Jan 25, 2017

गोरे रंग पे न इतना-रोटी १९७४

फ़िल्मी बरसात भी रियलिस्टिक हो सकती है अगर उसमें
नायक नायिका कीचड में गोता भी लगाएं. प्रस्तुत गीत में
आपको वो सब मिलेगा जो बाकी बरसाती गीतों में गायब
मिलता है.

नायक नायिका को नसीहत दे रहा है-गोरा रंग चार दिन की
चांदनी है. जवाब में नायिका भी एक से बढ़ एक जवाबी दे
रही है. नोक झोंक वाला ये गीत जनता ने खूब पसंद किया.
गीत में राजेश खन्ना और मुमताज़ की केमिस्ट्री देखते ही
बनती है.



गीत के बोल:

गोरे रंग पे ना इतना गुमान कर
गोरा रंग दो दिन में ढल जायेगा
गोरे रंग पे ना इतना गुमान कर
गोरा रंग दो दिन में ढल जायेगा
मैं शमा हूँ तू है परवाना
मैं शमा हूँ तू है परवाना
मुझसे पहले तू जल जायेगा
गोरे रंग पे ना इतना गुमा न कर

हो ओ ओ ओ रूप मिट जाता है
ये प्यार ऐ दिलदार नहीं मिटता
हो ओ ओ ओ फूल मुरझाने से
गुलज़ार ओ सरकार नहीं मिटता
हो रूप मिट जाता है
ये प्यार ऐ दिलदार नहीं मिटता

क्या बात कही है होय तौबा
क्या बात कही है ओये तौबा
ये दिल बेईमान मचल जायेगा

हो गोरे रंग पे ना इतना गुमान कर
गोरा रंग दो दिन में ढल जायेगा

हो ओ ओ ओ आपको है ऐसा इनकार
तो ये प्यार यहीं छोड़ो
हो ओ ओ ओ प्यार का मौसम है
बेकार की तकरार यहीं छोड़ो
हो आपको है ऐसा इनकार
तो ये प्यार यहीं छोड़ो
हाथों मे हाथ ज़रा दे दो
हाथों मे हाथ ज़रा दे दो
बातों में वक्त निकल जायेगा

मैं शमा हूँ तू है परवाना
मुझसे पहले तू जल जायेगा

हो ओ ओ ओ मैं तुझे कर डालूं
मसरूर नशे में चूर तो मानोगे
हो ओ ओ ओ तुमसे मैं हो जाऊं
कुछ दूर ऐ मगरूर हो मानोगे
हो मैं तुझे कर डालूं
मसरूर नशे में चूर तो मानोगे
तू लाख बचा मुझसे दामन
तू लाख बचा मुझसे दामन
ये हुस्न का जादू चल जायेगा

हो गोरे रंग पे ना इतना गुमान कर
गोरा रंग दो दिन में ढल जायेगा
………………………………………….
Gore rang pe na itna gumaan-Roti 1974

Artists: Rajesh Khanna, Mumtaz

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