Showing posts with label Sahir Ludhiyanwi. Show all posts
Showing posts with label Sahir Ludhiyanwi. Show all posts

Jan 23, 2020

मुझे गले से लगा लो-आज और कल १९६३

गले से लगा लो हिट्स के अंतर्गत एक गीत पेश है
फिल्म आज और कल से. एक लोकप्रिय गीत हमराही
फिल्म से आप शायद आपने नहीं सुना है उसे भी हम
जल्द सुनवायेंगे.

गले लगना और गले पड़ना दो संभावित केटेगरी हो
सकती हैं गले से सम्बंधित गानों के लिए. गले लगना
एक सहज प्राकृतिक प्रक्रिया है जिसका जानवर भी
इस्तेमाल किया करते हैं. ढेर सारी क्रियाओं का संगम
प्रक्रिया कहलाता है.

गीत एक बार फिर से साहिर लुधियानवी का है और
इसका संगीत तैयार किया है रवि ने. आशा भोंसले इस
गीत की गायिका हैं साथ में रफ़ी की आवाज़ भी है.




गीत के बोल:

मुझे गले से लगा लो बहुत उदास हूँ मैं
गमे जहां से छुड़ा लो बहुत उदास हूँ मैं
मुझे गले से लगा लो

नज़र में तीर से चुभते है अब नज़रो से
मैं थक गई हूँ सभी टूट के सहारों से
अब और बोझ न डालो बहुत उदास हूँ मैं
गमे जहां से छुड़ा लो बहुत उदास हूँ मैं
मुझे गले से लगा लो

बहुत सही ग़म-ए-दुनिया मगर उदास न हो
बहुत सही ग़म-ए-दुनिया मगर उदास न हो
करीब है शब-ए-ग़म की सहर उदास न हो
बहुत सही ग़म-ए-दुनिया

सितम के हाथ की तलवार टूट जाएगी
ये ऊँच नीच की दीवार टूट जाएगी
तुझे कसम है मेरी हमसफ़र उदास न हो
तुझे कसम है मेरी हमसफ़र उदास न हो
बहुत सही ग़म-ए-दुनिया

ना जाने कब ये तरीका ये तौर बदलेगा
सितम का ग़म का मुसीबत का दौर बदलेगा
मुझे जहां से उठा लो बहुत उदास हूँ मैं
गमे जहां से छुड़ा लो बहुत उदास हूँ मैं

बहुत सही ग़म-ए-दुनिया मगर उदास न हो
करीब है शब-ए-ग़म की सहर उदास न हो
बहुत सही ग़म-ए-दुनिया
…………………………………………….
Mujhe gale se laga lo-Aaj aur Kal 1963

Artist: Nanda, Sunil Dutt

Read more...

Jan 14, 2020

ये वादियाँ ये फ़िज़ायें-आज और कल १९६३

खामोशियाँ की सदाएं भी बुलाया करती हैं. अक्सर
ये ज्यादा गहरी होती हैं अगर ध्यान से सुनने वाला
हो. फिल्म ख़ामोशी(१९९८) तो इसी बात को समर्पित
फिल्म है.

सुनते हैं फिल्म आज और कल से लोकप्रिय गीत
जिसे साहिर लुधियानवी ने लिखा है और जिसका
संगीत रवि ने तैयार किया है. इसे मोहम्मद रफ़ी
ने गाया है.

गीत को जिस श्रेणी में आप चाहें फिट कर सकते हैं-
पहाड़ हिट्स, नदी हिट्स, व्हील चेयर हिट्स, डिज़ाईन
वाला स्वेटर हिट्स, बाग-बगीचा हिट्स, झरना हिट्स
और ना सूझे तो सुनील दत्त हिट्स और नंदा हिट्स
में तो गिना जाता ही है ये.




गीत के बोल:

ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही हैं तुम्हें
ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही हैं तुम्हें
खामोशियों की सदाएं बुला रही है तुम्हें
ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही हैं तुम्हें

तरस हैं जवां फूल होंठ छूने को
तरस हैं जवां फूल होंठ छूने को
मचल मचल के हवाएं बुला रहीं हैं तुम्हें
मचल मचल के हवाएं बुला रहीं हैं तुम्हें
खामोशियों की सदाएं बुला रही है तुम्हें
ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही हैं तुम्हें

तुम्हारी ज़ुल्फों से खुशबू की भीख लेने को
तुम्हारी ज़ुल्फों से खुशबू की भीख लेने को
झुकी झुकी सी घटायें बुला रही है तुम्हें
झुकी झुकी सी घटायें बुला रही है तुम्हें
खामोशियों की सदाएं बुला रही है तुम्हें
ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही हैं तुम्हें

हसीन चम्पई पैरों को जब से देखा है
हसीन चम्पई पैरों को जब से देखा है
नदी की मस्त अदायें बुला रही है तुम्हें
नदी की मस्त अदायें बुला रही है तुम्हें
खामोशियों की सदाएं बुला रही है तुम्हें
ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही हैं तुम्हें

मेरा कहा न सुनो इनकी बात तो सुन लो
मेरा कहा न सुनो इनकी बात तो सुन लो
हर एक दिल की दुआयें बुला रही है तुम्हें
हर एक दिल की दुआयें बुला रही है तुम्हें
खामोशियों की सदाएं बुला रही है तुम्हें
ये वादियाँ ये फिजायें बुला रही हैं तुम्हें
……………………………………………….
Ye wadiyan ye fizayen bula rahi-Aaj aur Kal 1963

Artist: Sunil Dutt, Nanda

Read more...

Dec 21, 2019

ये दुनिया तेरी न मेरी-संसार १९७१

ये दुनिया किसकी है. बड़े बड़े दावेदार आये और गए, भविष्य
में आते रहेंगे. हाँ, अभी कोई सूरमा ऐसा नहीं सुनने में आया
जिसने कहा हो ये पूरा संसार मेरी जागीर है. बड़े बड़े उद्योगपति
ये ख्वाब देखते रहते हैं कि उनकी बनाई हुई चड्डियाँ कुत्ते और
बिल्लियाँ भी पहनने लगें, उनके बनाये टूथपेस्ट से चिडियाएँ भी
चोंच चमकाने लगें. संभव नहीं है.

खैर ये गीत चोरों के ऊपर केंद्रित है और आज भी ये ऐसा लगता
है मानो वर्तमान समय के लिए लिखा गया हो.

साहिर लुधियानवी के बोल, चित्रगुप्त का संगीत और किशोर कुमार
की आवाज़. सुनिए ये अनूठा गीत.





गीत के बोल:

करी जो हमने ज़रा सी चोरी
मिली जेल में चक्की
बड़ी डकैती करे कोई तो
कुर्सी है पक्की
तमाशा देखो ज़माना देखो
ये दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की
ये दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की
तमाशा देखो ज़माना देखो
ये दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की

आज जो साहूकार बने हैं
आज जो साहूकार बने हैं कल थे भिखारी
ये दौलत सारी कहाँ से मारी
कहो ये बिज़नेस है के लूट
लूट है जी लूट है जी लूट है
आज जो साहूकार बने हैं
आज जो साहूकार बने हैं कल थे भिखारी
ये दौलत सारी कहाँ से मारी
कहो ये बिज़नेस है के लूट
लूट है जी लूट है जी लूट है

अरे सेठ महाजन और बनियों की
अरे सेठ महाजन और बनियों की
कब ले न जोरी करें हैं चोरी मुनाफ़ाख़ोरी
कहो मैं सच बोला या झूठ
कहो भाई कहो
सच बोलो छो दादा ठीक बोलो छो
फिर तमाशा देखो ज़माना देखो
दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की
ये दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की

दीन धर्म का शोर मचा कर
अरे दीन धर्म का शोर मचा कर
बनता जो नेता
जो चक्कर देता है जो वोटें लेता
जो बकता रोज़ अनाप शनाप
हाँ दीन धर्म का शोर मचा कर
अरे दीन धर्म का शोर मचा कर
बनता जो नेता
जो चक्कर देता है जो वोटें लेता
जो बकता रोज़ अनाप शनाप
हाँ नफरत की ज्वाला दहका कर
अरे नफरत की ज्वाला दहका कर
करता जो धंधा गरजता बंदा
जो खाता चन्दा
कहो क्या कम है उसका पाप
बोल पापे बोल
..??..??..??
तो फिर
तमाशा देखो ज़माना देखो
दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की
ये दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की

रेत मिले सीमेंट से जिसके
का कहे भाई
हाँ रेत मिले सीमेंट से जिसके
पुल कई टूटे जो जग को लूटे
बनाये बिल झूठे
कहो वो पाजी है या नेक
पाजी बेईमान गद्दार
अरे काले भाव दवा जो बेचे
अकल का कोल्हू
काले भाव दवा जो बेचे
छोटी से छोटी वो भी खोटी
वो गर्दन मोटी
नहीं क्या कातिल नंबर एक
काले भाव दवा जो बेचे
छोटी से छोटी वो भी खोटी
वो गर्दन मोटी
नहीं क्या कातिल नंबर एक
बोल वडी बोल
वडी ठीक कह्यो थई
तो तो तो
तमाशा देखो ज़माना देखो
ये दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की
ये दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की
तमाशा देखो ज़माना देखो
ये दुनिया तेरी न मेरी
मोटे चोरों की
……………………………………………………
Ye duniya na teri na meri-Sansar 1971

Artist:

Read more...

Dec 6, 2019

ए मेरे बेटे-आ गले लग जा १९७३

बेटी-बेटे हिट्स के अंतर्गत सुनते हैं एक गीत जिसे
किशोर कुमार ने गाया है शशि कपूर के लिए. अपने
देश में स्केटिंग के शौक पर बनी शायद ये एकमात्र
फिल्म है. दूसरी भी हो सकती है मगर मेरे ध्यान
में नहीं है. यूँ तो कई नायक नायिकाओं को हमने
फिल्मों में स्केटिंग करते देखा है मगर फिल्म का एक
बड़ा भाग इस शौक को समर्पित हो ऐसे देखने में
नहीं आया.

गीत साहिर लुधियानवी का है और इसका संगीत
आर डी बर्मन ने तैयार किया है. गीत में एक आवाज़
और है-सुषमा श्रेष्ठ की जिन्हें हम आज पूर्णिमा के
नाम से जानते हैं.




गीत के बोल:

ए मेरे बेटे सुन मेरा कहना
चाहे दुख होये हँसते ही रहना
ए मेरे बेटे सुन मेरा कहना
चाहे दुख होये हँसते ही रहना

तू मेरे बेटे क्यों रोये
अँखियों के मोती क्यों खोये
मैं तेरा घोड़ा मैं हाथी
मैं तेरे दुख सुख का साथी
तेरा मैं सहारा हूँ मेरा तू सहारा है
जान से भी प्यारा है
आ जा आ जा

ए मेरे बेटे सुन मेरा कहना
चाहे दुख होये हँसते ही रहना

रखना भरोसा उसपे सदा
जिसने है सबको जन्म दिया
कल तेरा पापा रहे न रहे
अब जो कहा फिर कहे न कहे
कहा न भुलाना तू
वही रखवाला है उसी को बुलाना तू
आ जा आ जा

ए मेरे बेटे सुन मेरा कहना
चाहे दुख होये हँसते ही रहना

सोचा था क्या और क्या लाया
देते हुए जी भर आया
ले ये बैसाखी ले ले रे
मेरे अभागे हाथों से
इसी के सहारे चल चल मेरे प्यारे चल
पापा के दुलारे चल
आ जा आ जा

ए मेरे पाप्पा सुन मेरा कहना
चाहे दुख होवे हँसते ही रहना
.............................................................
Ae mere bete-Aa gale lag ja 1973

Artists: Shahsi Kapoor, A kid

Read more...

Dec 5, 2019

देख इधर ए हसीना-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

जुल्फें ना हुई गोया कोई पेड़ की शाखें या झाडी हो
गई जो छाया भी देती हैं. जुल्फों की छांव पर हमारे
कवियों और गीतकारों के काफी तारीफ और उल्लेख
भरी कवितायेँ और गीत रच दिये.

नायक ने टोपी पहन राखी है फिर भी उसे गर्मी लग
रही है और वो जुल्फों के साये की डिमांड कर रह है.
ऐसे में तो उसे पुदीने वाला जलजीरा पीना चाहिए.
हाफ कट जुल्फों से भला कितनी छांव हो सकेगी?

हास्य गीत में हास्य के अलावा और क्या छुपा हो
सकता है ये समझना पड़ता है. कभी कभी ये व्यंग्य
हो सकता है तो कभी सहज बुद्धूपना. निपट मूर्खता
शब्द मेरे दिमाग में आये थे क्यूंकि कई गीतों में
बेतुकी सी सिचुएशंस होती हैं जिन्हें इनसे बढ़िया
शब्दों से नहीं बखाना जा सकता है. गीतकार एक
सेंसिटिव पर्सन होता है अतः आप सटीक टिप्पणी
तभी कर सकते हैं जब आपके पास भी वैसा ही
फर्टाइल दिमाग हो सोचने वाला.

रफ़ी और गीता दत्ता का गाया गीत सुनते हैं जिसे
लिखा है साहिर लुधियानवी ने और धुन बनाने वाले
संगीतकार का नाम है ओ पी नैयर. शफ़ा शब्द का
मतलब है दवाई.



गीत के बोल:

देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना

सुन ले कभी दिल की सदा
ओ नाजनीन जी न जला
सुन ले कभी दिल की सदा
ओ नाजनीन जी न जला
बीमार-ए-गम हूँ शफ़ा मुझको दे
दामन से अपने हवा मुझको दे
बीमार-ए-गम हूँ शफ़ा मुझको दे
दामन से अपने हवा मुझको दे

हॉय मैं हूँ मैडम मरीना ओ रे फटफट पसीना
दूर से बात करना पास आना कभी ना
मैं हूँ मैडम मरीना

लाखों ही जब आहें भरें
तुम ही कहो हम क्या करें
लाखों ही जब आहें भरें
तुम ही कहो हम क्या करें
किस किस के दिल की खबर कोई ले
किस किस के गम का असर कोई ले
किस किस के दिल की खबर कोई ले
किस किस के गम का असर कोई ले

हाय  देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
देख इधर ए हसीना

मुद्दत से हूँ बर्बाद मैं
शीरी है तू फ़रहाद मैं
मुद्दत से हूँ बर्बाद मैं
शीरी है तू फ़रहाद मैं
ये न समझना के घर जाऊँगा
मैं तेरी चौखट पे मर जाऊँगा
हो ये न समझना के घर जाऊँगा
मैं तेरी चौखट पे मर जाऊँगा

हाय मैं हूँ मैडम मरीना ओ रे फटफट पसीना
दूर से बात करना पास आना कभी ना
हाय देख इधर ए हसीना जून का है महीना
डाल जुल्फों का साया आ रहा है पसीना
ओ देख इधर ए हसीना
……………………………………………………………..
Dekh idhar ae haseena-12 O clock 1958

Artists: Johny Walker, Ashita Majumdar

Read more...

Dec 3, 2019

सैयां तेरी अंखियो में दिल-ट्वेल्व ओ क्लॉक १९५८

गुरु दत्त और वहीदा रहमान की प्रमुख भूमिकाओं वाली
फिल्म ट्वेल्व ओ क्लॉक से अगला गीत पेश है. इसे
शमशाद बेगम ने गाया है.

फिल्म में इसे नायक के साइड किक और एक सहायक
अभिनेत्री पर इसे फिल्माया गया है. जॉनी वॉकर को तो
मैं पहचान गया हूँ, नायिका को आप पहचानें. कभी तो
कंट्रोल सी और कंट्रोल एस के अलावा के काम भी कर
लेने चाहिए, नहीं ?

गीत साहिर लुधियानवी का है और संगीत ओ पी नैयर का.




गीत के बोल:

सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
दिल खो गया जी मेरा दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया

हाय रे मैं काहे तुझे तक के हंसी
तक के हंसी तो तेरे जाल में फँसी
नज़रें चुराना मुश्किल हो गया
नज़रें चुराना मुश्किल हो गया
दिल खो गया जी मेरा दिल खो गया

सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया

तीर तूने फेंका ऐसा चलते हुए
रह गई मैं तो हाथ मलते हुए
तीर तूने फेंका ऐसा चलते हुए
रह गई मैं तो हाथ मलते हुए
खुद को बचाना मुश्किल हो गया
खुद को बचाना मुश्किल हो गया
दिल खो गया जी मेरा दिल खो गया

सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया

निंदिया ना आये मोहे कल ना पड़े
जब से ये नैना तेरे नैनों से लड़े
निंदिया ना आये मोहे कल ना पड़े
जब से ये नैना तेरे नैनों से लड़े
रतियाँ बिताना मुश्किल हो गया
रतियाँ बिताना मुश्किल हो गया
दिल खो गया जी मेरा दिल खो गया

सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
सैयां तेरी अंखियों में दिल खो गया
…………………………………………….
Saiyan teri ankhiyon mein-12 O’ clock 1958

Artists: Johny Walker, ?????

Read more...

Nov 14, 2019

हम जब सिमट के आपकी-वक्त १९६५

आज सुनते हैं साहिर लुधियानवी का लिखा हुआ
एक रोमांटिक गीत फिल्म वक्त से जिसे रवि ने
संगीत में बाँधा है. आशा भोंसले गायिका हैं. गीत
फिल्माया गया है साधना और सुनील दत्त पर.

प्यार में वक्त ठहर जाता है और जब व्यक्ति निपट
के घडी देखता है तब तक काफी समय बीत चुका
होता है. इसलिये कहते हैं प्यार अंधा होता है उसे
घडी नहीं दिखाई देती.

बिना कोलगेट से दांत मांजे जब जहां की खुशबू एक
छोटे से मुंह में समा जाए तो समझो बत्ती पूरी तरह
से गुल है.





गीत के बोल:

हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
लाखों हसीन ख्वाब निगाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये

खुशबू चमन को छोड़ के साँसों में घुल गई
खुशबू चमन को छोड़ के साँसों में घुल गई
लहरा के अपने आप जवां जुल्फ खुल गई
हम अपनी दिलपसंद पनाहों में आ गये
हम जब सिमट के आप की बाँहों में आ गये
लाखों हसीन ख्वाब निगाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये

कह दी है दिल की बात नज़रों के सामने
कह दी है दिल की बात नज़रों के सामने
इकरार कर लिया है बहारों के सामने
दोनों जहां आज गवाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
लाखों हसीन ख्वाब निगाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये

मस्ती भरी घटाओं की परछाईयों तले
मस्ती भरी घटाओं की परछाईयों तले
हाथों में हाथ थाम के जब साथ हम चले
शाखों से फूल टूट के राहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
लाखों हसीन ख्वाब निगाहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
हम जब सिमट के आपकी बाँहों में आ गये
……………………………………………………..
Ham jab simat ke aapki bahon mein-Waqt 1965

Artists: Sunil Dutt, Sadhana

Read more...

Nov 13, 2019

अश्कों ने जो पाया है-चांदी की दीवार १९६४

गुमनाम और अनदेखी फिल्मों में ऐसे ऐसे नायब मोती
बिखरे पड़े हैं कि जिनका कद फिल्मों से ऊंचा हो जाता
है कालांतर में. ठाकू जरनैल सिंह का गाना-हम तेरे बिन
जी न सकेंगे तो आपको याद ही होगा. क्या आपको
हेलन याद आती हैं जिन पर ये गीत फिल्माया गया है
या फिल्म के नायक शेख मुख्तार का नाम याद आता है
या फिर गीत के गीतकार असद भोपाली और संगीतकार
गणेश के नाम याद आते हैं? नहीं ना. ऐसा ही कुछ है
दिलीप बोस निर्देशित फिल्म चांदी की दीवार के गीत के
साथ. वैसे जनता तो ये भी भूल चुकी है कि बरसात का
गीत-मेरी आँखों में बस गया कोई रे किस पर फिल्माया
गया है-नर्गिस पर या निम्मी पर.

दिलीप बोस ने हिंदी में सन १९७१ की संसार और १९७३
की ठोकर का निर्देशन भी किया है. संयोग से १९७१ की
संसार में भी साहिर के लिखे गीत हैं. संगीत चित्रगुप्त का
है. दिलीप बोस ने भोजपुरी में कई उल्लेखनीय फ़िल्में
बनायीं हैं.

इस फिल्म से तलत महमूद का गाया गीत जिसकी एक
पंक्ति आज भी कान में किसी पंखों के बनाये हुए reamer
की तरह भेदन करती है-जो तार से निकली है वो धुन
सबने सुनी है, जो साज़ पे गुजरी है कसी दिल ने सुना
है.

गीत के बोल और संगीत दोनों उम्दा हैं और इस पर
किसी संगीत भक्त को रत्ती भर संदेह नहीं होना चाहिए.
साहिर लुधियानवी की रचना है और एन दत्ता का
संगीत.



गीत के बोल:

अश्कों ने जो पाया है वो गीतों में दिया है
इस पर भी सुना है के ज़माने को गिला है
अश्कों ने जो पाया है

जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है
जो साज़ पे गुजरी है वो किस दिल को पता है

अश्कों ने जो पाया है वो गीतों में दिया है
इस पर भी सुना है के ज़माने को गिला है
अश्कों ने जो पाया है

हम फूल हैं औरों के लिए लाये हैं खुशबू
हम फूल हैं औरों के लिए लाये हैं खुशबू
अपने लिए ले दे के बस इक दाग मिला है

अश्कों ने जो पाया है वो गीतों में दिया है
इस पर भी सुना है के ज़माने को गिला है
अश्कों ने जो पाया है
………………………………………………….
Askhon ne jo paaya hai-Chandi ki deewar 1964

Artist: Bharat Bhushan

Read more...

Oct 26, 2019

मेरी जान ना सता तू-बहू बेटी १९६५

साहिर लुधियानवी की लिखी एक रचना सुनते हैं रफ़ी की आवाज़
में. हल्का फुल्का गीत है ये जिसे महमूद पर फिल्माया गया है.
फिल्म बहू बेटी के लिए इसका संगीत रवि ने तैयार किया है.

गौरतलब है महमूद के साथ सबसे ज्यादा शुभा खोटे और जयश्री टी
ने काम किया है. मुमताज़ भी उनके साथ १-२ फिल्मों में दिखलाई
दीं केवल तभी तक जब तक वे सहायक अभिनेत्री हुआ करती थीं.

खाने पीने की चीज़ों से नायिका के चहरे के हिस्सों की तुलना की
जा रही है. नार के साथ साथ शायद नायक को अनारदाना चूर्ण भी
याद आ रहा है, दूसरी पंक्ति में है-चैन पाऊँ कैसे? आखिरी अंतरे में
बाद प्यार से नायक खुद को गधा भी कह लेता है.




गीत के बोल:

मेरी जान ना सता तू मेरा जी ना जला तू
करूं क्या कुछ बता दे दिल पे नहीं है काबू
हाय मेरी जान ना सता तू मेरा जी ना जला तू
करूं क्या कुछ बता दे दिल पे नहीं है काबू
हाय मेरी जान ना सता तू

तेरे दांत अनार दाने तेरे गाल सेब जैसे
जो तू आँख से हो ओझल तो मैं चैन पाऊँ कैसे
तेरे दांत अनार दाने तेरे गाल सेब जैसे
जो तू आँख से हो ओझल तो मैं चैन पाऊँ कैसे
हो ज़रा सी खोल खिड़की अदा से दे दे झिड़की
खड़ा हूँ नाक खोले लेने को तेरी खुशबू
मेरी जान ना सता तू

तुझे दिल से चाहता हूँ मैं बुरा भी हूँ तो क्या है
तुझे तो समझ है काफी मैं गधा भी हूँ तो क्या है
तुझे दिल से चाहता हूँ मैं बुरा भी हूँ तो क्या है
तुझे तो समझ है काफी मैं गधा भी हूँ तो क्या है
ज़रा सुन ऐ परी रू हुई है क्यूँ खफा तू
मैं तो हूँ दास तेरा मुझसे छुडा न पल्लू
हाय मेरी जान ना सता तू मेरा जी ना जला तू
करूं क्या कुछ बता दे दिल पे नहीं है काबू हाय
मेरी जान ना सता तू

जो तू मेरी बात रख ले जो तू मेरी अर्ज़ माने
तू जहाँ की धुन पे कह दे मैं सुनाऊँ तुझको गाने
जो तू मेरी बात रख ले जो तू मेरी अर्ज़ माने
तू जहाँ की धुन पे कह दे मैं सुनाऊँ तुझको गाने
गाऊँ चीज़ वो पक्की रहे तू हक्की बक्की
या जो हो हुक्म तेरा जाऊं मैं हुम्बा डुम्बा हुक
हाय हाय हाय मेरी जान ना सता तू मेरा जी ना जला तू
करूं क्या कुछ बता दे दिल पे नहीं है काबू हाय
मेरी जान ना सता तू
..............................................................
Meri jaan na sata too-Bahu beti 1965

Artist: Mehmood, Mumtaz

Read more...

जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ-मिलाप १९५५

साहिर लुधियानवी कब दिमाग पे दे दे बत्ती पता ही
नहीं चलता. फिल्म मिलाप के एक गीत में पंक्ति है
-ये हसीं भूल कर के देख लो. वो गीत एक क्लब
सोंग है जिसमें नायिका गीता बाली डांस कर रही हैं
अपने कातिलाना एक्सप्रेशंस के साथ. गीता दत्त  की
आवाज़ उसे और कातिलाना बना रही है. गीत आप
सुन चुके है पहले.

सुनते हैं फिल्म से एक और गीत. इसे भी गीता दत्त
ने गाया है. गीत के पहले अंतरे की पंक्ति से एक गीत
का मुखडा बना है जिसे आशा भोंसले ने गाया है रफ़ी
के साथ.

राज खोसला की ये बतौर निर्देशक पहली फिल्म थी और
इसे गीत के फिल्मांकन को देख के लगता है वे कारदार
की फिल्मों के गीतों के फिल्मांकन के फैन हैं.


https://www.youtube.com/watch?v=dJH_9s2gVqE


गीत के बोल:

जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ
जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ

आये हैं दूर से मिले हुजुर से
हमको सज़ा ना दो जी दिल के कसूर की
आये हैं दूर से मिले हुजुर से
हमको सज़ा ना दो जी दिल के कसूर की
आधी है रात अभी बाकी है बात अभी
छोडो ना साथ अभी बाबूजी जाते हो कहाँ

जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ
जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ

दिल तुम पे वार के दुनिया को हार के
बैठे हैं देर से जी रस्ते में प्यार के
दिल तुम पे वार के दुनिया को हार के
बैठे हैं देर से जी रस्ते में प्यार के
थोड़ी सी चाह दे दो सीने में राह दे दो
दिल को पनाह दे दो बाबूजी जाते हो कहाँ

जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ
जाते हो तो जाओ पर जाओगे कहाँ
बाबूजी तुम ऐसा दिल पाओगे कहाँ
...........................................................
Jaate ho to jao par-Milap 1955

Artists: Geeta Bali, Dev Anand

Read more...

Oct 19, 2019

दिल का दर्द ना जाने दुनिया-नौजवान १९५१

लता मंगेशकर द्वारा गाये उत्कृष्ट दर्द भरे गीतों में से
एक आज सुनते हैं जो आज ना जाने सुबह से ही
क्यूँ याद आ गया है. जीवन में बिछड़े हुओं को हम
वापस तो नहीं ला सकते मगर दुखी होने के बजाये
उनके साथ बिताए गए खुशी के दो पल याद कर के
मन को तसल्ली ज़रूर दे सकते हैं.

साहिर की लेखनी वाले गीतों में सबसे पहले जो सुने
थे ये उनमें से एक है. इसे सुन कर मुझे फिल्म आग
का गीत-देख चाँद की ओर भी याद आ जाता है, जाने
क्यूँ?

गीत नलिनी जयवंत पर फिल्माया गया है. दुखी होने
का अच्छा सामान है ये गीत और सुन्दर लड़कियों आंसू
कब, कैसे और कितने बहाने होते हैं इस गीत से समझो.
   



गीत के बोल:

जिया जाए पिया आ जा
जिया जाए पिया आ जा
जिया जाए पिया आ जा
दिल का दर्द ना जाने दुनिया जाने दिल तड़पाना
प्यार के दो बोलों के बदले दुश्मन हुआ ज़माना
हाय रे हाय दुश्मन हुआ ज़माना
दिल का दर्द ना जाने दुनिया जाने दिल तड़पाना

उम्मीद ने ठोकर खायी है
दिल दे के जुदाई पायी है
तेरा गम है मेरी तन्हाई है
पहले से न था ये जाना
पहले से न था ये जाना
के दिल का आना है जी से जाना
हाय रे हाय दुश्मन हुआ ज़माना

दिल का दर्द ना जाने दुनिया जाने दिल तड़पाना
प्यार के दो बोलों के बदले दुश्मन हुआ ज़माना
हाय रे हाय दुश्मन हुआ ज़माना
दिल का दर्द ना जाने दुनिया जाने दिल तड़पाना

आँखों में जो आंसू आयेंगे
तस्वीर तेरी दिखलायेंगे
हम थाम के दिल रह जायेंगे
पहले से न था ये जाना
पहले से न था ये जाना
के दिल का आना है जी से जाना
हाय रे हाय दुश्मन हुआ ज़माना

दिल का दर्द ना जाने दुनिया जाने दिल तड़पाना
प्यार के दो बोलों के बदले दुश्मन हुआ ज़माना
हाय रे हाय दुश्मन हुआ ज़माना
दिल का दर्द ना जाने दुनिया जाने दिल तड़पाना
जिया जाए पिया आ जा
जिया जाए पिया आ जा
जिया जाए पिया आ जा
........................................................................
Dil ka dard na jaane duniya-Naujawan 1951

Artist: Nalini Jaywant

Read more...

Oct 15, 2019

जा री बहना जा-त्रिशूल १९७८

१९७८ की चर्चित बहुसितारा फिल्म त्रिशूल से एक
और गीत सुनते हैं जो बहन की विदाई पर भाई
गा रहा है. डोली सोंग्स की श्रेणी में गिना जाता
है इसे. विदाई गीत भी कह लेते हैं इसे क्यूंकि
जाने का संकेत दिया जा रहा है.

किशोर कुमार, येसुदास और पामेला चोपड़ा के
गाये इस गीत की रचना साहिर ने की है और इस
गीत का संगीत खय्याम ने तैयार किया है.
   



गीत के बोल:

बाप का घर क्या भाई का घर क्या
आज समझ सबको अनजान
लड़की जिस घर में पलती है
उस घर होती है मेहमान
जा री बहना जा तू अपने घर जा
जा री बहना जा तू अपने घर जा

लड़की का जब बचपन जाये
मायका साथ ही जाये
उसका जीवन साथी का घर
उसका घर कहलाये
जा री बहना जा तू अपने घर जा
जा री बहना जा तू अपने घर जा

लड़की के जीवन में
जिस दिन ये शुभ अवसर आये
सास बने माता उसकी और
ससुर पिता कहलाये
जा री बहना जा तू अपने घर जा
जा री बहना जा तू अपने घर जा

जा री बहना जा तुझको
ये नव जीवन रास आये
तेरे आँगन लक्ष्मी नाचे
दुर्गा दीप जलाये
जा री बहना जा तू अपने घर जा
जा री बहना जा तू अपने घर जा
………………………………………..
Ja ri behna ja-Trishul 1978

Artists: Poonam Dhillon,

Read more...

Sep 8, 2019

शरमा के यूँ न देख-नीलकमल १९६८

हिंदी फिल्म संगीत क्षेत्र में विविधता भी है जो भेड़चाल
और रूटीन मैलोडीज़ के बीच कहीं गुम सी लगती हैं.
मगर संगीत प्रेमी इन्हें खोज ही लेते हैं. जो रसिक हैं
उन के कानों तक ये कैसे भी पहुँच ही जाती है.

कितना भी नाकासुर नाक से रम्भायें, उड़द डॉल्स गायकी
के ठुमके लगायें, पहाड़ पर चढ़ के जोर से गाने वाले
चीखें चिल्लायें संगीत की विरासत को कालपात्र में दबाने
का जतन कर लें संगीत रसिकों को भ्रमित नहीं कर सकते.

समय सब चीज़ों को उजागर करता चलता है. किसी चीज़
पर धूल जमी हो तो उसे समय की आंधी साफ़ कर दिया
करती है. धूल को पुताई से ढंकने की कोशिश में कलई
कुछ समय उपरांत पपड़ियाँ बन के खुल जाती है.

फिल्म नीलकमल से इस वाद्य-वृन्द रचना को सुनते हैं
जिसमें बोल कम हैं और भाव ज्यादा. साहिर के बोल हैं,
रवि का संगीत और रफ़ी की आवाज़.




गीत के बोल:


शरमा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से
शरमा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से
अब बात बढ़ चुकी है नज़र के मकाम से

तस्वीर खींच ली है तेरे शोख हुस्न की
तस्वीर खींच ली है तेरे शोख हुस्न की
मेरी नज़र ने आज खता के मकाम से

दुनिया को भूल कर मेरी बाहों में झूल जा
आवाज़ दे रहा हूँ वफ़ा के मकाम से

दिल के मुआमले में ज़तीजे की फ़िक्र क्या
आगे है इश्क जुर्म-ओ-सज़ा के मकाम से
शरमा के यूँ न देख अदा के मक़ाम से
……………………………………………….
Sharma key un na dekh-Neelkamal 1968

Artists: Waheeda Rehman, Rajkumar

Read more...

Sep 2, 2019

आपकी महकी हुई ज़ुल्फ़ को-त्रिशूल १९७८

सन १९७८ की फिल्म त्रिशूल एक बहुसितारा और चर्चित
फिल्म है. इसमें बड़े सितारे मौजूद हैं. वहीदा रहमान ने
जो इक दुक्का फिल्मों में अमिताभ बच्चन की नायिका
रह चुकी हैं, उनकी माँ का रोल किया है. सन १९८३ की
फिल्म ‘महान’ इस मामले में उससे भी महान है.

गीत युवा संजीव कुमार पर फिल्माया गया है. उनके साथ
वहीदा रहमान इस रोमांटिक गीत को गा रही हैं. गीतकार
ने भी क्या खूब लिखा है-ऐसी बातें ना करो जिनका यकीं
मुश्किल हो. निर्देशक ने भले ही कम उम्र के संजीव के
साथ वहीदा की जोड़ी बना दी हो, गीतकार ने इस बात
पर ज़रूर गौर किया है. आठ साल पहले की फिल्म धरती
में वे राजेंद्र कुमार के साथ नायिका थीं. उसके अलावा
बढती उम्र में जुल्फें पतली होती चलती हैं. इसलिए घनी
शब्द का उपयोग नहीं है. है ना सेफ लिरिक्स.

खैर नायक जो आगे चल के बालों में सफेदी लगाने वाला
है फिल्म में, उसके लिए आवाज़ का ध्यान पहले से रखा
गया है. एक मैच्योर्ड वोईस अर्थात येसुदास की आवाज़
का प्रयोग किया गया है. फिल्म में आगे चल के एक और
गीत में येसुदास की आवाज़ आती है चंद पंक्तियों के लिए.

गीत सुनते हैं जिसे साहिर लुधियानवी ने लिखा है और
इसका संगीत खय्याम ने तैयार किया है.




गीत के बोल:


आपकी महकी हुई ज़ुल्फ़ को कहते हैं घटा
आपकी महकी हुई ज़ुल्फ़ को कहते हैं घटा
आपकी मदभरी आँखों को कंवल कहते हैं
आपकी मदभरी आँखों को कंवल कहते हैं
मैं तो कुछ भी नहीं तुमको हसीं लगती हूँ
इसको चाहत भरी नज़रों का अमल कहते हैं
इसको चाहत भरी नज़रों का अमल कहते हैं

एक हम ही नहीं
एक हम ही नहीं सब देखने वाले तुमको
संगे मरमर पे
संगे मरमर पे लिखी शोख ग़ज़ल कहते हैं
संगे मरमर पे लिखी शोख ग़ज़ल कहते हैं

ऐसी बातें न करो
ऐसी बातें न करो जिनका यकीं मुश्किल हो
ऐसी तारीफ को
ऐसी तारीफ को नीयत का खलल कहते हैं
ऐसी तारीफ को नीयत का खलल कहते हैं
आपकी मदभरी आँखों को कंवल कहते हैं
इसको चाहत भरी नज़रों का अमल कहते हैं

मेरी तकदीर के तुमने मुझे अपना समझा
मेरी तकदीर के तुमने मुझे अपना समझा
इसको सदियों की
इसको सदियों की तमन्नाओं का फल कहते हैं
इसको सदियों की तमन्नाओं का फल कहते हैं
इसको सदियों की तमन्नाओं का फल कहते हैं
...................................................................
Aapki mehki hui zulf ko-Trishul 1978

Artists: Sanjeev Kumar, Waheeda Rehman

Read more...

Sep 1, 2019

गापुची गापुची गम गम-त्रिशूल १९७८

प्यार में आदमी चाईनीज़ भाषा भी सीख जाता है.
प्यार में आलू आलूबुखारा हो जाता है. और ना जाने
क्या क्या हो जाता है इन सब बातों का जिक्र हम
करते आये हैं पूर्व में.

जिन गीतों में अगडम-बगडम शब्द होते है हैं उन्हें
संगीत प्रेमी गार्बेज वर्ड्स कहते हैं जिनका कोई मतलब
ना हो. कभी कभी ये गीत को रोचक बना देते हैं.

फिल्म त्रिशूल में भी ऐसा एक गीत है जिसे फिल्माया
गे है युवा पूनम ढिल्लों और सचिन पर. लता मंगेशकर
और नितिन मुकेश ने इसे गाया है. साहिर के बोल हैं
और खय्याम का संगीत.





गीत के बोल:

गापुची गापुची गम गम किशिकी किशिकी कम कम
गापुची गापुची गम गम
ओ सनम हम दोनों साथ रहें जनम जनम
ओ सनम हम दोनों साथ रहें जनम जनम
गापुची गापुची गम गम किशिकी किशिकी कम कम
गापुची गापुची गम गम

फूलों जैसा चेहरा डाली जैसा तन है
तेरी ही अमानत हर धडकन है
फूलों जैसा चेहरा डाली जैसा तन है
तेरी ही अमानत हर धडकन है
अरे आ भी जा बाहों में प्यार का हो संगम
ओ सनम हम दोनों साथ रहें जनम जनम
गापुची गापुची गम गम किशिकी किशिकी कम कम
गापुची गापुची गम गम

जादू भरी आँखें ख्वाबों के खजाने
महकी महकी साँसे बातें हैं तराने
जादू भरी आँखें ख्वाबों के खजाने
महकी महकी साँसे बातें हैं तराने
अरे आ भी जा बाहों में प्यार का हो संगम
ओ सनम हम दोनों साथ रहें जनम जनम
गापुची गापुची गम गम किशिकी किशिकी कम कम
गापुची गापुची गम गम

जागे जागे अरमान भीगा भीगा मौसम
दिलों की ये हलचल बूंदों की ये छम छम
जागे जागे अरमान भीगा भीगा मौसम
दिलों की ये हलचल बूंदों की ये छम छम
अरे आ भी जा बाहों में प्यार का हो संगम
अरे ओ सनम हम दोनों साथ रहें जनम जनम

ओ सनम हम दोनों साथ रहें जनम जनम
…………………………………………………..
Gapuchi gapuchi gam gam-Trishul 1978

Artists: Poonam Dhillon, Sachin Pilgaonkar

Read more...

Aug 30, 2019

हाथों में किताब-संसार १९७१

लाइब्रेरी और बगीचे का संगम हो ना हो हाथों में किताब और
फूल तो लिए ही जा सकते हैं. फ़िल्मी गीत का हीरो तो हाथ
में हेलिकोप्टर भी पकड़ सकता है फूल क्या चीज़ है.

इसलिए कुछ भी संभव है. हेलिकोप्टर खिलौने वाला नहीं बड़ा
वाला. आपके दिमाग में खिलौने वाला क्यूँ आया जी. क्या आपने
रजनीकांत की या दक्षिण की लेटेस्ट फ़िल्में नहीं फ़िल्में देखी हैं?

सुनते हैं संसार फिल्म से अगला गीत किशोर कुमार की आवाज़
में. बोल एक बार फिर से साहिर के हैं और संगीत चित्रगुप्त का.
जुल्फों में किसी ज़माने में जूं अटका करती थी. समय ने बहुत
कुछ बदल दिया. अब डेंड्रफ अटक जाया करती है. इस गीत में
जुलाब शब्द ना ढूँढें, नहीं मिलेगा.



गीत के बोल:

हाथों में किताब बालों में गुलाब करना है आज किसी का हिसाब
मेरी जान इरादा क्या है हाँ मेरी जान इरादा क्या है
हाथों में किताब बालों में गुलाब करना है आज किसी का हिसाब
मेरी जान इरादा क्या है हाँ मेरी जान इरादा क्या है

कर जा ज़रा नज़र से बात मुंह ना फिर अदा के साथ
कर जा ज़रा नज़र से बात मुंह ना फिर अदा के साथ
जुल्फों को दे ना झटके जुल्फों में दिल है अटका
बहुत दिन बीते अकले जीते रोज नहीं टाल यारों का सवाल
पीछे लगे आज हुआ आधा साल
मेरी जान इरादा क्या है मेरी जान इरादा क्या है

उफ़ ये तेरी लचकती चाल दिल का मेरे बुरा है हाल
उफ़ ये तेरी लचकती चाल दिल का मेरे बुरा है हाल
थोडा सा रुक के हंस जा मतलब ये है के फंस जा
बहुत दिन बीते अकले जीते कटे नहीं रात बने नहीं बात
जागा जागा प्यार मांगे तेरा हाथ
मेरी जान इरादा क्या है हाँ मेरी जान इरादा क्या है

यूँ भी किसी का देगी साथ मेहँदी रचेगी तेरे हाथ
यूँ भी किसी का देगी साथ मेहँदी रचेगी तेरे हाथ
होना तो है परायी मुझ में है क्या बुराई
बहुत दिन बीते अकले जीते तेरा ये गुलाम पूछे दिल थाम
राज़ी है तो बोल भेजूं पैगाम
मेरी जान इरादा क्या है हाँ मेरी जान इरादा क्या है

हाथों में किताब बालों में गुलाब करना है आज किसी का हिसाब
मेरी जान इरादा क्या है हाँ मेरी जान इरादा क्या है
...............................................................................
Hathon mein kitaab-Sansar 1971

Artists: Nanin Nishchal, Anupama

Read more...

Aug 29, 2019

राजा जानी ना मारो नैनवा के तीर-संसार १९७१

सन १९७१ की फिल्म संसार में ‘बस अब तरसना छोड़ो’ के अलावा
बहुत कुछ है. बाकायदा एक पूरी कहानी है जिसमें ढेर सारे पात्र हैं.
फिल्म में नवीन निश्चल और अनुपमा प्रमुख कलाकार हैं. अनुपमा
उन नवागंतुकों में से एक हैं जिन्होंने सिनेमा संसार में कदम तो
रखा मगर लंबी पारी नहीं खेल पायीं.

प्रस्तुत गीत कृष्णा कल्ले द्वारा गाया गया है. परदे पर इसे जयश्री
टी पर फिल्माया गया है. बोल साहिर लुधियानवी के हैं और इसका
संगीत तैयार किया है चित्रगुप्त ने. चित्रगुप्त और साहिर के कॉम्बो
वाले गीत फिल्म वासना में भी हैं. जयश्री पर फिल्माया गया इसी
प्रकार का एक गीत फिल्म सावन भादो(१९७०) में भी है.



गीत के बोल:

राजा जानी
राजा जानी ना मारो नैननवा के तीर रे
राजा जानी ना मारो नैननवा के तीर रे
तीर रे तीर रे
राजा जानी

अभी नादान हूँ मैं नाज़ुक जान हूँ
मुझे ऐसे ना मारो यूं ही हलकान हूँ
मुझे ऐसे ना मारो यूं ही हलकान हूँ
हाय तीखी तीखी नज़रों से देखो न सांवरिया
सह न सकूंगी अभी कच्ची है उमरिया
जी कच्ची है उमरिया
मारो ना कटारी दो धारी उठे पीर रे
राजा जानी हाय दिलबर जानी
राजा जानी ना मारो नैननवा के तीर रे
राजा जानी

ज़बान के नर्म हो नज़र के गर्म हो
अरे जी तौबा तौबा
बड़े बेशर्म हो अरे जी तौबा तौबा
बड़े बेशर्म हो
हाय दिल तुम्हे सौंपा मैंने दिलदार मान के
बन गए तुम तो सैयां बैरी मेरी जान के
जी बैरी मेरी जान के
मारो ना कटारी दो धारी उठे पीर रे
राजा जानी दिलबर जानी

राजा जानी ना मारो नैननवा के तीर रे
राजा जानी ना मारो नैननवा के तीर रे तीर रे तीर रे
राजा जानी
…………………………………………………………………….
Raja jani na maaro-Sansar 1971

Artist: Jayshri T.

Read more...

Aug 28, 2019

न मुँह छुपा के जियो-हमराज़ १९६७

प्रेरणादायी गीत जीवन में बहुत काम आते हैं. ये चाहे भजन हों, फ़िल्मी
गीत हों या गैर फ़िल्मी गीत, अपना प्रभाव छोड़ते ज़रूर हैं. ध्यान से सुनने
कीऔर समझने की आवश्यकता भर होती है.

सुनील दत्त वाली फिल्म हमराज़ से एक गाना सुनते हैं जिसके बोल साहिर
के हैं और संगीत रवि का.


गीत  का सन्देश अच्छा है विशेषकर उनके लिए जो महत्वाकांक्षी हैं और
जिन्हें अपने जीवन में बहुत ऊंचे पर जाने की तमन्ना है. पब्लिक फिगर
जो बनना चाहते हैं उन्हें तो सार्वजनिक होना ही पड़ता है.

इसका मतलब ये नहीं कि हर आदमी अपने पोस्टर ले के सड़क पर दौड़
लगाते फिरे. समाज में कई लोग ऐसे भी हैं जो चुप चाप अपना काम करते
हैं और ड्रामेबाज जनता के लिए सन्देश देते रहते हैं. ऐसे लोग ना हों तो
आम जनता के समझ ही नहीं पड़े कि सही क्या है और गलत क्या.

हर जगह और हर ट्रीवियल बात के लिए अपने ट्रंप कार्ड नहीं खोले जाते,
हैं ना लुटियन मीडिया के गुप्त और सुप्त पाठकों. फोटो देखने का शौक हो
तो महात्माओं की फोटो देखो असली फायदा तभी होगा. फ़ना का एक
अर्थ पूर्ण विनाश अथवा बर्बादी भी होता है.





गीत के बोल:

न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो
ग़मों का दौर भी आये तो मुस्कुरा के जियो
न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो

घटा में छुप के सितारे फ़ना नहीं होते
अँधेरी रात में दिये जला के चलो
न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो

ये ज़िंदगी किसी मंज़िल पे रुक नहीं सकती
हर इक मुक़ाम पे क़दम बढ़ा के चलो
न मुँह छुपा के जियो और न सर झुका के जियो
……………………………………………………….
Na moonh chhipa ke jiiyo-Hamraaz 1967

Artist: Sunil Dutt

Read more...

Aug 14, 2019

मुहब्बत तर्क की मैंने-दोराहा १९५२

धीमे और सूदिंग किस्म के गीत रचने में अनिल बिश्वास और
कुछ संगीतकार जैसे-सी रामचंद्र, गुलाम मोहम्मद और कुछ
मात्रा में मदन मोहन लाजवाब रहे. इनमें एक नाम और जोड़
लेते हैं वो है सचिन देव बर्मन. फिल्म देवदास के गीत लाजवाब
हैं.

धीमी चाल वाले गीत बना के उन्हें लोकप्रिय बना पाना आसान
काम नहीं होता. गीतकार की मेहनत भी बढ़ जाती है. सुनते हैं
साहिर के बोलों और अनिल बिश्वास के संगीत वाला एक गीत
तलत महमूद की मखमली आवाज़ में.




गीत के बोल:

मोहब्बत तर्क की मैंने गरेबां सी लिया मैंने
गरेबां सी लिया मैंने
ज़माने अब तो खुश हो ज़हर ये भी पी लिया मैंने
ये भी पी लिया मैंने

अभी जिंदा हूँ लेकिन सोचता रहता हूँ ये दिल में
अभी जिंदा हूँ लेकिन सोचता रहता हूँ ये दिल में
के अब तक किस तमन्ना के सहारे जी लिया मैंने
सहारे जी लिया मैंने
मोहब्बत तर्क की मैंने

तुझे अपना नहीं सकता मगर इतना भी क्या कम है
तुझे अपना नहीं सकता मगर इतना भी क्या कम है
के कुछ घड़ियाँ तेरे ख्वाबों में खो कर जी लिया मैंने
खो कर जी लिया मैंने
मोहब्बत तर्क की मैंने

बस अब तो मेरा दामन छोड़ दे बेकार उम्मीदों
बस अब तो मेरा दामन छोड़ दे बेकार उम्मीदों
बहुत दुःख सह लिये मैंने बहुत दिन जी लिया मैंने
बहुत दिन जी लिया मैंने
मोहब्बत तर्क की मैंने
………………………………………………………..
Mohabbat tark ki maine-Doraha 1952

Artist:

Read more...

Jul 30, 2019

बस अब तरसाना छोडो-संसार १९७१

आपने चित्रगुप्त का ६० के दशक तक का संगीत अवश्य ही
सुना होगा. वो कुछ अलग तरह का था. ७० के दशक तक
पहुँचते पहुँचते चित्रगुप्त ने भी अपने संगीत में काफी बदलाव
किये. इस बारे में हमने फिल्म परदेसी के गीतों को सुनवाते
वक्त चर्चा की थी.

फिजिक्स का एक फेनोमेना है-म्यूचुअल इंडक्शन. सन १९७१
में शंकर जयकिशन के संगीत वाली काफी सारी फ़िल्में आयीं.
१९७३ तक शंकर जयकिशन की उपस्थिति नियमित रूप से
बनी रही उसके बाद धीरे धीरे उनका काम कम होता चला.

आप आसानी से इस गीत को आँखों आँखों में फिल्म में भी
फिट कर सकते हैं. या यूँ कहें आँखों आँखों में का शीर्षक
गीत को इस फिल्म में. उसके अलावा जो दो संगीतकार और
याद आते हैं इस गीत से वो हैं-आर डी बर्मन और सोनिक-ओमी.

ये कुछ दुर्लभ सा कोम्बिनेशन है-साहिर और चित्रगुप्त का.
गीत गाया है किशोर कुमार और आशा भोंसले ने और इसे
फिल्माया गया है नवीन निश्चल और अनुपमा ?? पर.




गीत के बोल:

हो हो हो ए हे हे हा हा हा
ए बस अब तरसना छोडो
यूँ ही शरमाना छोडो
बस अब तरसना छोडो
यूँ ही शरमाना छोडो
जो दिल में प्यार का तूफ़ान है
हम जान गए हैं
जो दिल में प्यार का तूफ़ान है
हम जान गए हैं
हमें बहकाना छोडो
जी पीछे आना छोडो
हमें बहकाना छोडो
जी पीछे आना छोडो
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं

इतना निखर के कोई आये तो
आये है किसी के लुभाने को
इतना निखर के कोई आये तो
आये है किसी के लुभाने को
तनहा किसी को कोई पाए
तो ना मचले गले से लगाने को
कितना छुपाएँ तेरी झुकती निगाहें
ये किसके क़त्ल का सामान है
हम जान गए हैं
ये किसके क़त्ल का सामान है
हम जान गए हैं

हमें बहकाना छोडो
जी पीछे आना छोडो
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं

छेड़ो ना हमको हटो जाओ
तुम्हें ऐसा ना था हमने जाना
छेड़ो ना हमको हटो जाओ
तुम्हें ऐसा ना था हमने जाना
छोडो बहाने अजी आओ
भला अपनों से कैसा शरमाना
पकड़ों ना आंचल मेरा जकडो ना बाहें
कि जितनी आपसे पहचान है
हम जान गए हैं
कि जितनी आपसे पहचान है
हम जान गए हैं

बस अब तरसना छोडो
यूँ ही शरमाना छोडो
जो दिल में प्यार का तूफ़ान है
हम जान गए हैं

करनी हैं तुमसे कई बातें
वो जो कानों में कहने वाली हैं
करनी हैं तुमसे कई बातें
वो जो कानों में कहने वाली हैं
जानूं मैं जानूं सभी घातें
वो चालें जो देखी भाली हैं
जुल्फों के नीचे दे दो दिल को पनाहें
ये मुश्किल किस कदर आसान है
हम जान गए हैं
ये मुश्किल किस कदर आसान है
हम जान गए हैं

हमें बहकाना छोडो
जी पीछे आना छोडो
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं
तुम्हें जिस चीज़ का अरमान है
हम जान गए हैं
......................................................................
Bas ab tarsana chhodo-Sansar 1971

Artists: Navin Nishchal, Anupama

Read more...
© Geetsangeet 2009-2020. Powered by Blogger

Back to TOP