों को
बेचैन उमंगों को हम मिल के निखार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
दिल की कश्ती प्यार के सागर में उतार दें
……………………………………………………………
Aa ye haseen raat mohabbat mein-Shiv Ram 1991

Artists: Jeetendra, Sangeeta Bijlani

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Apr 15, 2019

जोगी हो जोगी-कामचोर १९८२

कामचोर फिल्म से एक गीत सुनते हैं जिसमें भाग्य
के बारे में नायक कुछ कह रहा है. भाग्य बांचने का
काम सदियों से चला आ रहा है. कोई तोते के ज़रिये
तो कोई टैरट कार्ड के ज़रिये बतलाता है. कोई कुंडली
बांचता है तो कोई रमल विद्या का सहारा लेता है.
अधिकाँश के मन में जिज्ञासा होती है अपने भविष्य
के बारे में जानने की.

फिल्म में भविष्यवक्ता के रूप में असरानी हैं जो
नायक के हवा में उड़ने से चकित हो जाते हैं. ऐसा
होता है जब कोई भाग्य बतलाने वाला सब अच्छा
और सब बढ़िया बोल बोल के आपके खीसे से नोट
निकालता है और आपके अंदर हीलियम गैस भर
जाती है थोड़ी देर के ही लिए ही सही. इसी बात को
दृश्य माध्यम के ज़रिये बतलाया जा रहा है. 

फिल्म का कथानक है अतः उसे जहाँ चाहे मोड दो.
असल जीवन में कौन बदल पाया अपने क़िस्मत के
लेखे को. थाली सामने पड़ी रहती है और कौर मुंह
तक नहीं जा पाता. फिल्म के नायक राकेश रोशन
की भी सफल हीरो बनने की इच्छा अधूरी ही रह
गई. इसमें भगवान नाम के कलाकार अकोरडियन
बजाते नज़र आयेंगे. भगवान ने भी अपने जीवन
में शान-ओ-शौकत से गरीबी तक सब मुछ देखा.

कामचोर फिल्म की कहानी से हमें एक शिक्षा मिलती
है और वो ये कि फ्री के ब्लॉग पर लेखन नहीं करना
चाहिए. उस पर आपके पास जबरिया वाह वाह वाले
जंतु ना हों तो बिलकुल भी नहीं. इससे बेहतर है कि
आप फेसबुक पर अपनी पाद और छींक छोड़ दें. उसे
हजारों लाइक्स मिल जाएँगी, व्हाट्सएप पर खांस दें
आपको मैसेज के ज़रिये ही खांसी की ढेर सारी दवा
आ जायेगी.




गीत के बोल:

जोगी ओ जोगी भाग में मेरे लिखा है
एक दिन मैं राजा बनूँगा तेरा ही तोता कहता है
एक दिन मैं राजा बनूँगा तेरा ही तोता कहता है
जोगी ओ जोगी भाग में मेरे लिखा है
एक दिन मैं राजा बनूँगा तेरा ही तोता कहता है
ला ला ला ला ला ला

सूरज हो बलवान तेज कंदर
यारों बनता है वो सिंकंदर
सूरज हो बलवान तेज कंदर
यारो बनता है वो सिंकंदर
पॉवरफुल हो ग्रह तभी तो
माल कर लेंगे अंदर

जोगी
जोगी ओ जोगी भाग में मेरे लिखा है
एक दिन मैं राजा बनूँगा तेरा ही तोता कहता है
एक दिन मैं राजा बनूँगा तेरा ही तोता कहता है

मिटने को हर चीज़ मिट जाये
हाथों से रेखा न जाये
मिटने को हर चीज़ मिट जाये
हाथों से रेखा न जाये

अजी मुट्ठी में है किस्मत अपनी
फिर तू क्यूँ घबराये

जोगी
जोगी ओ जोगी भाग में मेरे लिखा है
एक दिन तू राजा बनेगा
तेरा ही तोता कहता है
एक दिन मैं राजा बनूँगा तेरा ही तोता कहता है
ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला
………………………………………….
Jogi o jogi-Kaamchor 1982

Artists: Rakesh Roshan

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Nov 7, 2018

तू मेरा सुपरमैन-दरियादिल १९८८

कम्प्यूटर देव के आगमन के पूर्व तक फिल्मों में स्पेशल
इफेक्ट्स दिखलाना काफी दुष्कर कार्य हुआ करता था.
कई फिल्मों में कलाकार और ऑब्जेक्ट्स गत्ते और पत्ते की
तरह उड़ते नज़र आते थे.

इस फिल्म का निर्देशक काफी दरियादिल था इसलिए
उसने सस्ते में सुपरमैन और स्पाईडरवूमन के दर्शन करा
दिए फिल्म में. धन्य हो फिल्म बनाने वालों. स्पाईडरवूमन
ने स्पाईडरमैन की पोशाक पहन रखी है. देसीकरण का
यही सही अर्थ है कि हम लोजिकली कॉपी करें चीज़ों की.

विलायती फिल्म का सुपरमैन काफी लंबा और तगड़ा है.
हम तो अपने देश की औसत लम्बाई वाला सुपरमैन ही
दिखलायेंगे. लंबा नहीं है तो क्या हुआ तगड़ा तो है, इतना
काफ़ी है.




गीत के बोल:

तू मेरा सुपरमैन मैं तेरी लेडी
हो गया है अपना प्यार आलरेडी

मैं तेरा सुपरमैन तू मेरी लेडी
हो गया है अपना प्यार आलरेडी
…………………………………………………….
Too mera superman-Dariyadil 1988

Artists: Govinda, Kimi Katkar

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Oct 7, 2018

तुमने जो कहा मैने वो सुना-लावारिस १९९९

अंतरजाल अर्थात इन्टरनेट ने हमें कई चीज़ें सिखलाई
हैं. सर्च इंजिन ऑप्टिमाईज़ेशन नाम की बला ने हमें
की वर्ड्स के प्रयोग समझाए. हमारे समझ ना जाने
क्यूँ नहीं आये. हमारा माल खा दबा के लोग मशहूर
हो गए. Idea चुराने वालों Jio.

अब तो की वर्ड्स के प्रयोग गीतों में भी होने लगे हैं.
गाने अपने मुखड़ों से कम और की वर्ड्स से ज्यादा
पहचाने जाने लगे हैं. सोशल मीडिया पे जैसे एब्रिवेशन
का ज़माना आया मुखड़े याद करे में जनता को दिक्कत
होने लगी. वैसे भी बोल कौनसे सुनने हैं, डी जे की
डबल धमधम में बोल तो क्या पब्लिक की सेंसेस भी
गोल हो जाती हैं. ट्रेंड की असल शुरुआत तब हुई जब
फिल्म क़यामत से क़यामत को जनता ने QSQT कह
के पुकारा. 

आज सुनते हैं लावारिस फिल्म से एक गीत. कभी कभी
हमें अपना ब्लॉग भी इस अंतरजाल के मकड़जाल में
लावारिस सा महसूस होता है.

इसका विलायती बड़ा भाई इधर है-एक्वा




गीत के बोल:

तुमने जो कहा मैने वो सुना सुन के मैने जो सपना बुना
देखो उसको तोड़ न देना तन्हा मुझको छोड़ न देना
हर ग़म से बचा लूंगा मैं रखना याद अपना वादा
बाहों में छुपा लूंगा मैं कर लो पक्का इरादा
तुमने जो कहा मैने

तुमको हर पल चाहूंगी मैं रखना याद अपना वादा
तुम्हारी बन जाऊंगी मैं कर लो पक्का इरादा
तुमने जो कहा मैने

ज़िंदगी में अगर आये मोड़ कोई हो न जाना कहीं तुम जुदा
रात हो या हो दिन ग़म हो या हो खुशी मैं तुम्हारा रहूंगा सदा
तुम बिन मानेगा ना ये मन रखना याद अपना वादा
टूटेगा ना अब ये बंधन कर लो पक्का इरादा
तुमने जो कहा मैने

तुमसे मिलने से पहले मैं था बेखबर प्यार क्या है मुहब्बत है क्या
अब तुम्हें ज़िंदगी भर का मैं हमसफ़र मान लूं ये इजाज़त है क्या
जीवन भर तुमको चाहूंगा रखना याद अपना वादा
तुमको ही अपनाऊंगा कर लो पक्का इरादा
तुमने जो कहा मैने
……………………………………………
Tumne jo kaha maine wo suna-Lawaris 1999

Artists: Akshay Khanna, Manisha Koirala

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Aug 25, 2018

भरो मांग मेरी भरो-सबसे बड़ा खिलाड़ी १९९५

सिडक्टिव सोंग्स श्रेणी में अगला गीत प्रस्तुत है फिल्म
सबसे बड़ा खिलाडी से. इससे पहले मांग किसी गीत में
पहली ही पंक्ति में शायद नहीं भरी गई थी. इस गीत की
दूसरी पंक्ति मांग पूरी करो पर आ जाती है.

भरो शब्द के बाद कुछ सेकण्ड का सन्नाटा एक बार को
कन्फ्यूज कर देता है क्या भरने की मांग हो रही है इसमें.

देव कोहली का गीत है और राजेश रोशन का संगीत. यह
गान किसी ज़माने में टी वी के चैनलों पर दिखाई दे जाता
था.

इनिग्मा के बड़े फैन लगते हैं राजेश रोशन. हम भी हैं, और
जिधर से ये धुन आई है आप उसके वीडियो को देखेंगे तो
आपको अधिक आनंद आएगा-मिया कल्पा. हिंदी गाने में
हालांकि काफी कुछ चीज़ें जोड़ी गई हैं उसे देसी पब्लिक के
पचाने लायक बनाने के लिए.

पचाने से याद आया सेब खाने का नायब तरीका इस गीत से
सीख सखते हैं आप.

देव कोहली के बोल हैं और इसे ज्योति संग अभिजीत ने गाया
है. ये जो गायिका ज्योति हैं उनके और गीत मुझे सुनने को
नहीं मिले.





   

गीत के बोल:


भरो मांग मेरी भरो चलो प्यार मुझे करो
अंग से अंग लगा के प्रेम सुधा बरसा दे
दासी तेरी प्यासी रही कितने जनम
भरो मांग मेरी भरो चलो प्यार मुझे करो

बिन तेरे मेरा कोई और नहीं
मेरे प्यार की ये कच्ची डोर नहीं
पिया ले के मन की कली
तेरी पूजा करने चली प्रियतमा

भरो मांग मेरी भरो चलो प्यार मुझे करो
अंग से अंग लगा के प्रेम सुधा बरसा दे
दासी तेरी प्यासी रही कितने जनम
भरो मांग मेरी भरो चलो प्यार मुझे करो

दिल मेरा है तेरा ये जान ले
मेरी दीवानगी पहचान ले
सांस रुक भी गई जो सनम
ले के आऊँगा फिर मैं जनम प्रियतमा

भरो मांग मेरी भरो करो प्यार मुझे करो
अंग से अंग लगा के प्रेम सुधा बरसा दे
तेरे लिए बेचैन था कितने जनम
भरो मांग मेरी भरो हूँ करो प्यार मुझे करो
.............................................................................
Bharo maang meri bharo-Sabse bada khiladi 1995

Artists: Akshya Kumar, Mamta Kulkarni

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Jun 8, 2018

क्या हो गया मुझे-रिश्ता कागज़ का १९८३

प्यार में भाषा व्याकरण और शब्दावली सब इधर से उधर
हो जाते हैं यूँ कहें तो खमण ढोकली वगैरह सब मिला के
उंधीयुं    हो जाते हैं. गीतकार भी अपने अपने अंदाज़ में ये
बतलाने की कोशिश करते हैं. गीतकार के कल्पनाशीलता के
आगे कई बार कलाकारों के भाव उन्नीस साबित होते हैं.

सुनते हैं सन १९८३ की फिल्म रिश्ता कागज़ का से एक गीत
किशोर कुमार और आशा भोंसले का गाया हुआ. इसे लिखा
है मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसकी धुन तैयार की है
राजेश रोशन ने.




गीत के बोल:

क्या हो गया मुझे पूछो न जाने जा
तुम मिल गए तो फिर मुझे अपनी खबर कहाँ
फिर भी संभाल के अभी रस्ता है अनजाना
क्या हो गया मुझे पूछो न जाने जा
तुम मिल गए तो फिर मुझे अपनी खबर कहाँ
फिर भी संभाल के अभी रस्ता है अनजाना
क्या हो गया मुझे

है बेखुदी तो क्या करूं बस में नहीं मेरा दिल
वो क्यूँ चले संभल के जिसको मिली है मंजिल
मंजिल अभी कहाँ मिली मंजिल को है पाना
क्या हो गया मुझे पूछो न जाने जा
तुम मिल गए तो फिर मुझे अपनी खबर कहाँ

मिलना तो होगा उस दिन जिस दिन सजेगी डोली
पर मैं तो आज ही से अपने पिया की हो ली
पा कर भी जानेमन अभी मुझको है तुझे पाना
क्या हो गया मुझे पूछो न जाने जा
तुम मिल गए तो फिर मुझे अपनी खबर कहाँ

देखी नहीं है आपने जालिम जहाँ की रस्में
दुनिया की बात छोडिये दुनिया है अपने बस में
भोली हो तुम अभी नहीं दुनिया को पहचाना
क्या हो गया मुझे पूछो न जाने जा
तुम मिल गए तो फिर मुझे अपनी खबर कहाँ
फिर भी संभाल के अभी रस्ता है अनजाना
………………………………………………………
Kya ho gaya mujhe-Rishta Kagaz ka 1983

Artists: Raj Babbar, Rati Agnihotri

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May 5, 2018

तुमको ख़ुश देखकर मैं-आप के दीवाने १९८०

अपने अपने विचार अपने अपने वर्ज़न. एक गीत आपने सुना
है फिल्म धरती कहे पुकार के से जिसमें मुकेश ने एक गीत
गाया है-खुशी की वो रात आ गयी जो खुशी के अवसर पर
ज़रूर गाया जा रहा है मगर उसमें दर्द छुपा हुआ है.

एक ऐसा ही गीत है फिल्म आप के दीवाने में जो फिल्माया
गया है ऋषि कपूर पर. इसे किशोर कुमार संग मोहम्मद रफ़ी
ने गाया है. आनंद बक्षी की रचना है और राजेश रोशन का संगीत.
ऋषि कपूर की बात के साथ राकेश रोशन अपनी भी बात कह
रहे हैं.




गीत के बोल:

तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
ये आँख भर आई तो फिर क्या हुआ
फिर क्या हुआ फिर क्या हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ

कौन सी शाख़ पर कौन सा गुल खिले
कौन सी शाख़ पर कौन सा गुल खिले
यारों ये तो नसीबों के हैं फ़ैसले
किसलिए फिर क्यूँ करें कोई शिकवा गिला
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
ये आँख भर आई तो फिर क्या हुआ
फिर क्या हुआ फिर क्या हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ

तुमने क्या कह दिया हमने क्या सुन लिया
तुमने क्या कह दिया हमने क्या सुन लिया
उलझनें मिट गईं आ गया चैन सा
दर्द को मिल गई जैसे कोई दवा
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
ये आँख भर आई तो फिर क्या हुआ
फिर क्या हुआ फिर क्या हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ

सारी दुनिया से ये ज़िन्दगी है बड़ी
सारी दुनिया से ये ज़िन्दगी है बड़ी
ज़िन्दगी से मगर दोस्ती है बड़ी
दोस्तों दोस्ती के लिए शुक्रिया
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
ये आँख भर आई तो फिर क्या हुआ
फिर क्या हुआ फिर क्या हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
तुमको ख़ुश देखकर मैं बहुत ख़ुश हुआ
………………………………………………………………..
Tumko khush dekh kar-Aap kee deewane 1980

Artists: Rishi Kapoor, Tina Munim, Rakesh Roshan

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Apr 13, 2018

तेरा लकी कबूतर-दाग १९९९

बहुत दिन हुए चिड़िया, कौवा, कबूतर गीत सुने हुए. आज एक
सुन लेते हैं. ये है सन १९९९ की फिल्म दाग द फायर से. इस
फिल्म के २-३ गीत काफी बजे थे उस समय.

समीर का लिखा गीत है जिसे गा रहे हैं सुखविंदर. इसकी धुन
तैयार की है राजेश रोशन ने.





गीत के बोल:

लक तेरा लक तेरा लक तेरा
ओए होए नी लक तेरा पतला जेहा
बलिये नी लक तेरा पतला जेहा
ओए होए नी लक तेरा पतला जेहा
बलिये नी लक तेरा पतला जेहा
बी फॉर भंगड़ा डी फॉर डांस
नच ले हो टप ले हो मिस नोट डांस
लक तेरा लक तेरा लक तेरा
लक तेरा लक तेरा लक तेरा

ओ नीले नैनों वाला तेरा लकी कबूतर
लक तेरा लक तेरा लक तेरा
ओ पिये इश्क़ दा प्याला होए होए होए तेरा लकी कबूतर
लक तेरा लक तेरा लक तेरा

ना ना करके चौबारे से कुछ बोल गई वो इशारे से
कुड़ी मार गई लश्कारे से दिल ले गई लूट कुंवारे से
चोरी चोरी चुपके चुपके कैसा जादू डाला होये होये
हो तेरा लकी कबूतर आय हाय तेरा लकी कबूतर
ओ नीले नैनों वाला तेरा लकी कबूतर

मेरी खुल गई पटक दीनी अख जी गली दे विच्चो कौन लंगेया
किद्दे ओहोई ना होवे ओ जिदा शक जी गली दे विच्चो कौन लंगेया
ओ दी अड्डी वज्जे सीने ठक-ठक नी गली दे विच्चो कौन लंगेया
लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा
दीवाना बन के कान में कैसे झूमे है
कितना है लक्की झुमका गाल को चूमे है
साड्डे दिल ते फेर गई फेर गई
दिल ते फेर गई यारी ओ कुड़ी कुंवारी
के लक तेरा हाय
लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा
ओ नीले नैनों वाला होये होये होये तेरा लकी कबूतर

ओये दिल ले के किसे दा सुण मितरा ना दिल फिर मोड़ी दा
दिल ले के किसे दा सुण मितरा ना दिल फिर मोड़ी दा
दिल हुंदा है सजण कच वरगा एनूं ना कदे तोड़ी दा
हो दिल हुंदा है सजण कच वरगा एनूं ना कदे तोड़ी दा
तेरे पांव में छनके छम छम झांझर चाँदी की
ओए होए कर नागिन वी है आशिक़ तेरी परांदी की
तेरी मिश्री के जैसी के जैसी
मिश्री के जैसी बोली के ओ हमजोली
के लक तेरा
लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा
ओ नीले नैनों वाला होये होये होये तेरा लकी कबूतर
ओ पिये इश्क़ दा प्याला होए होए होए तेरा लकी कबूतर

ना ना करके चौबारे से कुछ बोल गई वो इशारे से
कुड़ी मार गई लश्कारे से दिल ले गई लूट कुंवारे से
चोरी चोरी चुपके चुपके कैसा जादू डाला हाँ हाँ
तेरा लकी कबूतर आय हाय तेरा लकी कबूतर
नीले नैनों वाला तेरा लकी कबूतर
लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा
लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा लक तेरा
ओ नीले नैनों वाला होये तेरा लकी कबूतर
पिये इश्क़ दा प्याला होए होए होए तेरा लकी कबूतर
………………………………………………………………
Tera lucky kabootar-Daag 1999

Artists: Mahima Choudhary, Sanjay Dutt

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Feb 26, 2018

साँचा नाम तेरा-जूली १९७५

एक कृष्ण भजन सुनते हैं फिल्म जूली से. गीत लिखा है
आनंद बक्षी ने और इसके संगीतकार हैं राजेश रोशन. इसे
आशा भोंसले और उषा मंगेशकर ने गाया है. 




गीत के बोल:

साँचा नाम तेरा
हो साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
सगरा जगत है झूठा साथी
टूटे दीपक बुझ जाये बाती
हर रंग में तू संग में है
चाहे साँझ हो चाहे सवेरा
साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
साँचा नाम तेरा

मैं तुझ में खोई रे
दूजा न कोई रे
ओ जागी या सोई रे
तू एक अपना जीवन सपना
सगरा जगत है झूठा साथी
टूटे दीपक बुझ जाये बाती
मैंने बिगाड़ा हर काम अपना
तूने सँवारा हर काम मेरा
साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
साँचा नाम तेरा

दुःख सुख की धारा
तू है किनारा
हूँ मनमोहन प्यारा
सब का खेवैया कृष्ण कंहैया
सगरा जगत है झूठा साथी
टूटे दीपक बुझ जाये बाती
तोड़ के ये मन मंदिर बना दूँ
हो मन के मंदिर में धाम तेरा
साँचा नाम तेरा तू श्याम मेरा
साँचा नाम तेरा
..............................................................
Sancha naam tera-Julie 1975

Artists: Achla Sachdev, Rita Bhaduri, Laxmi

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Feb 15, 2018

न बोले तुम न मैंने कुछ-बातों बातों में १९७९

फिल्म गोलमाल से सुर्ख़ियों में आये अमोल पालेकर के बारे
में उस समय की पत्रिकाओं में काफी लिखा जाता था जैसे
आज का सुपरस्टार, सभी स्टारों को पीछे छोड़ने वाला इत्यादि.

अमोल पालेकर अच्छे कलाकार तो हैं मगर वे कमर्शियल सिनेमा
के सुपर स्टार ना बन सके. सुपरस्टार बनने के लिए सबसे
पहली शर्त शायद नाक-नक्श लुभावने होने चाहिए. अभिनय से
अपनी धाक ज़माने वाले अमोल पालेकर को बतौर नायक काफी
फिल्मों में मौके मिले.

आज जिस फिल्म से गीत सुनेंगे वो भी अपने समय की एक
सफल और हिट फिल्म है जिसके गीत भी खूब चले और आज
भी बजते हैं. गीत एक पार्टी सोंग है जिसे आशा भोंसले और
आमिर कुमार ने गाया है. योगेश के बोल हैं और इसका संगीत
राजेश रोशन ने तैयार किया है.



गीत के बोल:

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई
न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई

बदल रही है ज़िंदगी बदल रहे हैं हम
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ ओ
थिरक रहे हैं जाने आज क्यों मेरे कदम
मेरे कदम मेरे कदम
किसी को हो न हो मगर हमें तो है पता

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई

घुली सी आज साँसों में किसी की साँस है
साँस है साँस है
ये कौन आज दिल के मेरे आस-पास है
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ ओ ओ ओ
ये धीरे धीरे हो रहा है प्यार का नशा

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ
हो ओ ओ ओ ओ हो ओ

ये लग रहा है सारी उलझनें सुलझ गईं
सुलझ गईं सुलझ गईं
ये धड़कनों की बात धड़कने समझ गईं
न बोलिये की बोलने को कुछ नहीं रहा

न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई
न बोले तुम न मैंने कुछ कहा कहा
मगर न जाने ऐसा क्यों लगा लगा
के धूप में खिला है चाँद दिन में रात हो गई
ये प्यार की बिना कहे सुने ही बात हो गई
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Na bole tum na maine kuchh-Baaton baton mein 1979

Artists: Amol Palekar, Tina Munim

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