सारी दुनिया का बोझ-कुली १९८३
गिनी जाती है. सुनते हैं इस फिल्म से एक गीत शब्बीर कुमार
का गाया हुआ. आनंद बक्षी इसके गीतकार हैं और इसका संगीत
लक्ष्मी प्यारे की मेंहरबानी से तैयार हुआ है.
मनमोहन देसाई निर्देशित इस फिल्म ने कुली के पेशे को ग्रेस
अवश्य प्रदान किया होगा. फिल्म सभी आवश्यक फ़िल्मी मसालों
से भरपूर है.
गीत के बोल:
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
उठाते हैं बोझ उठाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
लोग आते हैं लोग जाते हैं
हम यहाँ पे खड़े रह जाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
चार का काम एक का दाम है
चार का काम एक का दाम है
ख़ून मत पीजिये और कुछ दीजिये
एक रुपया है कम हम ख़ुदा की क़सम
बड़ी मेहनत से रोटी कमाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
थोड़ा पानी पिया याद रब को किया
भूख भी मिट गई प्यास भी बुझ गई
थोड़ा पानी पिया याद रब को किया
भूख भी मिट गई प्यास भी बुझ गई
काम हर हाल में नाम को साल में
ईद की एक छुट्टी मनाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
जीना मुश्किल तो है अपना भी दिल तो है
दिल में अरमान हैं हम भी इन्सान हैं
जीना मुश्किल तो है अपना भी दिल तो है
दिल में अरमान हैं हम भी इन्सान हैं
जब सताते है गम ऐश करते हैं हम
जब सताते है गम ऐश करते हैं हम
बीड़ी पीते हैं और पान खाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
लोग आते हैं लोग जाते हैं
हम यहाँ पे खड़े रह जाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
सारी दुनिया का बोझ हम उठाते हैं
.......................................................
Sari suniya ka bojh ham uthate hain-Coolie 1983
Artists: Amitabh Bachcan, Rati Agnihotri
