राजा की आयेगी बारात-आह १९५३
उसकी टीम के मन सी आहें ज़रूर निकली होंगी मगर संगीत सुन
के दर्शक आज भी वाह वाह किया करते हैं. इसे कहते है आयरनी.
आयरनी शब्द में आयरन छुपा हुआ है. विडंबनाएं और अपवाद
एक जैसे ही हैं, दोनों में अप्रत्याशित छुपा हुआ है.
फिल्म का सबसे खुशनुमा गीत आप सुन चुके हैं जिसे लता मंगेशकर
ने गाया है. अब सुनते हैं शादी के अवसर पर गाया और बजाय जाने
वाला शैलेन्द्र का लिखा एक और गीत. इसे भी लाता मंगेशकर ने
गाया है.
गीत के बोल:
राजा की आयेगी बारात रंगीली होगी रात
मगन मैं नाचूंगी हो मगन मैं नाचूंगी
राजा की आएगी बारात
राजा के माथे तिलक लगेगा रानी के माथे सिन्दूर
मैं भी अपने मन की आशा पूरी करूंगी ज़रूर
मेंहदी से पीले होंगे हाथ सहेलियों के साथ
मगन मैं नाचूंगी
रानी के संग राजा डोले सजाते चले जाएंगे परदेस
जब-जब उनकी याद आयेगी दिल पे लगेगी ठेस
नैनों में होगी बरसात अन्धेरी होगी रात
मगन मैं नाचूंगी
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Raja ki aayegi baraat-Aah 1953
Artist: Nargis
