ऐसा कभी हुआ नहीं-ये वादा रहा १९८२
नहीं होती हैं. गीतकार अपनी ओर से कभी कभी कुछ अनूठापन ला
देता है. निर्देशक निर्माता भी अपना इनपुट देते हैं लेकिन शब्दों के
मामले में कम. अधिकाँश गीत घूमना, लहराना तक सीमित होते हैं.
कुछ गीत इससे आगे बढ़ कर बल खाने तक पहुँचते हैं. मटकना-ये
शब्द आपको बहुत कम गीतों में मिलेगा. मजरूह के एक गीत में
आप ये शब्द पहले सुन चुके हैं. अब गुलशन बावरा के गीत में भी
सुन लीजिए.
फिल्म ये वादा रहा का ये गीत किसी केश तेल के विज्ञापन जैसा
लग सकता है. नायिका की सुन्दर घनी केश राशि को काफी ज्यादा
उभारा गया है इस गीत में. गीत में एक और शब्द का तबियत से
प्रयोग हुआ है-आफरीन. इसे आपने नुसरत फतह अली के एक गीत
में भी सुना होगा. फिल्म लाइन में सुनीता, मोनिका, लिली वगैरह
कुछ नाम हैं जो ज्यादा लोकप्रिय हैं.
गीत के बोल:
सुनीता सुनीता सुनीता
ऐसा कभी हुआ नहीं जो भी हुआ खूब हुआ
देखते ही तुझे होश गुम हुए
होश आया तो दिल मेरा दिल न रहा
ऐसा कभी हुआ नहीं जो भी हुआ खूब हुआ
रेशमी ज़ुल्फ़ें हैं सावन की घटाओं जैसी
पल्कें हैं तेरी घने पेड़ की छाँव जैसी
भोलापन और हँसी आफरीन आफरीन
ऐसा कभी हुआ नहीं
झील सी आँखों में मस्ती के जाम लहरायें
जब होंठ खुले तेरे सरगम बजे, महके फ़िज़ाएं
हर अदा दिल नशीं आफरीन आफरीन
ऐसा कभी हुआ नहीं
पतली सी गरदन में एक बल है सुराही जैसा
अंदाज़ मटकने का देखा न किसी ने ऐसा
गुलबदन नाज़नीं आफरीन आफरीन
ऐसा कभी हुआ नहीं
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Aisa kabhi hua nahin-Ye vada raha 1982
Artists: Rishi Kapoor, Poonm Dhillon

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