अच्छा तो हम चलते हैं-आन मिलो सजना १९७०
है. आप सोचेंगे आनंद बक्षी की प्रशंसा हो रही है जम कर.
अरे, हम क्या चीज़ हैं, आम जनता ने इस गीत को सर
आँख पर बिठा लिया तो हम चुनिन्दा संगीत प्रेमी जो दिखावे
को क्लासिकल वगैरह सुनते हैं और ढूंढ ढूंढ कर धूल खा
रहे अलबमों को टटोल कर वाह वाह करते हैं उससे क्या
हकीकत बदल जायेगी? नहीं. सवाल जवाब गीत सबसे ज्यादा
आनंद बक्षी ने लिखे हैं और सभी तकरीबन चर्चित हैं. गीत
का मुखडा सामान्य बोलचाल में उपयोग होने वाली भाषा में
लिखा गया है.
संगीतकार ने भी तबियत से इसकी धुन बनाई है. लता
और किशोर का गाया ये युगल गीत आज भी प्रेमियों को
दांतों तले ऊँगली दबाने पर मजबूर करता है. ज्यादा मस्का
ना लगते हुए सुन ही लेते हैं इसे. ज्यादा मस्का खाने से
बदहजमी हो जाती है.
गीत के बोल:
अच्छा तो हम चलते हैं
फिर कब मिलोगे
जब तुम कहोगे
जुम्मे रात को
हाँ हाँ आधी रात को
कहाँ
वहीं जहाँ कोई आता-जाता नहीं
वहीं जहाँ कोई आता-जाता नहीं
अच्छा तो हम चलते हैं
किसी ने देखा तो नहीं तुम्हें आते
नहीं मैं आयी हूँ छुपते छुपाते
देर कर दी बड़ी ज़रा देखो तो घड़ी
ओफ्फो मेरी तो घड़ी बन्द है
तेरी ये अदा मुझे पसन्द है
देखो बाते-वातें कर लो जल्दी जल्दी
फिर न कहना अभी आई अभी चल दी
तो आओ पास बैठें पल दो पल
आज नहीं कल
क्यूँ क्यूँ
आज नहीं कल
ये तो इक बहाना है
वापस घर भी जाना है
कितनी जल्दी ये दिन ढलते हैं
हाय
टाटा
अच्छा तो हम चलते हैं
फिर कब मिलोगे
जब तुम कहोगे
कल मिलो या परसों
परसों नहीं नरसों
कहाँ
यहीं यहाँ कोई आता जाता नहीं
अच्छा तो हम चलते हैं
उड़ा है किसलिये तेरा रंग गोरी
हमारी पकड़ी गयी है बस चोरी
अच्छा
राम जाने क्या हो अब
कैसे हुआ ये ग़ज़ब
मेरा आँचल जो ज़रा ढल गया
सारी दुनिया को पता चल गया
कैसे खेलेंगे अब आँख मिचोली
ले जा आ के मेरे घर से मेरी डोली
तेरे घर वाले न कर दे इंकार
सब हैं तैयार सब हैं तैयार
सुन ले फिर दिल की फ़रियाद
बस बाक़ी शादी के बाद
पिया देखो दिये जलते हैं
अच्छा
अच्छा तो हम चलते हैं
अच्छा तो हम चलते हैं
अच्छा तो हम चलते हैं
अच्छा तो हम चलते हैं
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Achchha to ham chalet hain_Aan milo sajna 1970
Artists: Rajesh Khanna, Asha Parekh
