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Jun 16, 2020

आओ मेरे पास और आओ-कौन कैसे १९८३

आज मशहूर कलाकार मिथुन चक्रवर्ती का जन्मदिन है.
८० के दशक के चर्चित और जनता के सबसे पसंदीदा
कलाकारों में से एक हैं मिथुन. आज भी उनकी फ़िल्में
उसी चाव से देखी जाती हैं. काफी बड़ा प्रशंसक वर्ग है
उनका जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ज्यादा हैं.

१६ जून १९५० में जन्में मिथुन की शुरुआत फिल्म जगत
में काफी धमाकेदार रही और भगवती चरण पाणिग्रही की
कहानी शिकार पर आधारित फिल्म मृगया के लिए उन्हें
फिल्मों के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस
फिल्म का निर्माण के राजेश्वर राव ने किये और निर्देशन
मृणाल सेन ने.

मिथुन ने ३५० से ऊपर फिल्मों में काम किया है और
उनकी पहली उल्लेखनीय फिल्म थी १९७८ की मेरा रक्षक.
मिथुन ने दीपक बाहरी के साथ कुछ सफल फ़िल्में की थीं.
इनमें से एक है राजश्री निर्मित तराना जिसने अपने समय
में कई शहरों में सिल्वर जुबलियाँ मनाने का रिकॉर्ड बनाया
था.

आज आपको सुनवाते हैं जासूसी फिल्म कौन कैसे से एक
गाना. गुलशन बावरा लिखित इस गीत की धुन तैयार की
है आर डी बर्मन ने और इसे किशोर कुमार ने गाया है.
गौरतलब है मिथुन पर फिल्माए गये और किशोर कुमार
द्वारा गाये गये सभी गीत लगभग लोकप्रिय हैं.

कौन कैसे का निर्देशन अनिल गांगुली ने किया है और हम
इस फिल्म को केवल कोरा कागज़, तपस्या, संकोच, तृष्णा,
खानदान जैसी फिल्मों के फैन होने की वजह से देखने गये
थे. फिल्म ने हमें निराश नहीं किया. अनिल गांगुली की
फिल्मों का संगीत पक्ष हमें काफ़ी मजबूत लगा.

प्रस्तुत गीत दीपक पाराशर पर फिल्माया गया है. इसे परदे
पर किसी ने नहीं गाया है मगर इस गाने के भावों से उस
दृश्य की मांग की पूर्ति बखूबी हो जाती है.





गीत के बोल:

आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ हो ओ
आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ
यही है प्यार का समा
दर्द है जवां
आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ हो ओ
आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ
यही है प्यार का समा
दर्द है जवां
आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ

जबसे देखा है तुम्हें
पूछो न क्या हाल हुआ
हाय जाने जाना
जबसे देखा है तुम्हें
पूछो न क्या हाल हुआ
हाय जाने जाना
पहली नजर में ही
तुमने तो लूट लिया
हाय जाने जाना
ये शोखियाँ ले ले न जां

आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ हूँ हूँ
आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ

दिन ये जवानी के हैं
फिर ऐसे दिन हसीं
कभी कभी आयें
दिन ये जवानी के हैं
फिर ऐसे दिन हसीं
कभी कभी आयें
होता है जो हो जाने दे
देखो जी ये पल कहीं
यूं न चले जायें
आज का समा फिर मिले कहाँ

आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ हो ओ
आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ
यही है प्यार का समा
दर्द है जवां
आओ मेरे पास और आओ
न घबराओ न शरमाओ
……………………………………………………..
Aao mere paas aur aao-Kaun kaise 1983

Artists: Deepak parashar, A girl

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Apr 12, 2020

मैं क्या जानूं काहे लागे-चंद्रसेना १९५९

सन १९५९ में रिलीज़ हुई फिल्मों में जो लता मंगेशकर के
उल्लेखनीय गीत हैं उनमें कुछ और भी हैं जैसे फिल्म
अनाड़ी के दो गीत-तेरा जाना और वो चाँद खिला जिसमें
से बाद वाला दत्ताराम ठेके के लिए जाना जाता है. ठेका
ढोलक का, वो दूसरा वाला नहीं जी.

गीत हम आपको और भी बतलाते रहेंगे जब जब १९५९
की फिल्मों का उल्लेख होगा.

भीषण गर्मी दस्तक दे रही है ऐसे में लिम्का शिमका पीने
के बजाये ये गाना सुन लेते हैं. सावन का नाम सुनते ही
कलेजे में ठंडक पड़ जाती है.

इस गीत के गीतकार और संगीतकार क्रमशः गुलशन बावरा
और कल्याणजी-आनंदजी हैं. इसे सुन के ऐसा आभास होता
है मानो ये धुन किसी और गीत में भी इस्तेमाल की गई
हो-जहाँ तक मेरा अंदाजा है किसी धार्मिक गीत में.



गीत के बोल:

आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ आ
ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ ओ
मैं क्या जानूं
मैं क्या जानूं काहे लागे ये सावन मतवाला रे
रूप जवानी मस्ती ने ये जादू तुझ पर डाला रे
मैं क्या जानूं  हे
मैं क्या जानूं काहे लागे ये सावन मतवाला रे
रूप जवानी मस्ती ने ये जादू तुझ पर डाला रे
हो जादू तुझ पर डाला

सर पे आँजन ठहरे आँचल फार फार उड़ता जाये
रह रह के गोरे मुखड़े पे लट आ के लहराये
सर पे आँजन ठहरे आँचल फर फर उड़ता जाये
रह रह के गोरे मुखड़े पे लट आ के लहराये
कौन है गोरी
कौन है गोरी तेरी उलझी लट सुलझाने वाला
रूप जवानी मस्ती ने ये जादू तुझ पर डाला रे

मैं क्या जानूं 
मैं क्या जानूं  काहे लागे ये सावन मतवाला रे
रूप जवानी मस्ती ने ये जादू तुझ पर डाला हो ओ
जादू तुझ पर डाला

आज मोहे यूँ लागे जैसे बजे कोई शहनाई
चन्दा की बारात गगन से तारों के संग आई
आज मोहे यूँ लागे जैसे बजे कोई शहनाई
चन्दा की बारात गगन से तारों के संग आई
आ जाओ कि
आ जाओ कि दुनिया में अब होने लगा उजाला रे
रूप जवानी मस्ती ने ये जादू तुझ पर डाला रे

मैं क्या जानूं 
मैं क्या जानूं  काहे लागे ये सावन मतवाला रे
रूप जवानी मस्ती ने ये जादू तुझ पर डाला हो ओ
जादू तुझ पर डाला
……………………………………………..
Main kay janoon-Chandrasena 1959

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Mar 16, 2020

मेरी अरज सुनो बनवारी-खलीफा १९७६

फ़िल्मी कथानक भगवान सर्वशक्तिमान के उल्लेख और
वंदना के बिना नहीं बनते हैं. किसी ना किसी रूप में
फिल्म में उल्लेख हो ही जाता है. चाहे वो टाइटल्स के
शुरू में ही क्यूँ ना हो. चलिए मान लिया जाये किसी
नास्तिक ने फिल्म बनाई तो ना मानने में भी तो वो
मान ही रहा है.

सुनते हैं एक फ़िल्मी भजन १९७६ की फिल्म खलीफ़ा
से जिसे मन्ना डे ने गाया है. गुलशन बावरा की रचना
है और पंचम का संगीत.



गीत के बोल:

हरिओम तत्सत्
हरिओम तत्सत्

जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम

मेरी अरज सुनो बनवारी
मेरी अरज सुनो बनवारी
पूरी कर दो मनोकामना
पूरी कर दो मनोकामना
आये शरण तिहारी
मेरी अरज सुनो बनवारी

हाँ तेरे द्वारे जो भी आये

खाली हाथ ना जाए ना जाए
जितनी जिसकी भक्ति होगी
उतना वो फल पाए
ओ प्रभु जी
सदा रहूँ चरणों में तेरे
बन के तेरा पुजारी

मेरी अरज सुनो बनवारी
अरज सुनो बनवारी

जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
बनवारी बनवारी
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम

दाता के तो भरे खजाने
फिर क्यूँ तू घबराये
गणग से एक लोटा भर लो
गंगा का क्या जाये
ओ बंधुआ
पलकें मूँद के मन में प्रभु का
ध्यान धरो नर नारी

मेरी अरज सुनो बनवारी
मेरी अरज सुनो बनवारी
पूरी कर दो मनोकामना
पूरी कर दो मनोकामना
आये शरण तिहारी
मेरी अरज सुनो बनवारी
अरज सुनो बनवारी

जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
जय जय राम सियाराम
…………………………………………………
Meri araj suno banwari-Khalifa 1976

Artists: Randhir Kapoor

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Dec 8, 2018

मंजिल थी कहीं जाना था कहीं-राम तेरे कितने नाम १९८५

अभिनेत्री रेखा ने जितना उतार चढ़ाव भरा जीवन जिया है
उतना शायद किसी अभिनेत्री ने नहीं. ये संयोग ही है कि
जितने भावों के रंग और उतार चढ़ाव उनके अभिनय में
दिखाई देते हैं वो अधिकाँश जिंदगी में भी उतर आये. ये
ज़रूर है उन्होंने वाटर या फायर जैसी किसी फिल्म में काम
नहीं किया.

एक गीत है ज़मीन आसमान का जिसमें वो एक दुधमुंहे
बच्चे को ले कर एक करुण स्वर वाला गीत गा रही हैं. ये
उनके जीवन का अभाव उस गीत में भी झलकता है.

राम तेरे कितने नाम फिल्म में उनके साथ संजीव कुमार
प्रमुख नायक हैं. फिल्म में विनोद मेहरा भी मौजूद हैं जो
कहानी के अनुसार फिल्म में उनके पति बने हैं. दोनों के
संबंधों में खटास है. फिल्म का प्रमुख नायक कहानी के
अंत तक अपने त्याग और समर्पण से इस खटास को दूर
कर देता है. 




गीत के बोल:

मंजिल थी कहीं जाना था कहीं
तकदीर कहाँ ले आई है
.
.
.
.
....................................................
Manzil thi kahin jaana tha kahin-Ram tere kitne naam 1985


Artist: Rekha

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Dec 6, 2018

जीने को तो जीते हैं सभी-ये वादा रहा १९८२

आर डी बर्मन के संगीत में हर गीत में आपको कुछ ना कुछ
नया ज़रूर मिलेगा. आईडिया और एक्जीक्यूशन में कई बार कुछ
कमी सी महसूस होती है. कुछ गीत ऐसे हैं जिनमें जोर शोर से
शुरुआत होती है और दूसरी लाइन में जैसे गरम प्रेस को ठन्डे
पानी में डाल दें तो छौं जैसी आवाज़ आती है-ऐसा कुछ हो जाता
है.

गीत की शुरुआत और मुखडा कर्णप्रिय हैं मगर एक पंक्ति जो
है वो किसी ग़ज़ल के हिस्से जैसी है. तारीफ़ के लिए कहें तो
ये तो हो गया २-इन १ सोंग. मगर वो कानों को खटकने वाली
बात, जिस पर कभी ये इच्छा हुई थी कि संगीतकार से खुद ही
पूछ लूं ऐसा क्यूँ है.

पंचम ने एक बार कहीं संगीतकार जोड़ियों की बात पर अपने
विचार व्यक्त किये थे तब उन्हें भी एक जोडीदार की कमी खली
इस बात का जिक्र मिलता है. खैर एक अकेले ने ही इतना काम
कर लिया वही आगे आने वाले संगीतकारों की कई पीढ़ियों
का प्रेरणास्रोत बना रहेगा.

गीत गुलशन बावरा का है और इसे किशोर कुमार संग गाया है
आशा भोंसले ने. प्रेरणादायी गीत है जिसकी पञ्च लाइन है-
रहेंगे दिलों में जो बांटे सबकी हंसी.



गीत के बोल:

हे हे हे हे हे
जीने को तो जीते हैं सभी
प्यार बिना कैसी जिंदगी
जीने को तो जीते हैं सभी
प्यार बिना कैसी जिंदगी
आओ मिल जुल के दुःख सुख बांटें

क्यों हम रहें अजनबी
हमसफ़र हैं सभी
जीने को तो जीते हैं सभी
प्यार बिना कैसी जिंदगी
आओ मिल जुल के दुःख सुख बांटें
क्यों हम रहें अजनबी
हमसफ़र हैं सभी

सुर में हमारे आ के सुर तो मिला
प्यार भरे नगमे ज़माने को सुना
सुर में हमारे आ के सुर तो मिला
प्यार भरे नगमे ज़माने को सुना
लुटा दे किसी के लिए तू अपनी खुशी

जीने को तो जीते हैं सभी
प्यार बिना कैसी जिंदगी
आओ मिल जुल के दुःख सुख बांटें
क्यों हम रहें अजनबी
हमसफ़र हैं सभी

ला ला ला ला हे हे हे
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला

अपने लिये जो भी जीते हैं यहाँ
उनको भुला दे एक पल में जहां
अपने लिये जो भी जीते हैं यहाँ
उनको भुला दे एक पल में जहां
रहेंगे दिलों में जो बांटे सबको हंसी

जीने को तो जीते हैं सभी
प्यार बिना कैसी जिंदगी
आओ मिल जुल के दुःख सुख बांटें
क्यों हम रहें अजनबी
हमसफ़र हैं सभी
जीने को तो जीते हैं सभी

शिकवे गिले भी हैं प्यार की अदा
क्यों ना भुला दें जो भी हुआ
शिकवे गिले भी हैं प्यार की अदा
क्यों ना भुला दें जो भी हुआ
मिलेंगे दिलों में जला के लौ प्यार की

जीने को तो जीते हैं सभी
प्यार बिना कैसी जिंदगी
आओ मिल जुल के दुःख सुख बांटें
क्यों हम रहें अजनबी
हमसफ़र हैं सभी
………………………………………………
Jeene ko to jeete hain sabhi-Ye vada raha 1982

Artists: Rishi Kapoor, Tina Munim

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Nov 28, 2018

इश्क मेरा बंदगी है-ये वादा रहा १९८२

इश्क हुआ और बंदगी हुई/की. आम तौर पर इन शब्दों को
ऐसे ही समझा जाता है.

फिल्म ये वादा रहा के गानों को शुरू शुरू में हम संगीत की
वजह से ज़्यादा सुनते थे इसलिए बोलों पर गौर कम किया
करते थे. उस सरसरी सुनने में हमें मुखडा थोडा अटपटा सा
लगा करता था. पहली पंक्ति में पुर्लिंग दूसरे में स्त्रीलिंग ये
है क्या?

पंक्ति के संधि विच्छेद से समझें माजरा क्या है-

इश्क, मेरा बंदगी है-जैसा हम समझते थे
इश्क मेरा, बंदगी है- जैसा के गीतकार बतलाना चाहता है.

ये कन्फ्यूज़न काफ़ी समय बाद किलियर हुआ जब हमें एक
चच्चा ने फ़र्क समझाया. उसके अलावा भी इस गीत में
कुछ और है जो लिखने वाले ने लपेट के घुमाया है-
आशिक़ों का अर्श डेरा या अर्ज़ डेरा. ६/६ कान वाले बतलायें
ज़रा ये क्या है और इस प्रयोफ़ का क्या अर्थ है.



गीत के बोल:

इश्क़ मेरा बन्दगी है इश्क़ मेरी ज़िन्दगी है
आशिक़ों का अर्ज डेरा आशिक़ों का फ़र्ज़ डेरा
आशिक़ों के सातों जहां

इश्क़ मेरा बन्दगी है इश्क़ मेरी ज़िन्दगी है
आशिक़ों का अर्श डेरा आशिक़ों का फ़र्श डेरा
आशिक़ों के सातों जहां

यूं तो जहां में सभी नाम के हैं ये रिश्ते
जो इश्क में डूब जायें वहीं हैं फ़रिश्ते
यूं तो जहां में सभी नाम के हैं ये रिश्ते
जो इश्क में डूब जायें वहीं हैं फ़रिश्ते
इश्क़ में है वो खुमारी जो न उतरे उम्र सारी
दिन-ब-दिन ये होगी जवान

इश्क़ मेरा बन्दगी है इश्क़ मेरी ज़िन्दगी है

दिल जिसमें शमा जले इश्क़ की दिल वही है
मैंने तो अपने ही दिल की कहानी कही है
दिल जिसमें शमा जले इश्क़ की दिल वही है
मैंने तो अपने ही दिल की कहानी कही है

धर्म अपना आशिक़ी है कर्म अपना आशिक़ी है
इश्क़ ही है मेरा ईमान


इश्क़ मेरा बन्दगी है इश्क़ मेरी ज़िन्दगी है

ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
आशिक़ वही है जो दूजे का गम जाने सहना
तू इस जहां में कभी न किसी से ये कहना
हो ओ ओ ओ ओ
आशिक़ वही है जो दूजे का गम जाने सहना
तू इस जहां में कभी न किसी से ये कहना
इश्क़ है क्या तू न जाने ना सुना तू ये फ़साने
क्यूँ करे ये झूठा गुमां

इश्क़ मेरा बन्दगी है इश्क़ मेरी ज़िन्दगी है
आशिक़ों का अर्ज डेरा आशिक़ों का फ़र्ज़ डेरा
आशिक़ों के सातों जहां
इश्क़ मेरा बन्दगी है इश्क़ मेरी ज़िन्दगी है
…………………………………………………
Ishq mera bandage hai-Ye vada raha 1982

Artists: Rishi Kapoor, Tina Munim

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Nov 9, 2018

कभी पलकों पे आंसू है-हरजाई १९८१

ठहरी हो, सहमी सी हो या ठिठुरती हुई जिंदगी तो
जिंदगी है. इसमें खुशियों के झरने हैं तो दुखों के
पहाड़ भी हैं. जीना तो है चाहे हंस के जियो या रो
के. कभी किसी को मुकम्मल जहाँ नहीं मिलता.
जिंदगी कैसी है पहेली हाय. आशा है तो जीवन है.
इसलिए मुस्कुरा के जियो, हंस के जियो. जो तुम
हंसोगे तो हँसेगी ये दुनिया. रोने पर सब साथ छोड़
जायेंगे सिवाए बेहद करीबियों के.

जो आता है वो जाता है की पुष्टि एक बार फिर करता
ये गीत लिखा है निदा फाज़ली ने. किशोर कुमार के
गाये सबसे उम्दा गीतों में से एक जिसका हर एक
पुर्जा लाजवाब है. इसकी नशीली धुन तैयार की है
पंचम ने.


गीत के बोल:

कभी पलकों पे आंसू है
कभी लब पे शिकायत है
मगर ऐ ज़िन्दगी फिर भी
मुझे तुझसे मोहब्बत है
कभी पलकों पे आंसू है

कभी लब पे शिकायत है
मगर ऐ ज़िन्दगी फिर भी
मुझे तुझसे मोहब्बत है
कभी पलकों पे आंसू है
……………………………………………
Kabhi palkon pe aansoo hain-Harjai 1980

Artist: Randhir Kapoor

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Oct 4, 2018

सपना मेरा टूट गया-खेल खेल में १९७५

नायिका अरुण ईरानी का आर डी बर्मन के संगीत से काफी
जुड़ाव मिलेगा आपको. मेरा मतलब कई ऐसे उल्लेखनीय गाने
हैं जो अरुणा ईरानी पर फिल्माए गए हैं और उनका संगीत
पंचम ने तैयार किया है.

एक गाना है खेल खेल में फिल्म का जो खूब बजा करता था
७० के दशक के उत्तरार्ध में. आशा भोंसले की आवाज़ वाला ये
गीत युगल गीत है जिसमें संगीतकार की भी आवाज़ है.

ये ट्रेंड सेटर गीतों में से एक है. आजकल की पीढ़ी के कई
संगीतकार इस तरह के गीत बना रहे हैं. हाँ, शोरगुल काफी
बढ़ गया है आज के गीतों में.

गीतकार हैं गुलशन बावरा.





गीत के बोल:

सपना मेरा टूट गया
तू ना रहा कुछ ना रहा
सपना मेरा टूट गया
अरे तू ना रहा कुछ ना रहा
रोती हुईं यादें मिलीं
बस और मुझे कुछ ना मिला

आपको आपको मालूम है
आपकी तरह मेरा भी इक सुंदर साजन था
उसकी आँखों में नशा बाज़ू में ताक़त
और दिल में हिम्मत थी
बिजली की तरह नाचता हुआ वो मेरे पास आता था
गाता था नाचता था
मैं मैं मैं पागल हो जाती थी
देखो देखो वो आ गया सिर्फ़ मेरे लिये मेरे लिये

आ जा मेरी बाहों में आ प्यार भरी राहों में आ
सुन ले मचलते हुए दिल की सदा रे दिल की सदा
हो हो
दिल कह रहा है तेरा साथ है ये तेरा मेरा
अब ज़िन्दगी में कभी हो ना जुदा रे
हो ना जुदा
ला ला ला ला ला
राजा मुझे छोड़ के ना जा
चला गया

सपना मेरा टूट गया
अरे वो ना रहा कुछ ना रहा
रोती हुईं यादें मिलीं
बस और मुझे कुछ ना मिला

हह बार बार हम मिलते थे
पर हाँ एक दिन मेरा हाथ पकड़ कर
मुझे खींचता हुआ वो ले गया
और एक सुंदर गाडी में बिठा कर बोला
हह ये तेरे लिये है रानी

राजा गाडी तो हवा से बातें कर रही है
देखो ना मुझे डर लग रहा है
सुनो ना राजा आहिस्ता प्लीज़ आहिस्ता
गाड़ी रुक गई
अरे मैं तो इसकी बाहों में हूँ

शरमाना छोड दे तू घबराना छोड़ दे तू
आज तो बुझा दे मेरे दिल की लगी रे दिल की लगी
ओ ओ
हम तो हैं जीवन साथी मैं हूँ दिया तू है बाती
प्यार में यूँ जलने का है नाम ज़िन्दगी रे
नाम ज़िन्दगी
ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला
हा हा हा हा हा

पगले सपने भी कहीं सच होते हैं
सपना ही था टूट गया
सपना मेरा टूट गया
वो ना रहा कुछ ना रहा
………………………………………………….
Sapna mera toot gaya-Khel khel mein 1975

Artist: Aruna Irani, Rakesh Roshan

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Aug 19, 2018

तेरा अहदे जवानी-सौतेला पति १९८५

पहले मुझे लगता था सौतेला, सौतन वगैरह शब्दों से केवल
सावन कुमार फ़िल्में बनाया करते हैं. सावन कुमार बेवफा
शब्द की ओर मुड़े तो अन्य फिल्मकार भी उनके क्षेत्र में
आ गए और सौतेले शब्द का प्रयोग करने लगे.

१९८५ की फिल्म सौतेला पति इसका अच्छा एग्जाम्फल
है. ये बात तो और है ही कि फिल्म हिट कराने की कला
सावन कुमार के पास है. सौतेला पति फिल्म के निर्देशक
हैं बी आर इशारा जो फिल्मों के अलग ट्रीटमेंट के लिए
फेमस रहे.

फिल्म से गुलशन बावरा का लिखा हुआ एक गीत सुनते
हैं जिसे मोहम्मद अज़ीज़ ने गाया है. अच्छा गीत है.

पिछले गीत में कमर और चाँद का कनेक्शन था इसमें
कमर आकाशगंगा हो गई. ये कमर के पीछे क्यूँ पड़ी
ही है जनता?

फिल्म में दो हेल्दी हीरोईनें हैं-आशा सचदेव और खुशबू.



गीत के बोल:

संभल कर पाँव रखना
आग लग जाये न पानी में
ये दरिया डूब जाये
चाल गर देखे रवानी में
घिरे घन घोर बादल
मोती मोती हो बिखर जायें
घिरे घन घोर बादल
मोती मोती हो बिखर जायें

अगर गेसू निचोडें
खा के बल जोशे जवानी में

तेरा अहदे जवानी जाने जानी
तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं हम पे भारी हैं
तुझे आसान हैं जीना मगर
तुझे आसान हैं जीना मगर
मुश्किल हमारी हैं
मुश्किल हमारी हैं
ओ तेरा अहदे जवानी जाने जानी
तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं हम पे भारी हैं

तेरा जोबन तो दिल ले गया
तेरी अंगड़ाई जां ले गई
हो तेरा जोबन तो दिल ले गया
तेरी अंगड़ाई जां ले गई
तेरी अंगड़ाई जां ले गई
चैन खो के कहो क्या कहें
ओ चैन खो के कहो क्या कहें
अब किसकी बारी हैं

हो अब किसकी बारी हैं

तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं

तेरे आँचल में सुबह हैं
कमर आकाश गंगा हैं
हो तेरे आँचल में सुबह हैं
कमर आकाश गंगा हैं
कमर आकाश गंगा हैं
ये दिन हमपे न निकला कभी
ये दिन हमपे न निकला कभी
किस्मत हमारी हैं
किस्मत हमारी हैं

तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं

चाल ने हमसे चालें चली
जाल वालो ने फैला दिया
चाल ने हमसे चालें चली
जाल वालो ने फैला दिया
जाल वालो ने फैला दिया
फँस गया दिल का पंछी मेरा
फँस गया दिल का पंछी मेरा
बाज़ी ये हारी हैं
हाय बाज़ी ये हारी हैं

हो तेरा अहदे जवानी जाने जानी
तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं
हम पे भारी हैं
तुझे आसान हैं जीना मगर
तुझे आसान हैं जीना मगर
मुश्किल हमारी हैं
मुश्किल हमारी हैं
तेरा अहदे जवानी जाने जानी
हम पे भारी हैं
…………………………………………………………
Tera ahde jawani-Sautela pati 1985

Artist:

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Jul 14, 2018

दिल अगर जवान है-बाँड ३०३ १९८५

विदेशी फिल्मों के देसीकरण के साथ कुछ मजेदार पहलू
उभर के सामने आते हैं तो कुछ हद तक बोरियत भी.
१०० मिनट की अंग्रेजी फिल्म में ज़बरदस्त टाईटल ट्रेक
के साथ सौंदर्य दर्शन, अंडर वाटर स्विमिंग के साथ सारा
स्टंट, स्वच्छंद रोमांस सब कुछ हो जाता है, नए नए
गेजेट्स देखने को मिल जाते हैं.

हिंदी फिल्मों की भैंस उसी के ३० प्रतिशत को दिखाने
के लिए नाना प्रकार की भांडगिरी दिखलाने को मानसिक
रूप से मजबूर है. लचर पटकथा और थके से गानों से
लबालब ये फ़िल्में जाने क्या सोच कर बनाई जाती रहीं
कि दर्शक सिनेमा हॉल में आ के कुर्सी और परदे को चूम
कर शाबाशी देगा ?

सन १९८१ में एक बाँड फिल्म आई थी-फॉर योर आईज़
ऑनली जिसमें शीना ईस्टन का एक फडकता हुआ गाना
है. ये देसी दर्शकों का वक्तव्य है जिन्हें अंग्रेजी नहीं आती
मगर इसके संगीत के मुरीद हैं. वे तो उन लाल होंठों के
भी मुरीद हैं जो परदे पर आ के छा जाते हैं और उन्हें
मेस्मेराईज़ कर जाते हैं. ४०-५० फीट के परदे पर होंठ ही
होंठ दिखाई देते थे.

प्रस्तुत गीत में ज़ू ज़ू की आवाजें काफी हैं ये बतलाने के
लिए कि जो परदे पर दिखाई दे रहा है वो ज़ू(चिड़ियाघर)
ही तो हो. गीतकार और संगीतकार के ह्यूमर सेन्स की
दाद देना चाहिए. कुछ नहीं समझ आता तो मम्मी पापा
याद आते हैं. इस गीत में चेंज के लिए पापा को याद
किया जा रहा है.

गीत में जीतेंद्र, देवेन वर्मा और प्रेम चोपड़ा प्रमुख कलाकार
हैं उसके अलावा कौन कौन हैं ये आपको वो महंगे वाले
अंग्रेजी के ब्लॉग पर मालूम हो जायेगा जहाँ आप लोग
जा कर कूद कूद कर टिप्पणियां करते हैं.

गुलशन बावरा ने इस अविस्मरणीय, awesome, jawsome
गीत की रचना की है और इसे किशोर कुमार के साथ
स्वयं संगीतकार और एनेट पिंटो ने गाया है. एनेट पिंटो
की आवाज़ में कशिश है गर संगीतकार ने कुछ गाने
उनसे गवा लिए होते तो उस डिस्को युग में कुछ तो
हिट हो ही जाते.




गीत के बोल:

ज़ू ज़ू ज़ू ज़ू
अरे ज़ू ज़ू ज़ू ज़ू
ज़ू ज़ू ज़ू ज़ू

दिल अगर जवान है तो है तो
आदमी जवान है
अरे ज़िन्दगी है उसकी जिसपे
जिसपे हुस्न मेहरबान है
ज़ू रु रु ज़ू रु रु
दिल अगर जवान है तो है तो आदमी जवान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

अरे दिल अगर जवान है तो है तो आदमी जवान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

जीना है तो दुनिया में
पा पा पा पा
जीना है तो दुनिया में अपना रंग जमा के जी
मस्ती का ये पैमाना सबसे टकरा के पी

अरे जीना है तो दुनिया में अपना रंग जमा के जी
मस्ती का ये पैमाना सबसे टकरा के पी

प्यार के नशे में झूम इस में तेरी शान हैं
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

अरे दिल अगर जवान है तो है तो आदमी जवान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

पा पा पा पा पा पा पा पा
पा पा पा पा पा पा पा पा पापा

बिना पिये ही आता है
पा पा पा पा
बिना पिये ही आता है दिल को जोश जवानी में
किसको रहता है यारों होश जवानी में
अरे बिना पिये ही आता है दिल को जोश जवानी में
किसको रहता है यारों होश जवानी में


जवानी एक तीर बाकी ज़िन्दगी कमान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है

अरे दिल अगर जवान है तो है तो आदमी जवान है
ज़िन्दगी है उसकी जिसपे हुस्न मेहरबान है
हुस्न मेहरबान है
………………………………………………………..
Dil agar jawan hai to-Bond 303

Artists: Jeetendra, Deven Verma, Prem Chopda

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May 29, 2018

धीरे धीरे ज़रा ज़रा-अगर तुम न होते १९८३

आशा भोंसले का गाया एक गाना सुनते हैं सन १९८३ की
फिल्म अगर तुम न होते से.गुलशन बावरा की रचना है और
आर डी बर्मन का संगीत. इस फिल्म के सारे गीत लोकप्रिय
हुए थे.

आशा भोंसले से सेडक्टिव सोंग्स बहुतेरे गाये हैं. ये खूबी अन्य
गायिकाओं में नहीं थी उस ज़माने की. प्रस्तुत गीत के रचयिता
गुलशन बावरा हैं. फिल्म के बारे में पिछली कुछ पोस्ट में
हमने चर्चा की है उन पर नज़र ज़रूर डालियेगा.




गीत के बोल:

ओ धीरे-धीरे ज़रा-ज़रा
जान-ए-जानां होने लगा
तेरी मीठी बातों पे यकीं
धीरे-धीरे ज़रा-ज़रा
जान-ए-जानां होने लगा
तेरी मीठी बातों पे यकीं

कल तक मेरा दिल न माना
तू क्या है ये आज ही जाना
अब दिल पिघलने लगा
तूने छेड़ा तार ऐसा
जान-ए-जानां होने लगा
तेरी मीठी बातों पे यकीं

अब जी भर के प्यार करेंगे
संग जियेंगे संग मरेंगे
ये फ़ैसला कर लिया
कभी-कभी ज़रा-ज़रा
जान-ए-जानां मुझे हुआ
तेरी मीठी बातों पे यकीं
अभी-अभी पूरा-पूरा
जान-ए-जानां हो ही गया
तेरी मीठी बातों पे यकीं

धीरे-धीरे ज़रा-ज़रा
जान-ए-जानां होने लगा
तेरी मीठी बातों पे यकीं
……………………………………………….
Dheere dheere zara zara-Agar tum na hote 1983

Artists: Raj Babbar, Rekha

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Feb 27, 2018

लो हम आये दूल्हा भैया के-आन बान १९७२

हिंदी फिल्मों के शादी गीत शायद सबसे ज्यादा रफ़ी की आवाज़ में
हैं जहाँ तक दूल्हा और बाराती पक्ष का सवाल है. एक लोकप्रिय
गीत सुनते हैं जो फिल्म आन बान से है.

गुलशन बावरा की रचना है और शंकर जयकिशन का संगीत. इसे
आपने शादी ब्याह के अवसर पर ही ज्यादा सुना होगा अन्यथा इसे
रेडियो के चैनल तो भूले भटके ही बजाया करते हैं.

नायक अपनी नायिका की किसी और से हो रही शादी के अवसर पर
भी जम के नाच रहा है. उससे गाने के लिए निवेदन किया जाता है
इसलिए वो शायद दुःख को भुलाने के लिए कुछ एक्स्ट्रा एनर्जी के
साथ नाच रहा है. वो एनर्जी उसे उस कोल्ड ड्रिंक से मिली थी जो
गो गीत के अंत में पीता दिखाई देता है.




गीत के बोल:


मत पूछो जो खुशी के मारे आज है अपना हाल
आँखों में छाई है मस्ती बहक रही है चाल

के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के
आज दुनिया है हमारी हाय
आज दुनिया है हमारी चलेंगे तन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के

प्यार के देखो कैसे कैसे रंग आये हैं सेहरे में
हमने अपने अरमानों के फूल सजाये सेहरे में
प्यार के देखो कैसे कैसे रंग आये हैं सेहरे में
हमने अपने अरमानों के फूल सजाये सेहरे में
दिल के गुलशन से हाय
दिल के गुलशन से लाये हैं जो चुन चुन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के

वहां तलक खुशियाँ ही खुशियाँ नज़र जहाँ तक जाती है
खुशकिस्मत लोगों को किस्मत ऐसा दिन दिखलाती है
वहां तलक खुशियाँ ही फुशियाँ नज़र जहाँ तक जाती है
खुशकिस्मत लोगों को किस्मत ऐसा दिन दिखलाती है
इसी दिन को हाय
इसी दिन को गुज़ारे दिन गिन गिन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के

खुशी में धडकन तेज हो गई तेज करो लय बाजे की
अपनी मंजिल तक आ पहुंची घोड़ी दूल्हे राजे की
खुशी में धडकन तेज हो गई तेज करो लय बाजे की
अपनी मंजिल तक आ पहुंची घोड़ी दूल्हे राजे की
ओ दिल झूमे हाय
दिल झूमे शहनाइयों की सदाएं सुन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के

आज दुनिया है हमारी चलेंगे तन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के
के लो हम आये दूल्हा भैया के बाराती बन के
……………………………………………………………….
Lo ham aaye dulha bhaiya ke-Aan Baan 1972

Artists: Rajendra Kumar, Rakhi, Pran

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Dec 24, 2017

ज़ालिम ज़माने ने इतना सताया है-दिल्ली जंक्शन १९६०

दिल्ली दिलवालों के इसलिए भी है क्यूंकि दिल्ली शब्द में दिल
छुपा हुआ है. दिल्ली शब्द के ऊपर कई फ़िल्में बन चुकी हैं अभी
तक जिनमें शशि कपूर की ८० के दशक की फिल्म भी शामिल है.

आज सुनते हैं साथ के दशक की फिल्म दिल्ली जंक्शन से एक
गाना लता मंगेशकर का गाया हुआ, गुलशन बावरा के लिखे इस
गीत की तर्ज़ बनाई है कल्याणजी आनंदजी ने.




गीत के बोल:

ज़ालिम ज़माने ने इतना सताया है
रोने लगी ज़िन्दगी ग़म मुस्कुराया है
हो ओ ओ ओ
ज़ालिम ज़माने ने इतना सताया है
रोने लगी ज़िन्दगी ग़म मुस्कुराया है
हो ओ ओ ओ
ज़ालिम ज़माने ने

फूटी मेरी क़िस्मत टूटे सभी सपने
हो ओ ओ ओ
फूटी मेरी क़िस्मत टूटे सभी सपने
गैरों से शिक़वा क्या करें लूट गए अपने
अपना जिसे समझे उसने मिटाया है
रोने लगी ज़िन्दगी ग़म मुस्कुराया है
हो ओ ओ ओ
ज़ालिम ज़माने ने

आँसू मेरे कब तक देंगे सहारा मुझे
आँसू मेरे कब तक देंगे सहारा मुज़े
तू ही सहारा ऐ मौत दे रो रो पुकारा तुझे
जीने से भी अब तो जी घबराया है
रोने लगी ज़िन्दगी ग़म मुस्कुराया है
हो ओ ओ ओ
ज़ालिम ज़माने ने इतना सताया है
रोने लगी ज़िन्दगी ग़म मुस्कुराया है
हो ओ ओ ओ
ज़ालिम ज़माने ने
……………………………………………………………
Zalim zamane ne-Delhi Junction 1960

Artist: Nishi

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Dec 21, 2017

आयेगा आयेगा-कौन कैसे १९८३

अनिल गांगुली निर्देशित फिल्म कौन कैसे का संगीत मधुर है.
इस सस्पेंस फिल्म ने ठीक ठाक व्यवसाय किया था. फिल्म
में उस समय की बहुचर्चित जोड़ी मौजूद है-मिथुन और रंजीता
मगर पेयरिंग थोड़ी अलग है-रंजीता और दीपक पराशर और
दूसरी जोड़ी है मिथुन संग अनीता राज. केमिस्ट्री की जगह थोड़ी
सी फिजिक्स हो गयी है.

इस गाने का मजमून ये है कि नायिका नायक को रिझाने का
प्रयत्न कर रही है. ये इस गीत के बाद में समझ आता है. अगर
आपने फिल्म देखी है तो आपको कहानी के बारे में जानकारी
होगी.

गीत गुलशन बावरा का है और संगीत आर डी बर्मन का. इसे
गाया है आशा भोंसले ने. आपने गौर किया है इस बात पर-आयेगा
आयेगी शब्दों से शुरू होने वाले गीत लगभग सभी लोकप्रिय रहे
हैं. इन सबका फोरफादर तो वही है-फिल्म महल का गीत जिसे
लता ने गाया है-आयेगा आयेगा आयेगा.



गीत के बोल:

आयेगा आयेगा
मेरे सपनों का राजा एक दिन तो आयेगा
डोली में वो मुझको कहीं ले जायेगा
आयेगा मेरे सपनों का राजा एक दिन तो आयेगा
डोली में वो मुझको कहीं ले जायेगा

आ के जवानी ने जाने क्या मुझपे जादू किया
तेरे बिना अब रह ना सकूं मैं आ जा पिया
आ के जव्हानी ने जाने क्या मुज़पे जादू किया
तेरे बिना अब रह ना सकूं मैं आ जा पिया
जाने जां जाने जां
ऐसे ही कब तक तू मुझे तड़पायेगा

दिल ये चाहे तेरी बाहों में रहूँ सदा
कुछ ना बोलूं आँखों से दिल की कहूँ सदा
दिल ये चाहे तेरी बाहों में रहूँ सदा
कुछ ना बोलूं आँखों से दिल की कहूँ सदा
सजना सजना
मेरी उलझी लट तू कब सुलझायेगा
आयेगा डोली में वो मुझको कहीं ले जायेगा
आयेगा मेरे सपनों का राजा एक दिन तो आयेगा
डोली में वो मुझको कहीं ले जायेगा
कहीं ले जायेगा कहीं ले जायेगा
कहीं ले जायेगा
………………………………………………………….
Aayega aayega-Kaun kaise 1983

Artists: Deepak Parashar, Ranjeeta

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Oct 5, 2017

दुक्की पे दुक्की हो-सत्ते पे सत्ता १९८२

फिल्म सत्ते पर सत्ता का शीर्षक गीत सुनते हैं आज. फिल्म में सत्ते
का मतलब सात भाइयों से है और उनकी सात दुल्हनो से. ये आठ
हो जाते हैं क्यूंकि फिल्म में अमिताभ बच्चन का डबल रोल है.

गीत में पूरा परिवार सेलिब्रेट कर रहा है. गुलशन बावरा के लिखे इस
गीत को किशोर संग आशा भोंसले, भूपेंद्र, बासु और सपन चक्रवर्ती
ने गाया है. संगीतकार हैं आर डी बर्मन.




गीत के बोल:

दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
गौर से देखा जाए तो बस है पत्ते पे पत्ता
कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
हो कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता

दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
गौर से देखा जाए तो बस है पत्ते पे पत्ता
कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
होय कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता

तू मेरे दिल का राजा है या तेरे दिल की मैं रानी
तू मेरे दिल का राजा है या तेरे दिल की मैं रानी
तू मेरी बाँहो मे या मैं तेरी बाँहो मे हू
प्यार तो होगा जानी बनेगी वही कहानी
कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
गौर से देखा जाए तो बस है पत्ते पे पत्ता
कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
होय कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता

किस्मत मे जिनकी मिलना है वो किस तरह भी मिल जाए
किस्मत मे जिनकी मिलना है वो किस तरह भी मिल जाए
हो पूरब से पश्चिम की उत्तर से दक्षिण की
मिल जाती है रेखाए लाखों पहरे लगाए
अटक गया
का का का का का
कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
हाँ कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता

दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
गौर से देखा जाए तो बस है पत्ते पे पत्ता
कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
हाँ कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता

दोनो का एक मतलब है दिल दे दे या तो दिल ले ले
दोनो का एक मतलब है दिल दे दे या तो दिल ले ले
सदियों से होता है जो आख़िर तो वही होगा
लगते है प्यार के मेले जाएँगे सभी अकेले
कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता
गौर से देखा जाए तो बस है पत्ते पे पत्ता
कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
हाँ कोई फ़र्क नही अलबत्ता कोई फ़र्क नही अलबत्ता
………………………………………………………………
Dukki pe dukki ho-Satte pe satta 1982

Artists:  Amitabh, Sachin, Shakti Kapoor, Kanwaljeet, Sudhir, Paintal, Various

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Sep 9, 2017

हमने तुमको देखा-खेल खेल में १९७५

सन १९७५ की फिल्म खेल खेल में के गीत बेहद लोकप्रिय
गीतों की श्रेणी में आते हैं. ऋषि कपूर के अधिकतर गाने
किशोर कुमार ने गाये हैं. आपको याद हो फिल्म बॉबी के
गाने शैलेन्द्र सिंह ने गाये थे. फिल्म बॉबी ऋषि कपूर की
पदार्पण फिल्म थी.


ऋषि कपूर और इस आवाज़ का साथ ज्यादा तो नहीं रहा
मगर कुछ फिल्मों में ऐसे गीत सुनाई दिए जिनमें ऋषि कपूर
हीरो हैं और शैलेन्द्र सिंह की आवाज़ में गाना है. इस फिल्म
के अलावा फिल्म सागर में एक युगल गीत है. ज़हरीला इंसान
में शैलेन्द्र सिंह और किशोर दोनों के गाये गीत हैं. लोकप्रिय
हुआ किशोर वाला गीत.




गीत के बोल:

हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा ऐसे
हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा ऐसे
अरे हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा ऐसे
हम तुम सनम सातों जनम मिलते रहे हों जैसे
हो हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा ऐसे
हम तुम सनम सातों जनम मिलते रहे हों जैसे

आँखों का रह-रह के मिलना मिल के झुक जाना
कर देती हैं यही अदायें दिल को दीवाना
आँखों का रह-रह के मिलना मिल के झुक जाना
हो कर देती हैं यही अदायें दिल को दीवाना
हुआ यूँ सामना पड़ा दिल थामना
हो हुआ यूँ सामना पड़ा दिल थामना

हो हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा ऐसे
हम तुम सनम सातों जनम मिलते रहे हों जैसे
हम तुम सनम सातों जनम मिलते रहे हों जैसे

बसते बसते बस जायेगी इस दिल की बस्ती
तब ही जीवन में आयेगी प्यार भरी मस्ती
बसते बसते बस जायेगी इस दिल की बस्ती
हाय तब ही जीवन में आयेगी प्यार भरी मस्ती
हमारी दास्ताँ कहेगा ये जहाँ
हो हमारी दास्ताँ कहेगा ये जहाँ

हो हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा ऐसे
हम तुम सनम सातों जनम मिलते रहे हों जैसे
हो हमने तुमको देखा तुमने हमको देखा ऐसे
हम तुम सनम ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
ला ला ला ला ला ला ला ला
…………………………………………
Hamne tumko dekha-Khel khel mein 1975

Artists: Rishi Kapoor, Neetu Singh

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Sep 2, 2017

ऐसा कभी हुआ नहीं-ये वादा रहा १९८२

शब्दों के प्रयोग के मामले में फ़िल्मी गीतों में बहुत ज्यादा गुंजाइश
नहीं होती हैं. गीतकार अपनी ओर से कभी कभी कुछ अनूठापन ला
देता है. निर्देशक निर्माता भी अपना इनपुट देते हैं लेकिन शब्दों के
मामले में कम. अधिकाँश गीत घूमना, लहराना तक सीमित होते हैं.
कुछ गीत इससे आगे बढ़ कर बल खाने तक पहुँचते हैं. मटकना-ये
शब्द आपको बहुत कम गीतों में मिलेगा. मजरूह के एक गीत में
आप ये शब्द पहले सुन चुके हैं. अब गुलशन बावरा के गीत में भी
सुन लीजिए.

फिल्म ये वादा रहा का ये गीत किसी केश तेल के विज्ञापन जैसा
लग सकता है. नायिका की सुन्दर घनी केश राशि को काफी ज्यादा
उभारा गया है इस गीत में. गीत में एक और शब्द का तबियत से
प्रयोग हुआ है-आफरीन. इसे आपने नुसरत फतह अली के एक गीत
में भी सुना होगा. फिल्म लाइन में सुनीता, मोनिका, लिली वगैरह
कुछ नाम हैं जो ज्यादा लोकप्रिय हैं.




गीत के बोल:

सुनीता सुनीता सुनीता

ऐसा कभी हुआ नहीं जो भी हुआ खूब हुआ
देखते ही तुझे होश गुम हुए
होश आया तो दिल मेरा दिल न रहा
ऐसा कभी हुआ नहीं जो भी हुआ खूब हुआ

रेशमी ज़ुल्फ़ें हैं सावन की घटाओं जैसी
पल्कें हैं तेरी घने पेड़ की छाँव जैसी
भोलापन और हँसी आफरीन आफरीन
ऐसा कभी हुआ नहीं

झील सी आँखों में मस्ती के जाम लहरायें
जब होंठ खुले तेरे सरगम बजे, महके फ़िज़ाएं
हर अदा दिल नशीं आफरीन आफरीन
ऐसा कभी हुआ नहीं

पतली सी गरदन में एक बल है सुराही जैसा
अंदाज़ मटकने का देखा न किसी ने ऐसा
गुलबदन नाज़नीं आफरीन आफरीन
ऐसा कभी हुआ नहीं
................................................................
Aisa kabhi hua nahin-Ye vada raha 1982

Artists: Rishi Kapoor, Poonm Dhillon

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Aug 28, 2017

ऊपर देखो या नीचे-आन बान १९७२

ऊपर-नीचे, दायें-बाएं, आगे-पीछे हिट्स की श्रृंखला में एक गीत
सुनते हैं. गीत में अभिनेत्री रेखा का नाम भी आता है.

गुलशन बावरा जो इस गीत के रचयिता हैं कल्याणजी आनंदजी
और आर डी बर्मन के साथ सबसे ज्यादा काम करने के लिए
जाने जाते हैं. गुलशन बावरा ने शंकर जयकिशन के लिए कुल
जमा १० गीत लिखे, ये वो हैं जो फ़िल्में रिलीज़ हुई हैं. बाकी
अगर किसी अनरिलीज्ड फिल्म के लिए उन्होंने लिखे हों तो मुझे
इसकी जानकारी नहीं है.

गीत सुनते हैं जो रफ़ी का गाया हुआ है.




गीत के बोल:


ऊपर देखो या नीचे आगे देखो या पीछे
या देखो दायें बाएं बस हम ही हम नज़र आयें
ऊपर देखो या नीचे आगे देखो या पीछे
या देखो दायें बाएं बस हम ही हम नज़र आयें

आज तो हम आँखों पे छाये कल दिल पे छाएंगे
चैन से सोने भी ना देंगे ख्वाबों में आयेंगे
तडपना भी हम जानें बहलना भी हम जानें
कहो तडपायें या बहलायें बस हम ही हम नज़र आयें
ऊपर देखो या नीचे आगे देखो या पीछे
या देखो दायें बाएं बस हम ही हम नज़र आयें

लगता है के अपने मिल गए जबसे आपको देखा
देख लो अपने हाथ है जिनमे अपने नाम की रेखा
तुम चाहे ना पहचानो इतनी सी अपनी मानो
हम दो से एक हो जाएँ बस हम ही हम नज़र आयें
ऊपर देखो या नीचे आगे देखो या पीछे
या देखो दायें बाएं बस हम ही हम नज़र आयें

साथ हमारा जनम जनम का क्यूँ इस जनम जुदाई
नहीं निभानी थी तो पिछले जनम कसम क्यूँ खायी
अच्छा है मिल के रहना फूलों सा खिल के रहना
फिर क्यों न हम मुस्काएं बस हम ही हम नज़र आयें
ऊपर देखो या नीचे आगे देखो या पीछे
या देखो दायें बाएं बस हम ही हम नज़र आयें
बस हम ही हम नज़र आयें
बस हम ही हम नज़र आयें
…………………………………………………………………….
Oopar dekho ya neeche-Aan Baan 1972

Artists: Rajendra Kumar, Rakhi

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Aug 23, 2017

पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए-हाथ की सफाई १९७४

कभी कभी बोलचाल में उपयोग होने वाले जुमलों के ऊपर भी
गीत बन जाया करते हैं. आपने अक्सर सुना होगा दारू पीने
के शौकीनों के बारे में-उन्हें बस पीने का बहाना चाहिए.

सन १९७४ की फिल्म हाथ की सफाई में एक गीत है किशोर
का गाया हुआ. गुलशन बावरा ने इसे लिखा है और धुन की
कारीगरी की है कल्याणजी आनंदजी ने.

गीत के बोल:

पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए
अरे पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए

देवदास मितवा गाओ
चन्द्रमुखी के पास आओ
चन्द्रमुखी हो या पारो
कोई फ़र्क़ नहीं है यारों
यारों को तो जीने का बहाना चाहिए
पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए

दो हफ़्ते हमने इस ग़म में पी
के बिछड़ा है दिलदार मेरा
दो हफ़्ते हुए ख़ुशी में पी
के तुझको मिला प्यार तेरा
पीना लेकिन कम ख़ुशी हो या ग़म
अरे पीना लेकिन कम ख़ुशी हो या ग़म
ख़ूब पिएँगे हम ठर्रा हो या रम
अरे पीने का मज़ा कुछ तो आना चाहिए
पीने वालों को पीने का बहाना चाहिए
……………………………………………………….
Peene walon ko peene ka-Haath ki safai 1974

Artist: Randhir Kapoor

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Aug 14, 2017

चाँद को क्या मालूम-लाल बंगला १९६६

फिल्म लाल बंगला से आपको रफ़ी का गाया हुआ एक गीत
सुनवाया था पहले. अब सुनते हैं इस फिल्म का सर्वाधिक
लोकप्रिय गीत जिसे मुकेश ने गाया है. उषा खन्ना जैसा कि
हम पहले आपको बता चुके हैं, एक हतप्रभ, चम्तकृत करने
वाली संगीत निर्देशक हैं. वो कब कौनसा हिट गीत बना दें ये
आम जनता के लिए पहेली सा होता था.

उन्होंने काफी सारे लोकप्रिय गीतों का सर्जन किया है. प्रस्तुत
गीत में घोड़े की टाप वाली ताल का प्रयोग हुआ है. कुछ लोग
ऐसे मानते हैं कि ये ओ पी नैयर की स्टाइल वाला है, मेरा
विचार थोडा भिन्न है इस मामले में.

उषा खन्ना के गीतों में वाद्य यंत्रों की जमावट श्वेत श्याम युग
में कल्याणजी आनंदजी वाले अंदाज़ से मेल खाती थी. शत
प्रतिशत तो नहीं मगर काई सारे गीतों में. कुछ एक गीतों में वे
ओ पी नैयर जैसा सुनाई देतीं.

प्रस्तुत गीत गुलशन बावरा ने लिखा है. इसे फिल्म के निर्देशक
जुगल किशोर और जयंती नामक नायिका पर फिल्माया गया
है. नायिका के चहरे के भाव गीत के पहले हिस्से में परिपक्व
व्यक्ति जैसे हैं, गीत के मध्य में मंद बुद्धि बच्चों जैसे दिखलाई
दे रहे हैं और गीत के अंत में किसी ठीक ठाक अभिनय करने
वाली हीरोईन जैसे. निर्देशक ने उससे इतनी कसरत क्यूँ करवाई
ये समझ के बाहर है.



गीत के बोल:

चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
वो बेचारा दूर से देखे वो बेचारा दूर से देखे
करे न कोई शोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर

दूर से देखे और ललचाये
प्यास नज़र की बढ़ती जाये बढ़ती जाये
बदली क्या जाने है पागल
किसके मन का मोर                
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर

साथ चले तो साथ निभाना
मेरे साथी भूल ना जाना भूल ना जाना
मैने तुम्हारे हाथ में दे दी
अपनी जीवन डोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
वो बेचारा दूर से देखे वो बेचारा दूर से देखे
करे न कोई शोर
चाँद को क्या मालूम चाहता है उसे कोई चकोर
...........................................................
Chand ko kya maloom-Lal Bangla 1965

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